2014 में एक मूवी आई हीरोपंती जिसमें दो एक्टर्स ने अपना बॉलीवुड डेब्यू किया था। टाइगर श्रॉफ एंड कृति सेनन। तेरी हीरोपंथी ना मरवाएगी तुझे एक दिन। यार अब क्या करूं? सबको आती नहीं मेरी जाती नहीं। अब एक तरफ जहां कृति ने 20 से भी ज्यादा मूवीज में काम करके कई सारी हिट मूवीस देख के ऑडियंस की फेवरेट बन चुकी हैं वो। वहीं दूसरी तरफ उस मूवी के स्टार टाइगर श्रॉफ बैक टू बैक फ्लॉप्स मारते-मारते वहीं कहीं अटक गए हैं। बागी, बागी 2 और वॉर के अलावा उनकी और कोई मूवी बॉक्स ऑफिस पर परफॉर्म ही नहीं कर पाई उसके बाद। इवन जो यह दो-चार मूवीज चली है ना उनकी उनके लिए भी टाइगर को हमेशा क्रिटिसाइज ही किया गया है उनकी एक्टिंग के लिए। उनको लगता है कि कंफ्यूज्ड होने का मतलब है बस चिल्ला दो। कहीं पर भी गुस्सा आ रहा है बस चिल्ला दो। अपनी फीलिंग्स को कैसे एक्सप्रेस करना है? मैं चीख देता हूं यहां पर। दिस शुड बी द लास्ट नेल इन कॉफिन फॉर टाइगर श्रॉफ एंड दिस शुड बी एनफ टू टेल हिम मेक हिम रियलाइज दैट ही इज नॉट एन एक्टर फॉर टॉक्सिक। तो 2016 के आर्गुबली बेस्ट डेब्यूटेंट टाइगर श्रॉफ के साथ ऐसा क्या हो गया कि आज वह बस मीम्स और ट्रोलिंग का सब्जेक्ट बन के रह चुके है। आई हैव बीन गेटिंग द ट्रोल्स एंड द मीम्स एंड द नेगेटिविटी फ्रॉम माय वैरी फर्स्ट फिल्म। इट्स समथिंग दैट आई हैव ग्रोन इनटू। आई हैव सॉर्ट ऑफ यूज्ड टू दिस। एंड आई थिंक इट्स पार्ट इन पार्सल ऑफ़ आवर जॉब राईट नाउ। तो आज मैं राजीव कुमार इस वीडियो में यही बात करूंगा व्हाट वेंट रॉन्ग विद टाइगर श्रॉफ।
टाइगर श्रॉफ आल्सो नोन एस जय किशन श्रॉफ बॉलीवुड के फेमस एक्टर जैकी श्रॉफ के बेटे हैं। हां, वही जैकी श्रॉफ जिनकी नई सुपर हीरो मूवी का ट्रेलर फ्लाइंग जेट से ज्यादा प्रॉमिसिंग लग रहा था। टाइगर श्रॉफ बाकी स्टार किड्स की तरह ज्यादा सोशल नहीं थे बचपन में। एक तरफ उनकी फादर जैकी श्रॉफ जो अपने चार्मिंग और बिंदास पर्सनालिटी के लिए ज्यादा फेमस है। वहीं दूसरी तरफ टाइगर बचपन से ही बहुत इंट्रोवर्टेड और शाई टाइप के रहे। वो बातबात पर सबको काट लेते थे। तभी तो जैकी दादा ने उनका नाम जय किशन से हटाकर निक नेम उनका टाइगर रख दिया। टाइगर बचपन से ही मार्शल आर्ट से बहुत ज्यादा ऑब्सेस थे और वो बहुत हद तक ब्रूसली को अपना इंस्पिरेशन भी मानते थे। साथ में ही वह माइकल जैक्सन से भी बहुत ज्यादा इंस्पायर्ड थे। इसीलिए उन्हीं छोटे बच्चे बस इसीलिए वो बचपन से ही डांस सीख रहे थे जो कि उनकी मूवीज में हमें कई हद तक दिखता भी है। मतलब काश एक्टिंग के लिए भी किसी से इंस्पायर हो जाते वो। वो बचपन से ही टकंडो जैसे मार्शल आर्ट टेक्निक्स में बहुत ज्यादा इंटरेस्टेड थे और वो अपनी फिजिक पे भी बहुत ज्यादा ध्यान देते थे। एंड स्कूल से ही वो फुटबॉल बहुत खेलते थे। इनफैक्ट वो तो फुटबॉलर ही बनना चाहते थे। लेकिन उनका यह सपना कभी पूरा ही नहीं हो पाया। मुझे एक्चुअली ग्रोइंग अप। आई वांट टू बी अ फुटबॉलर। आई डोंट नो यू सीन माय वीडियोस आई एम रियली पैशनेट अबाउट फुटबॉल अनफॉर्चुनेटली इन स्कूल क्रिकेट के अलावा आई आई डोंट थिंक एनी स्पोर्ट हैड दैट मच हाइप। हालांकि मुझे फुटबॉल खेलना था रिप्रेजेंट द कंट्री बट डिड गेट अ चांस टू रियली। क्योंकि इंडिया में फुटबॉल इतना बड़ा स्पोर्ट है और हमारी नेशनल टीम उस वक्त इतनी कंप्लीट थी कि उसमें टाइगर श्रॉफ के लिए भाई जगह ही नहीं थी। तो इसीलिए शायद उन्होंने एक्टिंग चूज़ की।
टाइगर को लगा कि उनके एथलेटिज्म एंड डांस की वजह से वो बॉलीवुड में अपनी कोई अलग जगह बना लेंगे। पर वो चीज वो भूल गए कि मूवीस के लिए एक्टिंग भी थोड़ी बहुत ज्यादा जरूरी होती है। बैक फ्लिप मारने से कमबैक नहीं होता है। टाइगर श्रॉफ के डाउनफॉल से पहले हमें समझना होगा कि आखिर उनके करियर की शुरुआत हुई कैसे टाइगर श्रॉफ ने डेब्यू किया था साजिद नाडियाडवाला प्रोड्यूस्ड मूवी हीरोपंती में अलोंग साइड कृति सेनन। अब सरप्राइजिंगली टाइगर श्रॉफ की डेब्यू मूवी एक तेलुगु मूवी पंगू का रिमेक थी जो कि 2008 में आई थी। इट वाज़ रियली शॉकिंग बिकॉज़ किसी ने एक्सपेक्ट नहीं किया था कि बॉलीवुड में किसी का डेब्यू एक रिमेक से होगा। आई मीन कभी ऐसा हुआ है क्या? तो जब हीरोपंती का ट्रेलर आया तो इनिशियली लोगों ने उस ट्रेलर में टाइगर को बहुत ज्यादा हेट और क्रिटिसाइज कर दिया था। स्पेशली टाइगर को उनके फेमिनिन लुक की वजह से भी उस वक्त बहुत लोगों ने ट्रोल भी किया था। बियर्डलेस एंड फेयर स्किन ऊपर से ट्रेलर में ही उनकी डायलॉग डिलीवरी देख के भाई ऑडियंस की एक्सपेक्टेशंस बहुत ज्यादा ही कम हो गई थी। क्या करूं यार? सबको आती नहीं। मेरी जाती नहीं। लेकिन मूवी रिलीज़ होने के बाद ऑडियंस का ध्यान टाइगर श्रॉफ की खराब एक्टिंग की बजाय उनके नियर परफेक्ट एक्शंस एंड डांस पे भी गया। उन्होंने हीरोपंती की ऑलमोस्ट 2 साल तक अपनी बॉडी लैंग्वेज, फ्लेक्सिबिलिटी और एक्शन की ट्रेनिंग मतलब जम के मेहनत की थी उन्होंने और रिपोर्ट्स की मानें तो उन्होंने स्पीच सेशंस तक लिए थे ताकि यूपी बेस्ड कैरेक्टर उनका जो है वो थोड़ा ऑथेंटिक लगे। काश वो एक्सेंट मूवी में भी यूज़ कर लिया होता। मूवी की स्टोरी एवरेज थी। लेकिन साजिद नाडियाडवाला ने टाइगर श्रॉफ को मार्केट ही नेक्स्ट एक्शन हीरो की तरह किया और इसी वजह से मूवी ने उस टाइम पे बॉक्स ऑफिस पे 75 करोड़ कमाए और उस टाइम के हिसाब से यह भाई बहुत एक अच्छा फिगर था। मतलब यह एक हिट मूवी थी। अब ऑडियंस ने पहली बार किसी एक्टर को खुद इतना पॉलिश्ड एक्शन करते हुए देखा और मार्शल आर्ट्स जैसी फाइटिंग स्टाइल्स को उनके रॉ फॉर्म में पहली बार किसी एक्टर ने मूवी में लाया और पहली बार किसी एक्टर को इतना अच्छा डांस करते हुए देखा। यह सब चाहे टाइगर श्रॉफ ने पहली बार ना किया हो, लेकिन इन सभी को पहली बार साथ में स्क्रीन पर प्रेजेंट करने वाले वो पहले एक्टर ही थे। एंड इसी वजह से उनकी एवरेज एक्टिंग के बावजूद उनकी जो डेब्यू मूवी थी वह एक अच्छी हिट साबित हो गई। और इसी मूवी के लिए उन्हें आईफा स्टार डेब्यू ऑफ द ईयर का अवार्ड भी मिला। और 2016 में सेम डायरेक्टर एंड प्रोड्यूसर के साथ टाइगर श्रॉफ आए अपनी अगली फिल्म बागी के साथ को-स्टारिंग श्रद्धा कपूर। और बागी भी हीरोपंती जैसी ही थी। सेम एक्शन, हैवी मूवी और ऑडियंस टाइगर श्रॉफ से यही चाहती थी। और यह भी 2004 की तेलुगु मूवी वर्षम का रिमेक थी। पर तब तक इंडिया में एक्शन मूवीज में एक्शन भी उतना ओवर द टॉप एंड पॉलिश नहीं था। या तो एक्शन के नाम पर स्लो मोशन फाइट सीक्वेंस चलते थे या ज्यादातर अच्छे और पॉलिश एक्शन सींस के लिए बॉडी डबल ही यूज कर लेते थे। एंड स्पेशली यंगर ऑडियंस के लिए टाइगर श्रॉफ का एक्शन और डांस कॉम्बिनेशन इतना अच्छा वर्क कर गया कि वो टाइगर की एवरेज एक्टिंग को काइंड ऑफ इग्नोर ही कर रहे थे। क्योंकि बच्चों के लिए एक्टिंग उतनी मैटर नहीं करती है। एंड टाइगर को उस टाइम पर ज्यादातर बच्चे ही पसंद कर रहे थे।
जाएंगे जट मेरा बीएफ है और इकलौती मैं उसकी जीएफ हूं। बागी में टाइगर एंड श्रद्धा की केमिस्ट्री लोगों को बहुत ज्यादा पसंद आ रही थी। एंड उस टाइम पे उस मूवी के कई गाने भी बहुत पॉपुलर हुए थे। छमम छमम छमम गर्ल आई नीड यू सब तेरा। पर सबसेेंट बात यह थी कि टाइगर ने ऑडियंस की नब्ज़ पकड़ ली थी। उन्होंने फालतू में खुद को कोई ग्रेट ड्रामेटिक एक्टर प्रूफ करने की कोशिश नहीं की। बल्कि उन्होंने अपनी नीच पकड़ी। इंडिया का नया एक्शन एथलीट सुपरस्टार बनने की और शुरुआत में तो उनकी यह स्ट्रेटजी काफी ज्यादा कड़क तरीके से काम भी कर रही थी। इतनी कि बागी ने ऑलमोस्ट 127 करोड़ का ग्लोबल कलेक्शन किया था। एंड यहां से इंडस्ट्री को एक इल्लुजन मिल चुका था कि टाइगर श्रॉफ अपने दम पर मूवी चला सकते हैं। और 2 साल बाद आई बागी 2 ने यह इल्लुजन और स्ट्रांग कर दिया। इस बार साजिद नाडियाडवाला ने बागी वन के डांस कोरियोग्राफर अहमद खान को ही डायरेक्टर सीट पर बैठा दिया और बागी वन जैसी सिमिलर स्टोरी रखी। आई मीन बागी वन जैसी सिमिलर स्टोरी कॉपी की तेलुगु मूवी शनम से और इस बार मूवी में श्रद्धा की जगह दिशा पाटनी थी और इस बार फिल्म का टोन थोड़ा ज्यादा इंटेंस था। एक्शन स्केल भी काफी बड़ा हो गया था। ऑडियंस को एक्सैक्टली वही मिला जो वो टाइगर से एक्सपेक्ट करने लग गए थे। वैसे तो इसके ट्रेलर के बाद थोड़ी बहुत स्पेककुलेशंस थी कि शायद मूवी ना चल पाए। अर्ली इंटरनेट फेस में टाइगर और दिशा की डेटिंग रूमर्स भी मूवी को चलाने की कोशिश कर रहे थे। एक्शन पैक होने की वजह से मूवी शायद कमर्शियली बहुत बड़ी हिट साबित हो जाए और अपने फर्स्ट पार्ट से ऑलमोस्ट डबल बॉक्स ऑफिस कलेक्शन किया इस पिक्चर ने 250 करोड़ का। लेकिन इन मूवी से मिली फेम टाइगर श्रॉफ एंजॉय तो कर रहे थे। उन्हीं की वजह से टाइगर श्रॉफ आगे बहुत ज्यादा पछताने भी वाले थे। अब अगर कोई एक्टर अपने करियर के स्टार्टिंग से ही एक पर्टिकुलर टाइप की मूवी दे रहा हो। उसकी एक्टिंग एंड बाकी कमियों को ओवर शैडो भी कर रहे हो तो एक्टर असली मायनों में ग्रो नहीं होता है। वो मोनोटोोनस हो जाता है। ऑडियंस के दिमाग में टाइगर श्रॉफ की यही एक्शन हीरो वाली इमेज बन गई थी। वो एक्सट्रीम एक्शन करते थे एंड फ्लोलेस डांस करते थे। एंड दैट्स ऑल देयर इन ह मूवीस। दैट्स ऑल ऑडियंस न्यू अबाउट हिम एज एन एक्टर। लेकिन आखिर एक ही चीज ऑडियंस को कब तक अच्छी लगेगी? टाइगर श्रॉफ की सक्सेस जितनी अनएक्सेक्टेड थी, उतनी ही एक्सपेक्टेड था उनका डिक्लाइन। क्योंकि इतिहास गवाह है दोस्तों। कई सारे एक्टर्स स्टार्टिंग में तो उनको कोई स्पेशल एलिमेंट की वजह से मूवीज मिल जाती थी। लेकिन लॉन्ग रन में वही एक्टर्स चलते हैं जो अपने रोल्स में मूवीज के साथ एक्सपेरिमेंट भी करते हैं। अपनी एक्टिंग को और ज्यादा पॉलिश भी करते हैं। और उनके डाउनफॉल की शुरुआत उनकी फ्लॉप फिल्म से नहीं हुई थी। उसकी नीव तो भाई पहली फिल्म से ही लग गई थी। बस इनिशियली हिट्स ने उन्हें कवर कर दिया था। बागी और स्पेशली बागी 2 के बाद तो टाइगर बॉलीवुड के एक प्रॉपर एक्शन स्टार ही बन गए थे। जिम गोइंग यूथ उन्हें आइडलाइज करता था और प्रोड्यूसर्स भी उनके साथ काम करना चाहते थे। लेकिन इसी फेज में उनके करियर में एक डेंजरस पैटर्न बिल्ड हो रहा था। ऑडियंस टाइगर को सिर्फ एक चीज के लिए पसंद कर रही थी और वो था उनका एक्शन। और जब किसी एक्टर की आइडेंटिटी इतनी नैरो बन जाए तब प्रॉब्लम यही होती है कि किसी भी तरह का एक्सपेरिमेंट उनके लिए डेंजरस ही बन जाता है। और 2016 में रेमोडीसी डायरेक्टेड फिल्म फ्लाइंग जेट के साथ यही हुआ। फिल्म का आईडिया इंटरेस्टिंग था। इंडियन सुपर हीरो मिक्स्ड विद कॉमेडी एंड इमोशंस। लेकिन ऑडियंस टाइगर को उस ज़ोन में इमोशनली बाय नहीं कर पा रही थी। उनका पॉलिश्ड अपीयरेंस और सॉफ्ट एक्सप्रेशन ऑलरेडी क्रिटिसिज्म फेस कर रहा था। और फ्लाइंग जेट में टाइगर की एक्टिंग लोगों को बहुत ज्यादा गुफी लगी। ऊपर से मूवी की स्टोरी भी सेकंड हाफ में लोगों को थोड़ी इलॉजिकल ही लगी। मतलब इलॉजिकल। तुम लोगों ने टाइगर की पहली वाली फिल्म्स नहीं देखी थी क्या? फिर 2017 में आई मुन्ना माइकल। ये मूवी ऑलमोस्ट टाइगर के लिए ट्रेलर मेड लग रही थी।
बिकॉज़ डांस उनका स्ट्रांगेस्ट एबिलिटीज में से एक था। तो उनका रोल करना थ्योरिटिकली परफेक्ट होना चाहिए था। लेकिन ये मूवी फिर भी नहीं चली। लोग टाइगर की डांसिंग एडवायर कर रहे थे। लेकिन उसके कैरेक्टर में इमोशनली वो इन्वेस्ट ही नहीं कर पाए। और जब फिल्म मोस्टली डांस और स्टाइल पर डिपेंडेंट हो तो उसके लिए स्ट्रांग इमोशनल कनेक्शन बनाना बहुत इंपॉर्टेंट होता है। वो कैरेक्टर के साथ जो कनेक्शन बिल्ड होता है उसी की वजह से ए बी सी डी जैसी मूवीस हिट हो पाती हैं। और इस मूवी में कंपैरिजन नेचुरली ऋतिक रोशन से होने लग गया क्योंकि ऋतिक भी बॉलीवुड के वन ऑफ द बेस्ट डांसर्स हैं और उनको भी एक्टिंग के लिए कई बार क्रिटिसाइज भी किया गया है। लेकिन उन्होंने सुपर 30 जैसी मूवीज में अपनी परफॉर्मेंस से ऑडियंस को अपना टैलेंट दिखाया है। टाइगर की डांसिंग टेक्निकली परफेक्ट थी। बट कुछ ऑडियंस को वो ओरली रिहर्स्ड और रोबोटिक भी लगने लगी और मेजॉरिटी ऑडियंस को यह तक नहीं पता चला कि यह मूवी कब आई और कब चली भी गई। फिर सिमिलरली जब 2019 में उन्होंने Dharma प्रोडक्शनंस की रॉमकम स्टूडेंट ऑफ द ईयर टू की अनन्या पांडे के साथ तो वहां भी भाई फोर्स केमिस्ट्री ही लग रही थी तो ऑडियंस स्टोरी से कनेक्ट ही नहीं कर पाई। और सरप्राइजिंगली इस मूवी में टाइगर की एक्टिंग उनकी प्रीवियस मूवीज से अच्छी थी। बट इट वाज़ स्टिल नॉट अप टू द मार्क। बट ऑडियंस को यह होप मिली कि शायद टाइगर से अच्छी एक्टिंग की उम्मीद करी जा सकती है। मतलब कौन है यह लोग? अब उसके बाद उसी साल आई वॉर। अब वॉर में टाइगर ने बहुत हद तक अपने आप को रिडीम कर लिया था। टाइगर और रितिकी गुरु चेले वाली केमिस्ट्री लोगों को पसंद आई थी और इसी वजह से मूवी 2019 की सबसे बड़ी हिट भी साबित हुई। पर 2020 में लॉकडाउन के टाइम पर लोगों को अचानक से याद आ गया कि भाई यह सब तो सेलिब्रिटीज के बच्चे हैं। तो सारे टारगेट्स को कैंसिल करने का ट्रेंड स्टार्ट हो गया और वहां से टाइगर की इमेज लोगों के लिए और ज्यादा ही बदल गई। अब तक मूवीज नहीं चल रही थी।
लेकिन एटलीस्ट ब्लेम तो मूवी पे या एक्टिंग पे दोनों पे जा रहा था ना। एंड टाइगर के डांस एंड एक्शंस की तो तारीफ ही हो रही थी। लेकिन इस पीरियड में लोगों का स्टार किड्स को लेके हेट इतना ज्यादा बढ़ गया था कि उस साल आई बागी 3 में लोगों ने टाइगर के एक्शन और डांस से ज्यादा उनकी खराब एक्टिंग को नोटिस करना शुरू कर दिया। मूवी तो फ्रेंचाइजी के नाम की वजह से फिर भी चल गई लेकिन बागी 2 के वो आसपास भी नहीं पहुंच पाई और उसके बाद से टाइगर ने बैक टू बैक फ्लॉप्स दिए हैं। 2020 से 2026 तक टाइगर की एक भी हिट मूवी नहीं आई है। 2021 में हीरोपंती का सेकंड पार्ट आया फ्लॉप हो गया। फिर 2023 में आई गणपत फ्लॉप हो गई। 204 में आई बड़े मियां छोटी मियां वो फ्लॉप हो गई और अभी पिछले साल बागी 4 आई ये सारी एक के बाद एक फ्लॉप मूवी होती जा रही है क्योंकि हर मूवी सेम फील हो रही है। सेम एक्शन है, सेम डांस है। हर मूवी अपने पहले वाले की कोई रीप पैकेजिंग जैसी ही लग रही है। 2020 की हेट वेव के बाद ऑलमोस्ट हर एक्टर ने ऑडियंस रिटेन करने के लिए कोई ना कोई अच्छी मूवी ही दी है। लेकिन टाइगर श्रॉफ पिछले 6 साल से अभी तक अपना वो रिडेंशन प्रोजेक्ट नहीं दे पाए हैं ऑडियंस को। उसके ऊपर से मीमर्स एंड ट्रोलर्स कुछ ना कुछ टाइगर को ट्रोल करने के लिए ले ही आते हैं मार्केट पे। चाहे वह पुराने इंटरव्यू क्लिप्स हो या फिर श्रद्धा के साथ वाला ऑकवर्ड इंटरव्यू हो। टाइगर श्रॉफ ने अपनी इमेज के साथ जो किया उसे रिपेयर करना मुश्किल तो है। देखो लेकिन हम सब ने भाई पिछले दो-ती साल में बहुत लोगों के कमबैक्स देख लिए हैं।
लेकिन इसके लिए उन्हें बॉबी देल की तरह अच्छा खासा टाइम अपनी एक्टिंग सीखने में देना होगा। एंड उनका डांस और एक्शन देख के तो भाई इतना तो हमें समझ में आता है कि वो ऑलमोस्ट कोई भी स्किल मास्टर कर सकते हैं अगर वह उससे ऑब्सेस्ड हो जाए तो। इसीलिए थोड़ी सी यह होप रहती है कि टाइगर के लिए एक्टिंग सीखना मुश्किल नहीं है। बस कुछ वक्त तक कैमरा से दूर रह के वो अपने क्राफ्ट पे अगर फोकस करने लग जाए एंड उस वक्त में लोगों को शायद उनकी खराब एक्टिंग के अलावा उनके बारे में और चीजें भी समझने का टाइम मिल जाए। क्योंकि डिस्पाइट बीइंग अ स्टार किड कभी अपनी फ्लॉप्स का ब्लेम उन्होंने किसी और पे नहीं डाला। ना ऐसे ही चीप पिया स्टंट्स किए हैं अपनी इमेज को वाइट वाश करने के लिए। ही हैज़ ऑलवेज बीन हंबल एंड जेंटल गाय। उन्हें ना गुस्सा आता है ना एक्टिंग आती है। बस आता है तो श्रद्धा के सामने पा। टाइगर एक इकलौते स्टार किड है जिसे हेट करने के लिए भी ना ऑडियंस के पास खराब एक्टिंग और कुछ बेसलेस रीज़ंस के अलावा और कुछ नहीं है। एंड टाइगर का फेम कम होने का एक रीज़न यह भी है कि इनिशियली उनकी जो ऑडियंस थी वो यंग टीनएजर्स थे। एंड जैसे-जैसे वो टीनएजर्स बड़े हुए हैं, उनका मूवीज़ और सिनेमा का टेस्ट भी बदल गया है।
लेकिन टाइगर उस टेस्ट के साथ इवॉल्व नहीं हो पा रहे हैं। अब वैसे तो टाइगर Dharma की आने वाली मूवी लग जा गले में होने वाले हैं। होपफुली यहां टाइगर को डांस के अलावा और कुछ करते हुए देख पाए हम। बाकी आपकी क्या ओपिनियन है? टाइगर को अपना करियर रिवाइव करने के लिए क्या करना होगा? एक्टिंग ही छोड़ देनी चाहिए। मत लिखना कोई भी। प्लीज। आप अपना ओपिनियन नीचे कमेंट सेक्शन में हमें जरूर बता सकते हो। और अगर वीडियो पसंद आई है ना तो इस वीडियो को लाइक जरूर करना। हम हर हफ्ते ऐसी वीडियोस तुम्हारे लिए लाते रहते हैं। हम मिलते हैं गाइस अगली वीडियो में। तब तक के लिए ओके बाय।