Cli

80 देशों का GEN Z पर खतरनाक खुलासा, फंस जाएगा भारत

Uncategorized

भारत और दुनिया के लिए एक बहुत खतरनाक खबर सामने आई है। भारत, अमेरिका और करीब 80 देशों की जेंजी पर ऐसा खुलासा हुआ है जिस पर अगर एक्शन नहीं लिया गया तो दुनिया का तो पता नहीं लेकिन भारत की बर्बादी तय है। आपने भारत की जजी के लक्षण और कारनामे सोशल मीडिया और जंतरमंतर पर देख लिए होंगे। पढ़ाई में जीरो लेकिन गंदी गंदी देने वाले हजारों बच्चे भारत का भविष्य नहीं बल्कि भारत पर बोझ बनने वाले हैं। अपने ही बच्चों के बारे में ऐसा कहकर किसी को खुशी नहीं मिलती।

लेकिन जेंजी पर जो खुलासा हुआ है वह डराने वाला है। यह बात हम नहीं बल्कि दुनिया का एक बहुत मशहूर न्यूरो साइंटिस्ट बता रहा है। भारत के लोग इस खबर को हल्के में ना लें नहीं तो वह खुद भी डूबेंगे और देश को भी डुबोएंगे। ग्लोबल डाटा से पता चला है कि जेजी ऐसी पहली पीढ़ी है जो अटेंशन, मेमोरी, आईक्यू और लिटरेसी स्किल्स के मामले में अपने माता-पिता से भी पीछे है।

लेकिन फिर भी जेजी को लगता है कि वो सबसे स्मार्ट जनरेशन है। जनवरी 2026 में अमेरिकी सेनेट में एक सुनवाई के दौरान मशहूर न्यूरो साइंटिस्ट डॉक्टर जेरेड होवर्थ ने 80 से ज्यादा देशों से जमा किए गए डाटा के आधार पर यह बताया कि जेंजी पहला ऐसा डेमोग्राफिक ग्रुप है जिसने आईक्यू याददाश्त और गणितीय क्षमताओं के अहम पैमानों पर अपने से पहले की पीढ़ी यानी मिलेनियल्स के मुकाबले में कम स्कोर किया है। 18वीं सेंचुरी से एक रिकॉर्ड बना हुआ था कि हर जनरेशन अपने पेरेंट्स से बेहतर परफॉर्म करती है।

फिर चाहे वो एग्जाम हो या आईक्यू टेस्ट लेकिन जेंजी ने यह 100 साल पुराना रिकॉर्ड भी तोड़ दिया है। जेंजी पहली ऐसी जनरेशन है जो हर टेस्ट में अपने पेरेंट्स से नीचे है। जीवन के कई अहम पहलुओं में इनका पतन शुरू हो गया है। ये टर्निंग पॉइंट या कहिए डिक्लाइन 2010 के बाद आया जब स्मार्टफोनस और टेबलेट्स बच्चों की जिंदगी में घुस गए। अमेरिका में बैठी बड़ी-बड़ी कंपनियों के मालिक अपने बच्चों को फोन तक नहीं दे रहे लेकिन उन्होंने भारतीय बच्चों को सोशल मीडिया का गुलाम बना दिया है। बांग्लादेश और नेपाल की जजी पहले ही अपने देशों को बर्बाद कर चुकी हैं। लेकिन भारतीय जेंजी का भी एक बड़ा हिस्सा पतन की ओर जा रहा है। सोशल मीडिया पर पॉपुलर होने का दबाव इतना बढ़ गया है कि लड़के लड़कियां कपड़े उतार कर सोशल मीडिया पर नाच रहे हैं।

लड़कियां तो सब्सक्रिप्शन पर अपनी न्यूड तस्वीरें तक बेच रही हैं। आजकल के बच्चे अपने मां-बाप को दे रहे हैं। प्रधानमंत्री को गाली दे रहे हैं। इन बच्चों के नीट परीक्षा में भले ही 10 नंबर आए लेकिन यह अपना बॉडी काउंट 50-50 बताने में गर्व महसूस कर रहे हैं। एक्सपर्ट्स के मुताबिक भारतीय जेंज़ के पतन का एक बड़ा कारण बदतर होती जा रही पेरेंटिंग भी है। जंतर मंतर पर जेंज़ के विचार देखकर यह साबित हो गया है कि देश बहुत बड़े खतरे की तरफ बढ़ सकता है।

हमारा मानना है कि भारत सरकार को तुरंत 13 वर्ष से कम आयु के लोगों के लिए सोशल मीडिया पर प्रतिबंध लगा देना चाहिए। 18 वर्ष से कम आयु के लोगों के लिए सोशल मीडिया पर नियंत्रण होना चाहिए।

सोशल मीडिया कंपनियों पर भी कड़ा नियंत्रण होना चाहिए। ऑस्ट्रेलिया और ब्राजील जैसे देश पहले ही 16 साल से कम आयु वाले बच्चों के लिए सोशल मीडिया बैन कर चुके हैं। फ्रांस ने 15 साल से नीचे के बच्चों के लिए प्लेटफॉर्म्स बैन कर दिए हैं। लेकिन भारत में 6- सात साल के बच्चे रील बना रहे हैं। भारत के बच्चे और लोग फैमिली वैल्यू्यूज पर 3 घंटे का पॉडकास्ट तो देख लेते हैं, लेकिन अपने ही माता-पिता को 3 मिनट में पलट कर जवाब दे देते हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *