यार तुम कभी यह मान सकते हो कि शाहरुख खान को बॉलीवुड के किंग खान को इस बात से डर लग सकता है कि कोई उनकी जगह ले सकता है। लेकिन ये सच है। इस डर ने उनसे बहुत कुछ करवाया है और सच कहूं तो इसी डर की वजह से वो आज द शाहरुख खान हैं। लेकिन इसी डर की वजह से वह 20 साल तक ऐसे दर्द में छुप कर बैठे रहे जिसकी कीमत आज भी उनको अपनी फिल्म किंग के जरिए चुकानी पड़ रही है। 2025 में किंग की शूटिंग हो रही थी। यह कोई नॉर्मल फिल्म नहीं थी एसआरके की। लगभग 60 की उम्र में वो थे और फिर एक फुल स्केल एक्शन फिल्म कर रहे थे। और वो भी अपनी बेटी सुहाना के साथ। पूरा बॉलीवुड ही नहीं एसआरके के हर फैन का इंतजार इस फिल्म के लिए था। किंग फिल्म का बजट भी इतना है कि इसका हर दिन महंगा पड़ रहा था। और इसी किंग की शूटिंग के दौरान शाहरुख खान को इंजरी की खबर आती है।
ट्रीटमेंट के लिए उन्हें अमेरिका जाना पड़ता है और वहां से निकल कर आती है उस दर्द की कहानी जिसे वो करीब 30 साल से अपने साथ लेकर चल रहे थे जिसे उन्हें बहुत पहले ठीक करा लेना चाहिए था। कुछ रिपोर्ट्स में इसे मस्कुलर इंजरी बताया गया। लेकिन यहां एक बात इंपॉर्टेंट है। अगर यह सिर्फ 2025 की इंजरी होती तो शायद यह कहानी इतनी इंटरेस्टिंग नहीं होती। क्योंकि एसआरके के करियर में इंजरीज की नई बात नहीं है। उनके साथ ऐसा पहले भी कई बार हो चुका है। सवाल यह है कि आखिर क्यों एक एक्टर जो तीन दशकों से अपने शरीर को इतना पुश कर रहा है उसके साथ बार-बार ऐसा क्यों हो रहा है? और क्या आज किंग के सेट पर जो हुआ उसकी शुरुआत बहुत पहले हो चुकी थी। यहीं से कहानी थोड़ा सा पीछे जाती है। लगभग 30 साल पीछे। इसकी शुरुआत होती है 1997 में। 1987 में शाहरुख खान की फिल्म कोयला की फिल्म की शूटिंग चल रही थी। शूटिंग सीक्वेंस के दौरान उनके घुटने पर चोट लगती है। सेट पर सब परेशान हो जाते हैं कि आगे क्या होगा। फिल्म की शूटिंग रोकनी पड़ेगी। उस वक्त शाहरुख खान आज वाले किंग खान नहीं थे।
डीडीएलजे के बाद सुपरस्टार जरूर थे लेकिन करियर की भूख अभी खत्म नहीं हुई थी। वो ऐसा आउटसाइडर था जिसे पता था कि बॉलीवुड में कोई भी जगह हमेशा के लिए नहीं होती और इसी सोच के साथ चल रही थी राकेश रोशन की फिल्म कोयला की शूटिंग। तो चोट के बाद शाहरुख खान ने कहा मैं ठीक हूं सब कुछ ठीक है। हल्काफुल्का इलाज होगा और शूटिंग शुरू करते हैं। लेकिन शाहरुख खान का वो एक ऐसा डिसीजन था जो उन्हें 20 साल तक दर्द देता रहा। दर्द को कोई परमानेंट इलाज नहीं। सर्जरी की जगह थेरेपीज ली गई और एक डिसीजन की कीमत उन्हें रावण हैप्पी न्यू ईयर दिल वाले हर फिल्म में चुकानी पड़ी। चलिए शुरू करते हैं। पहले वो कॉन्टेक्स्ट समझना जरूरी है यार। एसआरके को हम रोमांटिक हीरो के तौर पर जानते हैं। बाहें फैलाना पलट-पलट वाला मोमेंट सरसों के खेत। लेकिन एक बात जो बहुत कम लोग जानते हैं। एसआरके फिजिकली बहुत डिमांडिंग एक्टर हैं। उनकी इंजरी की लिस्ट देखो डर। 1983 में टूटी हुई रिब कोयला। 1987 में घुटने की इंजरी। दूल्हा मिल गया और माय नेम इज खान में शोल्डर इंजरी। हर फिल्म में कुछ ना कुछ ऐसा हुआ है।
लेकिन एसआरके का एक पैटर्न था। तकलीफ होती थी वो बताते नहीं थे। काम करते रहते थे। क्यों? क्योंकि एसआरके को डर था वो डर। अगर कहीं इंजर्ड हुआ तो प्रोड्यूसर्स मान लेंगे कि अब मैं रिलायबल नहीं हूं। फिल्मंगी अपॉर्चुनिटीज जाएंगी। दिल्ली से आया एक आउटसाइडर जिसका कोई गॉड फादर नहीं है, कोई बैकिंग नहीं थी, उसके लिए हर अपॉर्चुनिटी अनमोल थी और इसीलिए कोयला में जो हुआ वो छुपा लिया गया। कोयला की शूटिंग के टाइम पर यह सब शुरू हुआ। एक रनिंग सीक्वेंस आइसोलेटेड लोकेशन, एसआरके का लेफ्ट नी पूरी तरीके से चोटिल हुआ। इमरजेंसी मेडिकल केयर अवेलेबल नहीं था। उस मोमेंट में एसआरके के सामने दो ऑप्शंस थे। एक शूटिंग रोको, डॉक्टर को दिखाओ और शायद सर्जरी करवाओ। दर्द को इग्नोर कर दो। दूसरा थोड़ी बहुत थेरेपी आप ले सकते हो और उसके बाद अपना काम शुरू कर सकते हो और एसआरके ने उस वक्त डिसीजन लिया कि वो अपना काम शुरू करेंगे। कोयला एक बड़ी फिल्म थी राकेश रोशन की वो बड़े डायरेक्टर थे। एसआरके अभी दिल वाले दुल्हनिया ले जाएंगे कि सक्सेस के बाद मोमेंटम को रोकना नहीं चाहते थे।
रुकना पॉसिबल नहीं था। वो रुके नहीं और 20 साल तक अपनी इंजरीज की कहानी खुद से ही कहते रहे। जो इंजरी 1997 में एक वार्निंग थी वो 20 साल के बाद एक क्रॉनिक प्रॉब्लम बन गई। डॉक्टर्स ने बताया कि जब कोई जॉइंट बिना प्रॉपर हीलिंग के बार-बार स्ट्रेस देता है तो परमानेंट डैमेज का रिस्क बढ़ जाता है। एसआरके ने एक्सैक्टली यही किया। 2011 में रावण आई। यह एसआरके के लिए सिर्फ एक फिल्म नहीं थी। यह उनका बहुत बड़ा पर्सनल गैंबल भी था। उन्होंने खुद प्रोडक्शन संभा टेक्नोलॉजी पर बड़ा पैसा लगाया। लेकिन इसी दौर में उनकी पुरानी फिजिकल प्रॉब्लम भी सामने आने लगी। आखिरकार उन्हें नी सर्जरी करवानी पड़ी। सोचो कोयला को लगभग 14 साल हो चुके हैं। जिस चोट को उन्होंने करियर के बीच में रोक कर पूरी तरीके से एड्रेस नहीं किया अब उसे सर्जरी तक पहुंचना पड़ा। लेकिन कहानी अभी खत्म नहीं हुई। क्योंकि सर्जरी के बाद भी शाहरुख खान ने वही किया जो एसआर के करते हैं काम। फिर हैप्पीन ईयर की शूटिंग में दोबारा कहानी दोहराई गई। अफरा खान के साथ यह फिल्म थी। शूटिंग में घुटना फिर से इंजर्ड हुआ और दोबारा हॉस्पिटल जाना पड़ा। फिर दिलवाले के दौरान भी कुछ ऐसा ही हुआ। यार एक [संगीत] ऐसा इंसान जो अपने दर्द में है लेकिन रुकने को तैयार नहीं है। यह पैटर्न मुझे पर्सनली बहुत अफेक्ट करता है। एसआरके की इंजरी में एक बात है जो मुझे बार-बार सोचने पर मजबूर करती है। यह बंदा 30 साल से बॉलीवुड में है। इतनी सारी चोटें लगने के बावजूद भी रिकवरी के लिए टाइम नहीं देता
और परमानेंट काम करता रहता है। क्या यह एसआरके की गलती थी? एक एक्टर जो दिल्ली से आया जिसके पेरेंट्स नहीं थे, जिसकी बैक नहीं थी, जिसे पता था कि अगर रुका तो दूसरा आ जाएगा। उस इनसिक्योरिटी ने 20 साल तक उन्हें दर्द में रखा। अब किंग की शूटिंग में भी यही हुआ। 2025 में हिस्ट्री ने खुद को रिपीट किया। किंग के शूटिंग के दौरान मुंबई के गोल्डन टोबैको स्टूडियो में एसआरके को फिर से इंजरी हुई और शूटिंग के दौरान उन्हें यूएस ट्रीटमेंट के लिए जाना पड़ा। एक्सोर्स ने कहा कि यह इयर्स ऑफ परफॉर्मिंग फिजिकल डिमांडिंग रोल्स का वियर एंड टियर है। यार एसआरके की इंजरी स्टोरी सिर्फ एक एक्टर की मेडिकल हिस्ट्री नहीं है। यह एक इनसिक्योरिटी की कहानी है जो एक आउटसाइडर को हमेशा रहती है। एसआरके ने कहा था कि जो में मुझे हमेशा डर रहता है कि अगर मैं नहीं रहा तो कोई और आ जाएगा और यही डर उन्हें 1997 में सर्जरी करने से रोकता है और यही डर [संगीत] हर इंजरी के बावजूद सेट पर ले आता है। बॉलीवुड के सबसे बड़े स्टार एंड फिर भी इतने अनसिक्योर शायद आउटसाइडर होने की कीमत चुकानी पड़ी। सलमान के पास साजिद था, रितिक के पास राकेश रोशन और एसआरके के पास सिर्फ वो खुद और उस सिर्फ खुद ने उन्हें किंग बनाया। लेकिन साथ में 20 साल का दर्द भी दिया। अब तुम मुझे बताओ कि तुम्हें क्या लगता है? एसआरके को 1997 में सर्जरी करवानी चाहिए थी या उस वक्त रुकना पॉसिबल नहीं था? कमेंट में जरूर बताना। मैं तुम्हें नेक्स्ट वीडियो में मिलूंगी।