नो वन कैन स्टैंड बिटवीन मी एंड होम नॉट इवन द गॉड्स। अगर क्रिस्टोफर नोलन की द ओडीसी को एक लाइन में समेटना हो तो इससे सटीक वाक्य शायद कोई दूसरा नहीं। यह फिल्म एक आदमी के घर लौटने की कहानी है। एक इंसान के अटल निश्चय, हिम्मत और कभी ना हार मानने वाले जज्बे की कहानी। ग्रीक माइथोलॉजी पर आधारित द ओडीसी का नया ट्रेलर आया है। इसकी कहानी 2800 साल पहले होमर की लिखी ओडीसी पर आधारित है। इस गाथा को कहते-कहते होमर ने 24 किताबें लिख दी थी।
मगर फिल्म में केवल ऑडिसिस की घर वापसी की कहानी को दिखाया गया है। ऑडिसिस इथाका का वही राजा था जिसने ट्रॉय शहर को भेदने के लिए ट्रोजन हॉर्स का कांसेप्ट दिया था। ट्रोजन हॉर्स यानी लकड़ी का वही विशालकाय घोड़ा जिसमें छिपे ग्रीक सैनिकों ने रातोंरात ट्रॉय को मिट्टी में मिला दिया। पर क्या वो जीत ओडिसिस की कहानी की हैप्पी एंडिंग थी? नूलन की द ओडिसी इसी सवाल का जवाब ढूंढने की कोशिश करती है। [संगीत] ट्रेलर की शुरुआत ओडिसिस के किरदार से होती है। वो पिछले 10 सालों से ट्रॉय में युद्ध लड़ रहा था। घर वापसी में उसे 10 साल और लगने वाले हैं। यह 20 साल किसी को भी तोड़ सकते हैं।
और डिसेस के साथ भी ऐसा ही हुआ। ट्रॉय से घर लौटते वक्त उसने समुद्री तूफानों, राक्षसों और ढलती उम्र का सामना किया। ट्रेलर के पहले ही शॉट में मैट डेमन का यह किरदार एक टूटी-फूटी नाव में पड़ा समुद्री लहरों पर गोते खा रहा है। उसका शरीर थक चुका है। चेहरे पर घनी सफेद दाढ़ी आ गई है। फिर भी अपनी पत्नी पेनलपी और बेटे टेलीमेकस से मिलने की इच्छा ने उसे जिंदा रखा है। मूवी में उसकी पत्नी का रोल एनहथवे और बेटे का किरदार टॉम हॉलैंड ने निभाया है। सवाल उठता है कि आखिर इथाका इतना भी क्या दूर था कि वहां पहुंचने में ऑडिसिस को 10 साल लग गए। तो इसका जवाब है पॉलिफेमस डिसाइक्लोप्स।
ये एक आंख वाला वही राक्षस था जिसने ऑडिस की घर वापसी के दौरान उसकी सेना पर हमला कर दिया था। मगर ये विवाद एक तरफ़ा नहीं था। हुआ ये कि जब ऑडिस अपने सैनिकों के साथ घर लौट रहा था तो रास्ते में उनकी नजर एक गुफा पर पड़ी। वो अंदर गए तो वहां खाने-पीने का बहुत सारा सामान रखा हुआ था। अब सैनिक तो भूखे थे ही। खाने पर टूट पड़े। मगर उन्हें भनक तक नहीं थी कि वहां साइक्लोप्स आ धमकेगा। साइक्लोप्स ने देखा कि वो सैनिक उसका खाना चट कर गए हैं। इसलिए गुस्से में उसने सबसे पहले एक बड़े पत्थर से गुफा के दरवाजे को बंद कर दिया। इसके बाद वो एक-एक कर वो सभी सैनिकों को खाने लगा। ट्रेलर में भी आप उसके हाथ में एक सैनिक को देख सकते हैं। उससे आपको यह अंदाजा भी लग जाएगा कि साइक्लोप्स कितना विशालकाय था।
खैर ओडिसिस ने किसी तरह उसे चकमा देकर घायल किया और अपने बचे कुचे सैनिकों के साथ वहां से भाग निकला। लेकिन जाते-जाते उसने एक बड़ी गलती कर दी। गलती यह कि उसने घमंड में चिल्ला-चिल्ला कर साइक्लोप्स को अपना नाम और पता बता दिया। इतना सुनना भर था कि पॉलीफेमस नाम के उस साइक्लोप्स ने अपने पिता पोसाइडन को बुलाना शुरू कर दिया। ग्रीक माइथोलॉजी में पोसाइडन समुद्र के देवता बताए जाते हैं। यानी जिस समुद्र से ओडिसस जा रहे थे उसके माईबाप पोसाइडन ही थे। घायल साइक्लोप्स ने पिता से गुहार की कि वो ऑडिओसिस की नाव को समुद्र में तबाह कर दे।
साथ ही उसे इतना परेशान करें कि वो कभी घर ही ना पहुंच पाए। शुरुआत में हमने ऑडिसिस के जिस नॉट इवन गॉड्स वाले डायलॉग का जिक्र किया वो गॉड पोसाइडन ही है। खैर साइक्लोप्स की इस डिमांड ने ही ऑडिसिस की बर्बादी में सबसे बड़ी भूमिका निभाई थी। वो समुद्र में उतरा और अगले कई सालों तक वहीं फंसा रहा। आगे उसकी मुलाकात कैलिप्सो से हुई जो एक तरह की देवी बताई जाती है।
रास्ते में उसे नर्क में दोबारा एक युद्ध लड़ना पड़ा। इनसे बचकर निकले तो उनका सामना 9 से 10 फीट के लेस्टर गोनियन से हुआ जो उनके सैनिकों को गाजर मूली की तरह काट रहे थे। जब यह भी कम पड़ा तो इथाका में रॉबर्ट पैटनसन का किरदार एंटोनियस उसकी पत्नी और साम्राज्य पर नजर गड़ाए बैठा था। कुल मिलाकर ऑडिसिस का किरदार एक साथ इन सभी मुश्किलों का सामना कर रहा था। जिसकी झलक फिल्म के नए ट्रेलर में देखने को मिली है। फोन या लैपटॉप द ऑडिसी के ट्रेलर के साथ न्याय नहीं करते।
इसका लुत्फ बड़ी स्क्रीन पर ही लिया जा सकता है। यह भव्य है और भयावह भी। जिसे देखकर आप नोलन के लार्जर दिन लाइफ प्रेजेंटेशन की दाद दिए बिना नहीं रह पाते। मूवी की सिनेमेटोग्राफी जबरदस्त है। जिन्हें आइसलैंड के काले बीच को और निखार देते हैं। ट्रॉय के युद्ध में मीनार के गिरने से फॉल ऑफ ट्रॉय को रिप्रेजेंट करना हो या सफेद रेत की चादर पर अकेले चलते ऑडिसेस से उनके मानसिक अकेलेपन को नोलन ने बड़ी बारीकी से इन मेटाफर्स को इस्तेमाल किया है। [संगीत] नोलन ने द ओडीसी को पूरी तरह आई मैक्स कैमरे से शूट किया है। मगर यह कैमरा भी खास तरह से बनवाया गया है।
दरअसल आई मैक्स कैमरे सींस को खूबसूरती और आईक्स फॉर्मेट के लिहाज से कैप्चर करते हैं। मगर उनमें काफी आवाज आती है। इस वजह से डायलॉग्स साफ सुनाई नहीं देते। अब टेनेट में रियल प्लेन को बिल्डिंग से ठोक देने वाले नोलेलन को यह कहां मंजूर था। उन्होंने आईक्स वालों से कहा कि वो उनके लिए एक साउंड प्रूफ कैमरा तैयार करें। आई मैक्स ने खास इस फिल्म के लिए एक स्पेशल साउंड प्रूफ केस तैयार किया। उसकी मदद से नोलन का एक्टर्स की फुसफुसाहट को भी साफ ढंग से रिकॉर्ड कर पाना संभव हो गया।
द ओडीसी की शूटिंग के दौरान लगभग 20 लाख फीट लंबी फिल्म का इस्तेमाल हुआ है। अगर इसे जोड़े तो यह करीब $69 कि.मी. की दूरी है। कैमरे की इस फिल्म की कीमत करीब 1.5 प्रति फीट थी। इस तरह केवल उस फिल्म पर $30 लाख यानी लगभग 28 करोड़ 52 लाख खर्च हो गए हैं। यह पूरी मूवी 250 मिलियन में बनी है। भारतीय रुपों में यह करीब ₹2377 करोड़ के बराबर है। नोलन ने इतनी महंगी फिल्म पहले कभी नहीं बनाई। [संगीत] नोलन ने अपनी हर फिल्म की तरह द ओडीसी को भी रियल लोकेशनेशंस पर शूट किया है। मतलब ट्रेलर में आप जो समुद्र और उन पर ऑडिसिस की सेना को जूझते देख रहे हैं सब असली है।
मैक डेमन और नोलन ने चार महीनों तक लगातार इस मूवी को खुले समुद्र में शूट किया था। जिसके लिए डार्कन हेराल्ड हारफ्रिज नाम के असली जहाज को ग्रीक सैनिकों की नाव के रूप में इस्तेमाल किया [संगीत] गया था। द ओडीसी को एक दो जगह नहीं बल्कि सात अलग-अलग देशों में शूट किया गया है। इनमें मोरक्को, ग्रीस, इटली, आइसलैंड, स्कॉटलैंड, वेस्टर्न सहारा और माल्टा शामिल है। इटली में तो हालत बहुत बुरे थे। कास्ट और क्रू को हर सुबह करीब 600 फीट यानी लगभग 60 मंजिले ऊंचे पहाड़ पर चढ़ना पड़ता था। आइसलैंड में फिल्म के अंडरवर्ड यानी नर्क वाले सीन शूट किए गए थे।
उस काली रेत पर नोलेलन ने पूरे वॉर सीक्वेंस को लालन की रोशनी में फिल्माया था। इन तमाम दिक्कतों के बावजूद नोलेन ने यह शूटिंग तय समय से 9 दिन पहले ही पूरी कर ली। अब वो और दुनिया भर के दर्शक 17 जुलाई का इंतजार कर रहे हैं जब यह मूवी सिनेमाघरों में रिलीज होगी।