मेलोनी को मोदी के साथ देखकर भड़के ट्रंप इटली पर किया हमला तो मेलोनी ने ऐसे धोया जी7 की मीटिंग के दौरान की वो कहानी जो नहीं आई थी बाहर क्यों रूठ गए थे ट्रंप मेलोनी पर आया संकट तो मोदी ने मिलाया फोन अचानक इटली के पीछे क्यों पड़ गए ट्रंप ना तो ट्रंप पीछे हटने के लिए तैयार हैं और ना ही इटली के पीएम मेलोनी जी7 मीटिंग के दौरान जो हुआ।
पूरी दुनिया ने तस्वीरें देखी लेकिन वहां पर कुछ ऐसा भी हुआ था जिसके बारे में खबर बाहर नहीं आई। राष्ट्रपति ट्रंप वहां तो शांत रहे लेकिन जैसे ही अमेरिका लौट कर पहुंचे मेलोनी के ऊपर भड़क गए। इसी बीच खबर है कि मेलोनी को मुसीबत में देखकर मोदी ने फोन मिलाया है। लेकिन विवाद कैसे शुरू हुआ?
इसकी वजह पहले आपको बताते हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इटली के प्रधानमंत्री जॉर्जिया मिलोनी के बीच विवाद फ्रांस की उसी जी7 मीटिंग से शुरू हुआ जहां मोदी भी गए थे और मोदी मिलोनी के फोटो और वीडियो चर्चा में थे। लेकिन ट्रंप ऐसे शख्स हैं जिन्हें अटेंशन पाने की आदत है और जब यह अटेंशन किसी और को मिलता है तो ट्रंप बर्दाश्त नहीं कर पाते। एक वक्त था जब मेलोनी और ट्रंप अच्छे दोस्त हुआ करते थे। यहां तक कि ट्रंप जब राष्ट्रपति बने उस दौरान भी शपथ ग्रहण में मेलोनी शामिल हुई थी।
फ्रांस के एिएशन में आयोजित जी7 शिखर सम्मेलन के बाद यह विवाद अब पूरी दुनिया के सामने आ गया है। जी7 मीटिंग के दौरान ट्रंप ने मोदी को किलर बताया था और अमेरिका लौटने के बाद मीडिया के सामने ऐसा बयान दिया जिसकी वजह से इटली में खलबली मच गई। डोनाल्ड ट्रंप ने एक मीडिया चैनल को दिए इंटरव्यू में कहा कि आपकी पीएम मेनी G7 सम्मेलन के दौरान फोटो खिंचवाने के लिए मुझसे विनती कर रही थी। ट्रंप ने कहा कि मेरी लोकप्रियता को देखते हुए मेलोनी मेरे साथ एक फोटो लेने के लिए पीछे पड़ी हुई थी। इसलिए मैंने मेलोनी पर तरस खाकर फोटो खिंचवा लिया।
इस अपमानजनक दावे पर कड़ा पलटवार करते हुए जॉर्ज मेलोनी ने ट्रंप के बयानों को पूरी तरीके से मनगढ़ंत और झूठा बता दिया है। मेलोनी ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो पोस्ट किया जिसमें उन्होंने कहा कि मैं और इटली कभी किसी से भीख नहीं मांगते हैं। जॉर्ज मेलोनी ने आगे यह भी कहा है कि अमेरिकी राष्ट्रपति अपने सहयोगियों के साथ अपमानजनक व्यवहार करते हैं। लेकिन जब बात पश्चिमी देशों के असली दुश्मनों की आती है तो उनके प्रति वो बेहद नरम पड़ जाते हैं। अमेरिका और इटली के बीच विवाद इतना बढ़ गया है ।
कि इटली के विदेश मंत्री ने अपनी निर्धारित अमेरिकी यात्रा रद्द कर दी है। लेकिन ट्रंप मेलोनी के पीछे क्यों पड़े? इसकी वजह समझने के लिए आपको फ्रांस में हुई मीटिंग की वो कहानी समझनी होगी जो बाहर नहीं आई थी। किसी भी देश में जब अमेरिका का राष्ट्रपति है तो सबसे ज्यादा उसकी मीडिया कवरेज होती है। पूरी मीटिंग का वो केंद्र बन जाता है।
लेकिन इस बार ऐसा नहीं हुआ। इसकी सबसे बड़ी वजह रही मोदी और मेलोनी की मुलाकात जो हॉट माइक में भी रिकॉर्ड हो गई थी। इसके बाद जब बैठक में अंदर सभी पहुंचे उस दौरान भी मेलोनी और ट्रंप को बात करते हुए देखा गया था। इसमें ट्रंप असहज और मिलोनी बहुत ही कैजुअल बात करती नजर आ रही है और बॉडी लैंग्वेज देखकर कहीं भी ऐसा नहीं लग रहा कि मिलोनी खुद से बात करना चाहती है। सिर्फ भारत ही नहीं बल्कि अमेरिका में भी मिलोनी और मोदी की केमिस्ट्री दिखाई जा रही थी और शायद यही वजह कि लाइमलाइट नहीं मिलने की वजह से ट्रंप इतना नाराज हुए कि अपने आप को ऊपर दिखाने के लिए ऐसा बयान दिया कि मिलोनी मेरे पीछे पड़ी थी फोटो खिंचवाने के लिए। मेलोनी और ट्रंप के टकराव की वजह जी7 की मीटिंग के बीच भी ट्रंप की नाराजगी दिखी थी। जब मोदी को किलर और सुलझा हुआ बताया था। लेकिन सवाल यह है कि क्या मोदी दखल देंगे?
बताया जा रहा है कि इस पूरे मामले को लेकर मोदी ने मेलोनी से फोन पर बात की है और इस विवाद को खत्म करने के लिए ट्रंप से भी बात की है। लेकिन मेलोनी यूरोप की ऐसी लीडर हैं जो अपने तेवरों के लिए जानी जाती हैं।
पाकिस्तान से लेकर अमेरिका और इजराइल तक अपने फैसलों से खलबली मचा चुकी हैं। ईरान के मुद्दे पर ट्रंप के खिलाफ बयान दिया था। इसलिए भी ट्रंप मेलोनी विरोधी बने हुए हैं।
लेकिन ट्रंप ने जो बयान दिया वह बहुत ही बचकाना है। क्योंकि G7 जैसे मंचों पर जब दुनिया के बड़े नेता एक जगह पर आते हैं तो फोटो खिंचवाना आम बात होती है।