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असम में वायुसेना पर आया खतरा! हुआ खौ!फनाक प्लेन क्रै!श, जाने पूरा मामला।

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आसमान से बरसती और रनवे पर धकती आग की लपटें। जरा सोचिए आप एक सुरक्षित लैंडिंग की उम्मीद कर रहे हो और अगले ही पल पूरा आसमान धुएं के काले गुब्बार से भर जाए।

कुछ ऐसा ही खौफनाक मंजर आज असम के जोरहाट एयरबेस पर देखने को मिला। भारतीय वायुसेना का एक शक्तिशाली विमान जो देश की सीमाओं की सुरक्षा के लिए उड़ान भरता है वो अचानक से हो गया है। विमान में आग लग गई है और चारों तरफ अफरातफरी मच चुकी है। लेकिन बता दें कि क्या यह महज एक हादसा था या फिर इसके पीछे कोई गहरा पैटर्न छिपा है। क्योंकि ठीक इसी तरह का एक और खौफनाक हादसा आज से ठीक एक साल पहले कल ही के दिन अहमदाबाद में भी हुआ था। क्या जून का यह महीना हमारे आसमान के रक्षकों के लिए कोई बुरा साया लेकर आता है?

दरअसल बता दें कि असम का जोरहाट एयरफोर्स स्टेशन जो सामरिक दृष्टिकोण से बेहद ज्यादा सेंसिटिव और महत्वपूर्ण माना जाता है। रोजाना की तरह यहां भी रूटीन ऑपरेशंस चल रहे थे। भारतीय वायुसेना का भरोसेमंद मालवाहक विमान एन-32 अपनी उड़ान पर था। सब कुछ बिल्कुल सामान्य था। पायलट ने एयर ट्रैफिक कंट्रोल यानी कि एटीसी से संपर्क किया था और लैंडिंग की अनुमति यानी परमिशन मांगी थी।

विमान धीरे-धीरे रनवे की तरफ बढ़ रहा था। लेकिन जैसे ही इसके पहियों ने जोरहाड़ एयर फील्ड की जमीन को छुआ अचानक से कुछ ऐसा हुआ जिसने सबके होश उड़ा कर रख दिए।

लैंडिंग के ठीक दौरान विमान का संतुलन बिगड़ गया। शुरुआती रिपोर्ट्स की मानते हैं तो विमान एयरपोर्ट स्टेशन के परिसर के भीतर ही दुर्घटनाग्रस्त यानी कि हो गया था। होते ही विमान के फ्यूल टैंक में हुआ और देखते ही देखते यह विमान आग के गोले में तब्दील हो गया।

आसमान में कई किलोमीटर दूर से काले धुआं के गुब्बार जो है वो देखने को मिले। एयरबेस पर तुरंत इमरजेंसी सायरन बज उठे। फायर ब्रिगेड की गाड़ियां और रेस्क्यू टीमें मौके पर पहुंचती हैं और दौड़ना शुरू कर देती हैं। आग पर काबू पा लिया गया है और विमान के भीतर मौजूद जो लोगों को सुरक्षित भी बाहर निकाल लिया जा सकता है।

ऐसे अनुमान लगाए जा रहे हैं। लेकिन इस हादसे ने भारतीय वायुसेना और एक्सपर्ट्स को इसलिए भी चौंका दिया है क्योंकि ये टाइमिंग बेहद डरावनी है। ठीक पिछले साल कल ही के दिन अहमदाबाद के पास भी एक ऐसा ही दर्दनाक महान हादसा हुआ था। अब जरा सोचिए पिछले साल की वो तारीख और आज का यह दिन महज कुछ ही घंटों का फासला है और कहानी बिल्कुल नहीं।

लैंडिंग या टेक ऑफ के वक्त अचानक से तकनीकी खराबी आ जाना और विमान का हो जाना। क्या यह सिर्फ एक इत्तेफाक है कि ठीक एक साल बाद दोबारा उसी वक्त देश को दहला देने वाली खबर फिर से सामने आ चुकी है। क्या मौसम का कोई ऐसा बदलाव है या फिर विमानों के मेंटेनेंस से जुड़ी कोई ऐसी बात है जो ठीक इसी समय पर भारी पड़ सकती है।

इस कनेक्शन ने अब तक कई गंभीर सवाल उठा दिए हैं। जिनकी जांच होना बेहद जरूरी है। इस वक्त जोधाट एयरबेस का क्या यहां पर स्थिति है? वायु भारतीय वायुसेना यानी कि आईएएफ ने आधिकारिक तौर पर इस एक्सीडेंट की पुष्टि कर दी है। लेकिन क्या स्थिति बनी हुई है? कैसे रेस्क्यू ऑपरेशन कितने लोगों को बाहर निकाला है? कुछ लोग वहां पे थे। कितने लोग यहां पर मतलब गंभीर रूप से घायल हुए? इसकी ऑफिशियल जानकारी अभी तक नहीं मिल पा रही है।

उसका इंतजार चल रहा है। जब तक हम ये रिपोर्ट रिकॉर्ड कर रहे हैं तब तक एटलीस्ट अभी तक कोई ऐसी ऑफिशियल जानकारी सामने नहीं आई है। लेकिन आपको हम यह बता दें कि असम के मतलब वायुसेना के मुताबिक जो चीजें सामने आ रही हैं उसमें असम के जोरहाट एयरफोर्स स्टेशन पर एन32 परिवहन विमान दुर्घटनाग्रस्त का शिकार हो चुका है और बाकी की विस्तृत विवरणों का अभी तक इंतजार किया ही जा रहा है। विमान में कितने क्रू मेंबर सवार थे? उनकी स्थिति क्या है और इस हादसे में कितना नुकसान हो चुका है इसकी पूरी जानकारी और पुख्ता जानकारी आने में थोड़ा सा समय लगेगा।

लेकिन इस हादसे ने एक बार फिर से हमारी एिएशन सिस्टम और इन विमानों की सुरक्षा पर बड़े और गंभीर सवाल उठा दिए। आखिर रनवे पर लैंडिंग के वक्त ऐसा क्या हुआ होगा कि विमान ने नियंत्रण खो दिया। क्या यह कोई इंजन फेलियर था या फिर रनवे की कोई तकनीकी समस्या?

इस हादसे के पीछे की जो असली वजह थी यह तो वायुसेना की जो कोर्ट ऑफ इंक्वायरी है उसकी जांच चल रही है। फिर वह साफ कर पाएगा। हम ईश्वर से यही प्रार्थना करते हैं कि विमान में सवार हमारे सभी जांबाज सुरक्षित हो।

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