जनवरी 2020 में केरल के तिरुवनंतपुरम की रहने वाली करमाला मोडेक्स नामक एक 45 वर्षीय महिला ने मशहूर पार्श्व गायिका अनुराधा पौडवाल पर अपनी जैविक मां होने का दावा करते हुए जिला परिवार अदालत में एक मुकदमा दायर किया था, जिसमें उनका कहना था
कि 1974 में जन्म के मात्र चार दिन बाद अनुराधा और उनके दिवंगत पति अरुण पौडवाल ने अपने व्यस्त करियर के चलते उन्हें पोन्नाचन और एग्नेस नामक दंपति को सौंप दिया था। करमाला के अनुसार, उनके पालक पिता पोन्नाचन ने अपनी मृत्यु से पहले उन्हें यह राज बताया था,
जिसके आधार पर उन्होंने अदालत में खुद को अनुराधा पौडवाल की कानूनी बेटी घोषित करने, डीएनए टेस्ट कराने और मुआवजे के रूप में 50 करोड़ रुपये की मांग की थी। हालांकि, अनुराधा पौडवाल ने इन सभी दावों को पूरी तरह से खारिज कर दिया था और मामला सामने आने के बाद इस कार्यवाही को तिरुवनंतपुरम से मुंबई ट्रांसफर करने हेतु सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की गई, जिस पर अदालत ने आगे की कार्यवाही पर रोक लगा दी थी।
जनवरी 2020 में जब यह पूरा विवाद सामने आया था, तब मशहूर पार्श्व गायिका अनुराधा पौडवाल करीब 70 साल की थीं, और उसी दौरान केरल के तिरुवनंतपुरम की रहने वाली 45 वर्षीय करमाला मोडेक्स नामक महिला ने उन पर अपनी जैविक मां होने का सनसनीखेज दावा करते हुए जिला परिवार अदालत में मुकदमा दायर किया था। करमाला का कहना था कि 1974 में जन्म के मात्र चार दिन बाद अनुराधा और उनके दिवंगत पति अरुण पौडवाल ने अपने व्यस्त करियर के चलते उन्हें पोन्नाचन और एग्नेस नामक दंपति को सौंप दिया था,
और इस बात का खुलासा उनके पालक पिता ने अपनी मृत्यु से पहले किया था। इसी आधार पर करमाला ने अदालत में खुद को गायिका की कानूनी बेटी घोषित करने, डीएनए टेस्ट कराने और मुआवजे के रूप में 50 करोड़ रुपये की मांग की थी, जिसे अनुराधा पौडवाल ने पूरी तरह से खारिज कर दिया था और बाद में इस मामले की कार्यवाही को मुंबई ट्रांसफर करवाने के लिए सुप्रीम कोर्ट का रुख किया गया था, जहाँ अदालत ने आगे की कार्यवाही पर रोक लगा दी थी।