एक ऐसे डॉग से मिलवाते हैं जो द पीस एंबेसडर है। जी हां, इस डॉग का नाम आलोका है।
यह अब तक पांच देशों की यात्राएं कर चुका है। इस डॉग को बुद्धिस्ट मक अलग-अलग देशों में ले जाकर शांति का संदेश देते हैं। आज यह डॉग वापस भारत लौटा है। इस मौके पर बीजेपी सांसद और एनिमल राइट एक्टिविस्ट मेनका गांधी ने बुद्धिस्ट, मक और डॉग से मुलाकात की। उन्होंने कहा कि इस दुनिया में सभी प्राणी एक साथ मिलकर रह सकते हैं जिसे द पीस एंबेसडर ने साबित कर दिया है।
आपको बता दें आलोका को श्रीलंका के राष्ट्रपति ने टिकट भेजकर अपने देश बुलाया है ताकि वहां भी आलोका शांति का संदेश दे सके। तो पांच देशों की यात्रा कर चुका है आलोका जो कि अब भारत लौटा है। द पीस एंबेसडर इसे नाम दिया गया है। इस डॉग को बुद्धिस्ट मक अलग-अलग देशों में ले जाकर उस देश में शांति का संदेश देते हैं। आज इस डॉग की वापस भारत वापसी हुई है। इस मौके पर बीजेपी सांसद और एनिमल राइट एक्टिविस्ट मेनका गांधी ने भी बुद्धिस्ट मक और इस डॉग से मुलाकात की है। उन्होंने कहा है कि इस दुनिया में सभी प्राणी एक साथ मिलकर रह सकते हैं।
जैसा कि द पीस एंबेसडर ने किया है और एक बड़ा संदेश यहां पर देने की कोशिश की गई है। ये पांच तो अभी देशों में गए हैं लेकिन इनका कहना है कि बहुत सारे देशों ने इनको इनवाइट किया है और इनको प्रेसिडेंट और श्रीलंका ने टिकट भेजा है अलोका के लिए ताकि वो आ जाए वहां और बहुत सारे हेड्स ऑफ स्टेट अब मांग रहे हैं कि यह आ जाए के साथ काफी बहुत सारे लोगों में नाराजगी बहुत अफसोस की बात है लवर है खास होता है एनिमल लवर क्या ये ये जो ऑर्डर था इसमें बहुत सारे लक्यूना थे बहुत सारे अजीबताएं थी और वह अमल हो ही नहीं सकता है जब तक पैसे नहीं आएंगे सरकार से।
इसमें लगेंगे अगर सुप्रीम कोर्ट चाहती है कि यह ऑर्डर जिसमें केवल उन्होंने ऑर्डर बहुत सरल है ये है कि पांच जगहों से कुत्तों को उठा ले और ये तभी उठाओ जब सरकार ने एबीसी सेंटर बनाए हैं और स्टेरलाइजेशन किया है और शेल्टर बनाए। अब पूरे देश में एक भी सरकार की शेल्टर नहीं है और एबीसी सेंटर्स तो बहुत ही गंदे हैं और बहुत कम है। तो सरकार बनाएगी जब बनाएगी तो अमल हो जाएगा। नहीं तो नहीं।