भारतीय राजनीति में अजीबोगरीब नामों और अनूठे प्रयोगों का दौर शुरू हो चुका है। हाल ही में चर्चा में आई कॉकरोच जनता पार्टी के बाद अब देश के सियासी मैदान से एक नई पार्टी की एंट्री हुई है।
नाम है चींटी जनता पार्टी। उत्तर प्रदेश के मेरठ शहर से इस अनोखी पार्टी का बिगुल फूंका गया है। जिसका मुख्य मकसद कॉकरोच जनता पार्टी की तरह देश से भ्रष्टाचार का खात्मा करना है। चींटी जनता पार्टी की नींव रखी है मेरठ के रहने वाले एडवोकेट अनूप राघव ने। अनूप राघव राजनीति में कोई नया चेहरा नहीं है।
वह पहले बीजेपी श्रम प्रकोष्ठ के प्रदेश उपाध्यक्ष रह चुके हैं। साल 2014 के बाद से बीजेपी में निष्क्रिय चल रहे राघव ने अब कॉकरोच जनता पार्टी के जवाब में इस चींटी जनता पार्टी का गठन किया है।
उनका मानना है कि जिस तरह साल 1857 में देश के पहले स्वतंत्रता संग्राम की क्रांति मेरठ की धरती से शुरू हुई थी, ठीक उसी तरह भ्रष्टाचार के खिलाफ इस नई क्रांति की शुरुआत भी मेरठ से ही होगी। सिर्फ नाम ही नहीं इस पार्टी के वादे और नारे भी बेहद दिलचस्प हैं। पार्टी ने जनता के सामने पांच सूत्रीय एजेंडा रखा है। सीजेपी का वादा है कि वह किसानों को लागत पर 50% मुनाफे के साथ एमएसपी की गारंटी दिलाएगी।
इसके अलावा मजदूरों को मजदूर सम्मान कार्ड के जरिए हर महीने ₹12,000 न्यूनतम मजदूरी। गांव रोजगार मिशन के तहत हर ग्राम पंचायत में 100 नए रोजगार और 12वीं तक मुफ्त शिक्षा के साथ हर गांव में डिजिटल स्मार्ट क्लास बनवाने का संकल्प लिया गया है। साथ ही उन्होंने भ्रष्टाचार पर लगाम कसने के लिए पार्टी ने हर सरकारी दफ्तर में सीसीटीवी कैमरे लगाने यानी चींटी की नजर रखने और 24 घंटे चलने वाली भ्रष्टाचार हेल्पलाइन शुरू करने की बात कही है।
फिलहाल इस पार्टी की सदस्यता फीस महज ₹10 रखी गई है। एडवोकेट अनूप राघव का कहना है कि चुनाव आयोग में पार्टी के रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है और उनकी पार्टी पूरी ताकत के साथ चुनाव भी लड़ेगी।
अब देखना दिलचस्प होगा कि बड़े-बड़े सियासी सुरमाओं के बीच ईमानदारी का दावा करने वाली यह चींटी राजनीति में कितनी लंबी रेस तय कर पाती है।