वह काम कर जिसमें तेरा टैलेंट है। अगर लता मंगेशकर के फादर ने उसको बोला होता कि तू फास्ट बॉलर बन जा या सचिन तेंदुलकर के फादर ने उसको बोला होता कि तू सिंगर बन जा। तो सोच आज वो कहां होते हैं। मिस्टर परफेक्शनिस्ट आमिर खान ने 12वीं के बाद नरसी मोजी कॉलेज में 2 साल पढ़ाई की लेकिन असिस्टेंट डायरेक्टर बनने के लिए कॉलेज छोड़ दिया। खिलाड़ी अक्षय कुमार ने गुरु नानक खालसा कॉलेज में एडमिशन लिया लेकिन पढ़ाई में मन नहीं लगा तो
ड्रॉप आउट कर दिया। भाईजान सलमान खान ने सेंट जेवियर्स कॉलेज से पढ़ाई शुरू की लेकिन वो भी कॉलेज ड्रॉप आउट हैं। यहां तक कि ऐश्वर्या राय, दीपिका पादुकोण और करीना कपूर जैसी टॉप एक्ट्रेसेस ने भी मॉडलिंग और एक्टिंग के लिए अपने कॉलेज की पढ़ाई बीच में ही छोड़ दी। कभी-कभी जीतने के लिए कुछ हारना भी पड़ता है। तो आपको क्या लगता है? क्या बॉलीवुड में कामयाबी के लिए टैलेंट, किस्मत और मेहनत ही काफी है या पढ़ाई लिखाई का भी कोई रोल होता है? साला ये दुख काहे खत्म नहीं होता बे? बॉलीवुड का नाम सुनते ही हमारे जहन में ग्लैमर, नेपोटिज्म, करोड़ों की पार्टियां और पढ़ाई लिखाई से दूर एक ऐसी दुनिया की इमेज बनने लगती है जहां डिग्री की नहीं बल्कि गुड लुक्स और खानदान की वैल्यू होती है। तुम अपने आप को बहुत पसंद करती हो। बहुत मैं अपनी फेवरेट हूं।
लेकिन आज हम आपको बॉलीवुड के उन टॉप एक्टर से मिलवाएंगे जिनकी डिग्रियां इतनी शानदार है कि वो किसी भी मल्टीीनेशनल कंपनी के सीईओ बन सकते थे। बट सही कहा तुमने जिसको मिलती नहीं आ जाते हैं सिखाने। क्या आप जानते हैं कि धूम का बाइक राइडिंग सुपरस्टार एक एमबीए है। क्या आपको पता है कि गदर की मासूम सकीना असल जिंदगी में एक हाई प्रोफाइल इकोनॉमिस्ट है और क्या आप यकीन करेंगे कि आपके डिंपल गर्ल एक क्रिमिनल साइकोलॉजिस्ट हैं। मेरे दिल का तुमसे है कहना। बस मेरे ही रहना। यह बॉलीवुड की वो अनरपोर्टेड शॉकिंग लिस्ट है जिसे देखकर आप भी कहेंगे कि यह सितारे सिर्फ एक्टिंग में नहीं बल्कि अक्ल में भी सुपरस्टार हैं।
हम भी वो हैं जो कभी किसी के पीछे नहीं खड़े होते हैं। जहां खड़े हो जाते हैं लाइन वहीं से शुरू होती है। इस लिस्ट की शुरुआत करते हैं इंडस्ट्री के शहंशाह अमिताभ बच्चन के साथ। इनकी दमदार आवाज और एक्टिंग के तो हम सभी कायल हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि इनकी ये वाकपटुता कहां से आई है? आदर आदाब अभिनंदन आभार। और मैं हूं अमिताभ बच्चन और यह है पंचकोटि महामनी। कौन बनेगा करोड़पति? दरअसल बिग बी के पिता हरिवंश राय बच्चन जी एक महान कवि थे और तालीम की कीमत वो खूब समझते थे। अमिताभ बच्चन ने नैनीताल के शेरवुड कॉलेज से अपनी स्कूलिंग पूरी की और उसके बाद दिल्ली यूनिवर्सिटी के करोड़मल कॉलेज से बैचलर ऑफ साइंस की डिग्री हासिल की। यानी एंग्री यंग मैन बनने से पहले यह एक साइंस स्टूडेंट थे। यही नहीं इन्हें दुनिया भर की टॉप यूनिवर्सिटी से मानद डॉक्टरेट की उपाधियां भी मिली हैं। मैं तो बहुत ही नाकारा निकम्मा था। मगर आज जो कुछ भी हूं बाबूजी की डांट की वजह से। अगर आज मैं अपने पैरों पर खड़ा हूं तो बाबूजी की प्रेरणाओं की वजह से। पांच दशक के लंबे करियर में इन्होंने 200 से ज्यादा फिल्मों में काम किया। 1969 में भुवन शो में एक नैरेटर के तौर पर शुरुआत करने के बाद 1971 में आनंद में इनके रोल को खूब सराहा गया। लेकिन 70 के दशक में जंजीर, दीवार और शोले जैसी फिल्मों से इन्होंने एंग्री यंग मैन की वह इमेज बनाई जिसने हिंदी सिनेमा का रुख ही बदल दिया। जब तक बैठने को ना कहा जाए शराफत से खड़े रहो। यह पुलिस स्टेशन है तुम्हारे बाप का घर नहीं। 2000 के दशक में जब लगा कि इनका करियर खत्म हो गया, तब इन्होंने मोहब्बतें जैसी फिल्म से खुद को एक स्टर्न एल्डर के रूप में रीइनेंट किया और केबीसी के साथ टीवी के भी बेताज बादशाह बन गए। इन्हें चार नेशनल फिल्म अवार्ड और 2019 में दादा साहेब फाल्के पुरस्कार से भी सम्मानित किया गया। डॉन का इंतजार तो 11 मुल्कों की पुलिस कर रही है लेकिन सोनिया। डॉन को पकड़ना मुश्किल ही नहीं नामुमकिन है। तो सवाल उठता है कि क्या इनकी बीएससी की डिग्री इनके करियर में फायदेमंद हुई? बिल्कुल। बच्चन साहब की पढ़ाई इनके हर शब्द में झलकती है।
इनका ब्लॉग, इनकी कविताएं और केबीसी के मंच पर इनका ज्ञान यह सब इनकी गहरी समझ का सबूत है। एक्टिंग के अलावा अमित जी ने इन्वेस्टमेंट से भी पैसे कमाए। साल 2013 में इन्होंने जस्ट डायल कंपनी में 10% हिस्सेदारी खरीदी और क्लाउड कंप्यूटिंग कंपनी स्टैंपेड कैपिटल में भी इन्होंने करीब 3.5% हिस्सेदारी खरीद रखी है। आज इनकी कुल संपत्ति करीब $400 मिलियन यानी करीब ₹300 करोड़ के आसपास है जो कि सिर्फ एक्टिंग से नहीं बल्कि इनके पढ़े लिखे दिमाग से भी आई है। नसीब इंसान का बनता है ठोकरें खाने के बाद और रंग लाती है हिना पत्थर पे पिस जाने के बाद। नंबर छह पर है बॉलीवुड की डिंपल गर्ल प्रीति जिंडा। प्रीति को देखकर लगता है कि यह हमेशा से ही चुलबुली और बिंदास रही होंगी। लेकिन यह जानकर आप चौंक जाएंगे कि इस चुलबुले चेहरे के पीछे एक क्रिमिनल साइकोलॉजिस्ट का तेज दिमाग है। इट्स द टाइम टू डिस्को इट्स द टाइम टू गो। प्रीती जिंटा के पिता इंडियन आर्मी में ऑफिसर थे। इसलिए डिसिप्लिन इनकी रगों में था। इन्होंने शिमला के सेंट बीट्स कॉलेज से इंग्लिश ऑनर्स में ग्रेजुएशन और क्रिमिनल साइकोलॉजी में पोस्ट ग्रेजुएट की डिग्री हासिल की। यानी अब यह लोगों का दिमाग पढ़ सकती थी और सबके दिमाग में इनके लिए यही बात चल रही थी कि प्रीति इतनी खूबसूरत है कि इन्हें मॉडलिंग या एक्टिंग में करियर बनाना चाहिए। तो डिग्री लेने के बाद
लोगों के दिमाग को पढ़कर यह मॉडलिंग में आ गई और 1996 में एक चॉकलेट कमर्शियल से इनकी पहचान बननी शुरू हो गई। अपना ले खुशी हर पल की। कैडबरीज की नई बग। ऐड फिल्म से डायरेक्टर्स ने इन्हें नोटिस किया और साल 1998 में इन्होंने दिल से और सोल्जर जैसी दो बड़ी फिल्मों से धमाकेदार डेब्यू किया। मेरे ख्वाबों में जो आए मेरी नींदों को चुराए, मेरा दिल धड़काए, मेरा होश उड़ाए। साल 2003 के करियर का गोल्डन ईयर था। पहले यह कोई मिल गया ऋतिक रोशन के साथ नजर आई। जो उस साल की सबसे बड़ी हिट बनी और फिर कल हो ना हो में नैना कतरीन कपूर के किरदार के लिए इन्हें फिल्म फेयर बेस्ट एक्ट्रेस का अवार्ड भी मिला। और साल 2004 में वीर ज़ारा उस साल की सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्म बनी। लेकिन मैं एक ऐसे शख्स को जानती हूं अम्मी जो मेरे लिए हंसते-हंसते अपनी जान दे देगा। चली जाने कहां मैं किधर चली मैं तो क्या क्रिमिनल साइकोलॉजी की इस डिग्री ने इनकी मदद की 100% क्योंकि प्रीति जिंटा सिर्फ एक एक्ट्रेस नहीं है बल्कि बॉलीवुड की सबसे शातिर बिजनेस वूमेन में से एक हैं। साल 2008 में इन्होंने आईपीएल टीम पंजाब किंग्स में इन्वेस्ट किया। एक रिपोर्ट के मुताबिक इनका यह 35 करोड़ का इन्वेस्टमेंट आज 350 करोड़ से भी ज्यादा का हो चुका है। यानी 10 गुना से ज्यादा रिटर्न। इनकी क्रिमिनल साइकोलॉजी की समझ ने इन्हें एक बेहतरीन इवैल्यूएटर बनाया जिसने इन्हें इन्वेस्टमेंट के सही फैसले लेने में मदद की। आज इनकी कुल संपत्ति करीब
183 करोड़ यानी कि 30 मिलियन डॉलर के आसपास है जो इन्होंने सिर्फ अपने डिंपल से नहीं बल्कि अपने दिमाग से कमाई है। शरीर में 206 हड्डियां है और संविधान में 1670 कानून हड्डी से लेकर कानून सब तोड़ता हूं। नंबर पांच पर है बॉलीवुड का वो एक्शन हीरो जिसे देखकर लोग इनकी बॉडी की बात करते हैं। लेकिन आज हम आपको बताएंगे कि इनकी बॉडी से ज्यादा इनके ब्रेन में मसल है। धूम मचा ले धूम मचा ले धूम धूम धूम धूम मचा ले धूम। जॉन अब्राहम बॉलीवुड के सबसे पढ़े लिखे एक्टर्स में से एक हैं। इन्होंने इकोनॉमिक्स में ऑनर्स की डिग्री हासिल की है और इसके बाद एनएमआईएमएस से एमबीए यानी मास्टर्स इन बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन की डिग्री ली है। एक्टिंग में आने से पहले यह एक मीडिया प्लानर के तौर पर भी काम कर रहे थे। इनका करियर जिस्म और धूम जैसी फिल्मों से एक एक्शन और हॉट हीरो के तौर पर शुरू हुआ। लेकिन जॉन का असली दिमाग तब दिखा जब इन्होंने साल 2012 में अपनी प्रोडक्शन कंपनी जे एए एंटरटेनमेंट शुरू की और यहीं इनका एमबीए काम आया। इन्होंने विक्की डोनर जैसी छोटी कॉनसेप्ट ड्रिवन फिल्म से प्रोडक्शन में डेब्यू किया और फिल्म नेशनल अवार्ड जीत गई और सुपरहिट रही। वाली बारी खोल के तू देख ले। दिल वाली तगड़ी ढोल के तू देख ले। इसके बाद इन्होंने मद्रास कैफे, परमाणु द स्टोरी ऑफ़ पोखरण और बाटला हाउस जैसी कंटेंट ड्रिवन देशभक्ति वाली हिट फिल्में प्रोड्यूस की। इनका दुश्मन इंडिया का एक जिम्मेदार पुलिस ऑफिसर नहीं है। इन लड़कों के सिर्फ दो दुश्मन हैं। हर बात पे इनकी कौम के हिमायत करने वाले और हर बात पे इनकी कौम की मुखालफत करने वाले। जॉन अब्राहम ने अपनी एमबीए की पढ़ाई का सीधा इस्तेमाल अपने प्रोडक्शन हाउस को एक सफल बिजनेस मॉडल बनाने में किया। यह सिर्फ एक एक्टर नहीं बल्कि एक कॉर्पोरेट स्ट्रेटजिस्ट हैं। यह नोट आइसक्रीम में एक अर्ली इन्वेस्टर थे और सबको कॉफी में भी इन्वेस्ट कर चुके हैं। यह एक फुटबॉल टीम नॉर्थ ईस्ट यूनाइटेड एफसी और रेसिंग टीम गोवा एसेस के भी मालिक हैं। जॉन की कुल संपत्ति करीब 250 करोड़ के आसपास है जो इनकी बॉडी से नहीं बल्कि इनके एमबीए वाले दिमाग से आई है। मेरी तरह इन भी कभी प्यार। अगला नाम इस लिस्ट का सबसे चौंकाने वाला नाम हो सकता है। यानी गदर की मासूम सकीना अमीषा पटेल। इश्क निशानी रब ही जाने। अमीषा पटेल का एकेडमिक रिकॉर्ड भी किसी आईआईटी आईआईएम ग्रेजुएट को टक्कर दे सकता है। ये एक ट्रेंड भरनाट्यम डांसर भी हैं। लेकिन इनकी असली तालीम इकोनॉमिक्स है। इन्होंने अमेरिका की फेमस टफ्स यूनिवर्सिटी से इकोनॉमिक्स में ग्रेजुएशन किया। बॉलीवुड में आने से पहले इन्होंने फाइनेंस कंपनी में बतौर इकोनॉमिक एनालिस्ट काम भी किया था। साल 2000 में इन्होंने कहो ना प्यार ऐसे रितिक रोशन के साथ ब्लॉकबस्टर डेब्यू किया। प्यार है। साल 2001 में गदर एक प्रेम कथा ने तो इतिहास ही रच दिया और यह ऑल टाइम ब्लॉकबस्टर फिल्म बन गई। इसके बाद साल 2002 की हमराज जैसी हिट फिल्में भी इन्होंने दी। लेकिन हमराज के बाद इनका एक लंबा स्ट्रगल फज़ रहा जो 2003 से 2006 तक चला और उसके बाद यह लगभग इंडस्ट्री से गायब होने लगी। फिर साल 2023 में गदर 2 के साथ इन्होंने एक ऐतिहासिक कमबैक किया जो कि एक ऑल टाइम ब्लॉकबस्टर बनी। तो क्या अमीष को डिग्री का फायदा हुआ? देखिए, एक तरफ अमीष के पास इतनी शानदार डिग्री है तो दूसरी तरफ इनका बॉलीवुड करियर सबसे ज्यादा उतार-चढ़ाव भरा रहा और अक्सर यह विवादों में भी रही। यह इस बात का सबूत है कि बॉलीवुड में सिर्फ डिग्री से काम नहीं चलता।
लेकिन अमीष की नेटवर्थ देखिए। साल 2023 की एक रिपोर्ट के मुताबिक अमीष पटेल की कुल संपत्ति करीब ₹265 करोड़ है। यह नेटवर्थ इनकी कई कंटेंपररी और इनसे ज्यादा सक्सेसफुल एक्ट्रेसेस से कहीं ज्यादा है। यह दिखाता है कि भले ही इकोनॉमिक्स की डिग्री ने इन्हें अच्छी फिल्में चुनने में मदद नहीं की लेकिन इसने इन्हें अपने पैसों को सही जगह इन्वेस्ट करने में जरूर मदद की। हम ना बहुत सिंपल आदमी है मिसपोज। सिंपल चीजें ही समझ आती है। शरीफ फैमिली से हैं और आगे भी शरीफ फैमिली ही चाहती है। नंबर तीन पर है मैडी यानी आर माधवन जो कि एक्टर होने के साथ ही एक जीनियस भी है। मैंने हर लम्हा जिसे चाहा जिसे पूजा उसी माधवन की डिग्रियां और अचीवमेंट्स इतनी है कि आप गिनतेगिनते थक जाएंगे। इनके पिता टाटा स्टील में मैनेजमेंट एग्जीक्यूटिव थे। माधवन ने कोल्हापुर के राजाराम कॉलेज से बीएससी इन इलेक्ट्रॉनिक्स में ग्रेजुएशन किया। 1988 में 18 साल की उम्र में यह कल्चरल एंबेसडर के तौर पर भारत को कनाडा में रिप्रेजेंट भी कर चुके हैं। माधवन महाराष्ट्र के टॉप एनसीसी कैडिट्स में से एक थे। जिसने इन्हें 22 साल की उम्र में ब्रिटिश आर्मी, नेवी और एयरफोर्स के साथ ट्रेनिंग करने के लिए इंग्लैंड भेजा। इनका एक्टिंग करियर भी इतना ही शानदार रहा। तमिल सिनेमा में अलाई पायूथू से डेब्यू करने के बाद इन्होंने रहना है तेरे दिल में से हिंदी बेल्ट को अपना दीवाना बना लिया। इसके बाद थ्री डियट्स तनु वेट्स मनु, विक्रम बेदा और साल 204 की शैतान तक इन्होंने हर रोल में जान फूंक दी है। तुम्हें पता है कि तुम किसके सामने खड़े हो? मैं कौन हूं? मैं क्या कर सकता हूं? इनका सबसे बड़ा कारनामा रहा रॉकेटरी द नंबी इफेक्ट। जिसे इन्होंने खुद लिखा, खुद डायरेक्ट किया और प्रोड्यूस भी किया। ये टेक्नोलॉजी और इंजन हम उन देशों से इंपोर्ट करेंगे जिनके पास ये टेक्नोलॉजी पहले से ही मौजूद थी। टेंडर निकाले गए और उस स्वयंवर में वो सारे दूल्हे आए जिनकी उम्मीद थी। सीडी बजा बजा के कौन भैया? माधवन की बीएससी इलेक्ट्रॉनिक्स की पढ़ाई, इनकी मिलिट्री ट्रेनिंग और इनका ग्लोबल एक्सपोज़र यह सब इनके सेल्फ कॉन्फिडेंस और इनकी बातों में झलकता है। ये उन चुनिंदा एक्टर्स में से एक हैं जो रॉकेट्री जैसी मुश्किल टेक्निकल फिल्म को ना सिर्फ समझते हैं बल्कि उसे बना भी सकते हैं। आज ये अपनी इसी काबिलियत के दम पर फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टट्यूट ऑफ इंडिया यानी एफटीआईआई के प्रेसिडेंट भी हैं। इनकी लगभग 125 करोड़ की नेटवर्थ इनके सभी मल्टीटलेंटेड करियर का ही नतीजा है। पता है आनंद फाइव स्टार होटल में भाव ज्यादा होता है लेकिन क्वालिटी बहुत अच्छी मिलती है और क्वांटिटी? इतनी सारी देते हैं कि आधा पासिल करके घर ले जाना पड़ता है। अच्छा? हां। ऐ हमशी ये दिल लगे बन जाए ना एक दिन कहीं तेरे लिए दिल की। इस लिस्ट में एक और रॉयल एंट्री है। पटौती खानदान की शहजादी सुहा अली खान। लुक्का छुपे बहुत हुए सामने आ। शर्मिला टैगोर और मंसूर अली खान पटौदी की बेटी होने के नाते सोहा के लिए पढ़ाई हमेशा से पहली प्रायोरिटी थी। पहले इन्होंने ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी के बलायल कॉलेज से मॉडर्न हिस्ट्री की डिग्री ली और बाद में लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स से इंटरनेशनल रिलेशंस में मास्टर्स पूरा किया।
एलएससी से मास्टर्स के बाद इन्होंने मुंबई आकर सिटी बैंक में नौकरी शुरू की। एक रिपोर्ट के मुताबिक उस वक्त इनकी सैलरी करीब ₹2,20,000 थी जिसमें से 17,000 यह अपने किराए के अपार्टमेंट के लिए देती थी। पटौदी खानदान से होने के बावजूद सुबह खुद को फाइनेंसियली इंडिपेंडेंट बनाना चाहती थी। इसके बाद इन्हें मॉडलिंग के ऑफर आने लगे और फिर दिल मांगे मोड़ से 10 लाख की फीस लेकर के इन्होंने अपना एक्टिंग डेब्यू किया और इनका सबसे यादगार रोल रंगदे बसंती में रहा। मुझे पड़ी है अजय जैसे लोगों को पड़ी है जो इस देश के लिए लड़ते हैं करन ताकि तुम जैसे लोग चैन की नींद सो सके। सोहा का करियर यह साबित करता है कि एलएससी की डिग्री के बाद भी बॉलीवुड में ए लिस्ट सफलता की गारंटी नहीं है। लेकिन इनकी एजुकेशन ने इन्हें एक राइटर, एक समझदार इंसान और एक सम्मानित शख्सियत जरूर बनाया है। इन्होंने कभी भी पैसों के लिए फिल्मों में काम नहीं किया क्योंकि ये एक्टिंग में आने से पहले ही आर्थिक रूप से स्वतंत्र थी। मेरी बॉडी में सेंसेशंस होते हैं। पिल्ल उनको कंट्रोल करते हैं। कैसे सेंसेशन? सेंसेशन जैसे सरसराहट, सनसनाहट, गुदगुदाट, डगमगा, फरफराहट, थरथरा, कपकपाह, भरभराहट, दबदबा, चटपटाहट, फड़फड़ाहट, सुगबुगा, कुलबुलात। और नंबर एक पर है वो एक्ट्रेस जो असल में एक इन्वेस्टमेंट बैंकर बनने वाली थी। परिणीति चोपड़ा। परेशान परेशान है परिणीति चोपड़ा की एकेडमिक क्वालिफिकेशन बॉलीवुड में शायद सबसे तगड़ी है। यह 17 साल की उम्र में इंग्लैंड चली गई थी। जहां इन्होंने मैनचेस्टर बिजनेस स्कूल से पढ़ाई की और इनके पास कोई एक डिग्री नहीं बल्कि बिजनेस, फाइनेंस और इकोनॉमिक्स में ट्रिपल ऑनर्स की डिग्री है। पढ़ाई के दौरान यह मैनचेस्टर यूनाइटेड फुटबॉल क्लब के कैटरिंग डिपार्टमेंट में टीम लीडर का काम भी करती थी। साल 2009 में परिणीति एक इन्वेस्टमेंट बैंकर बनने का सपना लेकर इंडिया लौटी लेकिन रिसेशन की वजह से इन्हें जॉब नहीं मिल सकी। तब इन्होंने अपनी कजिन प्रियंका चोपड़ा की मदद से यश राज फिल्म्स में बतौर पीआर एग्जीक्यूटिव काम करना शुरू किया। एक्टिंग का कोई इरादा नहीं था। लेकिन वाईआरएफ में काम करते-करते इनकी दिलचस्पी जगी।
इन्होंने जब भी मेट का एक सीन ऑडिशन के लिए डमी के तौर पर रिकॉर्ड किया जिसे आदित्य चोपड़ा ने देख लिया और इन्हें तीन फिल्मों के लिए साइन कर लिया। साल 2011 में लेडीज वर्सेस रिकी बहल से डेब्यू के लिए इन्होंने फिल्मफेयर भी जीता। फिर साल 2012 में ईशक जादिर के लिए इन्हें नेशनल फिल्म अवार्ड में स्पेशल मेंशन मिला और साल 2013 की शुद्ध देसी रोमांस और साल 2014 की हंसी तो फंसी से इन्होंने अपना हुनर बखूबी साबित किया। हाथ मत लगाना वरना सच में गोली मार दूंगी। पहले माफी तो दे दे। माफी मांगोगी कल मेरी मोहब्बत वो अफसाना जिसे अंजाम तक लाना ना हो मुमकिन उसे लिखना शुरू भी नहीं करना चाहिए और जो लिखना शुरू कर दिया सारे पन्ने फाड़ के आग लगा देनी चाहिए दिखा के चुम्मा ले गया छल्ला मेरा आशिक छल्ला परिणति के केस में इनकी डिग्री ही बॉलीवुड में इनकी एंट्री टिकट साबित हुई। इनकी शानदार क्वालिफिकेशन ने ही इन्हें वआरएफ में एक प्रतिष्ठित एग्जीक्यूटिव की जॉब दिलाई जहां इनके लिए एक्टिंग का रास्ता खुल गया। यह आज भी अपनी सिंगिंग और अपनी समझदारी के लिए जानी जाती हैं। इनकी कुल संपत्ति करीब ₹25 मिलियन यानी कि ₹200 करोड़ के आसपास है जो कि यह दिखाता है कि एक्ट्रेस होने के साथ-साथ एक फाइनेंस मिस भी हैं ये। माना कि हम यार नहीं तैय। इन एक्टर्स ने यह साबित किया कि ग्लैमर की दुनिया में भी अक्ल की कीमत होती है। जॉन का प्रोडक्शन हाउस, प्रीति की आईपीएल टीम और माधवन का एफटीआईआई प्रेसिडेंट बनना यह सब इनकी एजुकेशन का ही कमाल है। लेकिन फिर भी एक सवाल उठता है कि अगर डिग्री इतनी ही जरूरी है तो बॉलीवुड के कुछ सबसे बड़े और कामयाब सुपरस्टार्स जो कम पढ़े लिखे हैं उनका क्या? आप उनकी सक्सेस के बारे में क्या सोचते हैं? अपनी राय हमें कमेंट्स में लिखकर जरूर बताएं। बॉलीवुड की किसी बेबाक स्टोरी के साथ अगले वीडियो में आपसे फिर होगी मुलाकात। तब तक के लिए नमस्कार। पढ़ाई लिखाई में ध्यान लगाओ। आईए वएस बनो और देश को संभालो लेकिन नहीं तुम्हारे में चूने काट रहा है।