सलमान खान स्टारर मातृभूमि सिनेमाघरों में अब तक रिलीज़ नहीं हो पाई है। मगर इस बात से इंकार नहीं किया जा सकता कि उन्होंने इस प्रोजेक्ट के लिए खूब खून पसीना बहाया है। आर्मी ऑफिसर्स के किरदार में ढलने के लिए उन्होंने लो लेवल ऑक्सीजन में ट्रेनिंग के साथ खाने में कटौती और तमाम तरह के फिजिकल ट्रांसफॉर्मेशन किए। वो भी तब जब वो खुद शूटिंग के वक्त लगातार घायल रहे थे।
मातृभूमि के 40% हिस्से को दोबारा शूट किया गया है। मगर इन बदलावों से पहले यह एक कॉम्बैट सेंट्रिक मूवी थी। तब इसकी कहानी पूरी तरह भारत और चीन के बीच हुए गलवान वैली हिंसक झड़प पर आधारित थी। इसलिए सलमान ने उस मूवी के लिए महीनों पहले से ट्रेनिंग शुरू कर दी थी। बॉलीवुड हंगामा ने सूत्रों के हवाले से बताया सलमान खान ने मातृभूमि के लिए जबरदस्त फिजिकल ट्रांसफॉर्मेशन किया था। उन्होंने लद्दाख के ऊंचे इलाकों में कड़ी ट्रेनिंग की। इसमें इंटेंस एक्सरसाइज के अलावा वेटलिफ्टिंग भी शामिल थी।
यह हाल के सालों में उनका सबसे कठिन फिटनेस रिजीम था। जो रोल के लिए उनके कमिटमेंट को दर्शाता है। लद्दाख वाला शूटिंग शेड्यूल करीब 45 दिनों तक चला था। इस दौरान सलमान खुद घायल थे। उन्होंने कुछ एक मौकों पर मीडिया से बात करते हुए बताया था कि उनका शरीर तब भयंकर दर्द से जूझ रहा था। सूत्रों ने कहा कई तरह की इंजरी से लड़ते हुए भी उन्होंने अपना काम पूरा किया। उस कंडीशन में भी इतनी इंटेंसिटी, डिसिप्लिन और पैशन के साथ ट्रेनिंग करने का काम सिर्फ सलमान खान ही कर सकते हैं।
पिछले साल जुलाई में सलमान इंडियन सुपर क्रॉस रेसिंग लीग के एक इवेंट में गए थे। वहां प्रेस ने उनसे मातृभूमि तब उसे बैटल ऑफ गलवान कहा जा रहा था। फिल्म के बारे में पूछा था। वहां सलमान ने अपना फर्स्ट हैंड एक्सपीरियंस बताते हुए कहा था कि यह मूवी उनके लिए फिजिकली डिमांडिंग थी। पहले वह सारा काम जल्दी निपटा लेते थे। मगर अब उनकी दिक्कतें बढ़ती जा रही है। उन्होंने बताया कि वह एक्शन करते-करते बेहोश नहीं होना चाहते। इस वजह से वह लगातार किक बॉक्सिंग की ट्रेनिंग ले रहे हैं।
इसके अलावा उन्हें करीब 7 दिनों तक ठंडे पानी के अंदर भी काम करना पड़ा था। हालांकि ये तब की बात है जब फिल्म की इतनी कांट छांट नहीं हुई थी। अब इस पर खूब कैंची चल चुकी है। ऐसे में दर्शकों को सलमान के इस ट्रांसफॉर्मेशन और एक्शन का कितना हिस्सा स्क्रीन पर देखने को मिलेगा कहना कठिन है। जहां तक मातृभूमि की बात है मेकर्स ने अब तक उसे सेंसर बोर्ड के पास नहीं भेजा है। ना ही आर्मी या रक्षा मंत्रालय ने इसे अप्रूव किया है। एक बार वहां से सहमति मिल जाए सिर्फ तभी मेकर्स फिल्म की रिलीज़ डेट अनाउंस कर पाएंगे। यह तमाम जानकारी मेरे साथी शुभांजल ने जुटाई है। आपकी इस पूरी खबर पर क्या राय है? हमें कमेंट सेक्शन में जरूर बताइएगा। मैं हूं कनिष्का। देखते रहिए ललिन टॉप सिनेमा। शुक्रिया।