Cli

कंगना के गटर वाले बयान पर ये क्या बोल गए धीरेंद्र शास्त्री मचा हड़कंप!

Uncategorized

अब जंतरमंतर से बहुत सारे विमर्श भी निकले हैं। मेरे ख्याल से गौरव आपके भी दिमाग में कुछ होगा। नहीं बिल्कुल पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री जी अभी कह रहे थे कि जेंजी को समझते हैं। उसकी भाषा को समझते हैं। पंडित जी आपने संकेतों में तो कुछ-कुछ बोला है लेकिन मैं सीधे पूछता हूं आपसे। जी जजी ने जो जंतरमंतर पर प्रदर्शन किया उसको आपने कितना समझा और कैसे देखा? हमारी जो बुद्धि थी छोटी मती है उस हिसाब से हम इतना कह सकते हैं कि अपनी बात रखने का हक सबको है अधिकार सबको है ये जनजी समझती है आज की जनरेशन समझती है उन्होंने अपने बात अपनी बात रखी लेकिन इतनी बार याद रखना कि हम अपनी बात रखने के तौर तरीके में फूहड़ता ना फैलने दें अमर्यादा ना होने दें देश के खिलाफ ना हो जाए किसी व्यक्ति का किसी सिस्टम का विरोध करतेकरते हम अपने तिरंगे का विरोध ना करने लगे.

बस इतना भर ख्याल रखना लेकिन वहां जो जिसकी जिसकी तरफ आप इशारा कर रहे हैं अभद्रता अमर्यादा नहीं होनी चाहिए। कंगना रनौत ने कुछ चीजें अंडरलाइन की। उनका ऑब्जरवेशन था कि ये ये गटरशाप लोग हैं क्या? यह मां-बाप के पैसों पर पलते हैं और ये ये में लिप्त रहते हैं। उन्होंने इसको लेकर एक स्वीपिंग स्टेटमेंट दिया। और भी बहुत कुछ कहा गया। उसको अभी जुबान पर लाना ठीक नहीं है। उसको आप कैसे नेता हैं तो हम इतनी बात तो नहीं कह सकते। किसी राजनेताओं पर टिप्पणी नहीं कर सकते। पर इतना कह सकते हैं कि सब उंगलियां एक जैसी नहीं होती। सब ऐसे नहीं होते कि सब ही ऐसे हो। उनमें कुछ थे जिन्होंने ये किया होगा। कुछ रहे होंगे जिन्होंने अभद्रता फैलाई होगी। पर सब थोड़ी ऐसे थे।

अब ये देश का प्रत्येक युवा अपनी शिक्षा की बात नहीं करेगा। स्वास्थ्य पर बात नहीं करेगा। विकास पर बात नहीं करेगा तो कौन करेगा? क्योंकि इनके कंधों पर ही जिम्मेवारी है। युवाओं पर ही जिम्मेवारी है। हां, कुछ ऐसे रहे उन्हें चिन्हित होना चाहिए। और हम इतना ही कहेंगे अंतत गत्पा वर्तमान समय में सबसे बड़ी बीमारी है से ज्यादा सोशल मीडिया एडिक्शन हो गया है और हम पूरे भारत के यूथ को पूरे भारत की जैन जी को एक विशेष रूप से प्रार्थना करना चाहते हैं होने से बेहतर है कथा एडिक्ट हो या जाए। लेकिन यह बात तो ठीक है कि आपको पहचानना पड़ेगा इस लाइन को कि कहां तक यह ठीक है इन्वॉल्वमेंट कहां है लेकिन कंगना रानौत पर आपकी सीधी टिप्पणी तो नहीं आई लेकिन बाबा बाबा रामदेव से हमने ये सवाल पूछा था जी और उसके बाद शायद आप उन्होंने क्या कहा वो सुनने के बाद शायद आप भी अपना कोई ऑब्जरवेशन दे पाए जरा सुनिए जी जब आप बोलते हैं कि जजी से संवाद होना चाहिए तो ये संवाद कैसे होगा जब बीजेपी के एक सांसद कंगना रनाउत कहती हैं कि यह गटर जनरेशन है उनका क्वालिफिकेशन क्या है? जिनका आप नाम सांसद हैं। सांसद हैं। और उनका बचपन कैसा रहा है? उनकी जवानी कैसी रही है? उनके पहले के कारनामे कैसे रहे हैं? मैं ऐसे लोगों के बारे में बात नहीं करना चाहता। ऐसे किसी भी देश के जवान को जजेस को गटर पटर बोलना ये बिगड़े हुए दिमाग की निशानी है। गलत बात है। इसके ऊपर जो है उनकी पार्टी के लोगों को संज्ञान लेना चाहिए।

ये बड़ा एक्सप्लसिट बड़ा दो टूक आपने सुना और यहां भी जो जेंज़ मौजूद है वो चाहती है कि ये महत्वपूर्ण विषय है। आप भी अपनी टिप्पणी इस पर जरूर दें। राजनेताओं पर हमने कभी टिप्पणियां दी नहीं है। पर एक बात में हम यदि अपनी लाइन को खत्म करें तो यही हो सकती है कि एक उंगली किसी पर उठाने के पहले तीन उंगलियां हमारी तरफ मुड़ के कहती है भैया तू अपने अंदर झांक ले और अंगूठा परमात्मा की तरफ कहता है कि ईश्वर को भी तो देख ले स्वामी जी तो कह रहे हैं कि इन पर कारवाई करे भारतीय जनता पार्टी बुरा जो देखन में चला बुरा ना दिखिया खोए कोई जो मन खोजे आपनो तो मुझसे बुरा ना कोई और निश्चित रूप से अगर ऐसी कोई विचित्र रूप से टिप्पणियां कर रहे हैं और ऐसे जो गंभीर व्यक्ति हैं बड़े पद पर बैठे हैं उन्हें तो बड़ा संभल के बोलना चाहिए

गंभीरता से बोलना चाहिए और निश्चित रूप से क्या ऐसा बयान दिए जाने पर पार्टी को कारवाई करनी चाहिए उन पर हां बिल्कुल करनी चाहिए क्यों नहीं करनी चाहिए सपोर्ट करेंगे तो आप फिर जो है बढ़ावा देंगे अगर आप सपोर्ट करते हैं तो आप परोक्ष रूप से बढ़ावा देते हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *