बेटी बेटी होती है। बेटी का सम्मान होना चाहिए। मैं पिछले दिनों देख रहा था समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव की पुत्री के खिलाफ कुछ लोगों ने गलत टिप्पणियां की थी। जैसे मेरे संज्ञान में आया मैंने तत्काल पुलिस पुलिस से कहा। मैंने कहा इसमें एफआईआर दर्ज कराओ।
बेटी के खिलाफ कोई भी अपमानजनक टिप्पणी स्वीकार्य नहीं होनी चाहिए। बेटी बेटी होती है और हम तो संस्कार में पले फसे हैं जहां कहा जाता है कि गांव की बेटी सबकी बेटी गांव की बहन सबकी बहन। हमने तो कोई भेदभाव नहीं किया। लेकिन अखिलेश जी दूसरों को उपदेश देते हो। अपने चेले चपाटों को भी थोड़ा उपदेश दे दो कि अपनी भाषा को संयम कर लें।
दूसरों के प्रति टिप्पणी करने के पहले स्वयं भी सोचा करो कि उनके लोग किस प्रकार की भाषा का प्रयोग बहन और बेटियों के प्रति, बुजुर्गों के प्रति, दिवंगत लोगों के प्रति और वरिष्ठ नेताओं के प्रति करते हैं।
इसके बारे में उनको भी अपने लोगों को संस्कारित करने की आवश्यकता है। अच्छा होगा उनको समझाओ और नहीं समझ सकते तो हमारे हवाले कर दो। हम उनको अच्छी तरह समझा देंगे।