एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री में पसरा मातम। मशहूर दिग्गज एक्टर डायरेक्टर का निधन। सदमे में डायरेक्टर का परिवार। टूट कर बिखरे श्रुति से लेकर जूनियर एनटीआर। निधन की खबर सुन दुखी हो गए फैंस। एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री ने अपने एक ऐसे दिग्गज एक्टर, डायरेक्टर को खो दिया है जिन्होंने करीब छह दशक तक फिल्मों को अपने अलग अंदाज और एक्सपेरिमेंट से नई पहचान दी।
मशहूर फिल्म मेकर सिंगिथम श्रीनिवास राव का 94 साल की उम्र में निधन हो गया। चेन्नई के कावेरी हॉस्पिटल में उनका इलाज चल रहा था। जहां उन्होंने आखिरी सांस ली थी। बढ़ती उम्र से जुड़ी हेल्थ प्रॉब्लम्स के चलते वह अस्पताल में भर्ती किए गए थे। उनके निधन की खबर सामने आते ही साउथ फिल्म इंडस्ट्री में शोक की लहर दौड़ गई है और फैंस से लेकर फिल्मी सितारों तक ने उन्हें श्रद्धांजलि दी है। श्रीनिवास राव सिर्फ एक डायरेक्टर नहीं थे बल्कि वह सिनेमा के एक ऐसे क्रिएटर थे जिन्हें हमेशा कुछ नया करने का जुनून रहता था। उम्र के इस पड़ाव पर भी उनका फिल्मों के लिए प्यार कम नहीं हुआ। यही वजह है कि 94 की उम्र में उन्होंने पर्दे के पीछे दोबारा वापसी की और अपनी एक्सपेरिमेंटल म्यूजिक कॉमेडी फिल्म सिंह थंब पर काम किया।
इस फिल्म के साथ कल की 2898 एडी के डायरेक्टर नाग अश्विन भी जुड़े थे। अपने इस काम की वजह से राव दुनिया के सबसे उम्रदराज फिल्म मेकर्स में शामिल हो गए थे। उनका फिल्मी सफर छह दशक से भी ज्यादा लंबा रहा और इस दौरान उन्होंने तमिल, तेलुगु, कन्नड़, मलयालम और हिंदी सिनेमा में काम किया। खास बात यह थी कि वह एक ही तरह की फिल्में बनाने में यकीन नहीं रखते थे। हर बार कुछ अलग करने की कोशिश किया करते थे।
कभी साइलेंट फिल्म बनाई तो कभी टाइम ट्रैवल और साइंस फिक्शन जैसी कहानियों को पर्दे पर उतारा। साल 1987 में आई पुष्पक इसका सबसे बड़ा एग्जांपल है। कमल हासन और अमला स्टारर इस साइलेंट ब्लैक कॉमेडी फिल्म में एक भी डायलॉग नहीं था। लेकिन इसके बावजूद फिल्म ने दर्शकों और विदेशों में खूब तारीफें बटोरी थी।
सिंगथम और कमल हसन की जोड़ी ने सिनेमा को कई यादगार फिल्में दी। दोनों ने साथ मिलकर ऐसा सिनेमा दिया जिसे आज भी याद किया जाता है। माइकल मधुना काम राजन में कमल हसन ने चार अलग-अलग किरदार निभाए थे और फिल्म अपने अनोखे अंदाज के लिए काफी पसंद की गई। इसके अलावा 1991 में आई आदित्य 369 भी सिंघम की क्रिएटिव सोच का शानदार एग्जांपल रही। टाइम ट्रैवल और साइंस फिक्शन को लेकर उस दौर में ऐसी कहानी पर्दे पर लाना अपने आप में बड़ी बात थी।
सिंघिथम श्रीनिवास राव का कन्नड़ सिनेमा से भी गहरा रिश्ता रहा। दिग्गज एक्टर डॉ. राजकुमार के साथ उन्होंने हल्लू, जेनु, श्रावण, बंधू और ज्वालामुखी जैसी फिल्मों में काम किया। दोनों की जोड़ी ने दर्शकों को कई हिट फिल्में दी।
श्रीनिवास राव ने अपने करियर में सिर्फ डायरेक्शन तक खुद को लिमिटेड नहीं रखा। उन्होंने प्रोड्यूसर, स्क्रीन राइटर, एक्टर और कंपोजर के तौर पर भी काम किया। सिनेमा में उनके योगदान को कई बड़े अवार्ड्स से सम्मानित भी किया गया। उन्हें दो नेशनल अवार्ड्स, पांच नंदी अवार्ड्स, तीन कर्नाटक स्टेट फिल्म अवार्ड्स और तीन फिल्म फेयर साउथ अवार्ड्स मिले। उन्हें लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड से भी सम्मानित किया जा चुका है।