पंछी नदियां पवन के झोंके तनहाई [संगीत] [गाना गाने की आवाज़] तनहाई मिलों [संगीत] है [गाना गाने की आवाज़] फैली इंडियन म्यूजिक इंडस्ट्री के एक ऐसे गायक जो अपने सुरताल आवाज अंदाज और वाद विवाद सभी के लिए खूब मशहूर [संगीत] रहे। तुमको पाया है तो जैसे खोया हूं। कहना [संगीत] चाहूं भी तो तुमसे सुरीली आवाज ऊंचे से ऊंचे सुर लगाने में माहिर बेहद वर्सटाइल और जबरदस्त परफॉर्मर मेरे हाथ में तेरा हाथ [संगीत] हो सारी जन्नतें जिन्होंने पद्मश्री और नेशनल अवार्ड के साथ ढेरों प्रिस्टीरियस पुरस्कार अपने नाम किए और फिल्म इंडस्ट्री में मॉडर्न रफी के स्टाइल से नवाजे गए। तोड़िए सुन ज़रा आज खामोशियों से रॉक स्टाइल गाने हो या रोमांटिक गीत इनकी आवाज ने गजब ढा दिया ये दिल [संगीत] दीवाना दीवाना है ये देशभक्ति जज्बे को समेटे सॉन्ग्स हो या फिर गजल या भजन इन्होंने म्यूजिक के हर ज़ैनर में अपनी गायकी से तहलका मचा दिया और देश दुनिया के करोड़ों लोगों को अपना कायल बनाया। सूरज हुआ मध्यम चांद जलने लगा आसमा भगवान है कहां रे तू है खुद इन्होंने हिंदी के अलावा तमिल, तेलुगु, कन्नड़, बंगाली, मराठी समेत 15 से ज्यादा रीजनल लैंग्वेजेस में अपनी बेमिसाल गायकी के सबूत पेश किए। यूपी वाला ठुमका लगाऊं के हीरो जैसे नाच के दिखाऊं दिल डूबा [संगीत] दिल डूबा नीली आंखों में ये दिल डूबा महबूबा [संगीत] महबूबा जब फिल्मों में उदित नारायण और कुमार तानू जैसे सिंगर्स की तूती बोलती थी तो उस दौर में इन्होंने अपनी मखमली आवाज से बॉलीवुड में खास जगह बना ली। अच्छा सिला दिया तूने [संगीत] मेरे प्यार का यार ने ही लूट लिया घर यार। लेकिन क्या आप जानते हैं कि इतने टैलेंटेड और वर्सटाइल सिंगर होने के बावजूद इन्हें प्लेबैक सिंगिंग से दूध की मक्खी की तरह निकाल दिया गया। मैं एक बीता हुआ जमाना [गाना गाने की आवाज़] हूं। क्या आप मानेंगे कि कभी इन्हें कॉन्सर्ट में धक्का देकर गिरा दिया गया तो कभी धर्म गुरुओं द्वारा इनके सिर मुंडन करवाने का फतवा जारी कर दिया गया। संदेश से आते हैं हमें तड़पाते हैं वो चिट्ठी आ क्या आप यकीन करेंगे कि एक बार यह इस कदर दुखी हुए कि खुद के पाकिस्तानी होने की ख्वाहिश जाहिर की तो कभी बाबरी मस्जिद और काली माता पर विवादित बयान देकर लोगों के भयंकर गुस्से का शिकार हो गए।
है सामने [संगीत][गाना गाने की आवाज़] इसे छू लूं जरा। तो आखिर क्या वजह रही कि इतने सक्सेसफुल और [संगीत] पॉपुलर होने के बावजूद इन्होंने इंडियन म्यूजिक इंडस्ट्री को खूब कोसा और बार-बार अपनी भड़ास निकाली और आखिर क्यों यह इतनी कंट्रोवर्सीज के शिकार हो गए? 10 साल पहले जो मैं था आज सोचते हैं अरे यह गलती क्यों कर दी मैंने। है ना? तो भगवान करे 10 साल ना लगे आज को समझने में। आज बताएंगे इनसे जुड़ी वो तमाम बातें जो आप में से ज्यादातर लोग नहीं जानते होंगे। आप बस बने रहिए हमारे साथ। नमस्कार दोस्तों, प्रियंक वाजपेयी हूं मैं और आप देख रहे हैं डार्क बॉलीवुड। दोस्तों, इंडियन सिनेमा के इतिहास में एक से बढ़कर एक टैलेंटेड सिंगर्स आए और अपना मुकाम बनाया। लेकिन इनमें से कुछ ऐसे गायक रहे जिनकी गायकी ने हमारे दिलों को छुआ और वो हमेशा के लिए हमारे मन में बस गए। इन्हीं में से एक प्लेबैक सिंगर रहे वर्सटाइल टैलेंटेड गायक सोनू निगम। हमें जब से मोहब्बत [गाना गाने की आवाज़] हो गई है। पीने के हैं चार दिन। बाकी है बेकार [संगीत] दिन। सोनू निगम महज एक गायक ही नहीं रहे बल्कि एक मल्टी टैलेंटेड शख्स के तौर पर उन्होंने अपनी पहचान बनाई। दोस्तों, ऐसे कई कलाकार हैं जो फेमस लोगों की मिमिक्री करते हैं। लेकिन सोनू निगम एक ऐसे सिंगर रहे जिन्होंने बड़े-बड़े मंचों पर दिग्गज गायकों की मिमिक्री की। कैसे गाएंगे? एवरी नाइट इन माय [हंसी] पिया बसंती रे काहे सताएं आ जाऊं जो काहे सताएं आजा पसंद सी सूरत हाथों में केली उदित खड़ा चिल्लाए चाय चाय बोल चुिया कंगना [संगीत] हम [संगीत] तेरे [गाना गाने की आवाज़] साजना [संगीत] तो चलिए सबसे पहले जानते जानते हैं इनके फैमिली बैकग्राउंड, अर्ली लाइफ और फिल्मों में एंट्री की कहानी। आसमान वाले जमीन पर उतर के सोनू निगम का जन्म 30 जुलाई 1973 को हरियाणा के फरीदाबाद में कायस्त हिंदू परिवार में हुआ था। इनके पापा अगम कुमार निगम हरियाणवी और मम्मी शोभा पहाड़ी थी और यह दोनों भी स्टेज पर परफॉर्मेंस दिया करते थे। पापा शादियों पार्टियों में भी ऑर्केस्ट्रा प्रोग्राम करते थे। दिल की धड़कन [संगीत] हर पल तेरे गीत सुनाती है। [संगीत] कोई ना हो जब ऐसे में सोनू निगम को भी अपनी मम्मी पापा से संगीत विरासत में मिला। सोनू निगम जब 4 साल के हुए तभी से यह भी अपने पेरेंट्स के साथ स्टेज शो शादियों और पार्टियों में साथ में गाने लगे। इसी दौरान सोनू बचपन में एक बार स्टेज पर अकेले गाने की जिद करने लगे। पर इनके पापा इन्हें ऐसा नहीं करने देना चाहते थे कि पता नहीं लोगों का क्या रिएक्शन हो लेकिन बाकी ऑर्गेनाइजर्स ने समझाया और यह मंच पर पहुंच गए। सोनू निगम ने वहां रफी साहब का गाना गाया क्या हुआ तेरा वादा और तालियों की आवाज से हॉल गूंज उठा। फिर तो इस हौसला अफजाई के बाद बच्चे सोनू की गायकी का सिलसिला चल निकला। हालांकि सोनू निगम ने चाइल्ड आर्टिस्ट के तौर पर भी कई फिल्मों में एक्टिंग की। सुपरहिट फिल्म बेताब में सोनू निगम ने सनी देओल के बचपन का किरदार निभाया था और जब सोनू बड़े हुए तो उसी सनी देओल के साथ उनके छोटे भाई के रोल में फिल्म जानी दुश्मन में भी नजर आए।
इसके अलावा उस्तादी उस्ताद से कामचोर ऐसी तमाम फिल्मों [संगीत] में भी सोनू निगम नजर आए। लेकिन बचपन में सोनू निगम को एक्टिंग में ज्यादा मजा नहीं आया और पूरे मन से बस सिंगिंग पर ही फोकस करते रहे। यह मोहम्मद रफी से काफी ज्यादा प्रभावित थे और स्टेज पर ज्यादातर उन्हीं के सॉन्ग्स गाते थे। दिल के [संगीत] झरोके में तुझको बिठाकर यादों को तेरी [गाना गाने की आवाज़] मैं दुल्हन बनाकर रखूंगा। सोनू निगम ने अपने स्कूल में ढेर सारे सिंगिंग कंपटीशन जीते और सबके चहेते बन गए। सोनू पढ़ने में भी तेज थे। लेकिन जब [संगीत] 12th स्टैंडर्ड पास किया तभी इनके मम्मी पापा इन्हें लेकर मुंबई चले गए। यहां सोनू कई स्टूडियो में ऑडिशन के लिए जाने लगे और कुछ स्टूडियोज ने इनसे गानों के स्क्रैच भी गवाए। इस तरह यह मुंबई में सालों तक खुद को मांझने में लगे रहे। सोनू ने बतौर प्लेबैक सिंगर अपने करियर की शुरुआत जन्म से की लेकिन यह फिल्म रिलीज नहीं हो सकी। जिसके बाद सोनू को अगला ब्रेक पाने के लिए 5 साल तक काफी संघर्ष करना पड़ा। फिर सोनू ने अपने करियर की शुरुआत 1992 [संगीत] में डीडी वन के टीवी सीरियल तलाश के एपिसोड नंबर नौ के एक गाने से की। यह गाना था हम तो छैला बन गए। हम तो [संगीत] छैला बन गए रे बबुआ छैला बन गए। सावलर इसके बाद सोनू की मुलाकात टी- सीरीज के मालिक गुलशन कुमार से हुई और इनकी आवाज गुलशन साहब को इतनी पसंद आई कि मानो सोनू निगम की जिंदगी ही बदल गई। दरअसल साल 1992 में गुलशन कुमार ने सोनू को T-seरीज के एल्बम रफी की यादें में काम करने का मौका दिया। जिसमें इन्होंने रफी साहब के गानों को एक नए अंदाज में पेश किया। जाने से उसके आए बहार [गाना गाने की आवाज़] जाने से उसके। फिर गुलशन कुमार ने इन्हें फिल्मों में भी ब्रेक दे दिया और प्लेबैक सिंगर के रूप में सोनू का पहला रिकॉर्डेड गाना 1993 में आई फिल्म आजा मेरी जान का रहा। यह गाना था ओ आसमान वाले ओ आसमान वाले [संगीत] जमीन पर उतर के इस गाने को गजब की पॉपुलैरिटी मिली और हर क्लास के लोगों ने इसे खूब पसंद किया। होती है क्या जुदाई के तू भी बिछड़ दे। इसके बाद सोनू को फिल्मों में काम मिलने लगा और इन्होंने 1993 से 1994 के बीच करीब 10 फिल्मों के गीतों को आवाज दी। हालांकि 1995 में आई गुलशन कुमार की म्यूजिक थ्रिलर [संगीत] फिल्म बेवफा सनम इनके करियर में मील का पत्थर साबित हुई। धोखे [संगीत] प्यार के धोखे मैंने दिल पे सहे हैं रो-रो के किसी से। वैसे तो इस फिल्म के ज्यादातर गाने हिट रहे लेकिन सोनू की आवाज में अच्छा सिला दिया तूने मेरे प्यार का गाना ब्लॉकबस्टर साबित हुआ। और इसी गाने ने एक तरह से सोनू को फिल्म इंडस्ट्री में स्थापित कर दिया। अच्छा सिला दिया तूने मेरे प्यार का यार ने ही लूट लिया घर यार सोनू ने बताया था कि तब इनका अपने पहले प्यार से ब्रेकअप हुआ था जो इमोशन इस गाने में इनके दिल से निकला था मेरे प्यार वाले सभी फूल मुरझाए काटे ही फिजाओं वाले मेरे सिया तो मैं बाथरूम में जाके रोता था कभी-कभी तो चांस की बात है वो मैनिफेस्ट हो गया उसके एक साल बाद में मुझे गाना सबसे मेरा पहला हिट गाना मिल गया अच्छा सिला दिया तूने मेरे मेरे प्यार का। इसके बाद सोनू ने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। इसी साल इन्होंने पॉपुलर टीवी शो सारे गामा को होस्ट किया। दोस्तों ज्यादा वक्त [प्रशंसा][हौसला बढ़ाने की आवाज़] ना लेते हुए मैं चाहता हूं कि मेरे जैसा स्वर्ण अवसर सब प्रतियोगियों को मिले और यहां पर आकर वे इनसे आशीर्वाद ले सके। साल 1995 से 2000 के बीच सोनू ने सुपरहिट और ब्लॉकबस्टर गानों की झड़ी लगा दी। इनमें से कुछ नोटेबल गानों की अगर बात की जाए तो 1997 में आई फिल्म मोहब्बत के गाने ने तो कहर बरपा दिया। इस गाने के बोल थे आईना बता कैसे उनका दिल चुराना है। आईना बता कैसे उनका दिल [संगीत] चुराना है। आज फिर अकेले फिल्म बॉर्डर से संदेश आते हैं और हमें जब से मोहब्बत हो गई है। से आते हैं हमें तड़पाते हैं तो चिट्ठी आती। इस दौरान सोनू ने लगभग एक साल उस्ताद गुलाम मुस्तफा खान से हिंदुस्तानी शास्त्रीय संगीत भी सीखना जारी रखा। तभी फिल्म परदेश का गाना यह दिल दीवाना गाया और शोहरत की बुलंदियों पर जा पहुंचे। ये दिल दीवाना दीवाना [संगीत] है। ये इसके बाद फिल्म हीरो नंबर वन का गाना यूपी वाला ठुमका ने यूपी वालों को इनका दीवाना बना दिया। क्यों बे वाला ठुमका लगाऊं के हीरो जैसे नाच के दिखाऊं 1998 में आई फिल्म दिलसे का गीत सतरंगी रे और फिल्म दूल्हे राजा का गाना अंखियों से गोली मारे भी जबरदस्त हिट हुए अपने दीवाने का कर दे बुरा रे [संगीत] की अंखियों से गोली मार इसके बाद साल 1999 में आई फिल्म संघर्ष के गीत मुझे रात दिन ने लोगों को झूमने पर मजबूर कर दिया मुझे रात [गाना गाने की आवाज़] दिन बस मुझे चाहती। इस तरह देखते ही देखते सोनू निगम सबके चहेते गायक बन गए और लोगों के बीच इनकी पॉपुलैरिटी सर चढ़कर बोलने लगी। थैंक यू ऑल द पीपल। ये एक्चुअली नॉर्मली हम म्यूजिक अवार्ड्स में होते हैं तो वो थोड़ा ज्यादा लोग मिलते हैं जो हमको जानते हैं। साल 1999 में रिलीज हुआ म्यूजिक वीडियो एल्बम दीवाना। बॉलीवुड के सबसे लोकप्रिय एल्बम में से एक रहा खासकर इसके गाने दीवाना तेरा। मैं हूं दीवाना तेरा मौसम है मस्ताना। इसके अलावा अब मुझे रात दिन और इस कदर ये दोनों गाने भी बेहद पसंद किए गए। अब मुझे रात [संगीत] दिन तुम्हारा [गाना गाने की आवाज़] ही ख्याल। [संगीत] सोनू हैंडसम दिखते थे और प्यारी सी मुस्कान लिए गानों में इनकी मौजूदगी खासकर लड़कियों को खूब अट्रैक्ट करती थी। इस कदर [संगीत] प्यार [गाना गाने की आवाज़] है तुमसे है। 2000 के दशक में सोनू सूरज की तरह चमके और इनके गाए ज्यादातर गाने सुपरहिट होते गए। इस दौरान इनके ब्लॉकबस्टर गानों की अगर बात करें तो फिल्म कभी खुशी कभी गम का गाना यू आर माय सोनिया हिट रहा। देखा तुमको जब से बस देखा [संगीत] तुमको यारा तुमसे कोई अच्छा है ना तो सूरज हुआ मध्यम गाने की लोकप्रियता चरम पर पहुंच गई जो आज भी शाहरुख खान और सोनू निगम की पहचान बना हुआ है। सूरज हुआ मध्यम चांद [संगीत] जलने [गाना गाने की आवाज़] लगा। साथ ही फिल्म रिफ्यूजी से पंछी नदियां पवन के झोंके ने वो मुकाम हासिल किया कि इसे आज भी स्वतंत्रता दिवस के मौके पर स्कूलों में जरूर बजाया जाता है। पंछी [संगीत] नदियां पवन के झोंके [संगीत] वही फिल्म दिल चाहता है कि सेंसेशनल एवरग्रीन गीतों को भला कौन भुला सकता है। तनहाई [गाना गाने की आवाज़] तनहाई मीलों है साथ ही फिल्म फिजा के गीत तू फिजा है ने भी सुनने वालों को मंत्रमुग्ध कर दिया। तू हवा है फिजा है जमी की नहीं तू घटा है
तो फिर क्यों इसी दौरान साल 2002 में सोनू को अपना पहला फिल्म फेयर अवार्ड भी मिला। गुलजार का लिखा और ए आर रहमान की ओर से संगीतबद्ध साथिया फिल्म के टाइटल ट्रैक ने सोनू निगम को यह सफलता दिलाई। हंसती रहे तू हंसती रहे हया की लाली खिलती रहे [संगीत] जुल्फ के नीचे। इसके बाद साल 2003 में सोनू के करियर की सबसे बड़ी सफलता इनके हाथ लगी। जावेद अख्तर का लिखा गया और शंकर एहसान लॉय का संगीतबद्ध किया। फिल्म कल हो ना हो के टाइटल ट्रैक से सोनू ने सबको अपना दीवाना बना लिया। हर घड़ी बदल [संगीत] रही है रूप जिंदगी। इस गाने के लिए सोनू ने बेस्ट सिंगर के आईपा और फिल्म फेयर के साथ ही अपना पहला नेशनल अवार्ड भी हासिल किया। हर पल यहां [संगीत] जी भर जियो [गाना गाने की आवाज़] साल 2004 में सोनू के सबसे लोकप्रिय गानों की अगर बात की जाए तो फिल्म मैं हूं ना का टाइटल ट्रैक तुमसे मिलके दिल का है जो हाल सबसे खास रहे तुमसे मिलके दिल का है जो हाल क्या कहें हो गया है [संगीत] कैसा ये कमाल वहीं फिल्म वीर ज़ारा का दो पल और चुप-चुप के भी खूब पॉपुलर हुए। दो पल रुका ख्वाबों [संगीत] का कारवा और फिर चल चुप-चुप [संगीत] के चुप-चुक के चोरी से चोरी चुप-चुक के चुुक-चुक के साल 2005 में आई फिल्म लकी नो टाइम फॉर लव से सुन ज़रा और 2006 में आई फिल्म कृष से प्यार की एक कहानी भी हिट गानों [संगीत] की लिस्ट में शुमार हो गए। तोड़िए सुन ज़रा। आज खामोशियों से इसके अलावा फिल्म फना से देखो ना और मेरे हाथ में की दीवानगी आज भी कायम है। मेरे हाथ में तेरा [संगीत] हाथ हो सारी जन्नत [गाना गाने की आवाज़] ना हवाएं होंगी [संगीत] इतनी बेशर्म। फिर ना डगमग। [संगीत] फिल्म जोधा अकबर से इन लम्हों के दामन में गाने ने जैसे सुनने वालों के दिलों को चीर डाला। इन लम्हों के दामन में [संगीत] पाकीजा साल 2007 में आई फिल्म ओम शांति ओम से मैं अगर कहूं ऐसा सदाबहार सुपरहिट गाना साबित हुआ। जिसने नए जमाने में रफी साहब की मेलोडियस आवाज की ताजगी को महसूस करा दिया और संगीत के कदरदानों को जैसे इसमें शीतलता मिल गई। तुमको पाया है तो जैसे खोया हूं। कहना [संगीत] चाहूं भी तो इसके बाद साल 2010 में आई फिल्म दबंग से चोरी किया रे। 2012 में आई फिल्म अग्निपथ से अभी मुझ में कहीं। 2014 में आई फिल्म पीके से भगवान है कहां रे तू। ऐसे गानों ने यह साबित कर दिया कि नए मौजूदा गायकों में सोनू निगम जैसा वर्सटाइल कोई और नहीं। अभी [गाना गाने की आवाज़] मुझ में कहीं बाकी तो बता दें कि इस गाने की रिकॉर्डिंग के आसपास के वक्त में ही सोनू निगम की मां कैंसर की वजह से इन्हें छोड़कर चली गई थी। जो दर्द इस गाने में महसूस किया जा सकता है। है [संगीत][गाना गाने की आवाज़] सामने इसे छू लूं जरा मर जा। खैर सोनू निगम ने कई नेशनल और इंटरनेशनल सिंगर्स के साथ कोलैबोरेशन में कई एल्बम्स भी लॉन्च किए और अपनी जादुई आवाज से दुनिया भर में अपने फैंस को खूब एंटरटेन किया। तेरा मिलना पल दो पल का मेरी [गाना गाने की आवाज़] धड़कन। सोनू निगम अपने करियर के उफान पर थे और कुमार सानू, उदित नारायण और अभिजीत आदि टॉप के सिंगर्स को पीछे छोड़ चुके थे। यह वो दौर था जब बॉलीवुड में सोनू निगम की फीस सबसे ज्यादा हो चुकी थी। मैं हूं दीवाना तेरा मौसम है मस्ताना लेकिन फिर धीरे-धीरे सोनू निगम को गाने मिलने कम होने लगे और कई बड़ी म्यूजिक कंपनियां दूसरे नए सिंगर्स को गाने देने लगी जबकि तब भी सोनू के मुकाबले वो सिंगर्स कहीं भी खड़े होने लायक नहीं थे और सोनू की गायकी तो अब और ज्यादा निखर चुकी थी साथ ही इनके गाने हिट भी हो रहे थे भगवान है कहां रे तू बाद में इसके पीछे कई वजह सामने आई जिसमें एक बड़ी वजह रही T-seरीज और दूसरी कुछ म्यूजिक कंपनियों से सोनू निगम की तनातनी जिसकी चर्चा हम आगे करेंगे। इसके साथ ही अपने बेबाक बयानों और ढेर सारी कंट्रोवर्सीज की वजह से भी सोनू निगम को अपने प्रोफेशन में उसका खामियाजा भुगतना पड़ा। जान की बड़ी हैरानी होगी। [संगीत] हमारे देश में भी कभी-कभी ऐसा होता है कि म्यूजिक कंपोजर्स नाम दे देते हैं लेकिन बना कोई औररा होता है।
दोस्तों गायकी के साथ-साथ सोनू ने कुछ फिल्मों में भी एक्टिंग की। हालांकि इसमें उनको कुछ खास सफलता नहीं मिल पाई। सोनू ने साल 2002 में रिलीज हुई मल्टीस्टारर फिल्म जानी दुश्मन में काम किया जिसमें इनके अभिनय को बचकाना करार दिया गया। मैं लेप मोमेंट पढ़ना चाहता हूं। हां। तूने प्रीति को बहन बना के गले लगाया। शराफत से मेरे पैसे लौटता है। तेरा भांडा फोड़ दूंगा। ये ले ले ले ले। फिर यह साल 2003 में फिल्म काश आप हमारे होते और साल 2004 में रिलीज हुई फिल्म लव इन नेपाल में नजर आए। हालांकि इनमें भी इनकी एक्टिंग को कुछ खास पसंद नहीं किया गया और यह फिल्में भी बॉक्स ऑफिस पर फेल रहीं। साथी क्या होता है तुम्हें तब मालूम पड़ेगा जब तुम्हें कोई मिलेगा। जब तुम्हारी किसी से शादी होगी हां। फिल्मों में एक्टिंग और सिंगिंग के साथ ही सोनू निगम 1995 और 2016 तक छोटे पर्दे पर भी एक्टिव रहे। यह सारे गामा इंडियन आइडियल और किस में कितना है दम? वॉइस ऑफ इंडिया, छोटे उस्ताद और एक्स फैक्टर इंडिया जैसे कई टीवी शोज़ में भी कभी होस्ट तो कभी जज के रूप में नजर आए। सा रे गा [संगीत] मा प मा गा मा प मा रे मा गा सोनू निगम ने कई बड़े अवार्ड सेरेमनी को भी होस्ट किया और उसमें भी अपने टैलेंट से सबको हैरान कर दिया। नमस्कार जी नमस्कार मेरा नमस्कार लीजिए। मेरा नाम है संगीत सिंह होशियारपुर वाले। मेरी जिंदगी के एक ही नियम है जी। हारमोनियम। वैसे मैं मौसी हूं। तो वहीं एक बार भिखारी की वेशभूषा में सड़क पर हारमोनियम लेकर गाते नजर आए और कमाल देखिए कि कोई इन्हें पहचान ही नहीं सका और लोग दीवानों की तरह सड़कों पर इन्हें घेरे इनके गाने सुनते रहे। घड़ी [गाना गाने की आवाज़] बदल रही है रूप जिंदगी। चलिए अब बात करते हैं सोनू निगम से जुड़ी कुछ कंट्रोवर्सीज की। तो कहा जाता है कि अपने बेबाक बयानों के लिए मशहूर सोनू निगम का विवादों से लगातार गहरा नाता रहा। जून 2020 में अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत के निधन के बाद सोनू निगम ने एक वीडियो पोस्ट किया जिसमें कहा कि संगीत उद्योग पर भी दो प्रमुख कंपनियों का एकाधिकार है और मुझे भी उसी तरह के भेदभाव का सामना करना पड़ा था। इसके बाद टी सीरीज के मालिक भूषण कुमार की पत्नी दिव्या कोसला के एक पोस्ट ने इस मामले को और गरमा दिया। दिव्या ने सोनू निगम को एहसान फरामोश बता दिया और कहा कि वह झूठी कहानी बेचकर लोगों के दिमाग के साथ खेल रहे हैं। सोनू निगम जी से मैं ये पूछना चाहूंगी कि वो बोल रहे हैं कि इंडस्ट्री में टैलेंट को सही दिशा नहीं मिलती। तो सोनू जी आप तो लेजेंड है।
आप तो बहुत बड़े कलाकार हैं। आप ने आज तक कितने लोगों को चांस दिया है? फिर तो सोनू निगम ने एक और वीडियो शेयर किया और कहा लातों के माफिया बातों से नहीं मानते। भूषण कुमार अब तो तेरा नाम लेना ही पड़ेगा मुझे और अब तो तू तू के लायक है। तूने गलत आर्मी से पंगा ले लिया। समझा? बताया जाता है कि सोशल मीडिया के जरिए वाद-विवाद और एक दूसरे को धमकाने का यह सिलसिला लंबा चलता रहा। जिसके बाद सोनू निगम और अबू सलीम के रिश्तों की जांच की बात भी कही जाने लगी। साथ ही और भी कई तरह के गड़े मुर्दे उखाड़े जाने लगे। इसके अलावा भी सोनू निगम ने कई और लोगों से पंगे लिए जिनमें सलमान खान का भी नाम शामिल रहा। दरअसल इन्होंने सलमान के लिए एक गाना गाया था जिसे बाद में रिप्लेस करके सलमान से ही गवा लिया गया। इस पर सोनू निगम भड़क गए। कब होठों [संगीत] पे दिल [गाना गाने की आवाज़] ने रख दी दिल की बातें। समझा नहीं [संगीत] ये दिल। इसी तरह सोनू निगम ने ए आर रहमान और हिमेश रेशमिया से भी पंगा लिया था और अपने पैरों पर खुद ही कुल्हाड़ी मार ली थी। इन्होंने हिमेश रेशमिया के गानों को जहां चीप कहा तो वहीं एक इंटरव्यू में ए आर रहमान के म्यूजिक को 10 में से दो नंबर दिए। इसके बाद साल 2017 में सोनू निगम ने अजान को लेकर एक ट्वीट किया जिससे खूब बखेड़ा खड़ा हुआ। दरअसल सोनू ने अजान से नींद टूटने के लिए धार्मिक स्थलों पर लाउडस्कर के इस्तेमाल को गुंडागर्दी करार दे दिया और एक पोस्ट किया कि मैं मुस्लिम नहीं हूं लेकिन अजान की वजह से ना चाहते हुए भी मुझे उठना पड़ता है।
ये जबरदस्ती की धार्मिकता कब खत्म होगी? जब मोहम्मद ने इस्लाम बनाया था तब बिजली नहीं थी। एडिसन के बाद यह सब मुझे क्यों सुनना पड़ रहा है? सोनू के इस बयान से मुस्लिम समुदाय के लोग इनसे काफी नाराज हो गए और कुछ लोगों ने इसे अटेंशन पाने का जरिया करार दिया। इसके बाद कोलकाता के मौलवी सैयद कादरी ने सोनू निगम के खिलाफ फतवा जारी करते हुए कहा कि जो कोई भी सोनू निगम के बाल मुड़वाकर जूतों की माला पहनाकर देश भर में घुमाएगा उसे ₹1 लाख का इनाम दिया जाएगा। इस फतवे का करारा जवाब देते हुए सोनू निगम ने मशहूर हेयर स्टाइलिस्ट आलिम हकीम को घर बुलाकर अब खुद अपना सिर मुड़वा लिया। इस पर मौलवी ने कहा कि हमारी सभी शर्तें पूरी नहीं हुई है। हम ₹1 लाख का इनाम तभी देंगे जब वो पूरे देश में जूतों की माला पहनकर घुमाए जाएंगे। हालांकि इस विवाद में घिरने के बाद सोनू निगम ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए पूरे मामले पर अपनी सफाई दी और कहा कि इन्होंने सामाजिक मुद्दा उठाया था ना कि धार्मिक और यह एक धर्मनिरपेक्ष व्यक्ति हैं। यह अजान के बारे में नहीं था बल्कि तेज आवाज के बारे में था। इन्होंने मंदिर और गुरुद्वारे का भी जिक्र किया था। लेकिन इस पर किसी का ध्यान क्यों नहीं गया? अजान हो या मंदिर की आरती हो कुछ भी लाउडस्पीकर नहीं होना चाहिए। मेरा यह कहना है मेरा मानना है यह मेरा मत है। मुझे मेरे मत को रखने दो। एक और कंट्रोवर्सी में सोनू निगम एक वायरल वीडियो क्लिप में नवरात्रि में मीट बैन होने की बात पर अपनी राय देते नजर आए। वीडियो में सोनू निगम कहते दिख रहे हैं कि वह कोई भक्त नहीं है जो कहे कि जय श्री राम कर लो।
सोनू निगम ने यह भी कहा कि नवरात्रि में मीट बैन क्यों होगा? एक आदमी मटन बेच रहा है। यह उसका काम है। ऐसे में आप उसके शॉप कैसे बंद करा सकते हैं। वीडियो वायरल होने के बाद लोग सोशल मीडिया पर इनका खूब विरोध करने लगे। खैर अजान नवरात्रि जय श्री राम के अलावा सोनू निगम ने एक बार राधे मां के पहनावे पर बात करते हुए काली माता की तुलना राधे मां से कर दी। सोनू का कहना था कि मां काली भी छोटे कपड़े पहनती थी पर कभी किसी ने उन पर सवाल नहीं उठाया। बस फिर क्या था? सोनू के इस स्टेटमेंट को लेकर भी खूब हंगामा हुआ। काली मां को तो राधे मां से भी कम कपड़ों में दर्शाया गया है। रोचक यह है कि यह देश कपड़ों की वजह से एक महिला पर केस चलाना चाहता है। इन सारे विवादित बयानों के अलावा सोनू निगम ने एक बार यह भी कह दिया कि अगर वह पाकिस्तानी सिंगर होते तो बेहतर होता। अब ऐसा इन्होंने क्यों कहा वह भी जान लीजिए। दरअसल सोनू का कहना था कि भारतीय सिंगर से गाने के लिए टैक्स के रूप में पैसे लिए जाते हैं। लेकिन पाकिस्तानी सिंगर यहां आकर गाते हैं और बिना पैसे दिए चले जाते हैं। इस बयान के बाद भी सोशल मीडिया पर सोनू की खूब निंदा हुई कि क्या टैक्स देने की वजह से ये पाकिस्तानी बन जाना चाहते हैं। इसके बाद फरवरी 2023 में जब ये एक म्यूजिक इवेंट में गए तो इनके और इनकी टीम के साथ धक्कामुक्की और हाथापाई की गई। बताया गया कि इवेंट के दौरान सोनू के गुरु गुलाम मुस्तफा खान के बेटे और इनके करीबी रब्बानी खान और उनके बॉडीगार्ड को चोट भी आई। बाद में सोनू ने इसके खिलाफ एफआईआर भी दर्ज कराई और कहा कि स्वप्नल प्रकाश पटेर पेकर नाम के शख्स ने इन्हें और इनके बॉडीगार्ड आदि को धक्का देकर सीढ़ियों से गिरा दिया जिसके बाद इन्हें हॉस्पिटल ले जाया गया। वहीं कुछ चश्मदीदों ने कहा कि सब कुछ ऐसे हुआ जैसे पहले से प्लैंड हो। खैर, जिन सोनू निगम को कभी अजान की वजह से