कॉकरोच जनता पार्टी के फाउंडर अभिजीत दीपके का एक्स पर एक पोस्ट आया है। उस पोस्ट में वो सरकार को वार्निंग देते हुए नजर आ रहे हैं। उस पोस्ट में क्या कुछ लिखा है और उनका यह पोस्ट किस वजह से आया है इस बारे में जानकारी साझा करेंगी नेहा। ऋतू पहले तो पोस्ट में लिखा क्या है उन्होंने यह बता देते हैं.
इस पोस्ट के बाद से क्यूरियोसिटी ये बढ़ गई है कि क्या अभिजीत दीपके या पूरी जो सीजेपी पार्टी है वो एक बार फिर से प्रोटेस्ट करने वाली है क्या फिर से ये तमाम जेंजी फिर से जंतरमंतर पर जुटेंगी और सरकार के खिलाफ एक और बड़ा प्रोटेस्ट किया जाएगा इसको लेकर कयास अब शुरू होने लगे हैं क्योंकि जो तमाम बातें लिखी गई हैं अभिजीत दीप के द्वारा इस ट्वीट में उनसे कहीं ना कहीं यह अंदेशा अब लग रहा है कि शायद सीजेपी दोबारा से प्रोटेस्ट करने के लिए जा सकती है। अभिजीत ने लिखा है कि अगर पुलिस के हाथों द्वारा स्टूडेंट्स की जो हरासमेंट लगातार होती रही है वो बंद नहीं होती है तो एक बार फिर से कॉकरोच जनता पार्टी अ पीसफुल प्रोटेस्ट करेगी और गवर्नमेंट को जल्द से जल्द स्टॉप करना चाहिए।
रुक जाना चाहिए विच हंटिंग और टारगेट करना स्टूडेंट्स को। तो देखिए 20 जुलाई को जब इस प्रोटेस्ट में एक तरह से संसद मार्च का जब आह्वान किया गया था संसद की ओर जब तमाम स्टूडेंट्स मार्च कर रहे थे उस वक्त लाठी चार्ज स्टूडेंट्स पर हुआ है और तभी से लेकर एक गतिरोध देखने को मिला है सीजेपी और पुलिस के बीच में| इसीलिए जब डिमांड्स रखी थी सीजेपी ने अपनी सामने कि कौन-कौन सी उनकी डिमांड्स हैं जिसके बाद वो अपना प्रोटेस्ट कॉल ऑफ करेंगे उसी में एक बहुत बड़ी डिमांड्स थी कि जितने भी प्रोटेस्टर्स हैं उनके खिलाफ कोई भी एक्शन पुलिस ना ले। उनके खिलाफ कोई भी एफआईआर या इस तरह की कोई भी चीज ना किया जाए।
यह एक बहुत मेन पॉइंट था इस पूरे उनके पूरे डिमांड चार्टर का जो भी उन्होंने रखा था सरकार के सामने। लेकिन अभी क्या हुआ है कि आज सुप्रीम कोर्ट की एक हियरिंग थी। जन याचिकाएं जो तमाम दायर की गई हैं सीजेपी के इस प्रोटेस्ट से जुड़ी हुई उस पर आज सुप्रीम कोर्ट में हियरिंग हुई है। और यह इस इन मामलों की सुनवाई कर रहे थे। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जयमाला बागची और न्यायमूर्ति वी मोहना। इसमें कई बड़ी बातें आज की इस हियरिंग से निकल कर सामने आई है। इस हियरिंग में पहले क्या बातें बताई गई है वो आपको बता देते हैं। इसमें जो बातें हैं वो कुछ ऐसी है कि 18 साल से कम उम्र के जिन प्रदर्शनकारियों का कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है उन्हें तुरंत रिहा किया जाए।
पुलिस कार्यवाही की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच होगी। जरूरत से ज्यादा बल प्रयोग करने वालों की जवाबदेही तय होगी। प्रदर्शन से जुड़े सीसीटीवी ड्रोन, बॉडी कैमरा और दूसरे डिजिटल सबूत सुरक्षित रखे जाएंगे। और इसमें आठ राज्यों से जवाब भी मांगा गया है कि जिन भी लोगों पर पहले केस नहीं था उनके खिलाफ फिलहाल क्या कारवाई की गई। इस तरह के जवाब आठ राज्यों से मांगे गए हैं। लेकिन इसमें एक पॉइंट आज यह भी जोड़ा गया जिससे सीजेपी को फिल वक्त जो है प्रॉब्लम नजर आ रही है वो ये था कि कोर्ट ने कहा है कि पहले से दर्ज जो एफआईआर है तमाम लोगों पर उन्हें अपने आप रद्द या स्थगित ना किया जाए।
सरकारी कानून के मुताबिक उनकी जांच जारी रख सकती हैं। अब देखिए यहां पर सीजेपी ने अपना अपनी तरफ से क्लियर कर दिया था कि उनको कोई एक्शन नहीं चाहिए स्टूडेंट्स पर। उनको किसी तरह का भी कोई एफआईआर नहीं चाहिए। यह एक मेजर डिमांड थी जैसा कि हमने कहा। लेकिन सुप्रीम कोर्ट का यह जो पॉइंट है, हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने एग्री किया है सीजेपी के जो प्रोटेस्टर्स हैं उनके साथ ये कहा है कि पीसफुल प्रोटेस्ट की अनुमति होनी चाहिए स्टूडेंट्स को। पूरी तरह से एग्री किया। लेकिन ये एक पॉइंट उसमें था कि एफआईआर्स पर जांच जारी रख सकती है.
पुलिस जिससे अब एक तरह से ऑफेंड होती हुई सीजेपी दिखाई दे रही है क्योंकि उनकी डिमांड पूरी नहीं हो रही है और इसीलिए ये जो बात है वह कही गई है अभिजीत दीप के द्वारा कि अगर हरासमेंट होती रही बच्चों की विटहटिंग करती रही पुलिस और इस तरह से कोई भी एक्शन अगर पुलिस द्वारा लिया जाता है एफआईआर कंटिन्यू की जाती है तो फिर सीजेपी दोबारा से एक पीसफुल प्रोटेस्ट कर सकती है। जी तो जैसा कि नेहा ने कोर्ट्स की सारी प्रोसीडिंग्स बताई कि उसमें क्या-क्या बातें हुई थी। आप सभी को इस बात की जानकारी होगी कि 25 जुलाई को शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा हुआ था।
उसके बाद आज 28 जुलाई है। 3 दिन बाद अभिजीत दीपके का एक्स पर पोस्ट आता है। तीन दिन तक उन्होंने कोई भी पोस्ट नहीं किया था। जो उनका लास्ट पोस्ट था वो नैप के बारे में था कि हमने काफी आंदोलन कर लिया। अब उनको आराम की जरूरत है। उसके बाद उनका जो पोस्ट आया है वो पुलिस ब्रूटिटी और शायद उस इस पूरे पोस्ट में कोर्ट का तो जिक्र नहीं है लेकिन ऐसे कयास लगाए जा रहे हैं कि कोर्ट के जो भी प्रोसीजिंग्स हुए हैं और कोर्ट में जो भी हियरिंग आए हैं और पीआईएल पे जो भी इंटेरिम आदेश आए हैं उसी को लेकर अभिजीत दीपके का यह बयान आया है और कई लोगों ने इस बीच में इस दौरान कई लोगों ने सवाल भी दीपके पर और कॉकरोच जनता पार्टी पर भी उठाए हैं .
कि इन लोगों का कोई एक्टिव एक्शन अब आगे क्यों ोर क्यों नहीं नजर आ रहा है? तो आप सभी को इस एक्सपोज से क्लेरिटी मिल गई होगी कि अगर एफआईआर कंटिन्यू रही प्रोटेस्टर्स पर तो सीजेपी एक बहुत बड़ा आंदोलन कर सकती है।