[संगीत] दिल्ली के जंतरमंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी का प्रदर्शन तो खत्म हो गया लेकिन इस आंदोलन से निकली एक तस्वीर अब भी सुर्खियों में है। तस्वीर है गाजियाबाद के रहने वाले मोहम्मद जुनैद की जिन्होंने प्रदर्शन के दौरान बिना थके दिनरा छात्रों को खाना और पानी मुहैया कराया। प्रदर्शन के दौरान उनका एक वीडियो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हुआ था।
जिसमें अभिजीत दीप के इस नेक काम के लिए उनको गले लगाते और पैर छूते नजर आ रहे हैं। लेकिन लोगों का पेट भरने वाले इस शख्स के परिवार के लिए यही सेवा अब मुसीबत का सबब बन गई है। मामला गाजियाबाद के मसूरी थाना क्षेत्र के नाहलगांव का है। जुनैद के पिता मुस्तफा का आरोप है कि यूपी पुलिस उनके परिवार और रिश्तेदारों [संगीत] को पूछताछ के नाम पर लगातार परेशान कर रही है। आरोपों के मुताबिक 23 जुलाई की शाम करीब 5:00 बजे पुलिस उनके घर पहुंची। घर के दस्तावेज खंगाले और पिता मुस्तफा को थाने ले गए। रात 11:00 बजे तो उन्हें छोड़ दिया गया लेकिन 24 जुलाई की सुबह पुलिस फिर उनके घर आ धमकी। इतना ही नहीं जुनैद का दावा है कि
मेरठ में रहने वाली उनकी बहन के ससुराल [संगीत] तक पुलिस पहुंच गई और उनके ससुर और देवर को उठाकर गाजियाबाद ले आई। पुलिस ने पूछताछ के बहाने उनके आधार कार्ड, पैन कार्ड, बैंक पासबुक और पहचान संबंधी [संगीत] दस्तावेज जब्त कर लिए। जुनैद के मुताबिक पुलिस का कहना है कि अगर वह खुद थाने पहुंच जाएंगे तो परिवार के लोगों को छोड़ दिया जाएगा। जुनैद हाल ही में एलएलबी की पढ़ाई पूरी कर चुके हैं। उनके पिता मुस्तफा का कहना है कि हमारा पूरा परिवार खेती किसानी करता है।
जुनैद कोई अपराधी नहीं है। वह बचपन से ही लोगों की सेवा करता आ रहा है। लेकिन इस कारवाई से उसकी मां की तबीयत बिगड़ गई है। इधर मामले को बढ़ता देख जब पुलिस का पक्ष जानने की कोशिश की गई तो मसूरी सर्कल के एसीपी सुनील कुमार ने फोन पर बताया कि पुलिस ने किसी को हिरासत में नहीं लिया था। सिर्फ जुनैद के बारे में पूछताछ करके जाने दिया। हालांकि पूछताछ किस मामले में की गई इसका कोई साफ जवाब नहीं मिला। दूसरी ओर कॉकरोच जनता पार्टी इस मामले को लेकर सीधे यूपी सरकार और पुलिस पर हमलावर है। पार्टी ने एक्स पर पोस्ट कर लिखा उत्तर प्रदेश पुलिस अपराधियों को पकड़ने के बजाय हमारे वॉलंटियर मोहम्मद जुनैद को परेशान करने में अपना समय बर्बाद कर रही है
जो लोगों को खिला पिला रहे हैं। अब वह यूपी में उन्हें और उनके परिवार को परेशान कर रहे हैं। हमारी टीम उनके संपर्क में हैं और हम उन्हें या उनके परिवार को कभी भी परेशान नहीं होने देंगे। एक तरफ जहां एक युवा सामाजिक सेवा का दावा कर रहा है, वहीं दूसरी तरफ पुलिसिया कारवाही को लेकर कई सवाल खड़े हो रहे हैं। आखिर एक आंदोलन में खाना बांटने की इतनी बड़ी कीमत परिवार [संगीत] को क्यों चुकानी पड़ रही है? इस खबर पर आपकी क्या राय है? हमें कमेंट में जरूर बताएं। एबीपी गंगा खबर आपकी, जुबां आपकी। एबीपी गंगा खबर आपकी जुबां आपकी