सोशल मीडिया पर एक वीडियो जमकर वायरल हो रहा है। वीडियो दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट के टर्मिनल टू का बताया जा रहा है। वायरल वीडियो में तेज हवा और बारिश के कारण Air इंडिया के तीन खड़े विमानों को नुकसान पहुंचा।
ग्राउंड सपोर्ट इक्विपमेंट के टकराने से यह हादसा हुआ जिसके बाद विमान सेवा से हटाने पड़े। दरअसल मामला 7 जून की शाम का है। दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट के टर्मिनल टू पर मौसम ने अचानक ऐसा भयंकर रूप लिया कि पूरे परिसर में हड़कंप मच गया। बिना किसी पूर्व अलर्ट या चेतावनी के आए इस भयंकर तूफान और तेज हवाओं ने एयरपोर्ट पर खड़े एयर इंडिया के तीन विमानों को भारी नुकसान पहुंचाया है। बताते चले कि दिल्ली एनसीआर में रविवार को दिन में तेज धूप और 39° सेल्सियस की गर्मी के बाद मौसम में अचानक बदलाव देखने को मिला।
दिल्ली एनसीआर के कई इलाकों में जमकर बारिश हुई। एयरपोर्ट के सूत्रों के अनुसार रविवार शाम करीब 4:40 पर हवा इतनी तेज थी कि पार्किंग स्टैंड पर रखे गए भारी ग्राउंड सपोर्ट उपकरण अपनी जगह से खिसक गए। इंडिगो इंजीनियरिंग और एयरक्राफ्ट इंडिया इंजीनियरिंग की एक स्टेप लेडर और एक ट्रेस्टल तेज हवाओं के दबाव में बहकर एयर इंडिया के तीन सिंगल ऑल विमानों में जा टकराए। इंडिगो के सूत्रों का कहना है कि उनके उपकरण सुरक्षित तरीके से बंधे थे। लेकिन हवा का दबाव इतना ज्यादा था कि वे टूट कर खिसक गई। रविवार को दिल्ली में मौसम में अचानक बदलाव देखने को मिला। दिनभर तेज धूप के बाद हल्की बारिश हुई।
शाम तक इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट इलाके में बारिश हुई जिससे स्थानीय मौसम के हालात में बड़ा बदलाव आया। इंडिया मेयरोलॉजिकल डिपार्टमेंट के शेयर किए गए डाटा के मुताबिक रविवार सुबह शाम का कम से कम तापमान 27.7° सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। दिल्ली आईजीआई एयरपोर्ट के पास के इलाकों में धूल भरी आंधी, तूफान और बारिश हुई जिसकी वजह से दिन भर की उमस और गर्मी से काफी राहत मिली है।
इस बड़े हादसे के बाद क्षतिग्रस्त हुए तीनों विमानों की जांच और मरम्मत के लिए उन्हें तुरंत उड़ान भरने से रोक दिया गया है। सूत्रों ने बताया कि एक विमान में काफी ज्यादा नुकसान हुआ है। जिसकी मरम्मत में लंबा समय लगेगा। वहीं अन्य दो विमानों की मरम्मत कर उन्हें इसी हफ्ते दोबारा उड़ान के लिए तैयार किए जाने की उम्मीद है। एयरपोर्ट ऑपरेटर के सूत्रों के मुताबिक ग्राउंड इक्विपमेंट अचानक आई तेज हवाओं की वजह से अपनी जगह से खिसक गई और टर्मिनल टू पर पार्क विमानों से जा टकराई। सूत्रों ने बताया कि सिर्फ Air इंडिया के विमान ही नहीं बल्कि अन्य ऑपरेटर्स के विमान भी खराब मौसम की मार से प्रभावित हुए हैं। हालांकि अभी तक आधिकारिक तौर पर अन्य एयरलाइंस के नुकसान की पुष्टि नहीं हुई है।
यह घटना दिल्ली एयरपोर्ट पर ग्राउंड सेफ्टी को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े करती है। एटीसी की तरफ से कोई अलर्ट ना मिलने का मुद्दा डीजीसीए की जांच का प्रमुख बिंदु बनने की उम्मीद है। तेज हवाओं के दौरान ग्राउंड इक्विपमेंट को सुरक्षित तरीके से पार करने की जिम्मेदारी एयरपोर्ट ऑपरेटर और एयरलाइंस दोनों की होती है। तीनों क्षतिग्रस्त विमानों की इंजीनियरिंग जांच के बाद ही तय होगा कि यह दोबारा कब उड़ान भर पाएंगे। सभी एयरलाइंस और एयरपोर्ट अधिकारी हैरान हैं कि इतने बड़े तूफान की कोई एडवांस पूर्व चेतावनी क्यों नहीं दी गई। अगर मौसम विभाग की तरफ से चेतावनी मिलती तो सभी स्टेक होल्डर्स ग्राउंड उपकरणों को रनवे पर सुरक्षित कर सकते थे।
जिससे यह हादसा टल सकता था। बता दें कि इसी साल जनवरी में घने कोहरे के बीच न्यूयॉर्क से दिल्ली आया एयर इंडिया का सबसे नया और फ्लैकशिप विमान एयर बस A350 भी टैक्सी करते समय रनवे पर एक लावारिस बैगेज कंटेनर से टकरा गया था।