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क्या शाहरुख खान का वह अपमान था मालिनी शर्मा के बॉलीवुड छोड़ने की असली वजह?

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हाय दिस इज मालिनी विथ द स्लोल डायरीज। हाय दिस इज मालिनी विथ द स्लोल डायरीज। क्या होता है जब रातोंरात शोहरत की बुलंदियों को छूने वाला कोई चमकता हुआ सितारा अचानक एक दिन बिना कुछ कहे बिना कोई सुराग छोड़े गायब हो जाता है? मेरे पापा को पता चल गया तो वो यहां आ जाएंगे। फिर से पागलखाने नहीं जाना चाहते। क्या आपको साल 2002 की ब्लॉकबस्टर हॉरर फिल्म राज की वो खूबसूरत भूतनी याद है जिसने अपनी एक मुस्कान से पूरे देश की रातों की नींद उड़ा दी थी? आपके प्यार में हम सवरने लगे। आखिर कहां चली गई करोड़ों दिलों पर राज करने वाली यह खूबसूरत लड़की? आप जो इस तरह से तड़पाएंगे और क्या बॉलीवुड की चकाचौंध वाकई अंदर से इतनी काली है कि एक सफल अभिनेत्री सब कुछ छोड़कर घने जंगलों में गुमनाम जिंदगी जीने पर मजबूर हो जाए। आज हम बॉलीवुड के एक ऐसे सबसे बड़े राजद से पर्दा उठाने जा रहे हैं, जिसकी सच्चाई किसी भी फिल्मी कहानी से कहीं ज्यादा दर्दनाक है। यह कहानी है मालिनी शर्मा की जिनका जीवन चकाचौंध के सबसे ऊंचे शिखर से शुरू होकर आखिरकार पहाड़ों की शांति में जाकर एक नई शक्ल में सामने आया। कहानी शुरू होती है 5 जनवरी 1974 को। जब दिल्ली में मालिनी शर्मा का जन्म हुआ था। उनका शुरुआती सफर उन हजारों लड़कियों जैसा ही था

जो अपनी आंखों में ग्लैमर की दुनिया पर राज करने का सपना लेकर आती हैं। 90 के दशक का अंत भारतीय पॉप कल्चर और संगीत के लिए एक बहुत ही सुनहरा और आजाद दौर था और इसी दौर में मालिनी शर्मा ने अपनी एक अलग पहचान बनानी शुरू कर दी थी। साल 1999 में उन्होंने मशहूर फैशन डिजाइनर मोनीषा बजाज के फॉल विंटर कलेक्शन शो में रैंप वॉक किया। जिसने फैशन इंडस्ट्री का ध्यान तुरंत उनकी ओर खींच लिया। लेकिन उन्हें असली पहचान मिली उन म्यूजिक वीडियोस से जो उस वक्त हर टीवी चैनल की जान हुआ करते थे। मीका सिंह का ब्लॉकबस्टर गाना सावन में लग गई आग हो या फिर बॉम्बे वाइकिंग्स का आइकॉनिक ट्रैक क्या सूरत है? मालिनी की घुंघराली जुल्फों, उनकी कातिलाना मुस्कान और उनके बेबाक अंदाज ने उन्हें हर युवा की धड़कन बना दिया था। म्यूजिक वीडियोस की इस बेतहाशा कामयाबी ने उनके लिए एक्टिंग और टेलीविजन के दरवाजे पूरी तरह से खोल दिए। साल 2000 में सहारा वन चैनल पर उनका शो हम दोनों आया जिसमें उन्होंने आर माधवन और विशाल सिंह के साथ स्क्रीन शेयर की। लेकिन उनकी जिंदगी में पहला बड़ा और खौफनाक मोड़ तब आया जब उन्होंने Sony टीवी के शो सी एटीएस को साइन किया। यह शो हॉलीवुड की पॉपुलर डिटेक्टिव सीरीज चार्लीस एंजेल्स का इंडियन वर्जन था। इस शो में मालिनी शर्मा ने तान्या नाम की एक निडर, तेजतर्रार और चालाक जासूस का किरदार निभाया था। उनके साथ इस शो में पूर्व मिस इंडिया नफीसा जोसेफ और खूबसूरत एक्ट्रेस कुलजीत रंधावा भी लीड रोल में थीं। टीवी पर यह तड़ी उस वक्त इंडिपेंडेंट औरतों की मिसाल मानी जाती थी और शूटिंग के दौरान इन तीनों के बीच एक बहुत गहरी दोस्ती भी हो गई थी। लेकिन उस वक्त किसी को भी इस बात का जरा सा भी अंदाजा नहीं था कि ग्लैमर से भरा यह शो जल्द ही इंडियन टेलीविजन के इतिहास का सबसे मनहूस और शापित चैप्टर बनने वाला है। दरअसल इस शो के कलाकारों की असल जिंदगी में भयंकर त्रासदियां घटी जिसने पूरी इंडस्ट्री की रूह कंपा कर रख दी।

साल 2004 में जब नफीसा जोसेफ महज 26 साल की थी, तब उन्होंने अपनी सगाई टूटने के भारी तनाव के चलते अपने मुंबई के फ्लैट में फांसी लगाकर खुद अपनी जीवन रेखा मिटा दी। लेकिन नफीसा की मौत के ठीक 2 साल बाद साल 2006 में 30 साल की उम्र में कुलजीत रंधावा ने भी डिप्रेशन और जिंदगी के भारी दबावों का हवाला देते हुए खौफनाक तरीके से मौत को गले लगा लिया। इन दोनों मौतों ने मीडिया और इंडस्ट्री में तहलका मचा दिया और लोग सीएटीएस को एक शापित शो कहकर बुलाने लगे। इसकी पूरी मुख्य कास्ट में जिंदा बचने वाली इकलौती सदस्य सिर्फ मालिनी शर्मा थी। अपनी दो सबसे करीबी दोस्तों और सह कलाकारों को इस दर्दनाक तरीके से खोने का मालिनी के दिमाग पर जो गहरा आघात हुआ होगा उसकी कल्पना करना भी शरीर में सेहरन पैदा कर देता है। एक तरफ जहां उनकी निजी जिंदगी में मौत और उदासी का गहरा साया मंडरा रहा था वहीं दूसरी तरफ सिल्वर स्क्रीन पर उनके लिए कामयाबी का एक ऐसा इतिहास लिखा जा रहा था जिसे आज तक कोई नहीं भुला पाया है। यह दौर था साल 2002 का जब मुकेश भट्ट और महेश भट्ट के प्रोडक्शन में बनी और मशहूर निर्देशक विक्रम भट्ट द्वारा निर्देशित हॉरर थ्रिलर फिल्म राज्ड सिनेमाघरों में रिलीज हुई। हॉलीवुड की फिल्म व्हाट लाइव विनीत से प्रेरित इस फिल्म में यूं तो बिपाशा बसु और डीनो मोररिया लीड रोल में थे। लेकिन जब मालिनी शर्मा ने मालिनी मलिक के किरदार में स्क्रीन पर एंट्री ली तो थिएटर्स में सन्नाटा छा गया और लोगों की रूह कांप गई। इस फिल्म की शूटिंग के किस्से भी कम डरावने नहीं थे क्योंकि बताया जाता है कि ऊंटी के जिस फर्नल होटल में फिल्म की शूटिंग हो रही थी उसका इतिहास पहले से ही काफी भूतिया था। मशहूर कोरियोग्राफर सरोज खान की टीम और खुद बिपाशा बसू ने उस होटल में अजीबोगरीब अलौकिक गतिविधियों का अनुभव किया था। लोगों ने ऊपरी मंजिल से भारी फर्नीचर खिसकने की साफ आवाजें सुनी थी। जबकि सच्चाई यह थी कि उस इमारत में कोई ऊपरी मंजिल थी ही नहीं। इसी माहौल के बीच मालिनी ने एक जुनूनी, डरावनी और प्यार में पागल आत्मा का वो किरदार निभाया जिसने भारतीय हॉरर सिनेमा की पूरी परिभाषा ही हमेशा के लिए बदल कर रख दी। राज में उनका मासूम चेहरा और अचानक एक डरावनी आत्मा में बदल जाना दर्शकों के ज़हन में हमेशा के लिए छप गया था। फिल्म का मशहूर गाना आपके प्यार में हम संवरने लगे। जिसे अलका याग्निक ने अपनी मखमली आवाज में रिकॉर्ड किया था।

मालिनी शर्मा की खूबसूरती का एक अमर प्रतीक बन गया। हालांकि फिल्म में उनके डायलॉग्स मशहूर डबिंग आर्टिस्ट नम्रता साहनी ने बोले थे। लेकिन मालिनी के एक्सप्रेशंस इतने दमदार थे कि उन्हें 2003 के जी सिने अवार्ड्स में बेस्ट फीमेल डेब्यू का बड़ा पुरस्कार हासिल हुआ। फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर 37 करोड़ से ज्यादा की बंपर कमाई की और ब्लॉकबस्टर साबित हुई। लेकिन कामयाबी के इस बहरे कर देने वाले शोर के बीच उनकी निजी जिंदगी में एक भयंकर खामोशी छा रही थी। मालिनी ने अपने मॉडलिंग के दिनों में ही साल 1997 में बेहद आकर्षक मॉडल और एक्टर प्रियांंशु चटर्जी से शादी की थी। दिलचस्प बात यह थी कि साल 2001 में प्रियांंशु की फिल्म तुम बिन ने भी उन्हें रातोंरात सुपरस्टार बना दिया था। लेकिन ठीक उसी वक्त जब इन दोनों का करियर आसमान छू रहा था। साल 2001 में इनका वैवाहिक रिश्ता हमेशा के लिए बुरी तरह टूट गया और दोनों का तलाक हो गया। सफलता के सबसे ऊंचे शिखर पर होने के बावजूद निजी जिंदगी का यह दर्दनाक बिखराव मालिनी के लिए एक ऐसा दौराहा बन गया जिसने उनके सोचने का नजरिया ही जड़ से बदल दिया। राज की सुपर डुपर हिट कामयाबी के बाद मालिनी के पास बड़ी फिल्मों की लाइन लग गई थी। लेकिन बॉलीवुड की राजनीति, यहां का खोखलापन और अहंकार अब उन्हें चुभने लगा था। इसी दौरान एक ऐसी घटना घटी जिसने शायद फिल्म इंडस्ट्री से उनके मोहभंग को पूरी तरह पुख्ता कर दिया। 21 फरवरी 2003 को मुंबई में आयोजित 48वें फिल्म फेयर अवार्ड्स में मालिनी शर्मा मंच की एंकरिंग कर रही थी। वह एक उभरती हुई स्टार थी। लेकिन तभी बॉलीवुड के सुपरस्टार शाहरुख खान मंच पर आए और बेहद अपमानजनक तरीके से मालिनी के हाथ से माइक छीन लिया ताकि उन्हें अपनी बात पूरी करने से रोका जा सके। लिसन आई टू दी पीपल वन सेकंड प्लीज। प्लीज सर। व्हाट्स योर नेम? मालिनी। या मालिनी आई विल टेल द ऑर्गेनाइजर्स। प्लीज कैन आई जस्ट स्पीक प्लीज। ऑलराइट इफ यू वांट टू स्पीक देन फाइन। थैंक यू। मालिनी ने अपनी तरफ से पूरी शालीनता दिखाई और कहा कि उनके पास भाषण देने का समय नहीं है। लेकिन फिर भी उन्हें अपनी बात पूरी किए बिना ही मंच से नीचे जाना पड़ा। फिल्मफेयर का यह वाकया बॉलीवुड के उस कड़वे सच का आईना था जहां नए कलाकारों को बड़े और स्थापित सितारों के अहंकार का सरेआम शिकार होना पड़ता है। शायद इसी घटना ने उनके अंदर यह साफ कर दिया कि उन्हें इस टॉक्सिक माहौल का हिस्सा नहीं बनना है। इसके बाद उन्होंने विक्रम भट्ट की ही फिल्म गुनाह साइन की थी। जिसमें वो फिर से डीनो मोरिया के साथ लीड रोल में नजर आने वाली थी। सेट तैयार था। सब कुछ फाइनल था। लेकिन शूटिंग शुरू होने से ठीक 48 घंटे पहले मालिनी ने अचानक फिल्म छोड़ दी। जिसके बाद वह रोल बिपाशा बसू को मिल गया। यह कोई मजबूरी या नाकामी नहीं थी बल्कि कैमरे और मीडिया के दबाव से दूरी बनाने का एक बेहद बगावती फैसला था। एक्टिंग और स्टारडम को ठोकर मारने के बाद भी मालिनी शुरुआत में फिल्म मेकिंग के प्रोसेस से पूरी तरह अलग नहीं हुई। उन्होंने अपने अंदर की क्रिएटिविटी को जिंदा रखने के लिए कैमरे के सामने से हटकर कैमरे के पीछे का रुख किया। साल 2007 में फिल्म जस्ट मैरिड और 2008 में यशराज बैनर की फिल्म थोड़ा प्यार थोड़ा मैजिक में उन्होंने एक आर्ट डायरेक्टर के तौर पर बेहतरीन काम किया। लेकिन इसके बाद वह अचानक जैसे किसी धुंध में गायब हो गई। इंटरनेट और सोशल मीडिया के इस नए दौर में उनके गायब होने को लेकर अफवाहों का बाजार बुरी तरह गर्म हो गया। किसी ने कहा कि हॉरर फिल्म की भूतनी की इमेज के कारण वो टाइप कास्ट हो गई थी। तो किसी ने पत्रिकाओं में लिखा कि वह तलाक के गहरे डिप्रेशन में चली गई हैं और उन्होंने देश छोड़ दिया है। कुछ लोगों ने तो यहां तक झूठी खबरें फैला दी कि शायद वह अब इस दुनिया में ही नहीं है।

लेकिन सच्चाई इन सारी डरावनी मीडिया थ्योरी से कोसों दूर बेहद शांत और प्रेरणादायक थी। मालिनी जिंदगी से हारी नहीं थी। बल्कि उन्होंने दिखावे की दुनिया को छोड़कर शांति और नेचर की ओर अपना एक बिल्कुल नया कदम बढ़ा लिया था। माया नगरी, मुंबई की भीड़भाड़, बेतहाशा ट्रैफिक और टूटे रिश्तों से पूरी तरह ऊब चुकी मालिनी ने अपनी जिंदगी की तेज रफ्तार को धीमा करने का एक बहुत ही खूबसूरत फैसला किया। लगभग साल 2015 के आसपास उन्होंने मुंबई के वरसोवा इलाके में द स्लो लोकल नाम से एक नई शुरुआत की। जो हाथ कभी बड़े-बड़े फैशन शोज़ और फिल्मों में ग्लैमरस पोज़ देते थे, वो अब घर की ताजा बनी हुई ब्रेड गूंद रहे थे। उन्होंने अपने छोटे स्टॉल्स से ऑन ऑर्गेनिक जैम, ग्रनोला, पीनट बटर और साउथ इंडियन फिल्टर कॉफी बनाना और बेचना शुरू किया। यह उनके लिए कोई बहुत बड़ा कॉर्पोरेट बिजनेस या करोड़ों का व्यापार नहीं था। बल्कि अपनी आत्मा से दोबारा जुड़ने और स्लो लिविंग की कला को अपनाने का एक जरिया था। लेकिन मुंबई का कंक्रीट का जंगल भी शायद उनके आजाद पंछी जैसे बेचैन मन को पूरी तरह शांत नहीं कर पा रहा था। वो कुछ और गहरा कुछ और असली तलाश रही थी जो उन्हें शहर की सरहदों के पार मिलने वाला था। और फिर आया साल 2020 जब पूरी दुनिया कोविड-1 महामारी के खौफ में अपने घरों में कैद थी और जिंदगी के असली मायने ढूंढ रही थी। इसी दौर में मालिनी शर्मा ने अपनी जिंदगी का सबसे बड़ा कदम उठाया। उन्होंने मुंबई की भागदौड़ को हमेशा के लिए अलविदा कह दिया और पुणे से लगभग 2 घंटे की दूरी पर स्थित महाराष्ट्र की पहाड़ियों में अपना नया और एकांत आशियाना बना लिया। उन्होंने वहां एक जमीन खरीदी जो कोई मामूली वीकेंड फार्म हाउस नहीं था। आज मालिनी शर्मा कोई ग्लैमरस सेलिब्रिटी नहीं बल्कि एक पूरी तरह से समर्पित किसान और प्रकृतिवादी बन चुकी हैं। इसी शांत माहौल में वह एक तीन बीएचके विला के जरिए अपना फार्मर स्टे चलाती हैं। जहां शहर की थकान मिटाने लोग आते हैं। एक Instagram वीडियो में उन्होंने बेहद सरलता और बेबाकी से कबूल किया कि शुरुआत में खेती करने में उनसे बहुत गलतियां हुई और उनका उत्पादन भी खराब था। लेकिन धीरे-धीरे वह बेहतर हो गई। आज उनके लिए बॉक्स ऑफिस कलेक्शन या करोड़ों का मुनाफा मायने नहीं रखता बल्कि हर रोज के खाने के लिए पर्याप्त और ताजी सब्जियां उगा पाना उनकी सबसे बड़ी चुनौती और उपलब्धि है। यह फार्म स्टे सिर्फ एक ठहरने की जगह नहीं है बल्कि यह एक मेंटल हेल्थ रिट्रीट की तरह भी काम करता है। जहां शहर के भारी तनाव से जूझ रहे मेहमानों को सुकून देने की थेरेपी दी जाती है और वहां मौजूद एक खूबसूरत लाइब्रेरी में लोग शांति से किताबें पढ़ सकते हैं। करीब 23 साल के एक बहुत लंबे अज्ञात वास के बाद जब फैंस ने उन्हें ढूंढने की लगभग पूरी उम्मीद छोड़ दी थी, तब साल 2023-24 के आसपास द स्लो लोकल डायरीस के जरिए Instagram पर उन्होंने दोबारा कैमरे का सामना किया। और हाल ही में उनके कुछ वीडियोस वायरल हुए, जिनमें उन्हें देखकर लोग हैरान रह गए। वीडियो में कोई भारी मेकअप नहीं था, ना कोई फैंसी कपड़े थे और ना ही कोई लिखी हुई स्क्रिप्ट थी। बस एक सफेद बालों वाली महिला थी जिसके चेहरे पर उम्र की खूबसूरत लकीरें और एक गजब का सुकून था।

उन्होंने सीधे कैमरे में देखते हुए कहा हाय मैं मालिनी हूं। राज के 23 साल बाद फिर से कैमरे का सामना कर रही हूं। आप में से जो लोग यह सोच रहे थे कि मैं कहां गायब हो गई तो मैं बता दूं कि मैं जिंदा हूं। एक मुस्लिम फैन से बातचीत के दौरान उन्होंने खुलासा किया कि वह खुद भी आधी मुस्लिम है और उन्होंने एक पठान से शादी कर ली है। जब उनसे पूछा गया कि क्या वह अपने एक्स हस्बैंड प्रियांंशु चटर्जी के संपर्क में हैं तो उन्होंने बिना झिझक के कहा बिल्कुल नहीं। उनकी यह बातें चीख-चीख कर कह रही थी कि डिप्रेशन और अकेलेपन की सारी कहानियां सिर्फ बकवास थी और वह अपनी जिंदगी में एक बेहद खूबसूरत मुकाम पर हैं। समाज और मीडिया को हमेशा यही लगता है कि अगर कोई सितारा लाइमलाइट और कैमरों से दूर जाता है तो वह हार गया है। लेकिन मालिनी शर्मा ने यह साबित कर दिया है कि कभी-कभी खुद को खोने से बचाने के लिए दुनिया की नजरों से गायब हो जाना ही इंसान की सबसे बड़ी जीत होती है। आज मालिनी शर्मा कोई अनसुलझा या डरावना राजस नहीं है बल्कि वह एक खुली शांत और बेहद खूबसूरत किताब बन चुकी हैं। जिसे सिर्फ वही पढ़ सकता है जो सन्नाटे की भाषा समझता हो। ग्लैमर की झूठी मुस्कान से लेकर मिट्टी से सने हाथों तक का उनका यह सफर कोई नाकामी नहीं बल्कि इंसान का अपने वजूद से दोबारा मिलने का एक जश्न है। और दोस्तों अगर आपको बॉलीवुड के इन अनकही कहानियों और गहरे राजों को जानना पसंद है तो अभी इस वीडियो को लाइक करें और हमारे चैनल को सब्सक्राइब करके बेल आइकन दबाना ना भूलें। ने

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