26 दिन की भूख हड़ताल, हजारों छात्रों का समर्थन, सांसदों की अपील और आखिरकार सरकार का लिखित आश्वासन। इसी के बाद सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने अपना अनशन खत्म कर दिया। लेकिन सबसे बड़ा सवाल है उस आश्वासन में ऐसा क्या लिखा था जिसके बाद वांगचुक मान गए?
और क्या इसका संबंध प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस संदेश से भी है जो उन्होंने एक दिन पहले युवाओं के नाम दिया था। आइए पूरी बात जानते हैं। करीब 26 दिनों तक भूख हड़ताल पर बैठे सोनम वांगचुक ने आज अपना अनशन खत्म कर दिया। उन्होंने कहा कि सरकार की तरफ से लिखित आश्वासन मिलने के बाद ही उन्होंने यह फैसला लिया। मंगलवार और बुधवार को सरकार और वांगचुक के प्रतिनिधियों के बीच लगातार बातचीत चली। वांगचुक की साफ मांग थी कि सिर्फ मौखिक वादा नहीं
बल्कि लिखित भरोसा चाहिए। बुधवार देर रात केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और डॉ. राजेंद्र सिंह उनसे मिलने अस्पताल पहुंचे। उनके साथ लद्दाख की एपिकेस बॉडी के नेता भी मौजूद थे। इससे पहले अलग-अलग राजनीतिक दलों के करीब 65 सांसदों ने भी वांगचुक से मुलाकात की और अनशन खत्म करने की अपील की थी। अब बात करते हैं उन तीन बड़ी मांगों की जिन पर सरकार ने सकारात्मक रुख दिखाया। पहली मांग जंतरमंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वालों और 20 जुलाई के संसद मार्च में शामिल लोगों के खिलाफ कोई मामला दर्ज नहीं किया जाएगा। दूसरी मांग संसद में पेपर लीक रोकने और परीक्षा प्रणाली में सुधार पर चर्चा कर अस्थाई समाधान निकालने की दिशा में कदम उठाए जाएंगे।
तीसरी मांग हाल में नीट पेपर लीक से जुड़े मामलों के बाद जिन छात्रों ने आत्महत्या की उनके परिवारों को उचित मुआवजा देने के प्रस्ताव पर सरकार सकारात्मक तरीके से विचार करेगी। दिलचस्प बात यह है कि यह फैसला ऐसे समय में आया है जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी युवाओं को संदेश देते हुए कहा था कि युवाओं का भविष्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
उन्होंने पेपर लीक के दोषियों के खिलाफ फास्ट ट्रैक कोड बनाने और सख्त कारवाई का भी ऐलान किया था। यानी एक तरफ सरकार ने परीक्षा सुधारों पर बड़ा संदेश दिया तो दूसरी तरफ वांगचुक को लिखित आश्वासन भी सौंप दिया। अब सबसे बड़ा सवाल यही है क्या इन वादों से छात्रों की चिंताएं सच में दूर होंगी या अब सबकी नजर इस बात पर रहेगी कि सरकार इन्हें जमीन पर कब और कैसे लागू करती है? अपनी राय कमेंट में जरूर बताइए। बाकी तमाम खबरों को जानने के लिए देखते रहिए india.com