अगर बंगाल में बीजेपी जीत गई तो सबसे बड़ा सवाल मुख्यमंत्री कौन बनेगा? क्या कोई बड़ा चेहरा या फिर सरप्राइज़ नेम? पश्चिम बंगाल की राजनीति में अभी तक ममता बनर्जी का दबदबा रहा है।
2011, 16 और 21 लगातार तीन बार सीएम यानी एक ही तरह से स्ट्रांग होल्ड लेकिन इस बार बीजेपी वेस्ट बंगाल का ताज पहनती नजर आ रही है। तो अब पूरा गेम लगभग बदल चुका है। बीजेपी आमतौर पर पहले से सीएम फेस अनाउंस नहीं करती।
जीत के बाद लीडरशिप डिसाइड करती है। कई बार सरप्राइज़ नाम सामने आते हैं। इसलिए बंगाल में भी सस्पेंस बना हुआ है। लेकिन फिर भी कुछ नाम ऐसे हैं जो सीएम कैंडिडेट फेस के लिए सबसे आगे चल रहे हैं। दरअसल ममता बनर्जी ने पश्चिम बंगाल में 34 साल के वामपंथी शासन को 2011 में खत्म किया था।
वह तब से लगातार तीन बार मुख्यमंत्री रह चुकी हैं और यह उनका चौथा कार्यकाल होता। अगर वह इस बार भी जीत जाती तो पश्चिम बंगाल की पहली ऐसी मुख्यमंत्री बनती जिन्होंने लगातार चार बार विधानसभा चुनाव जीता हो। अब बात करते हैं बीजेपी के संभावित मुख्यमंत्री उम्मीदवारों की। सबसे पहले बात करते हैं शुभेंदु अधिकारी। मुख्यमंत्री पद की दौड़ में सबसे आगे माने जा रहे हैं। उन्होंने खुद को ममता बनर्जी के खिलाफ सबसे मुखर चेहरे के तौर पर पेश किया।
2020 में तृणमूल कांग्रेस यानी टीएमसी को छोड़कर बीजेपी में शामिल हुए अधिकारी को केंद्रीय नेतृत्व का सपोर्ट हासिल है। गृह मंत्री अमित शाह ने पब्लिकली उनकी तारीफ भी की थी। वह 2021 में नंदीग्राम विधानसभा सीट पर ममता बनर्जी को हराकर जीत हासिल कर चुके हैं। इसके अलावा अब बात करते हैं सामिक भट्टाचार्य की। पश्चिम बंगाल के बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष हैं और मुख्यमंत्री की रेस में शामिल हैं। वह एक आरएसएस कार्यकर्ता और राज्यसभा सांसद हैं।
उन्हें सुकांत मजूमदार की जगह प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया था। अब बात करते हैं लॉकेट चटर्जी की। बीजेपी सांसद और पार्टी की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष है। वह एक पूर्व एक्ट्रेस हैं और उन्हें एक प्रभावशाली महिला चेहरे के तौर पर देखा जा रहा है। वह अकेली बीजेपी की महिला नेता हैं जिनका नाम मुख्यमंत्री की रेस में चर्चा में है। इसके अलावा बात करते हैं निशीद प्रमाणिक की। एक युवा और उभरते हुए नेता हैं। वह युवा सांसद और पार्टी के सभी गुटों में उनकी अच्छी पकड़ मानी जाती है।
उनकी ममता बनर्जी के खिलाफ खड़े होने की क्षमता और संगठन में बढ़ती भूमिका उन्हें एक संभावित डार्क हॉर्स उम्मीदवार बनाती है। बीजेपी ने इस चुनाव में मुख्यमंत्री पद का कोई चेहरा अनाउंस नहीं किया था और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम और विकास एजेंडे पर चुनाव लड़ा है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने साफ किया था कि अगर बीजेपी जीतती है तो बंगाल का मुख्यमंत्री बंगाल में ही जन्मा हुआ। बंगाली भाषी और बंगाली माध्यम में पड़ा हुआ बीजेपी का नेता ही होगा। बंगाल का सीएम कौन होगा? होगा। यह पार्टी की पार्लियामेंट्री कमेटी तय करेगी।
एक्सपर्ट्स का मानना है कि बीजेपी सामूहिक नेतृत्व और लो लाइट चेहरे को प्रायोरिटी दे सकती है। जहां पार्टी के अंदर कई मजबूत नेता हो ताकि अंदरूनी गुटबाजी से बचा जा सके। तो अगर बीजेपी बंगाल जीतती है तो सीएम चेहरा लगभग क्लियर नहीं है।
लेकिन रेस में सबसे आगे शुभेंदु अधिकारी माने जा रहे हैं। अब देखना यह है कि क्या बीजेपी बंगाल में इतिहास बनाएगी और अगर बनाएगी तो चेहरा कौन होगा।