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स्नेहा उलाल: हमशक्ल होने की भारी कीमत और गुमनामी का सफर।

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दोस्तों बॉलीवुड की दुनिया में हर साल कई चेहरे आते हैं। कुछ चमकते हैं कुछ मिट जाते हैं। लेकिन आज हम बात करने जा रहे हैं उस चेहरे की जिसे देखकर लोगों ने कहा क्या ऐश्वर्या राय की परछाई लौट आई है? एक ऐसी मासूम हसीना जिसे सुपरस्टार सलमान खान ने खुद लॉन्च किया था और जिसने अपनी पहली ही फिल्म से सबका दिल जीत लिया। लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था। शोहरत के उस शिखर से वो गिर पड़ी जहां से वापसी आसान नहीं थी। यह कहानी है उस सितारे की जो चमकने से पहले ही टूट गया। यह कहानी है स्नेहा उलाल की। जब आपकी पहचान आपकी अपनी ना होकर किसी और का अक्स बन जाए। क्या होता है जब कुदरत आपको दुनिया की सबसे खूबसूरत औरत से मिलती जुलती शक्ल तो दे दे लेकिन वैसी किस्मत ना दे। और क्या होता है जब शोहरत की पहली सीढ़ी पर ही आपको ऐसा धक्का लगे कि आप गुमनामी के अंधेरों में खो जाएं। और जब वापसी करना चाहे तो आपका अपना जिस्म भी आपका साथ छोड़ दे, तो फिर क्या करें? कब हुआ? क्यों? यह कहानी है बॉलीवुड की उस परी की जिसे सुपरस्टार सलमान खान ने दुनिया के सामने पेश किया था। एक ऐसी लड़की जिसकी तुलना सीधा ऐश्वर्या राय से की गई

और जिसकी मासूमियत और नीली आंखों ने पहली ही फिल्म से तहलका मचा दिया। एक ऐसी एक्ट्रेस जिसके बारे में कहा गया कि यह बॉलीवुड पर राज करेगी। नाम था स्नेहा उलाल। लेकिन दोस्तों, कामयाबी की उस चकाचौंध के पीछे एक ऐसी दर्द भरी दास्तान छिपी थी जिसने सबको हैरान कर दिया। इस खास पेशकश में हम आपको स्नेहा उलाल की जिंदगी के उन अनछुए पन्नों से रूबरू कराएंगे जिन्हें आप शायद नहीं जानते हो। हम बात करेंगे सलमान खान के टूटे दिल और स्नेहा के करियर के कनेक्शन की। हम जानेंगे कि कैसे ऐश्वर्या राय का हमशल होना ही इनके लिए सबसे बड़ा वरदान और सबसे बड़ा अभिशापक बन गया। हम उस खौफनाक बीमारी का राज भी खोलेंगे जिसने इनका करियर ही खत्म कर दिया। और उस गुमनामी की भी बात करेंगे जिसमें यह आज कहीं खो गई हैं। तो बने रहिए हमारे साथ क्योंकि यह कहानी उस सितारे की है जो चमकने से पहले ही टूट कर बिखर गया। यह कहानी शुरू होती है भारत से हजारों मील दूर मिडिल ईस्ट के शहर मस्कट ओमान से। 18 दिसंबर 1987 को एक मंगलोरियन परिवार में एक बेहद खूबसूरत बच्ची का जन्म हुआ जिसका नाम रखा गया स्नेहा उलाल। इनके पिता नितिन ओलाल ओमान की एक कंस्ट्रक्शन कंपनी में जनरल मैनेजर थे और मां उषा ओलाल एक हाउसवाइफ थी।

स्नेहा की शुरुआती पढ़ाई मस्कत के इंडियन स्कूल मस्कट और इंडियन स्कूल सलाला में हुई। बचपन में स्नेहा को एक्टिंग और फिल्मों का कोई शौक नहीं था। इनकी दुनिया, अपनी पढ़ाई, अपने दोस्तों और अपने परिवार तक ही सीमित थी। परिवार में भी दूर-दूर तक किसी का फिल्म इंडस्ट्री से कोई कनेक्शन नहीं था। जब स्नेहा थोड़ी बड़ी हुई तो इनका परिवार मुंबई शिफ्ट हो गया। जहां इन्होंने वर्तक कॉलेज में दाखिला लिया। स्नेहा अपनी पढ़ाई में मग्न थी और इन्होंने कभी सपने में भी नहीं सोचा था कि इनकी किस्मत बॉलीवुड के सबसे बड़े भाईजान से जुड़ने वाली है। यह वह दौर था जब सलमान खान और ऐश्वर्या राय के ब्रेकअप की खबरें हर अखबार और हर मैगजीन की सुर्खियां बनी हुई थीं। सलमान खान ऐश्वर्या से अलग होने के बाद बुरी तरह से टूट चुके थे। और कहा तो यह तक जा रहा था कि वह ऐश्वर्या की यादों से बाहर निकलने को तैयार ही नहीं थे। इसी दौरान सलमान खान की छोटी बहन अर्पिता खान स्नेहा उलाल की कॉलेज की फ्रेंड बनी। अर्पिता अक्सर अपने घर पर स्नेहा का जिक्र करती हैं। एक दिन जब सलमान खान ने अर्पिता के कॉलेज की कुछ तस्वीरें देखी तो एक चेहरे पर आकर उनकी नजरें ठहर गई। वो चेहरा था स्नेहा उलाल का। तुम्हें मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो स्नेहा की फोटो देखकर सलमान खान हैरान रह गए क्योंकि इनकी शक्ल हूबहू ऐश्वर्या राय से मिलती थी। वही नीली आंखें, वही मासूम चेहरा और वही मुस्कान। सलमान को लगा जैसी उनकी ऐश्वर्या राय उन्हें वापस मिल गई हो। उसे एक पल में सलमान खान ने फैसला कर लिया कि वो इस लड़की को बॉलीवुड की हीरोइन बनाएंगे। यह स्नेहा के लिए किसी सपने के सच होने जैसा था। जिस बॉलीवुड में एंट्री के लिए लोग सालों साल स्ट्रगल करते हैं, वहां खुद सलमान खान इन्हें लॉन्च करने के लिए तैयार खड़े थे। स्नेहा ने फौरन हां कह दी और यहीं से शुरू हुई एक ऐसी कहानी जिसने बॉलीवुड में तहलका मचा दिया। रमा साल था 2005। सलमान खान अपने होम प्रोडक्शन की फिल्म लकी नो टाइम फॉर लव बना रहे थे।

इस फिल्म के लिए उन्हें एक फ्रेश और मासूम खूबसूरत चेहरे की तलाश थी और वह चेहरा उन्हें स्नेहा उलाल के रूप में मिल चुका था। फिल्म की घोषणा होते ही बॉलीवुड के गलियारों में एक ही चर्चा थी। सलमान खान ऐश्वर्या राय की हमशक्ल को लॉन्च करने जा रहे हैं। स्नेहा की तस्वीरें मैगजीनंस में छपने लगी और हर कोई इन्हें देखकर दंग रह गया। लोगों ने इन्हें सेकंड ऐश्वर्या राय का टैग इस तरह से पेश किया गया कि वो ऐश्वर्या राय की परछाई लगे। फिल्म की कहानी रशिया में सेट थी और स्नेहा को एक स्कूल गर्ल का कैरेक्टर निभाना था। इनके ऑोजिट थे खुद सलमान खान जो इनसे उम्र में काफी बड़े थे। 26 अप्रैल 2005 को जब फिल्म रिलीज हुई तो सिनेमाघरों में भीड़ उमड़ पड़ी। हर कोई ऐश्वर्या की इस कार्बन कॉपी को बड़े पर्दे पर देखना चाहता था। फिल्म को ठीक-ठाक ओपनिंग मिली। फिल्म के गाने खासकर चोरी-चोरी, लकी लिप्स और सुन जरा सुपरहिट साबित हुए। सुन जरा सोनिए सुन जरा। फिल्म में स्नेहा की मासूमियत और इनकी एक्टिंग को लोगों ने पसंद तो किया लेकिन क्रिटिक्स ने इन्हें मिलाजुला रिस्पांस दिया। ज्यादातर क्रिटिक्स का कहना था कि स्नेहा एक्टिंग में अभी कच्ची हैं और इन्हें अपने डायलॉग डिलीवरी पर बहुत मेहनत करने की जरूरत है। लेकिन एक बात तो सबने मानी कि यह पर्दे पर बेहद खूबसूरत दिखती हैं। फिल्म बॉक्स ऑफिस पर एवरेज साबित हुई लेकिन स्नेहा लाल रातोंरात पॉपुलर हो चुकी थी। इन्हें कई बड़ी फिल्मों के ऑफर्स आने लगे। ऐसा लगा कि बॉलीवुड को उसकी अगली बड़ी स्टार मिल चुकी है। लेकिन दोस्तों जिस हमशक्ल टैग ने स्नेहा को रातोंरात स्टार बनाया था वही टैग अब इनके करियर का सबसे बड़ा दुश्मन भी बनने वाला था। लकी के बाद स्नेहा ने साल 2006 में सोहेल खान की फिल्म आर्यन में काम किया जिसमें इनके हीरो सोहेल खान ही थे। लेकिन यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर फ्लॉप हो गई। इसके बाद साल 2007 में यह एक और फिल्म जाने भी दो यारों में नजर आई। लेकिन यह फिल्म भी कब आई और कब चली गई किसी को पता नहीं चला। लगातार दो फ्लॉप फिल्मों के बाद स्नेहा का करियर बॉलीवुड में डगमगाने लगा। डायरेक्टर्स इन्हें अपनी फिल्मों में लेने से कतराने लगे और इसकी सबसे बड़ी वजह थी ऐश्वर्या राय से इनकी तुलना। कोई भी डायरेक्टर इन्हें एक ओरिजिनल एक्ट्रेस के तौर पर नहीं देख पा रहा था। हर कोई इनमें ऐश्वर्या राय की ही झलक ढूंढ रहा था और इस दबाव में स्नेहा की अपनी पहचान कहीं खो गई। अपने एक इंटरव्यू में स्नेहा ने इस दर्द को बयां करते हुए बताया, “मैं इस तुलना से परेशान नहीं हुई। यह एक प्यास स्ट्रेटजी थी, लेकिन इसने मेरे करियर पर बहुत बुरा असर डाला। एक 20 साल की लड़की से यह उम्मीद करना कि वह ऐश्वर्या राय जैसी बड़ी स्टार की तरह परफॉर्म करें। यह बहुत नाइंसाफी थी। मैं अभी सीख रही थी, लेकिन मुझे जज किया जा रहा था। बॉलीवुड में जब दरवाजे बंद होने लगे तो स्नेहा ने साउथ फिल्म इंडस्ट्री का रुख किया। कई लोगों ने कहा कि इनका करियर अब खत्म हो गया है लेकिन स्नेहा ने हार नहीं मानी और यह इनके करियर का सबसे समझदारी भरा फैसला साबित हुआ। साल 2008 में स्नेहा ने तेलुगु फिल्म उल्ला समंगा उत्साहंगा से अपने साउथ डेब्यू किया। इस फिल्म में इनके हीरो थे यश सागर। यह एक रोमांटिक कॉमेडी फिल्म थी और इसने बॉक्स ऑफिस पर तहलका मचा दिया। फिल्म ब्लॉकबस्टर साबित हुई और स्नेहा को साउथ में वह पहचान मिली जिसके लिए यह बॉलीवुड में स्ट्रगल कर रही थी। तेलुगु ऑडियंस ने इन्हें हाथों हाथ लिया और यहां

किसी ने इनकी तुलना ऐश्वर्या राय से नहीं की। इस फिल्म की सफलता के लिए स्नेहा को संतोषम बेस्ट डेब्यू एक्ट्रेस का अवार्ड भी मिला। उसलासंगा उत्साहंगा की सफलता के बाद स्नेहा के पास तेलुगु फिल्मों की लाइन लग गई। इन्होंने नेनोमीकू तेलुसा में सुपरस्टार मनोज माचू के साथ काम किया। फिर यह किंग फिल्म में नागार्जुन के साथ एक स्पेशल अपीयरेंस में भी नजर आई। इसके बाद इन्होंने करण, सिम्मा और वरुडू जैसे कई बड़ी फिल्मों में काम किया। फिल्म सिन्हा में इन्होंने साउथ के बड़े स्टार नंद मुनि बाला कृष्णा के साथ काम किया और यह फिल्म भी जबरदस्त हिट रही। स्नेहा उल्लाल तेलुगु सिनेमा में बॉलीवुड के ऐश्वर्या राय की हमशक्ल के टैग से बाहर निकलकर अपनी एक अलग पहचान बना चुकी थी। सब कुछ बढ़िया चल रहा था। ऐसा लग रहा था कि स्नेहा अब एक लंबी पारी खेलने के लिए तैयार हैं। लेकिन तभी इनकी जिंदगी में एक ऐसा तूफान आया जिसने इनसे सब कुछ छीन लिया। साल था 2012। स्नेहा अपने करियर के पीक पर थी कि तभी अचानक इनकी तबीयत बिगड़ने लगी। इन्हें हर वक्त थकान महसूस होने लगी। बदन में दर्द रहने लगा और हल्का सा बुखार बना रहने लगा। शुरू में इन्होंने इसे काम का स्ट्रेस समझकर नजरअंदाज किया। लेकिन धीरे-धीरे इनकी हालत और ज्यादा बिगड़ने लगी और शूटिंग के दौरान यह कई बार बेहोश होने लगी। जब डॉक्टर्स को दिखाया गया तो एक ऐसी सच्चाई सामने आई जिसने स्नेहा के पैरों तले जमीन खिसका दी। स्नेहा को एक गंभीर ऑटोइ्यून डिसऑर्डर हो गया था

जिसे ऑटोइ्यून थ्रोम्बोसाइटोपीनिया कहते हैं। यह एक ऐसी बीमारी है जिसमें इंसान का अपना इम्यून सिस्टम ही उसके शरीर के खिलाफ काम करने लगता है। इस बीमारी में खून में प्लेटलेट्स की भारी कमी हो जाती है जिससे इंसान बेहद कमजोर पड़ जाता है। नेहा ने एक इंटरव्यू में बताया मेरा जिस्म इतना कमजोर हो गया था कि मैं आधे घंटे भी खड़ी नहीं रह सकती थी। मुझे चलना, डांस करना और लगातार शूटिंग करना पड़ता था जो मेरे लिए नामुमकिन हो गया था। इसलिए मैंने एक्टिंग से ब्रेक लेने का फैसला किया ताकि मैं पहले अपनी बीमारी का इलाज करवा सकूं। यह स्नेहा की जिंदगी का सबसे मुश्किल दौर था। इन्हें अपना चमकता हुआ करियर बीच में ही छोड़ना पड़ा और इलाज के लिए यह पूरी तरह से फिल्मों से दूर हो गई। अगले 4 साल तक स्नेहा ने इस बीमारी से एक लंबी और दर्दनाक जंग लड़ी। यह पूरी तरह से पब्लिक लाइफ से गायब हो गई। किसी को नहीं पता था कि यह कहां है और किस हाल में है। लेकिन इन्होंने हिम्मत नहीं हारी। अपनी मां के सपोर्ट और अपनी जिद के दम पर स्नेहा ने इस बीमारी को मात दी। धीरे-धीरे इनकी सेहत में सुधार होने लगा और यह फिर से अपने पैरों पर खड़ी हो गई। करीब 4 साल के लंबे ब्रेक के बाद साल 2017 में स्नेहा ने फिल्मों में वापसी करने का फैसला किया। इन्होंने तेलुगु फिल्म अथामी स्तंभ साइन की लेकिन तब तक

इंडस्ट्री बहुत बदल चुकी थी। नए चेहरे आ चुके थे और स्नेहा के लिए पहले जैसी जगह बना पाना अब मुश्किल हो गया था। खैर, इसके बाद इन्होंने बॉलीवुड में भी वापसी की कोशिश की। साल 2020 में यह Zee5 की एक वेब सीरीज एक्सपायरी डेट में नजर आई। यह एक थ्रिलर सीरीज थी और इसमें स्नेहा के काम को भी पसंद किया गया। लेकिन यह सीरीज कोई बड़ा कमाल नहीं कर सकी और स्नेहा की वापसी उतनी धमाकेदार नहीं रही जितनी उम्मीद की जा रही थी। इसके बाद इन्हें साल 2022 की फिल्म लव यू लोकतंत्र में भी देखा गया जिसमें इनकी एक्टिंग पहले से काफी इंप्रूव हो चुकी थी। हालांकि यह फिल्म भी कुछ खास कमाल नहीं कर सकी और इसके बाद स्नेहा किसी और फिल्म में नजर नहीं आई। स्नेहा की पर्सनल लाइफ की बात करें तो इनका नाम कभी किसी को स्टार के साथ नहीं जोड़ा गया। सलमान खान के साथ इनके अफेयर की अफवाहें तोड़ी लेकिन दोनों ने हमेशा एक दूसरे को अच्छा दोस्त ही बताया। स्नेहा ने अपनी पर्सनल लाइफ को मीडिया से दूर रखा। इन्होंने शादी नहीं की और यह मुंबई में अपने परिवार के साथ रहती हैं। यह सोशल मीडिया पर काफी एक्टिव हैं और अक्सर अपनी तस्वीरें और वीडियोस शेयर करती रहती हैं। इन्हें जानवरों से बहुत प्यार है

और यह एनिमल वेलफेयर के लिए भी काम करती हैं। आज जब लोग स्नेहा उलाल को देखते हैं तो उन्हें वही लकी वाली लड़की याद आती है। आज भी इनकी तुलना ऐश्वर्या राय से ही की जाती है। शायद यह एक ऐसा टैग है जो इनकी जिंदगी से कभी नहीं मिट सकेगा। भी तो क्या करें? कब हुआ? क्यों स्नेहालाल की कहानी एक चमकते सितारे की दर्दनाक दास्तान है। यह कहानी हमें सिखाती है कि फिल्म इंडस्ट्री की दुनिया बाहर से जितनी ग्लैमरस दिखती है, अंदर से यह उतनी ही बेरहम होती है। यहां एक पल में आपको आसमान पर बिठा दिया जाता है और अगले ही पल आपको जमीन पर भी गिरा दिया जाता है। यह एक सबक है कि किसी की परछाई बनकर आप कुछ दूर तो चल सकते हैं,

लेकिन अपनी मंजिल तक नहीं पहुंच सकते। और कभी-कभी किस्मत ऐसा खेल खेलती है कि इंसान के पास सब कुछ होते हुए भी वह खाली हाथ ही रह जाता है। तो दोस्तों, आपको स्नेहा उलाल की कौन सी फिल्म सबसे ज्यादा पसंद थी? और क्या आपको भी लगता है कि अगर इनकी तुलना ऐश्वर्या राय से नहीं की गई होती, तो इनका करियर कुछ और ही होता। दोस्तों स्नेहा उलाल की कहानी हमें सिखाती है कि ग्लैमर की दुनिया जितनी चमकदार दिखती है अंदर से उतनी ही दर्द भरी होती है। कभी-कभी एक चेहरा एक नाम या किसी और से मिलतीजुलती शक्ल किसी की सबसे बड़ी पहचान भी बन सकती है और सबसे बड़ी बदकिस्मती भी। लेकिन स्नेहा उलाल ने हार नहीं मानी। बीमारी, दर्द और गुमनामी के बावजूद वो आज भी अपने अस्तित्व के साथ मजबूती से खड़ी है। तो दोस्तों, आपको क्या लगता है? अगर स्नेहा उलाल की तुलना ऐश्वर्या राय से ना की जाती तो क्या वो आज बॉलीवुड की टॉप एक्ट्रेस होती? अपने विचार हमें नीचे कमेंट में जरूर बताइए। वीडियो पसंद आई हो तो लाइक और शेयर करना ना भूलिए और हां हमारे चैनल

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