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कहा गायब हो गया ये मशहूर कॉमेडियन? चौंका देगी सुरेश मेनन की कहानी

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[संगीत] आउटस्टैंडिंग यस यस यस सुरेश मैनन आपने इन्हें कई फिल्मों में देखा होगा ऐसी क्या देख र लिए ये तो बटर स्कच आइसक्रीम है ये फिल्मों में गे इंसान के रोल में नजर आए विलन के हेंचमैन के रूप में दिखे कॉमेडी भी इन्होंने खूब की और केवल कॉमेडी ही नहीं कुछ फिल्मों में धीर गंभीर रोल भी इन्होंने शानदार अंदाज में निभाए और जता दिया कि यह महज एक मस् खरे नहीं है बल्कि एक धासू एक्टर है कौन सा रोल करना पसंद करें गे रियलिटी शोज हो या फिर टीवी शोज इन्होंने हर जगह अपने टैलेंट से लोगों का मनोरंजन किया है बिपाशा बासू एस क्रेजी एक्टर सा टीवी आज लेकर आया है अभिनेता सुरेश मैनन की कहानी सुरेश मैनन फिल्मों में कैसे आए और

उनका फिल्मी सफर कैसा रहा यह सब बातें आज हम आपको बताएंगे एक तो तू है दूसरा कौन है सुरेश मैनन का जन्म हुआ था 10 जनवरी 1956 को केरल के पलक्कड़ जिले में इनके माता-पिता दोनों ही एलआईसी में नौकरी करते थे सुरेश के जन्म के कुछ ही महीनों बाद इनके माता-पिता का ट्रांसफर मुंबई हुआ यही वजह है कि इनके बचपन का काफी सारा वक्त मुंबई में गुजरा मुंबई में यह एक छोटे से घर में रहते थे इनका पूरा परिवार एक कमरे में ही रहा करता था सुरेश और उनके दोनों छोटे भाइयों की पढ़ाई मुंबई से ही हुई बचपन में सुरेश को क्रिकेट से बेहद लगाव था इसीलिए वह बचपन में क्रिकेटर बनने का ख्वाब देखते थे उनका यह ख्वाब उनके साथ कॉलेज के दिनों तक रहा हालांकि बचपन में ही इनकी दिलचस्पी एक्टिंग की तरफ भी होने लगी थी दरअसल इनकी सोसाइटी में गणेशोत्सव का पंडाल लगा करता था और गणेशोत्सव में यह भी बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया करते थे गणेशोत्सव में ही पंडाल भी लगता था जिस पर बच्चे नाटक किया करते थे

एक दफा इन्होंने और इनके भाई ने भी गणेशोत्सव में होने वाले नाटक में हिस्सा लिया इन्हें सन्यासी का किरदार निभाने के लिए मिला लेकिन उस सन्यासी को कछुए की विग पहननी थी और सुरेश बिल्कुल भी नहीं चाहते थे कि यह कछुए की विग पहने सुरेश उदास मन से कछुए की विग पहनकर पंडाल पर चढ़े उन्हें लग रहा था कि लोग उन्हें इस रूप में देखकर जरा भी खुश नहीं होंगे मगर हुआ एकदम उलट जैसे ही सुरेश पंडाल पर चढ़े लोग इन्हें देखकर जोर-जोर से हंसने लगे लोगों को हंसते देख सुरेश की जान में जान आई वो रोल निभाने में इन्हें भी खूब मजा आने लगा उसके बाद तो सुरेश हर साल गणेशोत्सव का बेसब्री से इंतजार किया करते थे इट टूक मी वन आ टू गेट दिस सुरेश कॉमर्स ग्रेजुएट हैं इनके पिता चाहते थे कि यह पढ़ लिखकर चार्टर्ड अकाउंटेंट बने पिता के सपने को पूरा करने के लिए सुरेश भी एक्टिंग का चस्का छोड़कर चार्टर्ड अकाउंटेंट की पढ़ाई में जुट गए लेकिन चार्टर्ड अकाउंटेंट की कठिन पढ़ाई के सामने एक दिन आखिरकार इन्होंने हार मान ली इन्हें एहसास हो गया कि इनके नसीब में चार्टर्ड अकाउंटेंट बनना है ही नहीं इनके कई दोस्त चार्टर्ड अकाउंटेंट बनने में कामयाब रहे

और और अच्छी जगह नौकरी करने लगे लेकिन सुरेश ऐसा करने में पूरी तरह विफल रहे अपनी विफलता से सुरेश काफी दुखी थे सुरेश के जहन में दूर-दूर तक यह ख्याल नहीं था कि यह प्रोफेशनल एक्टर भी बन सकते हैं परिवार को सपोर्ट करने के लिए सुरेश को पैसों की जरूरत थी सो उन्होंने नौकरी तलाशना शुरू कर दिया कुछ दिनों की मेहनत के बाद सुरेश को कॉमटन ग्रीव्स में सेल्स डिपार्टमेंट में नौकरी मिल गई यहां कुछ समय तक नौकरी करने के बाद सुरेश ने 20th सेंचुरी फाइनेंस में नौकरी की यही वह जगह थी जहां सुरेश को पहली दफा ख्याल आया कि उन्हें एक्टर बनने की कोशिश करनी चाहिए दरअसल इनका हंसमुख स्वभाव इनके साथी कर्मचारियों को बड़ा पसंद था एक दिन इनके एक साथी ने इनसे कहा कि तुम हंसते हंसाते बहुत खूब हो तुम्हें तो एक्टर बनना चाहिए उस वक्त तो सुरेश ने हंसकर व बात टाल दी लेकिन बाद में इन्होंने इस बारे में खूब सोचा इसी दौरान सुरेश को टाइम्स ऑफ इंडिया के सेल्स डिपार्टमेंट में नौकरी करने का मौका भी मिला भास्कर दिवाकर चौधरी दिवाकर चौधरी कहां है तीनों मैं ही तीन की शक्ति मीडिया इंडस्ट्री से जुड़ने के बाद सुरेश क्रिएटिव फील्ड को काफी करीब से निहारने लगे और इसी के साथ एक्टर बनने की इनकी ख्वाहिश भी और ज्यादा बढ़ने लगी एक दिन सुरेश को किसी ने बताया कि इन्हें आरके स्टूडियो के मेजर अशोक कोल से मिलना चाहिए क्योंकि वह इन दिनों परमवीर चक्र नाम की पूरी सीरीज बना रहे हैं और उन्हें एक्ट्रेस की भी तलाश है सुरेश मेजर अशोक कोल से मिलने आरके स्टूडियो पहुंच गए मेजर कोल ने इनसे बड़े सलीके से बात की और बड़ी विनम्रता से इनसे कहा कि फिलहाल वह ऐसे एक्ट्रेस की तलाश में हैं जो फौजी बन सके इसलिए इन्हें वह काम नहीं दे पाएंगे मेजर अशोक कोल के व्यवहार से यह बेहद खुश थे आर के स्टूडियो से जब यह बाहर जा ही रहे थे

तो इन्होंने अपने जीवन में पहली दफा ऋषि कपूर साहब को देखा इस वक्त तक इनके माता-पिता नहीं जानते थे कि उनका बेटा एक्टर बनने के लिए हाथ-पैर मारना शुरू कर चुका है फिर जब इन्होंने अपने पेरेंट्स को बताया कि यह एक्टर बनना चाहते हैं तो इनके पेरेंट्स काफी सरप्राइज और परेशान हुए उन्हें लगा कि कहीं ऐसा ना हो कि बेटा एक्टर बनने की कोशिश में उस नौकरी से भी जाए जो फिलहाल उसके पास है इनके पिता ने कहा कि यह एक बेहद चैलेंजिंग फील्ड है और फिल्मों में हीरो बनना कोई बच्चों का खेल नहीं है इन्होंने अपने पिता से कहा कि कि ये बस एक्टर बनना चाहते हैं हीरो बनने का ख्वाब ये नहीं देखते ये बस एक्टिंग करना चाहते हैं फिर चाहे इन्हें अपनी मदर टंग मलयालम में बनने वाली फिल्मों में ही काम क्यों ना मिले बेटे के पैशन को देखते हुए मां-बाप ने भी ना चाहते हुए अपनी स्वीकृति दे ही दी इसके बाद तो सुरेश ने अपनी नौकरी से इस्तीफा दे दिया और फिल्मों में काम हासिल करने के लिए संघर्ष करना शुरू कर दिया हा समाचार समाप्त हुए सुरेश जब काम मांगने के लिए डायरेक्टर प्रोड्यूसर्स के ऑफिस जा रहे थे तो लोग इनके साउथ इंडियन एक्सेंट की वजह से इन्हें रिजेक्ट करने लगे कई लोग तो इनसे कह भी देते थे कि तुम्हारी बोली में साउथ इंडिया का टच आ रहा है इसलिए तुम्हें काम नहीं दे सकते ऐसे लोगों को यह जवाब देते थे कि नाना पाटेकर की बोली में मराठी एक्सेंट दिखता है अमिताभ बच्चन की बोली में यूपी का टच दिखता है धर्मेंद्र की बोलचाल में पंजाबी टच नजर आता है तो फिर मेरी बोली में साउथ इंडियन टच आने से क्या फर्क पड़ता है बहरहाल सुरेश का संघर्ष जारी था और तकरीबन 1 साल तक संघर्ष करने के बाद सुरेश को पहली दफा यूटीवी के एक शो में काम करने का मौका मिला इस शो का नाम था मैं भी डिटेक्टिव और सुरेश इस शो के पहले एपिसोड में नजर आए थे यह वो वक्त था जब भारत में प्राइवेट टीवी चैनल्स का दौर शुरू हो रहा था और टीवी इंडस्ट्री अपने बूम पर थी इसके बाद सुरेश नजर आए साजिद खान

के साथ एक कॉमेडी शो में साजिद खान के साथ सुरेश की जोड़ी ख खूब जमी वह पहले शो के बाद और भी कुछ शोज में इन दोनों को दर्शकों ने खूब हंसाया कुछ टीवी चैनल्स पर इन्होंने एंकरिंग भी की द ग्रेट इंडियन कॉमेडी शो और द कपिल शर्मा जैसे शोज में भी इन्होंने दर्शकों को खूब हंसाया वहीं पिल्लई पांडे और इक्के पेक्का जैसे शोज में इनकी एक्टिंग दर्शकों को बड़ी पसंद आई टीवी शोज के अलावा सुरेश ने रेडियो पर भी खूब काम किया रेडियो पर भी इनके काम को काफी पसंद किया गया वहीं कई टीवी विज्ञापन में भी इन्हें काम करने का मौका मिला और इस तरह कुछ ही सालों में देखते ही देखते सुरेश मैनन एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री में सेट हो गए वह बढ़िया पैसे भी कमाने लगे मेरे हिसाब से बेस्ट बॉडी है जॉन इब्राहिम सुरेश मैनन के फिल्मी करियर की बात करें तो इनकी पहली फिल्म थी कभी ना कभी जिसमें यह जैकी श्रोव के साथ दिखे हालांकि इनकी पहली रिलीजड फिल्म थी साल 1997 में आई दिल तो पागल है उस फिल्म में यह शाहरुख खान के दोस्त बने थे शूटिंग में हुई देरी के चलते इनकी पहली फिल्म कभी ना कभी 1998 में रिलीज हुई थी साल 1998 में ये डोली सजा के रखना नाम की फिल्म में भी दिखे थे फिर 2001 में ये एक बार फिर से शाहरुख के साथ फिल्म अशोका में नजर आए इस तरह सुरेश मैनन ने अपने फिल्मी करियर में एक से बढ़कर एक फिल्मों में काम किया और हर बड़े स्टार के साथ स्क्रीन शेयर की फिर चाहे वह शाहरुख खान हो या जैकी श्रॉफ सलमान खान हो या फिर अनिल कपूर अक्षय कुमार हो

या संजय दत्त बात अगर सुरेश के यादगार फिल्मी किरदारों की करें तो भेजा फ्राई टू में एमटी शेखर का इनका किरदार बेहद पसंद किया गया क्रेजी फोर में गुड्डू के रोल में भी इन्होंने लोगों को खूब हंसाया बधाई हो बधाई में लकी अयर के रोल में भी ये खूब जमे वहीं चलते-चलते में मुन्ना दुकानदार के रोल में भी इन्होंने बढ़िया काम किया देवाने हुए पागल में सनी के किरदार को भी इन्होंने ढंग से जिया फिर हेराफेरी में पीटर के रोल में तो इन्होंने कमाल ही कर दिया हाउसफुल पार्टनर मस्ती और रावन जैसी फिल्मों में इन्होंने कैमियो किए और उनमें भी इन्होंने खूब वाहवाही लूटी दीपा मेहता की अंग्रेजी फिल्म मिडनाइट चिल्ड्रन में यह फील्ड मार्शल बने थे सुरेश मैनन ने लोगों को उस वक्त चौका दिया जब 2015 में आई फिल्म धनक में यह एक बेहद सीरियस रोल में दिखे हर कोई हैरान था कि फिल्मों में कॉमेडी करने वाले सुरेश मैनन ने कैसे इतने शानदार तरीके से यह रोल निभाया 2 साल बाद यानी 2017 में सुरेश मैनन काबिल में एक बार फिर से सीरियस रोल में नजर आए मलयालम फिल्म ब्रह्मा राम में यह सुपरस्टार मोहन लाल के साथ उन्नी कृष्णन के रोल में नजर आए इस रोल के लिए सुरेश मैनन को बेस्ट सपोर्टिंग एक्टर अवार्ड के लिए नॉमिनेट भी किया गया था इस तरह सुरेश मैनन ने साबित कर दिया कि वह फिल्मों में केवल मसखरा पन ही नहीं बल्कि और भी कई तरह के काम कर सकते हैं अपने फिल्मी करियर में सुरेश मैनन ने अब तक लगभग 40 से भी ज्यादा फिल्मों में काम किया है आज सुरेश मैनन किसी पहचान के मोहताज नहीं है क्यों बे बुढ़िया आंखें फड़फड़ के क्या देख रही है प तोल सुरेश मैनन की निजी जिंदगी के बारे में तो कोई जानकारी उपलब्ध नहीं है तो इसके बारे में तो हम अपने दर्शकों को कुछ नहीं बता पाएंगे लेकिन ये जरूर बताएंगे कि सुरेश मैनन ने वन नेटवर्क एंटरटेनमेंट नाम से अपनी खुद की एक एंटरटेनमेंट कंपनी शुरू की है इस कंपनी में वह शॉर्ट फिल्में बनाते हैं और उन्हें [संगीत]

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