Cli

अभिजीत दीपके ने मांगा शिक्षा मंत्री का इस्तीफा, वजह चौंका देगी।

Uncategorized

के पास है। पानी इधर महाराष्ट्र के अलग-अलग जिलों में सरकारी स्कूल किस स्थिति में हैं? यह बानगी है। देख लीजिए। यह सारे वीडियो कॉकरोच जनता पार्टी के संयोजक अभिजीत दीपे ने अपने एक्स अकाउंट से शेयर किए। जिसमें उन्होंने स्कूलों की खराब कंडीशन दिखाकर सरकार और खासतौर पर महाराष्ट्र के शिक्षा मंत्री पर सवाल उठाए हैं। नहीं वहां पर हम बोलेंगे कि पहले सबसे पहले बेंचेस दो क्योंकि जितने भी एजुकेशन डिपार्टमेंट में जो ऑफिशियल्स काम करते हैं उनके बच्चे तो बेंचेस फ्री बैठते होंगे ना प्राइवेट स्कूल में आपको जिम्मेदारी क्या दी थी? आपको जिम्मेदारी दी थी स्कूल अच्छे करने के लिए सरकारी आपने क्या किया? किए आपने अच्छे आपने नहीं किए। आप अपने बच्चों को भेजते हो प्राइवेट स्कूलों में और आपके बच्चे को मिलती है डिजिटल क्लास रूम बेंचेस मिलते हैं। आरओ का पानी मिलता है।

लेकिन आपके पास जिन बच्चों की जिन स्कूलों की जिम्मेदारी दी थी उन स्कूलों में ना पानी आता है ना बेंचेस है ना डिजिटल क्लास रूम है तो आप अपना काम ठीक नहीं कर रहे हो तो आपको अपना काम ठीक करना पड़ेगा और अगर आप वो भी नहीं करोगे तो फिर तो यही करना पड़ेगा कि आपके बच्चों का एडमिशन यहां करवाना पड़ेगा जब सारे एजुकेशन डिपार्टमेंट के ऑफिशियल्स के बच्चे सरकारी स्कूलों में पढ़ने चले जाएंगे।

तब देखना अपने आप सारे स्कूल कैसे दो दिनों में ठीक हो जाएंगे क्योंकि जब इनके बच्चों की बात आएंगी ना तब इनको समझ में आएगा कि क्या झेलना पड़ता है गांव में पढ़ने वाले बच्चों अभिजीत दीपके ने महाराष्ट्र के शिक्षा मंत्री दादा भूसे के इस्तीफे की मांग की है।

आरोप लगाया है कि सरकारी स्कूलों की हालत खराब है। छात्रों के लिए बुनियादी सुविधाओं का अभाव है। कई साल तक सत्ता में रहने के बावजूद राज्य सरकार अभी तक सरकारी स्कूलों की स्थिति में सुधार करने में नाकाम रही है। आरोप यह भी है कि कुछ स्कूलों में छात्रों के साथ जानवरों से भी बदतर व्यवहार किया जा रहा है। यह छात्रों के जीवन का सवाल है। जब नेता छात्रों के लिए कुछ नहीं कर रहे हैं तो लोग उन्हें वोट क्यों दें? क्या लोग उन्हें इसलिए वोट देते हैं ताकि वह सिर्फ हेलीकॉप्टर में घूम सके।

लोगों को देखना चाहिए कि उनके बच्चे किस हाल में पढ़ रहे हैं। इन मंत्रियों के कुत्तों को भी इससे बेहतर सुविधा मिलती है। यह आरोप दीपके ने लगाए हैं। ऐसा दीपके का कहना है। इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक दीपके लातूर जिले के औसत तहसील के उजानी गांव के एक जिला परिषद स्कूल का दौरा करने पहुंचे थे। यह दौरा सीजेपी के स्कूल ठीक करो अभियान के तहत किया गया था। सीजेपी कह रही है कि उसका मकसद ग्राउंड जीरो पर जाकर शिक्षा के असल हालात को सामने लाना है। इस अभियान के बाद हिंोली जिले में एक स्कूल के शराबी प्रिंसिपल पर कारवाई हुई। उसे सस्पेंड कर दिया गया। आरोप था कि प्रिंसिपल दारू पीकर स्कूल आता था। यह मुद्दा दीपके ने उठाया था।

दीपके और उनकी पार्टी ने दिल्ली के जंतरमंतर पर करीब 1 महीने प्रदर्शन किया। नीट पेपर लीक को लेकर वह पूर्व केंद्रीय शिक्षा मंत्री मतलब तत्कालीन केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा मांग रहे थे और सीजेपी के विरोध प्रदर्शन के बीच 25 जुलाई को शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा दे भी दिया था। इसके बाद सीजेपी ने देश भर के स्कूलों को लेकर अभियान शुरू किया।

राजस्थान में सीजेपी प्रवक्ता आशुतोष राका ने एक स्कूल के का वीडियो बनाकर उसे एक्स पर शेयर किया। इसके बाद राजस्थान सरकार नया नियम लेकर आ गई जिसमें स्कूलों में बिना इजाजत बाहरी लोगों को एंट्री पर रोक लगा दी गई थी और इस बीच अब दीपके महाराष्ट्र के सरकारी स्कूलों का दौरा कर रहे हैं। स्कूल की खराब हालत को लेकर वहां के शिक्षा मंत्री का इस्तीफा मांग रहे हैं। अब देखना यह होगा कि इस मांग का कितना असर होता है। क्या स्कूलों की स्थिति ठीक होती है या फिर जस की तस बनी रहती है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *