बड़ी खबर इस वक्त मथुरा से आ रही है। अनुज चौधरी को लेकर केलीकुंज आश्रम का बयान आया है। अनुज चौधरी जिसके माता-पिता ने आरोप लगाया था कि वह गायब हो गया। प्रेमानंद के आश्रम में दीक्षा लेने आया था। हालांकि अनुज चौधरी को तो पुलिस ने बरामद कर लिया लेकिन केलीकुंज आश्रम ने अब परिवार के आरोपों पर सफाई दी है। अनुज ने 26 जून 2026 को दीक्षा ली। ये आश्रम ने कहा है। मां मीना देवी के सामने दीक्षा ली। यह आश्रम ने कहा है। दीक्षा के फॉर्म पर मां के हस्ताक्षर हैं। यह भी आश्रम कह रहा है। फॉर्म पर अंगूठे के निशान भी मौजूद हैं। यह आश्रम का कहना है।
यूपी के हाथरस का रहने वाला अनुज अनुज चौधरी उनके परिवार ने आश्रम के बाहर धरना प्रदर्शन किया था और आरोप लगाया था कि बेटे ने 3 महीने पहले केलीकुंज आश्रम में संत प्रेमानंद महाराज से दीक्षा ली थी। इसके बाद से वह घर नहीं लौटा था। लेकिन बाद में अनुज बरसाने में मिल गया था। अब आश्रम ने बयान जारी कर स्थिति साफ कर दी है। और जितेंद्र शर्मा हमारे संवाददाता मथुरा से ही जुड़ रहे हैं। उनके पास चलते हैं। जितेंद्र आप तो लंबे समय से अब वहां पर हैं और पूरी जमीनी स्थिति को समझ रहे हैं। आश्रम की बात तो कहीं ना कहीं यहां पर सही साबित होती हुई कि मां के सामने दीक्षा ली थी और मां को पता था। जी बिल्कुल देखिए दीक्षा लेने का आश्रम का अपना एक प्रोसेस है जिसमें केलीकुंज का दीक्षा एक फॉर्म है बकायदा और उस फॉर्म के ऊपर माता-पिता के हस्ताक्षर जरूरी होते हैं। तो इसमें भी ऐसा ही हुआ। अनुज चौधरी का परिवार लगातार आप आश्रम के ऊपर सवाल खड़े कर रहा था। आश्रम का साफ तौर पर कहना था उनका बेटा यहां पर नहीं है। हालांकि दीक्षा भले ही उसके उनके यहां से ली गई हो लेकिन उनके आश्रम के अंदर मौजूदगी को लेकर उसकी साफ तौर पर जो वहां प्रबंधन था उसने फिलहाल इंकार किया था और यह भी उस वक्त बोला था कि हम तलाश करेंगे। अगर होगा तो परिवार के सुपुर्द किया जाएगा। लेकिन इन बिटवीन पता यह चला है कि सबसे पहले तो देखिए आप फॉर्म देखिए। उस फॉर्म के ऊपर साफ तौर पर यह भी दिख रहा है कि जिस वक्त अनुज ने यहां पर दीक्षा ली उस दौरान बकायदा उसकी मां वहां पर मन मौजूद थी। मीना देवी मीना देवी के हस्ताक्षर भी हैं।
मीना देवी का अंगूठा भी उस फॉर्म के ऊपर लगा हुआ है। और अब खबर कल ये आई कि दरअसल उसकी बरामदगी कर ली गई और वो भी बरसाने का एक लाडली आश्रम है। वहां से वो मिला है। और जब लगातार जब ये आरोप आश्रम के ऊपर लग रहे थे। आश्रम के जो सेवादार हैं पुलिस हैं सब उसकी तलाश कर रहे थे। उसी दौरान एक शख्स पुलिस को मिला जिसने बताया या फिर कहीं आश्रम को मिला जिसने इत्तला दी सेवा सेवादारों को कि दरअसल इस अनुज को लाडली आश्रम के आसपास बरसाने में देखा गया है। जब वहां पहुंचे तो वहां से उसकी बरामदगी हुई। तो कहीं ना कहीं जो आरोप आश्रम के ऊपर लग रहे थे उसको लेकर जो आश्रम अपनी लगातार सफाई देता आ रहा था। अब उसमें कहीं ना कहीं वो सही साबित हुआ। लेकिन अभी भी कई ऐसे परिवार हैं जो सीधे तौर पर अभी भी वहां खड़े हुए हैं।
उनका उनका भी दावा है कि उनके बच्चे अंदर मौजूद हैं। हालांकि पुलिस कंप्लेंट दर्ज कर चुकी है और मामले की तफ्तीश को कर रही है। जी तो जितेंद्र और कौन लोग हैं? क्या आरोप लगा रहे हैं? और आश्रम क्या उनके बारे में भी सफाई दे सकता है क्या? जी बिल्कुल देखिए आश्रम का साफ तौर पर कहना है अब कि अगर कोई भी इसी इस तरीके से अगर कोई नाबालिक बच्चा अंदर है या कोई बड़ा भी अंदर है तो अगर उसका परिवार उनके पास आता है तो उसको लेकर बकायदा जो शिकायत काउंटर है उनका या फिर जो पूछताछ केंद्र है वहां पर जानकारी ले ली जाती है और अंदर जानकारी शेयर की जाती है.
प्रबंधन से अगर कोई ऐसा शख्स अंदर होता है तो उसको बताया जाता है कि उसका परिवार उससे मिलना चाहता है परिवार को इत्तला दी जाती है और अगर वो शख्स मिलना चाहता है या नहीं चाहता है यह भी परिवार को बताया जाता है तो ऐसा नहीं कि कम्युनिकेशन गैप उनका कहना है कि पूरा कम्युनिकेशन है। सब कुछ परिवार को बताया जाता है। लेकिन अभी भी जो लोग यह आरोप लगा रहे हैं कि उनके बच्चे यहां पर आए उन्होंने आखिरी वक्त उन्होंने ये कह कर निकले थे कि हम केली कुंज जा रहे हैं। तो उसको लेकर भी आश्रम का कहना है कि हम सजग हैं। उसको लेकर भी हम अपना अंदर पूछताछ केंद्र के अलावा अंदर पता भी कर रहे हैं। आश्रम से जुड़ी हर यूनिट में या फिर कहें हर जितनी भी शाखाएं हैं उनके अंदर पता किया जा रहा है और अगर कोई भी इत्तला किसी के बारे में मिलती है तो उनके परिवार को शेयर भी की जाएगी।
नहीं लेकिन जितेंद्र देखिए रसिक दुलारी का भी अभी मामला चल ही रहा है। वह भी मिस्ट्री पूरी तरह से सॉल्व नहीं हुई है। आप भी दो तीन मामले बता ही रहे हैं। तो पूरा अपडेट उसमें कहां क्या अभी स्थिति पहुंची है वो भी आप क्लियर कर दीजिए ताकि हमारे व्यूवर्स समझ जाएं कि अभी तक क्या अपडेट है इन तमाम मामलों का। जी बिल्कुल। देखिए गौरव कल आपने देखा होगा किस तरीके से रसिक दुलारी मामले को लेकर के कुंज की तरफ से बकायदा एक बयान जारी किया गया। उस संदेश के अंदर साफ तौर पर बताया गया कि पुलिस के संपर्क में आश्रम का प्रबंधन है। जो भी पुलिस को जांच के लिए जरूरत है, वह सभी जरूरतें पूरी की जा रही हैं। इसके अलावा खुद आश्रम भी चाहता है, केली कुंज भी चाहता है कि सच सामने आए और जो जांच है वो निष्पक्ष रूप से हो ताकि इंसाफ मिल सके।
तो ये वो तमाम बातें हैं जो कही जा रही है और लगातार जो आश्रम से जुड़े लोग या फिर कहें उस वक्त घटनाक्रम पर जो लोग घटना स्थल पर जो लोग मौजूद थे .