खा रहा हूं धीरे-धीरे और शरीर में भी जान आ रही है। जाते-जाते आप सभी से मैं दिल की गहराइयों से शुक्रिया अदा करना चाहता। मुहिम एक आंदोलन चलाई और हम कामयाब भी हुए। नमस्कार सभी को।
आखिर आज वो दिन आया जब कि मैं इस अस्पताल से डिस्चार्ज हो रहा हूं। काफी बेहतर महसूस कर रहा हूं। खा रहा हूं धीरे-धीरे और शरीर में भी जान आ रही है। आज मैं दिन में यहां से निकलते हुए और घर लद्दाख वापस जाने से पहले राजघाट पर बापू को श्रद्धांजलि अर्पित करने जाऊंगा। आप लोगों को याद होगा ठीक ऐसे ही मैं जब स्विट्जरलैंड से आया था अनशन शुरू करने से पहले राजघाट से हम श्रद्धांजलि अर्पित करके फिर जंतरमंतर आए थे।
आज हम वही दोबारा करेंगे और उसके बाद अपने घर लद्दाख रवाना होंगे। जाते-जाते आप सभी से मैं दिल की गहराइयों से शुक्रिया अदा करना चाहता था कि आप सब ने छोटे बड़े पास के दूर के देश भर से सब आवाज में आवाज मिलाकर हम सब ने एक मुहिम एक आंदोलन चलाई और हम कामयाब भी हुए और इसी तरह होते रहेंगे। आप सबसे हम जुड़े रहने की उम्मीद करते हैं। सबको सलाम, नमस्कार और जुले जय हिंद। नमस्कार सभी को। आखिर आज वो दिन आया जब कि मैं इस अस्पताल से डिस्चार्ज हो रहा हूं।
काफी बेहतर महसूस कर रहा हूं। खा रहा हूं धीरे-धीरे और शरीर में भी जान आ रही है। आज मैं दिन में यहां से निकलते [गला साफ़ करने की आवाज़] हुए और घर लद्दाख वापस जाने से पहले राजघाट पर बापू को श्रद्धांजलि अर्पित करने जाऊंगा। आप लोगों को याद होगा। ठीक ऐसे ही मैं जब स्विट्जरलैंड से आया था अनशन शुरू करने से पहले राजघाट से हम श्रद्धांजलि अर्पित करके फिर जंतरमंतर आए थे।
आज हम वही दोबारा करेंगे और उसके बाद अपने घर लद्दाख रवाना होंगे। जाते-जाते आप सभी से मैं दिल की गहराइयों से शुक्रिया अदा करना चाहता था कि आप सब ने छोटे बड़े पास के दूर के देश भर से सब आवाज में आवाज मिलाकर हम सब ने एक मुहिम एक आंदोलन चलाई और हम कामयाब भी हुए और इसी तरह होते रहेंगे। आप सबसे हम जुड़े रहने की उम्मीद करते हैं।