आखिर मनोज कुमार को क्यों कहते थे भारत कुमार? चौंका देगी असली वजह
साल 1965 कड़ाके की ठंड और चंडीगढ़ का एक सरकारी अस्पताल सफेद चादर से ढके एक छोटे से बेड पर एक वयोवृद्ध कमजोर बुजुर्ग महिला अपनी जिंदगी की आखिरी सांसे गिन रही थी। यह कोई आम महिला नहीं थी बल्कि भारत मां के उस लाडले की असली जन्मदात्री थी जिसने हंसते-हंसते फांसी के फंदे को […]
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