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‘पंचतत्व’ में विलीन हुए प्रदीप रावत को मुखाग्नि देने वाले विक्रमादित्य कौन है?

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पंचतत्व में विलीन हुए प्रदीप रावत। नम आंखों से बेटे ने दी मुग्नि। टूट कर बिखर गई एक्टर की पत्नी। परिवार का रो-रो कर बुरा हाल। ब्लड कैंसर से हुआ दिग्गज एक्टर का निधन। अंतिम दर्शन करने पहुंचे रजा मुराद आमिर खान से लेकर कई सितारे। दिग्गज एक्टर प्रदीप रावत पंचतत्व में विलीन हो गए हैं।

74 साल की उम्र में ब्लड कैंसर से लंबी जंग लड़ने के बाद उन्होंने इस दुनिया को अलविदा कह दिया। मुंबई के ओशवारा श्मशान घाट में पूरे रीति-रिवाजों के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया। [संगीत] इस दौरान हर किसी की आंखें नम थी। सबसे इमोशनल पल तब आया जब बेटे विक्रमादित्य रावत ने कांपते हाथों और नम आंखों से अपने पिता को मुखाग्नि दी। वहीं पत्नी कल्याणी रावत का रो-रो कर बुरा हाल था। परिवार के बाकी सदस्य भी खुद को संभाल नहीं पा रहे थे।

उनका भी रो-रो कर बुरा हाल हो गया था। प्रदीप रावत के अंतिम दर्शन के लिए फिल्म और टीवी इंडस्ट्री से कई बड़े चेहरे पहुंचे। दिग्गज एक्टर रजा मुराद अपने पुराने साथी को श्रद्धांजलि देने आए थे। वहीं बॉलीवुड सुपरस्टार आमिर खान भी अपने दोस्त को आखिरी विदाई देने पहुंचे। आमिर खान का इस मुश्किल घड़ी में परिवार के साथ खड़ा होना लोगों का दिल जीत रहा है। सोशल मीडिया [संगीत] पर भी फैंस उनके इस कदम की तारीफें कर रहे हैं। इसके अलावा टीवी इंडस्ट्री से रूहानिका धवन समेत कई कलाकारों ने भी अंतिम दर्शन पर प्रदीप रावत को श्रद्धांजलि अर्पित की।

हर किसी के चेहरे पर उदासी थी क्योंकि सब जानते थे कि इंडस्ट्री ने एक ऐसा कलाकार खो दिया है जिसकी भरपाई आसान नहीं होगी। बता दें प्रदीप रावत पिछले करीब एक महीने से अस्पताल में भर्ती थे और ब्लड कैंसर का इलाज चल रहा था। परिवार और चाहने वालों को उम्मीद थी कि वह इस बीमारी को भी मात देकर वापस लौट आएंगे। लेकिन किस्मत को शायद कुछ और ही मंजूर था। 4 अगस्त की शाम उनके निधन की खबर ने पूरी एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री को सदमे में डाल दिया। प्रदीप रावत ने अपने करियर में ऐसे किरदार निभाए जिन्हें शायद ही कभी भुलाया जा सकेगा। बी आर चोपड़ा की महाभारत में अश्वत्थामा बनकर उन्होंने घर-घर में पहचान बनाई। इसके बाद एलगान, गजनी और कई बॉलीवुड और साउथ फिल्मों में अपने दमदार एक्टिंग टैलेंट से अलग पहचान बनाई।

कहते हैं स्क्रीन पर उनका खतरनाक अंदाज जितना मजबूत था [संगीत] असल जिंदगी में वह उतने ही सादगी पसंद और जमीन से जुड़े इंसान माने जाते थे। यही वजह है कि उनके साथ काम करने वाले कलाकार आज उन्हें सिर्फ एक बेहतरीन एक्टर नहीं बल्कि एक शानदार इंसान के तौर पर भी याद कर रहे हैं। आज प्रदीप रावत भले ही हमारे बीच नहीं है लेकिन उनकी आवाज, उनका टैलेंट और उनके निभाए गए किरदार हमेशा जिंदा रहेंगे। पर्दे पर उन्होंने जितनी बार लोगों को रोमांचित किया आज उसी कलाकार की विदाई ने लाखों लोगों की आंखें नम कर दी। उनका जाना इंडस्ट्री के लिए एक ऐसी [संगीत] कमी छोड़ गया है जिसे शायद कभी पूरा नहीं किया जा सकेगा। उनके किरदार आने वाली पीढ़ियों को भी याद दिलाते रहेंगे कि एक सच्चा कलाकार कभी मरता नहीं है। वो अपनी कला के जरिए हमेशा लोगों के दिलों में जिंदा रहता है। ब्यूरो रिपोर्ट ई2 टू

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