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सोनम वांगचुक पर दिल्ली हाईकोर्ट में सुनवाई! पत्नी ने खोले बड़े राज !

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बिकॉज़ द लार्जर क्वेश्चन इज़ इफ अ पर्सन इज़ नॉट अंडर डिटेंशन अगर वह अपराधी नहीं है या उसके अगेंस्ट कोई केस नहीं है और वो यह कह रहा है कि मुझे अपने चॉइस के अस्पताल में जाना है तो कोई रोक सकता है क्या यह सरकार कह सकती है कि क्या नहीं आपको हमारे सरकारी अस्पताल में ही इलाज कराना पड़ेगा और हमारा यह कहना है हाईकोर्ट के डिवीजनल बेंच का जो आर्डर है इज बीइंग मिसइंटरप्रेटेड देयर इज नो सच ऑर्डर ऑफ़ द हाईकोर्ट टू डिटेन मी एंड देयर कैन बी नो डिटेंशन इवन वेदर आई एम सिक और नॉट सिक इफ देयर इज़ नो केस अगेंस्ट मी।

सो टुडे हाई कोर्ट हैज़ हर्ड बोथ साइड्स। इट हैज़ पास्ड अ लॉन्ग ऑर्डर। उसमें उन्होंने बहुत सारी बातें बोली हैं। हाईकोर्ट हैज़ आस्क्ड देम टू आल्सो शेयर रिपोर्ट्स विथ हर। हमने ये भी कंप्लेंट की कि साहब वहां का एटमॉस्फेयर बहुत खराब है। देयर आर 30 पुलिसमैन स्टैंडिंग नियर और आउटसाइड ह रूम। 100 पुलिसमैन स्टैंडिंग इन द ग्राउंड फ्लोर सम प्लेस जैसा इन्हने मुझे बताया। तो आप बताइए कि कोई पेशेंट का अगर ब्लड प्रेशर ऐसी स्थिति में ऊपर नहीं जाएगा तो क्या नीचे जाएगा? तो सुमन मानचुक जी को अगर रिकवर रिकवर रिकवर भी करना है। उसके लिए भी तो हमको अपना अपना एनवायरमेंट चाहिए।

हमको अपने डॉक्टर्स चाहिए। हम ऐसा नहीं कि हमको कोई ट्रस्ट नहीं है सफदर जंग में या एम्स में। बट आज के दिन उनकी फैमिली ने क्लियरली बोला है और सुपरिटेंडेंट ने भी बोला वो जॉइ थी कि उन्होंने कहा बार-बार कहते हैं कि हमको आपको आपकी हॉस्पिटल पे ट्रस्ट नहीं है। हमको सरकार पे ट्रस्ट नहीं है। सबको सरकारी व्यवस्था पे उनको ट्रस्ट नहीं है और और वो इंडिया के वन ऑफ द फेमस एंड वन ऑफ द बेस्ट हॉस्पिटल वेदता जाना चाहते हैं और वेदांता से इन्होंने बात कर ली है। तो इनको रोका क्यों जा रहा है? यह लार्जर क्वेश्चन है। अब हम लोग हम लोग जा रहे हैं इन अपील। वी विल बी गोइंग बिफोर द डिवीजन बेंच टुमारो एंड वी वांट टू आस्क द डिवीज़न बेंच थ्रू थ्रू द एलपीए दैट वी विल फाइल द रिट अपील दैट वी विल फाइल कि सर डज़ माय डज़ अ पर्सन और एन इंडिविजुअल डजंट ही हैव अ चॉइस टू चूज़ हज़ हॉस्पिटल टू चूज़ हज़ डॉक्टर।

यही कपिल सिवल जी बार-बार बोलते रहे आज कि भाई मेरी बॉडी है मेरा मेरा मेरी फैमिली है मेरे को रिकवर होना है और आप कैसे कोफोर्स कर सकते हो कि मैं आपके कहे अनुसार डॉक्टर्स के पास रहूं आपके अस्पताल में रहूं आप क्या इंटिमिनियंस वो दे रहे हैं मुझे नहीं मालूम वो कह रहे थे कि क्योंकि हमें उनकी हेल्थ की बहुत परवाह है और उनकी हेल्थ डिटेररेट हो रही थी इसलिए हमने उनको लाया लेकिन ये दोनों बातें गलत हैं। उनकी फ़र्स्ट ऑफ़ ऑल कोई हेल्थ डिटेलरेट नहीं हो रही थी। अगर आप अह उसके 1 दिन पहले की शाम की रिपोर्ट्स देखें, तो वह बिल्कुल नॉर्मल थी।

वो पोटैशियम 4.3 था। बाकी भी सारे पैराटर्स नॉर्मल थे। दैट्स नंबर वन। नंबर टू। अगर आपको उनकी हेल्थ की इतनी ही चिंता है तो आपने सिविलियन ड्रेस में पुलिस क्यों क्यों भेजा और इतनी बेरहमी से क्यों क्यों उनको उठा के स्ट्रेचर में डाला और लेके गए? आप प्रॉपर्ली आके एक मेडिकल टेस्ट कर सकते थे और आप उनकी फैमिली को कह सकते थे कि यह लो है इसलिए हम ले जाना चाहते हैं। वो तरीका होता है एक डेमोक्रेसी में अगर आप ट्रूली उनकी हेल्थ के लिए चाहिए थे। तो विदाउट मिंसिंग वर्ड्स मैं ये कहना चाहूंगी कि ये सब नौटंकी है कि ये हम हेल्थ के लिए चिंतित हैं और यह हैं। उनको बस डर था कि अगर कल मार्च में सोनम निकल पड़े तो लाखों साथ में जुड़ जाएंगे।

सिर्फ दिल्ली में ही नहीं पूरे देश भर में और उनको यह रोकने की वो कोशिश कर रहे हैं। लेकिन उनको यह नहीं पता कि सोनम के होने से जितने लोग आते थे और आने वाले हैं उनके ना होने से उसके दुगने लोग आएंगे। उससे दुगना जोश होगा क्योंकि यह जिसके हम अगेंस्ट लड़ रहे हैं एजुकेशन सिस्टम में वो हमें हर जगह दिखाई दे रहा है। मिसयूज ऑफ पुलिस फोर्स, मिसयूज ऑफ जुडिशरी, मिसयूज ऑफ यू नो एजुकेशन सिस्टम, मिसयूज़ ऑफ़ मीडिया हर जगह हमको यही दिख रहा है। तो ये इससे और भी हाईलाइट हो गया कि ये कैसे उनकी हेल्थ के लिए नहीं था। और दूसरी बात यह है कि अगर वो जब आए सुबह उनको लेके आए 7:30 बजे उन्होंने कहा कि उनका पोटेशियम 2.9 है और मैंने कहा कि पिछले शाम ही 4.3 था 2.9 नहीं हो सकता तो हम एक इंडिपेंडेंट लैब से भी चेक करवाना चाहते हैं। तो अगर इतने ही वो उनके हेल्थ के लिए उनकी परवाह थी तो उनको वो सैंपल देने में 10 घंटे क्यों लगे?

सुबह 10:00 बजे से मैंने वो सैंपल मांगा था ब्लड का कि मैं बाहर चेक करवाऊंगी। लेकिन वो रात को 10:30 मुझे मिला जब सारी लैब्स बंद हो चुकी थी। मैं 12:30 तक ढूंढ-ढूंढ के कल लैब्स में जाके मैंने उसको चेक करवाया और फिर देखा कि वो बिल्कुल प्रॉब्लम थी ही नहीं पोटैशियम की वो 3.6 थी। तो कैसे एक हॉस्पिटल और उनकी खुद की रिपोर्ट भी कह रही है कि 3.4 थी। तो कैसे उनकी सुबह की रिपोर्ट 2.9 कह रही है और अभी 3.4 हो गया। है ना? यह दूसरी बात है।

तो इसलिए ये सब और सेकंडली जो उनके डॉक्टर्स हैं उनको उनको मिलने भी नहीं दिया जा रहा। जो उनके डॉक्टर्स हैं और जो हम अपने डॉक्टर्स के साथ उनका मशवरा करवाना चाहते हैं। वो कहते हैं कि हम गवर्नमेंट हॉस्पिटल हैं। हम प्राइवेट डॉक्टर्स से नहीं मिलना चाहते हैं। तो हम अपने डॉक्टर्स को जहां हमें कंफर्टेबल है हम वहां जाना चाहते हैं। क्योंकि कल रात को उनका ब्लड प्रेशर अगर आप रिपोर्ट देखेंगे तो जो हमेशा 110 / 70 रहता था। कल 12 25/85 हो गया। क्योंकि ऐसा माहौल वहां क्रिएट किया जा रहा है। और सेकंडली जैसे सर ने कहा अब रूम से बाहर निकलो तो पुलिस है। वो जो ग्लास के वो हैं दरवाजे में वहां से दिन भर पुलिस देखती रहती है। कई बार मैं जब अंदर होती हूं तो एक पुलिस कांस्टेबल वहां अंदर खड़ी रहती है।

तो मुझे तो वैसा ही माहौल लग रहा है जैसे जोधपुर जेल में होता था जब मैं मिलने जाती थी और एक पुलिस कांस्टेबल हमेशा रहती थी। तो ये क्वेश्चन है कि ये क्या इललीगल डिटेंशन है बिना और हम जब कहते हैं पुलिस को कि जैसे मेरा फोन नहीं ले जाने देते सोनम को उनकी टेबलेट चाहिए थी उनको उनके Samsung की ताकि वो लिख पढ़ सके वो नहीं देने दिया और जब हम पूछते हैं कि आपके पास कहां ऑर्डर्स हैं हमें दिखाइए। किस ऑर्डर के बेसिस पे आप यह सब चेकअप कर रहे हो तो उनके पास कोई रिटन ऑर्डर्स भी नहीं है।

तो यह एक अनसेड इललीगल डिटेंशन के जैसे इसको यह किया जा रहा है और यह बहुत ही बुरा टाइम देश के लिए चल रहा है। जब एक इंसान अपने हिसाब से अपने चॉइस के हॉस्पिटल में जहां उसको अच्छा लगे जहां वो खुश हो वहां नहीं वो ट्रीटमेंट ले सकता लेकिन गवर्नमेंट डिसाइड करेगी कि उनको कहां करना है और यह कहते हुए कि उनकी हेल्थ ये है लेकिन उनकी हेल्थ की उनको कोई चिंता नहीं है जो उनके एक्शन से हमें दिखाई देता है। साहब ने कहा कि वहां पे पुलिस कोर्ट ने कोई डायरेक्शन दिया है कि पुलिस को हटाया जाए।

या कोई बात और यह भी कहा गया मैम कि मेदता या फिर कोई भी निजी अस्पताल के डॉक्टर कंसल्ट कर सकते हैं हॉस्पिटल के डॉक्टर से अगर आपको कोई भी वो नहीं अलव कर रहे कि हमारे डॉक्टर्स उनको कंसल्ट कर सके लेकिन हमने उनको ऑफर किया कि हम मेदांता में आपके और डॉक्टर्स को कंसल्ट करने देना चाहेंगे आई विल कीपनी इस मौसम में बिल्कुल सीए हुए हैं क्योंकि मुझे बहुत पसीना आ रहा है।

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