83 साल के अमिताभ बच्चन आज भी चैन से 7 घंटे की नींद नहीं ले पाते और दूसरी तरफ उनके बेटे अभिषेक बच्चन को लेकर अक्सर लोग कहते हैं कि वो अपने पिता जितनी सफलता हासिल नहीं कर पाए। ऐसे में सवाल उठता है आखिर इस उम्र में भी बिग बी इतनी मेहनत क्यों कर रहे हैं? दरअसल अमिताभ बच्चन ने अपने ब्लॉग में खुद बताया कि उनके लिए काम नींद से ज्यादा जरूरी बन चुका है। उन्होंने लिखा कि डॉक्टर उन्हें कम से कम 7 घंटे सोने की सलाह देते हैं क्योंकि शरीर को आराम और रिकवरी की जरूरत होती है।
लेकिन बिग बी का कहना है कि काम की जिम्मेदारियां ऐसी हैं कि नींद पीछे छूट जाती है। उन्होंने बताया कि रात की खामोशी में जब वह स्लाइड गिटार और सितार की मधुर धुनें सुनते हैं तो उन्हें आत्मिक शांति मिलती है। अमिताभ ने इसे आत्मा को ईश्वर से जोड़ने वाला एहसास बताया।
उनका कहना है कि संगीत उन्हें अंदर से मजबूत बनाता है और लगातार काम करने की ऊर्जा देता है। अमिताभ बच्चन ने अपने ब्लॉग में Apple के संस्थापक स्टीव जॉब की बात का जिक्र करते हुए लिखा कि इंसान को वही काम तुरंत करना चाहिए जो जरूरी है। उनका मानना है कि ध्यान भटकाने वाली चीजें इंसान को कमजोर बनाती हैं और सफलता सिर्फ फोकस से मिलती है। अमिताभ ने यह भी माना कि बढ़ती उम्र में लगातार काम करना आसान नहीं होता।
उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा कि क्रिएटिव लोगों के लिए सुबह का समय अच्छा हो सकता है। लेकिन उनके जैसे लोगों के लिए बिना थके लगातार काम करना एक बड़ी चुनौती है। वैसे असल में अमिताभ बच्चन की जिंदगी में एक ऐसा भी दौर आया था जब सब कुछ लगभग खत्म हो गया था। 1990 के दशक में उनका करियर लड़खड़ा गया था और उनकी कंपनी एबीसीएल भारी कर्ज में डूब गई थी।
उस मुश्किल दौर ने अमिताभ को सिखा दिया था कि जिंदगी में कभी रुकना नहीं चाहिए। शायद यही वजह है कि आज 83 साल की उम्र में भी अमिताभ बच्चन लगातार काम करने जबकि ज्यादातर लोग इस उम्र में पूरी तरीके से आराम करना पसंद करते हैं। हालांकि अमिताभ बच्चन का इस उम्र में आकर काम करना कहीं ना कहीं लोगों को भी रास नहीं आ रहा है। लोग चुटकी लेते हुए कह रहे हैं कि बेटा कामयाब नहीं हो पाए इसलिए बाप को इस उम्र में भी काम करना पड़ता है। वैसे पिता के नक्शे कदम पर चलते हुए अभिषेक बच्चन ने भी हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में अपना हाथ आजमाया लेकिन वह पिता की तरह कामयाबी हासिल नहीं कर पाए। ओ