भारत देश की पहली महिला प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी को लेकर काफी अफवाह है और काफी चर्चाएं यूट्यूब पर या और सोशल मीडिया पर होती है। लेकिन आज हम आपको उनके निधन से जुड़ा एक किस्सा बताएंगे।
ऐसा माना जाता है कि इंदिरा गांधी को अपनी का आभास हो गया था। उन्होंने अपनी से ठीक एक दिन पहले भुवनेश्वर में जो भाषण दिया था उसके बोल इस बात का संकेत देते हैं कि उन्हें इस बात का आभास था कि उनपर हो सकता है, उनकी हो सकती है।
यही वजह है कि इंदिरा गांधी ने खुद अपने भाषण में एक बड़ी बात कही थी इंदिरा गांधी ने अपने भाषण में कहा- ‘मैं आज यहां हूं। कल शायद यहां न रहूं। मुझे चिंता नहीं मैं रहूं या न रहूं। मेरा लंबा जीवन रहा है और मुझे इस बात का गर्व है कि मैंने अपना पूरा जीवन अपने लोगों की सेवा में बिताया है। मैं अपनी आखिरी सांस तक ऐसा करती रहूंगी और जब मैं तो मेरे का एक-एक क़तरा भारत को मजबूत करने में लगेगा।
इंदिरा गांधी की इन बातों को सुनकर कांग्रेस के सभी नेता हैरान रह गए। उन्हें ये समझ नहीं आ रहा था कि आखिर इंदिरा गांधी ने अपनी भाषण में ऐसी बातें क्यों कही। कहा जाता है कि भुवनेश्वर से वापस लौटने के बाद इंदिरा गांधी को रात में ठीक से नींद नहीं आई। इसका जिक्र कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी ने भी अपनी किताब में किया है।
उन्होंने लिखा कि 30 अक्टूबर1984 की रात को जब वे अपने दमे की दवा लेने के लिए उठीं तो इंदिरा गांधी उस वक्त भी जाग रही थीं। इंदिरा ने उनसे कहा कि अगर रात में कोई प्रॉब्लम हो तो उन्हें आवाज दे देना।