हिंदी सिनेमा की वैसी अभिनेत्री जो किसी पहचान की मोहताज नहीं है क्योंकि उसका नाम ही मुमताज है जिसकी खूबसूरती जिसकी अदा हिंदी सिनेमा के खूबसूरत इतिहास में उसे दूर की सबसे खूबसूरत और ऐसी बड़ी दिलवाले हसीन हीरोइन के हुसैन का जादू ऐसा था जिसके गिरता में हिंदी सिनेमा को लगातार 15 सुपरहिट देने वाले रुपए के पहले सुपरस्टार तब बहुत नाराज हो गए थे इस खूबसूरत अदाकारा ने अचानक ही उसे समय शादी कर ली जब इस हीरोइन के सुपरहिट फिल्मों का जादू करिश्मा अपने धर्म पर था इसे तुम पहेली इस खूबसूरत हीरोइन की अदाओं का कातिल आना अंदाज और हुसैन का जलवा ऐसा था की 70 के दशक की सबसे बड़ी ग्लैमर क्वीन बन गई थी उसे अभिनेत्री जो किसी पहचान के मोहताज नहीं क्योंकि उनका नाम ही मुमताज है जिसने अपना फिल्मी करियर पैसों की तंगी की वजह से मस्जिद ग्यारह साल की छोटी उम्र में बाल कलाकार के रूप में शुरू किया था और जिसने अपने सिनेमा करियर को बचाने के लिए उसे दूर में कपूर खानदान के दबंग और मतवाले सुपरस्टार और राजकुमार कहे जान वाले शम्मी कपूर को शादी करने से मदद कर दिया था जिससे वह प्यार करती थी डर रहने दो इसे तुम पहेली सालों की कम उम्र की अभिनेत्री की खूबसूरती का आलम ऐसा था की 70 के दशक में हिट फिल्मों की लकी चरण का पेरियार बन गई थी।
सुख हसीना और फिल्म इंडस्ट्री की ग्लैमर क्वीन के सिंहासन पर बैठी इस हीरोइन के साथ उसे दूर के सुपरस्टार राजेश खन्ना लगे एन शंकर [संगीत] हो बालम तेरे प्यार की ठंडी आज में जलते जलते शम्मी कपूर संजीव कुमार शशि कपूर फिरोज खान राजेंद्र कुमार और दारा सिंह जैसे बड़े और ए ग्रेट स्टार और अभिनेता एक्टर्स ने इनके साथ बतौर हीरो सुनहरे पर्दे पर अपने प्यार का जलवा बिखरे था अभिनेत्री मुमताज के सिनेमा रिश्तेदारों की लंबी फेयरनेस थे 60 और 70 के दशक की चंचल शोक हसीना हस्ती खिलखिलाती खूबसूरती के मलिक और हिंदी सिनेमा की सबसे खूबसूरत स्टंट क्वीन बड़े दिलवाले अभिनेत्री जो अपनी बड़ी आंखों की जादू गहराई से सब का दिल जितने वाली सदाबहार अभिनेत्री मुमताज मधुबनी पर आधारित है।
जिसने घर की माली स्थिति खराब होने की वजह से बाल कलाकार के रूप में फिल्म इंडस्ट्री में कम रखा था दोस्तों आज के इस वीडियो में हम जानेंगे मुमताज को स्टंट फिल्मों की नायिका और स्टंट क्वीन कहा जाता था था और क्यों मुमताज को दारा सिंह की हीरोइन कहा जाता था और साथ में ये भी जानेंगे की क्यों मुमताज ने कपूर खानदान की बहू बने से इनकार कर दिया था मुमताज की जिंदगी में एक वक्त ऐसा था की बड़े-बड़े फिल्म एक्टर्स उनके साथ कम करने के लिए माना कर देते थे उन्हें बी ग्रेट की हीरोइन का कर और जब समय ने करवट ली तो वही तारा मुमताज के साथ कम करने के लिए तरसते लगे ले जाएंगे दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे साथ में ये भी जानेंगे की सुपरस्टार राजेश खन्ना खूबसूरत मुमताज के संबंधों को लेकर डिंपल कपाड़िया ने क्यों कहा था काका को मुमताज के साथ शादी कर लेनी चाहिए थी और क्यों सुपरस्टार राजेश खन्ना अपने जीवन के अंतिम समय में मुमताज को देखकर रन लगे थे तो बन रही है हमारे साथ खूबसूरत मुमताज के साथ उसे दूर में लगभग हर उसे स्टार के साथ उनका नाम जुड़ा था जो उनके फिल्मों में मुख्य नायक हुआ करते थे इस कड़ी में जो सबसे पहले नाम आया था वो थे रेसलर कम एक्टर दारा सिंह जी हां दोस्तों हिंदी सिनेमा के पहले बाहुबली देखकर जो दारा सिंह ने एक इंटरव्यू में कहा था की बॉलीवुड में मुमताज को मुझे छन लिया था [संगीत] होने के बाद अपने दूसरी फिल्म फौलाद के लिए अभिनेत्री ढूंढ रहे थे उसे दूर की प्रसिद्ध अभिनेत्रियां दारा सिंह के साथ उनकी हीरोइन बने से माना कर दिया था सभी अभिनेत्री ने अपनी अपनी वजह अलग-अलग बताई लेकिन अंदर खाने की सच्चाई ये थी कोई भी हिट हीरोइन पहलवान के साथ कौन कम करेगा कहकर फिल्म में कम करने से साफ इनकार कर दिया था उन्हें दोनों मुमताज अपनी बहन मालिकों के साथ सेट पर गई थी अभिनेता दारा सिंह को मुमताज में अपने फिल्म की हीरोइन की झलक दिखाई और इधर मुमताज को एक बड़े ब्रेक की जरूर थी और दोस्तों वो कहते हैं आवश्यकता आविष्कार की जननी है दोनों की अपनी निजी आवश्यकताओं ने हिंदी सिनेमा के इतिहास में एक और पन्ना जुड़ना ते हो गया और इस तरह बनी हिंदी सिनेमा में एक नई जोड़ी हिंदी सिनेमा के पहले बाहुबली दारा सिंह और कम उम्र की खूबसूरत मुमताज की जोड़ी ने हिंद सिनेमा में एक्शन और ड्रामा फिल्मों में सलाह दिया और दोस्तों इसी जोड़ी ने अगले 6 सालों तक फिल्मों में एक से बढ़कर एक हिट फिल्में दी मुमताज को उनकी अदाकारी और खूबसूरती के लिए समीक्षकों से लेकर दर्शकों तक सब ने सलाह दारा सिंह के साथ लगातार 16 फिल्मों में उनकी नायिका की भूमिका निभाना के बाद मुमताज को दारा सिंह की हीरोइन भी कहा जान लगा था।
इन्हीं फिल्मों में कम करने के दौरान हिंदुस्तान के पहले बाहुबली दारा सिंह और कम उम्र की मुमताज की नजदीकियां बढ़ाने लगेगी लेकिन मुमताज समझ रही थी की उनकी एक्शन हीरोइन की खतरनाक इमेज उन्हें हिंदी सिनेमा में बहुत दूर तक नहीं ले जा पाएगी इसलिए मुमताज ने अपनी एक्शन हीरोइन की इमेज से बाहर आने के लिए अपनी कोशिश है मुमताज की मेहनत रंग लाई फिर आया साल 1969 किस्मत ने अपना खूबसूरत पास फेंका और इसी कम में मुमताज और राजेश खन्ना की दो ब्लॉकबस्टर फिल्में एक ही साल में आई जिसमें मुमताज को रातों रात हिंदी सिनेमा क्यों भारती हुई सबसे खूबसूरत अभिनेत्री में सबसे खूबसूरत सितारा बना दिया था और यही से और मुमताज की दूरियां बढ़नी गई और पीछे मुमताज के करियर का सितारा अपनी बुलंदी पर पहुंचने ही वाला था मुमताज की शो अदाओं और अभिनय की तारीफ सितारों की अब हर महफिल में होने लगी थी और मुमताज ने इस तरह अपने उसे इमेज से बाहर निकाल गई की मुमताज सिर्फ दारा सिंह की ही हीरोइन है मुमताज की जो दूसरी फिल्में रिलीज हुई उनमें से कुछ हिट फिल्में थी तुझे भी पीला दे श्रम llबी खानदान बहू बेटी बेदाग साल 1986 में प्यार किया जा यह रात फिर कभी ना आएगी सावन की घाट दादी मां पति पत्नी लड़का लड़की साल 1967 में हमराज पत्थर के सनम बूंद जो बन गई मोती राम और श्याम 1968 में ब्रह्मचारी मेरे हमदम मेरे दोस्त गौरी 1969 में राजेश खन्ना के साथ फिल्म दो रास्ते और बंधन में मुमताज और सुपरस्टार राजेश खन्ना की बनी उसे दौरान राजेश खन्ना और मुमताज की जोड़ी ने जो एक्सल में दी वो आज भी हिंदी सिनेमा के इतिहास में अमर है 1970 में सच्चा झूठ 1971 में दुश्मन 1972 में अपना देश 1974 में रोटी आपकी कसम और 1975 में प्रेम कहानी इन फिल्मों के गाने भी सुपर डुपर हिट रहे थे साबित होने लगी थी फिल्म निर्माता के लिए राजेश खन्ना और मुमताज की जोड़ी 100% सफलता की गारंटी थी बात कहीं है कोई तौबा चांदनी रातों में एक ही पत्नी होता है दोस्तों वो दूर था जब राजेश खन्ना और मुमताज को बहुत ज्यादा साथ-साथ देखा जाता था सीधे शब्दों में कहे तो राजेश खन्ना और मुमताज का नाम एक साथ जुड़कर देखा जान लगा था हालांकि कभी भी इन दोनों ने सार्वजनिक तोर पर इस बात को स्वीकार नहीं किया था और वैसे भी इन बटन को कोई भी स्वीकार नहीं करता उनकी दोस्ती या यूं कहें प्यार समय के साथ चर्चाओं के बाजार को हसीन बनाए रखना था इन दोनों की दोस्ती का आलम निराला था।
इनकी दोस्ती का एक ऐसा रंग था बड़े-बड़े निर्माता निर्देशक के फिल्मों के गाने राजेश खन्ना के घर पर हो जान लगे थे मुमताज को अपने घर बुलाकर पहले दर्शन करते थे और तब फिर शूटिंग के लिए जाते थे यह घटना यह अफवाह जब बहुत ज्यादा टूल पकाने लगी तब राजेश खन्ना की पत्नी डिंपल कपाड़िया ने कहा था काका को मुमताज के साथ शादी कर लेनी चाहिए थी लेकिन मुमताज कभी भी इस तरह की बटन को अपनी तरफ से आगे नहीं बढ़नी थी ऐसा नहीं था की खूबसूरत मुमताज के लिए सब कुछ बहुत आसन था मुमताज ने अपने फिल्मी करियर में वह दूर भी देखा था जब कुछ फिल्मी सितारों ने मुमताज के साथ कम करने से माना कर दिया था 70 के दशक में बड़े अभिनेताओं में शशि कपूर का नाम सबसे पहले आता है जिन्होंने 1970 में बन रहे फिल्म सच्चा झूठ में मुमताज के साथ कम करने के लिए माना कर दिया था।
जबकि इस समय तक मुमताज खुद किसी नाम की मोहताज नहीं थी और फिर उसके बाद यही शशि कपूर 1974 में चोर मचाए शोर में मुमताज को अपनी नायिका लेने के लिए सिफारिश कर रहे वैसे भी हिंदी सिनेमा जगत में मुमताज को दो इमेज से जाना जाता था पहले इमेज यह थी की मुमताज खुद बड़ी हीरोइन होते हुए भी उन्होंने कभी भी नए हीरो के साथ कम करने या अपने से कम मशहूर हीरो के साथ कम करने से कभी माना नहीं किया इसके अलावा उसे दूर के ही मैं धर्मेंद्र के साथ उन्होंने लोफर झील के उसे पर में नायिका की भूमिका निभाई इंतजार सब है बेकरार मुमताज की जिंदगी के सामने एक तरफ उनका कलियर था और दूसरी तरफ उनका प्यार मुमताज को दोनों में से किसी एक को चुना था।
जी हां दोस्तों कपूर खानदान के राजकुमार शम्मी कपूर ने खूबसूरत मुमताज के सामने शादी का प्रस्ताव रखा था बात थोड़ी आगे बधाई और शम्मी कपूर ने शर्ट रख दी की शादी के बाद आप फिल्मों में कम नहीं करेगी मुमताज ने ये बात नहीं मनी और शम्मी कपूर को शादी करने से माना कर दिया दोस्तों साहसी मुमताज के दुस्साहस का असली तब हुआ जब मुमताज ने अचानक ही सिल्वर स्क्रीन की दुनिया को छोड़कर बिजनेसमैन मयूर मधुबनी से शादी कर ली थी जी बात को लेकर सुपरस्टार राजेश खन्ना बहुत भयंकर रूप से नाराज हुए थे काफी लंबे आर्स तक दोनों में बातचीत बैंड रही मुमताज उसे समय अचानक शादी करके अमेरिका चली गई मुमताज ने अपने शादी का फैसला उसे समय लिया जब उनका सिनेमा एक करियर चरमोत्कर्ष पर था हिंदी सिनेमा ने उन्हें कुछ समय बाद ही अपनी खूबसूरत ग्लैमर क्वीन को लगभग भूल ही दिया इसी बीच खबर आई की मुमताज की जिंदगी में तन्हाई और बीमारियों ने उन्हें घर लिया है लेकिन मुमताज ने अपने कैंसर की बीमारी से अपने आप को टूटने नहीं दिया था और इसी कैंसर की लड़ाई में मुमताज को बहुत सालों के बाद हिंदुस्तान के सरजमी पर पर रखना के लिए मजबूर कर दिया बात उसे समय है जब सुपरस्टार राजेश खन्ना अपनी बीमारी को लेकर सबसे अलग होकर हॉस्पिटल में भारती हो चुके थे और राजेश खन्ना ने सबसे बातचीत बैंड कर दी थी ऐसे समय में मुमताज काका से मिलने के लिए हिंदुस्तान आई है और हॉस्पिटल पहुंचती है वहां सब लोग उसे समय हैरान र जाते हैं अपनी ला इलाज बीमारी की हालात में भी मुस्कुरा रही थी उनके चेहरे पर खुशी साफ दिखाई दे रही थी वह खुश होकर उनसे बातें कर रहे थे।
राजेश खन्ना के एक नजदीकी ने बताया था की जब मुमताज काका से मिली तो राजेश खन्ना की खुशी का ठिकाना नहीं था लेकिन जब राजेश खन्ना को पता चला की मुमताज को भी कैंसर है तो राजेश खन्ना मुमताज को देखें जा रहे थे और हुई जा रही थी राजेश खन्ना के आंसुओं ने बिना कुछ कहे मुमताज से बहुत कुछ का रही थी कैंसर के दो ऐसे मैरिज जिसमें एक ने तो कैंसर की लड़ाई होगी दूसरा आंखों में आंसू लिए जिंदगी से लाड रहा था मुलाकात खत्म हुई हिंदी सिनेमा का पहले सुपरस्टार हमेशा के लिए हम सबको अलविदा का दिया और दूसरे ने इस वक्त हिंदुस्तान को अलविदा का दिया