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श्रीदेवी बाथटब में जिन्दा थी या मर चुकी थी? वो सच्चाई जो रौंगटे खड़े कर देगी।

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श्रीदेवी की एक बहन दुबई में रहती हैं और श्रीदेवी जो है वो जो जुमेरा एमिरेट्स टावर एक होटल है। बहुत आलीशान होटल है दुबई में तो वहां जाके चेक इन कर लेती हैं। वो मुंबई नहीं लौटती हैं।

22 तारीख को जब के बोनी कपूर उनकी बेटी जानवी और दूसरी बेटी और बाकी रिश्तेदार ये सारे लोग मुंबई लौट आते हैं। लेकिन श्रीदेवी दुबई में रुक जाती हैं। और मुंबई के जुमेरा जो होटल है आपको जुमेरा एमिरेट्स टावर होटल तो वहां रूम नंबर 2001 2201 तो वहां 22 तारीख को चेक इन करती हैं और सब कुछ सारे नॉर्मल रिश्ते थे बोनी कपूर के साथ ही आती हैं।

फिर वो बोनी कपूर दुबई से फ्लाइट पकड़ते हैं। श्रीदेवी अपना होटल में चेक इन करती हैं। और इधर सारे लोग यहां अब श्रीदेवी होटल में अकेली हैं। जो पूरी इन्वेस्टिगेशन है, जो पूरी जांच हुई है, उसके हिसाब से जब 22 तारीख की शाम को चेकिंग करती हैं ।

श्रीदेवी और बिल्कुल खुश शादी में उन्होंने काफी नाचावाचा भी था। सारे मेहमानों के साथ खुश दिखाई दी थी और वो सारी तस्वीरें भी आई बाद में। तो 22 की शाम को चेक इन करती हैं। 22 की रात को वो उसी होटल में रहती हैं।

23 को भी वो उसी होटल में रहती हैं और 22- 23 को दोनों दिन वो होटल से बाहर नहीं निकलती हैं। अब आता है 24 फरवरी। 24 फरवरी को भी वह सुबह से होटल में थी। इधर बोनी कपूर 22 को मुंबई लौटते हैं और मुंबई से लौटने के बाद 23 को वह लखनऊ पहुंचते हैं। 23 तारीख को 23 फरवरी को लखनऊ में इन्वेस्टर समिट था जिसमें प्राइम मिनिस्टर मोदी भी थे ।

और योगी भी थे तमाम लोग और जितने बड़े-बड़े इंडस्ट्रीज थे और अलग-अलग फील्ड के फिल्म इंडस्ट्री के भी तमाम लोग थे। तो यूपी में इन्वेस्ट करने के लिए एक समिट था। बोनी कपूर उस इन्वेस्टर समिट में हिस्सा लेते हैं और लखनऊ से फिर वो वापस रात को मुंबई पहुंचते हैं।

24 फरवरी को बोनी कपूर का यह कहना था कि वह श्रीदेवी को अचानक सरप्राइज देने के लिए क्योंकि श्रीदेवी को मालूम है कि वह मुंबई आ गए और उनका यह भी कहना था कि 22 को वो इसलिए इंडिया लौटे थे क्योंकि उन्हें 23 को इन्वेस्टर समिट में हिस्सा लेना था।

लखनऊ में। तो समिट में हिस्सा लेने के बाद वो रात को मुंबई पहुंचते हैं और 24 की मुंबई से दोपहर की वो फ्लाइट पकड़ते हैं और दोपहर की फ्लाइट पकड़ के वो दुबई पहुंच जाते हैं।

उनके दुबई आने की खबर श्रीदेवी को नहीं थी और ये करीब ठीक दुबई के टाइम के हिसाब से सवा5 बजे दुबई का टाइम हमसे हम डेढ़ घंटा जो है वो आगे हैं। तो दुबई के टाइम के हिसाब से सवा5 मतलब इंडियन टाइम के हिसाब से पौ:45 बजे रात की बात हुई है। बोनी कपूर सवा5 बजे इसी जुमेरा होटल में पहुंचते हैं। जहां श्रीदेवी एक नंबर कमरे में थी। कॉलवेल बजाते हैं। कॉलवेल बजाने पे दरवाजा खुलता है।

और जब दरवाजा खुलता है तो श्रीदेवी बोनी कपूर को देख के चौंक जाती हैं। क्योंकि बोनी कपूर ने बताया नहीं था। और उसके बाद खैर दोनों पति-पत्नी रूम में थे। वो जो रूम था वह स्वीप था। एक मास्टर बैडरूम अलग ड्राइंग रूम टाइप से अलग। तो ड्राइंग रूम में ही बातचीत होती रहती है इन दोनों में श्रीदेवी और बोनी कपूर में। इसके बाद उस दिन जब ये पहुंचते हैं।

तो श्रीदेवी को अचानक सरप्राइज देने के लिए बोनी कपूर का यह कहना था कि वो उन्हें एक रोमांटिक डिनर पे ले जाना चाहते थे कि इस इसलिए वो सरप्राइज देने के लिए पहुंचे थे। तो श्रीदेवी भी सुन के खुश होती है। उसके बाद वो उनसे कहते हैं कि ठीक है आप फटाफट तैयार हो जाइए।

इसलिए कि वो शनिवार का दिन था। सैटरडे था 24 फरवरी 2018 को और दुबई में सैटरडे को शाम को अच्छे रेस्टोरेंट में बहुत ज्यादा भीड़ होती है तो वो शायद जगह ना मिले अच्छी जगह ना मिले अपनी पसंद की तो इसलिए वक्त से पहले पहुंचना था और ऑलरेडी उस वक्त जब ये पहुंचे थे दुबई तो दुबई का लोकल टाइम पौ:45 बज रहा था इंडिया का जो टाइम था वो सवा था करीब 15 मिनट तक ड्राइंग रूम में बात करते हैं श्रीदेवी और बोनी कपूर मतलब 6:30 बज गया।

अब दुबई के टाइम के हिसाब से 8:00 बज गए उसके बाद बोनी कपूर श्रीदेवी से कहते हैं कि आप तैयार हो जाइए फिर हम चलते हैं तो बोनी कपूर ड्राइंग रूम में ही बैठे रहते।

श्रीदेवी उठकर अपने मास्टर बडरूम में जाती है और मास्टर बैडरूम से ही कनेक्टेड बाथरूम में जाती हैं। इधर बोनी कपूर ड्राइंग रूम में बैठकर टीवी पे स्पोर्ट्स चैनल लगाते हैं और मैच देख रहे होते हैं। 24 फरवरी 2018 को जो यह बोनी कपूर का पूरा बयान भी है जो उन्होंने दुबई पब्लिक प्रोसक्यूशन पुलिस में दिया और उस बयान में इस बात की तस्दीक की गई कि 24 तारीख को कौन सा क्रिकेट मैच आ रहा था।

जो आप ड्राइंग रूम में देख रहे थे तो कंफर्म हुआ कि 24 फरवरी 2018 को इंडिया और साउथ अफ्रीका के बीच एक टी20 मैच था। साउथ अफ्रीका में इंडिया इंडियन टीम दौरे पे गई हुई थी और उसमें इंडिया ने 172 रन बनाए थे सात विकेट पे और साउथ अफ्रीका की टीम 165 रन पे आउट हो गई थी तो इंडिया ने उस टी20 मैच को जीता था तो बोनी कपूर का यह आंसर्स था कि वो मैच देख रहे थे क्रिकेट का उस दिन इंडिया और साउथ अफ्रीका का टी20 मैच था।

तो करीब 15 मिनट बीत जाता है। 15 मिनट बीतने के बाद बोनी कपूर को लगता है कि काफी देर हो गया टाइम हो गई तो वो आवाज देते हैं लेकिन वहां तक आवाज शायद नहीं जाती।

फिर वो मैच देखने में बिजी हो जाते हैं। तो बोनी कपूर के हिसाब से सवा5 मतलब वहां के हिसाब से दुबई के टाइम से पौ:45 बजे वो होटल पहुंचे। 8:00 बजे तक बात की 15 मिनट 8:00 बजे श्रीदेवी बाथरूम में चली जाती हैं।

इसके बाद करीब 9:00 बज जाता है। जब 9:00 बज जाता है तो बोनी कपूर को लगता है कि बहुत देर हो गई। अभी तक आई नहीं है। तो वो जो इंटर कॉम होता है टेलीफोन कमरे में ही और आप रूम से बाथरूम में कर सकते हैं। वो उससे दो बार कॉल करते हैं। दोनों बार पूरी घंटी जाती है। फोन नहीं उठाया जाता।

तो पहली बार बोनी कपूर को थोड़ा सा कुछ अजीब लगता है। उसके बाद वो बाथरूम के पास जाते हैं। पहले बाथरूम के बाहर से आवाज देते हैं। अंदर से कोई आवाज नहीं आती। फिर बोनी कपूर दरवाजे को पुश करते हैं तो दरवाजा अंदर से खुला हुआ था। लॉक नहीं था।

और जैसे ही वह दरवाजा खोलते हैं उनके पैरों तले से जमीन खिसक जाती है। सामने बाथटब था और बाथटप के अंदर श्रीदेवी पूरी तरह से पानी के अंदर मतलब पैर से लेकर सर तक जिस्म का हर हिस्सा पानी के अंदर था और कमाल की बात यह कि उस बाथरूम में फ्लोर पे बाथ टप के और पूरे बाथरूम में पानी का एक बूंद भी बाहर नहीं।

तो पहले तो जाहिर सी बात आदमी ऐसी चीजें देखता है तो सन है तो वो सन अब उसके बाद फिर कोशिश की टटोल के देखने की तो पानी के अंदर मुंह है आपकी तो यह पता ही चल जाता है कि शायद अब जिंदा नहीं है।

तो घबरा के सबसे पहले अपने एक दोस्त को फोन करते हैं। जो उनका पूरा बयान है। दोस्त को फोन करने के बाद दोस्त आता है। फिर वह होटल को फोन करते हैं। डॉक्टर आता है। उसके बाद वह चेक करता है तो पता चलता है कि श्रीदेवी की हो चुकी है।

तो जो पूरा सीन था और तमाम चीजें थी उससे यह क्लियर था कि श्रीदेवी की हो गई है। लेकिन जब डॉक्टर चेक करता है आके तो डॉक्टर कहता है कि है। मतलब इनको तेज दिल का दौरा पड़ा और उसकी वजह से हो गई। अब जब यह बात आई और शुरुआती जो बयान दिया मोनी कपूर ने कि जब उन्होंने देखा फिर बाकी के लोग आए फिर वहां के दुबई के लोकल बर पुलिस लगता है ।

वहां पे बर दुबई पुलिस स्टेशन एक लोकल एरिया है दुबई का जिस जो बर दुबई कहलाता है जहां पे बहुत सारे ये जो गोल्ड सुख मार्केट है जो हिंदुस्तान यहां लग जगह से लोग जाते हैं वहां सोने की एक पूरी मंडी सजती है और वहां आप जाके जेवर खरीदिए तो वो उसी एरिया में पड़ता है तो तमाम चीजें फिर होती पुलिस आती है, फॉरेंसिक टीम आती है।

वो सारी चीजें देखती है और यह यह चीज नोटिस की जाती है कि पूरे बाथ टब में श्रीदेवी है। लेकिन फ्लोर पे एक भी बूंद पानी नहीं है। तो अब सवाल यह है कि ऐसा कैसे मुमकिन है? ये मैं आगे बताऊंगा आपको। खैर पुलिस-लिस आती है। सब बॉडी लेकर जाया जाता है और बाकी सीसीटीवी कैमरा और ये सारा खंगाला जाता है। क्योंकि होटल आलीशान है। सब कुछ था।

लेकिन कोई बाहरी एंट्री नहीं कुछ नहीं। जो आखिरी एंट्री थी वो बोनी कपूर की ही थी और कुछ उन्होंने स्नैक्स जैक ऑर्डर दिया था तो वो एक वेटर की थी और इसके अलावा रात पौ:45 से लेके 9 तक कुछ नहीं था और येकि एक घंटा बैठे 9:00 बज चुका था दुबई टाइम के हिसाब से फिर पुलिस आती है डॉक्टर आते हैं।

उस वक्त करीब रात 10:00 बजे 24 फरवरी को श्रीदेवी की बॉडी को नजदीक के रशीदिया हॉस्पिटल है वहां ले जाया जाता है और वहां के मोर्चरी में रख दिया जाता है। इसके बाद इंडियन एंबेसी को खबर मिलती है। फिर इंडियन एम्बेसी ट्वीट करके जानकारी देती है।

अब अगले दिन संडे पड़ता है। और संडे की सुबह-सुबह यह खबर पूरे हिंदुस्तान में फैल जाती है। और जहांजहां दुनिया में श्रीदेवी के चाहने वाले हैं उन सबको खबर लगती है और सभी कोई सन और अर्ली मॉर्निंग संडे की यह खबर आई थी क्योंकि दुबई के टाइम के हिसाब से यह 10:00 बजे ऑफिशियल कंफर्म हो गया था मतलब इंडियन टाइम के हिसाब से हम बात करें तो 8:30 लेकिन इसको ऑफिशियल किया गया बहुत लेट तो इसलिए खबर सुबह-सुबह आई।

अब अगले दिन यह था कि तब तक खबर आ गई कि कार्डियक अरेस्ट और उसमें बहुत सारी चीजें आपने देखी कि कहीं ऐसा तो नहीं है। श्रीदेवी ने बहुत सारी कराई थी। फेस और यह तो उसका प्रेशर होता है लाइफ पे प्रोफेशन का होता है। बहुत सारी चीजें अलग-अलग एंगल से लोग बात करने लगे। एक्सपर्ट्स बात करने लगे।

बटिशियन बात करने लगे। फिर फिल्म इंडस्ट्री के ग्लैमर को भी लेकर बात करने लगा। शुरू हो गया कि उसमें बड़ा तनाव दबाव होता है। लुक को लेकर कई-कई बार ऐसीऐसी सर्जरी होती है जिससे आपकी सेहत, आपकी जान तक को खतरा होता है। ये सारी बातें चलती रही। अब ये हुआ कि बॉडी संडे को दिल्ली मुंबई आएगी। लेकिन ऐसा होता नहीं है। दुबई में संडे को छुट्टी होती है। दुबई में संडे को पोस्टमार्टम और ये सारी चीजें होती नहीं है। तो और वहां बड़ा सिंपल फंडा है।

मतलब रूल रूल है। तो तमाम कोशिशें हो गई लेकिन कुछ नहीं हुआ। तो 25 तारीख यूं ही बीतता है। अब 26 आता है। 26 को होता है। मंडे का दिन। पोस्टमार्टम के बाद एक नई थ्योरी सामने आती है। एक नया पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने यह कहा था कि श्रीदेवी की मौत कार्डियाक अरेस्ट से नहीं दिल का दौरा पड़ने से नहीं बल्कि डूबने से हुई और साथ में जो रिपोर्ट से सामने आया वो यह कि से पहले श्रीदेवी ने काफी ली थी और शायद उस की वजह से वो बाथ टटब में डूब गई।

उन्हें होश नहीं रहा और इसलिए उनकी हो गई। तो ये भी आया कि ड्यू टू ड्रोनिंग एक्सीडेंटल के तौर पे। तो अब पोर्ट जब आया तो सारी चीजें बदल गई क्योंकि डॉक्टर अभी तक की बात कर रहे थे। अब यहां डूबने की बात आ गई। ऊपर से अल्कोहल की बात आ गई। तो सारी चीजें एकदमपूरी थ्योरी बदल गई। अब लेकिन मंडे को ये पोस्टमार्टम रिपोर्ट आ गई।

उसके बाद जैसे ही इसमें ये आता है कि डूबने से हुई है तो केस पलट जाता है। अब सैटरडे की मौत हुई संडे को नहीं हुआ। मंडे हो चुका है। पूरे देश में श्रीदेवी का यह है कि बॉडी आएगी अंतिम संस्कार होगा। लेकिन अब मंडे को ही बॉडी देने से इंकार कर दिया गया।

फिर वहां की जो ये अभी तक बरदू पुलिस इस मामले की जांच कर रही थी। जैसे ही रिपोर्ट में आता है कि नहीं डूबने से मौत हुई है तो शक पैदा होता है। शक इसलिए पैदा होता है कि एक बाथ टब में कोई डूब कर कैसे मर सकता है। इस पर तमाम सवाल थे। पर बात टब में धूप की होती है।

यह मैं आपको आगे बताऊंगा। तो अब यहां पर क्राइम के एंगल से थोड़ा सा शकशुभा पैदा हो जाता है। तो बर दुबई से यह मामला लेकर सीधे फिर दुबई पब्लिक प्रोसीक्यूशन जो ऐसे मामलों की जांच करती है। जैसे मान लीजिए कि हमारे यहां दिल्ली पुलिस है तो आम केस दिल्ली पुलिस जांच करती है। लेकिन थोड़ा सा सेंसिटिव है या बड़ा हो गया कुछ तो उसको क्राइम ब्रांच को दे देते हैं। क्राइम ब्रांच से भी नहीं है तो फिर सीबीआई को दे देते हैं।

तो दुबई में आप यह समझ लीजिए कि पुलिस लोकल हो गई और उसके ऊपर अगर देना होता तो फिर दुबई पब्लिक प्रोसक्यूशन कहलाता है। डीपीपी खासतौर पर विदेशी नागरिकों से जुड़े हुए या ऐसी संदिग्ध उसकी जांच करती है दुबई पब्लिक प्रोसक्यूशन तो यह अब मामला क्योंकि बड़ा हो गया था शक पैदा होने लगा था कि कहीं यह हादसा है है क्या है तो उसको लेकर फिर दुबई पब्लिक प्रोसक्यूशन को केस दिया गया और दुबई पब्लिक प्रोसक्यूशन ने बॉडी सौंपने से मना कर दिया।

उसने कहा कि हम जब तक जांच पूरी नहीं करेंगे मौत के नतीजे तक नहीं पहुंचेंगे ना यह हम बॉडी हवाले करेंगे और बल्कि इस से जुड़े हुए लोगों से भी पूछताछ होगी। इसके बाद बाकायदा जो डॉक्टर हैं उनसे पूछताछ होती है कि आपने भैया यह कैसे कह दिया सिर्फ देखकर कि यह है। आपने यह क्यों नहीं बताया कि ये डूबने से भी ऐसे हो सकती है। डॉक्टर के बयान लिए गए फिर बोनी कपूर से बयान लिए गए कि आप यहां क्यों ये अकेली क्यों थी?

आप दो दिन के बाद चले गए फिर वापस अचानक क्यों आते हैं? अलग-अलग वो सारे एंगल से उस वक्त तक मीडिया में कई खबरें भी आ रही थी। फाइनेंस फाइनेंसियल पोजीशन को भी लेकर श्रीदेवी बोनी कपूर के । इनके रिश्तों को लेकर तमाम तरह के जो ऐसे केसेस में आमतौर पे मीडिया में आती है वो सारी एक-एक कर थ्योरी जो है वो एक्सप्लोर होने लगी। लेकिन जो दुबई यूएई के जो दो मेन बड़े अखबार है।

खलीज टाइम्स और गल्फ न्यूज़ खलीज टाइम्स का ये कहना था कि भूमि कपूर से 3 घंटे तक पुलिस ने पूछताछ की थी। बाकायदा ग्रिल किया था। जबकि गल्फ न्यूज़ का यह कहना था कि उनसे पूछताछ नहीं हुई। उनसे सिर्फ बेसिक जानकारी ली गई थी।

क्या था कैसे था? तो उसके बाद खैर किसी को रोका नहीं जाता है और तो अब यह बात सोमवार को पोस्टमार्टम रिपोर्ट से पता चलती है। अब उसके बाद आता है मंगल तो 24 को हुई 25 संडे 26 मंडे 27 ट्यूसडे अब 27 सुबह से फिर जो दुबई पब्लिक प्रोसक्यूशन है उसके दफ्तर के बाहर मीडिया का जमावड़ा है क्या होता हैकि डूबने की बात कह दी है तो इसके पीछे कहीं साजिश तो नहीं है डूबा गया।

अब उसमें सवाल दो तीन थे कि एक तो क्या श्रीदेवी एक्सीडेंटल डूबी या उन्हें डूबाया गया दो अगर उन्होंने अल्कोहल ली तो उन्होंने खुद पी या उन्हें साजिश के तहत पिलाया गया। तो इन सारी थ्योरी पे फिर तमाम सीसीटीवी फुटेज तमाम चीजों की जानकारी वो जांच होने लगी और 27 फरवरी को दोपहर श्रीदेवी की मौत के करीब करीब आप मान के चलिए कि 24 की रात को करीब 10:00 बजे हुई थी।

उस हिसाब से 24 फरवरी से 27 फरवरी की दोपहर करीब 2:00 बजे मतलब उनकी मौत के 63 घंटे के बाद 63 आवर्स के बाद दुबई पब्लिक प्रोसक्यूशन एक अपनी रिपोर्ट जारी करती है और उस रिपोर्ट में वह सारे शक सवाल सबको वह खत्म करते हुए कहती है कि श्रीदेवी की मौत डूबने से हुई और जो वो डूबी थी वो एक्सीडेंटल था। इसके पीछे कोई साजिश नहीं थी और उसके बाद ये लेटर लेते ही फिर वो तब तक जो दुबई पुलिस हेड क्वार्टर है उसके मोर्चरी में वही बराबर में वहां श्री देवी की बॉडी रखी हुई थी। फिर ये लेटर ले जाया जाता है। फिर वहां से क्लीयरेंस ली जाती है। फिर जो बॉडी है उस पर एमंबिंग की जाती है। मतलब एक तरह का लेप लगाते हैं जिससे बॉडी खराब ना हो। जब आप कहीं उसको ट्रैवल करके ले जाना हो तो तो उसमें एकद घंटा लगता है। उसके बाद फिर एक प्राइवेट प्लेन जो अनिल अंबानी ही की तरफ से दिया गया था। उसमें वो सारी चीजें उसमें तैयारी की जाती है और उसी प्लेन में वो बॉडी लेकर मुंबई के लिए आते हैं। औरकि एक और रूल है कि आप पासपोर्ट और वीजा लेकर आप गए थे दुबई। लेकिन वहां आपकी डेथ हो चुकी है तो वो जरूरी है कि आपका वो पासपोर्ट रद्द हो और वो क्योंकि आपकी जो एंट्री होती है जो इमीग्रेशन होता है तो वहां उस फिर ये होता है कि डेथ सर्टिफिकेट आपका जारी होता है। तो दुबई अथॉरिटी ने डेथ सर्टिफिकेट जारी की कि श्रीदेवी आई थी इस तारीख को दुबई यूएई में लेकिन वो वापसी जो है एक लाश की शक्ल में जा रही है तो उनकी मौत हो चुकी है। तो पासपोर्ट कैंसिल करने का प्रोसीजर वो सारी चीजें डेथ सर्टिफिकेट के जरिए ताबूत में बंद होकर श्रीदेवी 27 तारीख 27 फरवरी मंगलवार को मुंबई पहुंच लाई जाती है और फिर 28 को उनका अंतिम संस्कार होता है। बकायदा महाराष्ट्र सरकार राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार करती है। तो ये तो हो गई वैसे कहानी। अब 24 को मौत हुई रात को 25 26 27 में लगभग पूरी शाम पूरे तीन दिन।

अब तीन दिन की कहानी मैं इसलिए तीन दिन आपसे कह रहा हूं कि इसमें कुछ चीजें हुई है। यहां पे रंज गुस्से और एक तरह से कहें उदासी जो श्रीदेवी के चाहने वाले हैं माहौल था कि उनकी बॉडी आएगी अंतिम संस्कार होगा। दुबई अथॉरिटी बॉडी रिलीज नहीं कर रही है, दे नहीं रही है। और जैसे-जैसे दिन बीत रहा है, घंटे बीत रहे हैं, वैसे-वैसे लोगों का शक और अजीब अजीब ख्याल आ रहे हैं कि इसके पीछे बहुत बड़ी गहरी साजिश है। क्या है? आखिर क्यों नहीं जो है वो दुबई ऑथरेटिव बॉडी दे रही है और क्यों नहीं इसको हिंदुस्तान लाया जा रहा है?

तो इसको लेके जितना टाइम बीत रहा था उतने तरह के शक और लोग उतनी तरह की बातें कर रहे थे कि यह हो ही नहीं सकता कि कोई डूब के मर जाए। इस तरीके से इसके पीछे मर्डर हो सकता है, साजिश हो सकती है। ये चीजें चल रही थी और यहां पे देरी हो रही थी। तो दुबई में कहते हैं कि कानून कानून के हिसाब से अपना काम करता है। उसमें बाकी कोई वो नहीं। जैसे संडे पोस्टमार्टम नहीं करेंगे तो नहीं करेंगे। छुट्टी है।

मतलब वहां का देखा है। हम लोगों ने खुद पर्सनली देखा है कि अगर रात का दफ्तर का आवर है 9:00 से 5 ये यूरोपियन कंट्री में भी कल्चर है। 5:00 बजे 5:01 में वो आपका कोई काम नहीं करेंगे। पांच मतलब पांच वह खड़े हो जाएंगे। चाहे कुछ भी हो जाए, कितना भी बड़ा कुछ हो। तो वहां के यह सारे बड़े रूल हैं। हमारे यहां नहीं है कि आपकी शिफ्ट कुछ और है।

आप पांचप घंटा एक्स्ट्रा काम करें। तो वहां ये चीजें हैं। तो संडे इसलिए नहीं हुआ। बाकी तो लेट हो रहा था। और यहां पे इंतजार हो रहा था। तो दुबई में हमारे अगर बॉलीवुड की बात करें तो दो एक्टर ऐसे हैं जिनकी तूती बोलती है। मतलब वहां के जितने शेख हैं और अच्छा दुबई यूएई की जो पूरी आप पॉलिटिकल वो समझते हैं कि वहां पे हमेशा एक प्राइम मिनिस्टर होता है एक प्रेसिडेंट होता है।

तो वो यूएई के सात जो कंट्री है छोटे-छोटे मिलाकर तो उसमें से बारी-बारी सबका नंबर आता है कि इस बार अगर प्रेसिडेंट यहां का है तो प्राइम मिनिस्टर वहां का होगा। इस बार वो वहां का होगा तो वहां का होगा। तो जैसे उस वक्त जो था जब ये अभी तो दुबई के प्राइम मिनिस्टर हैं जो दुबई के शेख और अबू धाबी के जो है वो प्रेसिडेंट तो वहां पे जितने भी शेख और बड़े लोग हैं इन सब को बॉलीवुड के बहुत एक तो पूरा यूएई बना है बट वहां दो लोगों को बड़ा मानते हैं। उनमें एक शाहरुख खान है।

एक सलमान खान और इन सब की बड़ी शेखवेग से बहुत गहरी दोस्ती है। तो जब ये सारी चीजें डिले हो रही थी, लेट हो रही थी तो अब जाहिर सी बात है कपूर फैमिली के तमाम दोस्त हैं। शाहरुख खान ने तो श्रीदेवी के साथ काम भी किया है और सलमान खान के बड़े अच्छे रिश्ते हैं।

बोनी कपूर तमाम लोगों से श्रीदेवी से भी कई शोज़ में भी वो साथ रहे। तो फिर इन दोनों ने फोन किया अलग-अलग और इन दोनों ने वहां जो अपने जो भी थे इस तरीके की हेल्प करने के लिए तो कि जल्दी बॉडी रिलीज हो जाए।

यहां पे वक्त पे आ जाए क्योंकि अलग-अलग बातें हो रही है, अजीब अजीब चीजें हो रही हैं। तो कहते हैं कि वो बड़ा काम किया और इसीलिए 27th फेब को मंगलवार को दुबई अथॉरिटी ने ये बॉडी रिलीज की और फिर रात करीब 8 9:00 बजे श्रीदेवी की जो पार्थिव शरीर है उसको मुंबई लाया गया।

तो ये इन दोनों का उसमें एक रोल था बड़ा। अब यहां पर यह आने के बाद एक सवाल और उठा था कि अगर इस को लेकर बहुत सारे शक और सवाल थे तो क्यों नहीं हिंदुस्तान में हिंदुस्तान लाए जाने के बाद श्रीदेवी का दोबारा पोस्टमार्टम किया गया। उससे जो भी थोड़े बहुत डाउट थे क्योंकि बीच में ये भी आया था कि अल्कोहल के अलावा कहीं ड्रग्स का तो नहीं है और ड्रग्स को लेके दुबई में बड़े सख्त कानून है। यह भी कहा गया कि कहींकि सेलिब्रिटी का मामला है तो इन चीजों को दबाने की वजह से ये किया गया है।

इससे बहुत बदनामी होगी और बाकी चीजें होंगी। तो उसमें था कि जैसे सुब्रमण्यम स्वामी जो नेता है अपने बीजेपी के उन्होंने कहा था कि दोबारा पोस्टमार्टम कराना चाहिए था ताकि कोई शख्स सवाल ना रहे। एक सवाल यह भी उठा कि इसमें श्रीदेवी की मतलब कुदरती नहीं है। डूब के नहीं मरी बल्कि इसके पीछे अंडरमल और दाऊद इब्राहिम का हाथ हो सकता है क्योंकि वो बहुत सारे बॉलीवुड के फिल्मों और बाकी चीजों से लेने राइट्स को लेकर और बाकी चीजें वो हो सकता है। तो इसलिए इसकी भी जांच होनी चाहिए थी और इसके लिए भी दोबारा किया जाना चाहिए था।

तीसरा जो एक इंटरेस्टिंग था वो था कि एक फिल्म मेकर हैं सुनील सिंह। इनके एक वकील है। उन वकील ने सुप्रीम कोर्ट में बकायदा एक रिट लगाई थी कि इस हादसे से मतलब श्रीदेवी की से करीब साल भर पहले की बात है। 2017 में ओमान में एक ₹240 करोड़ का श्रीदेवी ने इंश्योरेंस कराया था और रकम बढ़ी थी ₹240 करोड़। तो उस इंश्योरेंस की वजह से श्रीदेवी की मौत जो है वो कुदरती नहीं है बल्कि ये है।

तो ये एक फिल्म मेकर हैं सुनील सिंह। जिनके बिहाफ पे सुप्रीम कोर्ट में एक पिटीशन दाखिल की गई कि 240 करोड़ का इंश्योरेंस कराया था ओमान में और उसमें इंटरेस्टिंग चीज ये थी कि उस 240 करोड़ के इंश्योरेंस इंश्योरेंस में एक शर्त ही ये पैसे श्रीदेवी की की मौत के बाद तभी मिलेंगे जब उनकी दुबई में हो और नेचुरल हो तो ये 240 का ओमान में इंश्योरेंस था जिसको लेकर सुनील सिंह के वकील ने सुप्रीम कोर्ट में पिटीशन दाखिल की।

हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने इसको बहुत ही बेकार और बेवकूफी की वो चीज मानते हुए उस को एक्सेप्ट करने से मना कर दिया और उसकी उसका कुछ हुआ नहीं। लेकिन ये बीच में एक थ्योरी आई थी कि ये 240 करोड़ के लिए भी ये श्रीदेवी की नहीं बल्कि एक मर्डर मिस्ट्री है। तो वो भी नजरअंदाज मतलब उसको सुप्रीम कोर्ट ने कैंसिल कर दिया। अब कुल मिला के इस पूरी जो चीज है उसमें वापस मैं आता हूं। जब से मैंने आपको बताया था शुरू में कि जो बोनी कपूर का अपना बयान है स्टेटमेंट है बकायदा इंडिया आने के बाद उन्होंने एक पोर्टल को इंटरव्यू दिया और उसमें यह उसमें उन्होंने खुद कहा कि जब वो बाथरूम में गए आवाज देने के बाद करीब एक घंटा हो चुका था तो श्रीदेवी को जो उन्होंने देखा था वो बाथरूम के अंदर पूरी तरह से डूबी हुई थी पैर और उनके सरसारे पानी के अंदर था।

लेकिन फ्लोर पर बाथरूम के एक बूंद भी पानी नहीं था अब यहां पर दो चीजें हैं तीन चीज दो तीन चीजें हुई एक श्रीदेवी की मौत फिर हुई कैसे अब ऑप्शन जो दुबई पब्लिक प्रोसक्यूशन ने जो सारी चीजें की उनमें जो जो थ्योरी थी वो आपको मैं बताता हूं। पहला ये कि श्रीदेवी बाथरूम में जाती हैं। बाथटब में उतरती हैं और बाथब में उतरने के बाद उन्हें नींद आ जाती है और नींद में वो धीरे-धीरे पानी के अंदर चली जाती हैं और पानी में डूबने से उनकी मौत हो जाती है। अब ऐसा नहीं है कि यह तर्क बिल्कुल बेवकूफी का है। दुनिया में कई ऐसे केसेस हुए हैं जिसमें खासतौर पर बच्चे और बुजुर्ग बाथ टब में सो गए और उनकी मौत हो गई। तो पहली थ्योरी ये।

दूसरी थ्योरी आई कि श्रीदेवी ने अल्कोहल लिया हुआ था काफी। वो नशे में थी। बाथ ट्रब में गई और उसके बाद उनको होश ही नहीं रहा और वो धीरे-धीरे डूब गई। ऐसा भी हुआ है दुनिया में कई बार। तीसरी थ्योरी यह है कि श्रीदेवी बाथरूम में जाती हैं। बाथब में उतरती हैं और अचानक उन्हें चक्कर आता है और वो बेहोश टाइप की होती है और सीधे पानी में गिर जाती है और मुंह पानी के अंदर और डूबने से हो जाती है।

अब तीसरे थ्योरी में यह है कि अगर उनकी अचानक टक्कर आता है और पानी में गिरती है। गिरने के बाद डूब जाती है तो फिर जो बाथ टप का पानी है वो टप से बाहर निकल के फ्लोर पे गिरना चाहिए। और ऐसा था नहीं। अच्छा ऐसा भी नहीं कि पांच छ घंटे के बाद कोई बाथरूम में गया। बोनी कपूर के बयान के हिसाब से श्रीदेवी के बाथरूम जाने के करीब करीब 40 से 45 मिनट के बाद वो बाथरूम में जाते हैं। मैक्सिमम एक घंटा आप रख लीजिए।

तो इतनी देर में ये नहीं कि पूरा फ्लोर सूख जाएगा और जितनी मात्रा में पानी निकलनी चाहिए वो उस हिसाब से काफी गीला होना चाहिए। तो वो भी नहीं था। अब आपको मैं बताता हूं कि जो बाथअप में ऐसा नहीं है कि आदमी कोई सो नहीं सकता। जब उसको अचानक चक्कर ना आए और डूब के मर ना जाए या ज्यादा नशे में डूब के ना मर जाए। दुनिया में हर साल एक एवरेज है कि करीब 2000 लोग बाथटब में डूबने से मरते हैं। और अपने हिंदुस्तान का यह है कि अपने हिंदुस्तान में ऐसे कई केसेस हुए हैं।

लेकिन ये ज्यादातर जो केसेस हुए हैं ये केरल में हुए हैं। और बाकी बाथरूम में और कई तरीके से कई मौतें हुई हैं। जैसे माइकल जैक्सन की मौत बाथरूम में हुई थी। तो ये तीनचार थ्योरी थी। अब उसमें सिर्फ एक चीज यह था जिसको लेके दुबई पब्लिक प्रोसक्यूशन जांच कर रही थी वो के एंगल से भी कर रही थी। हालांकि रिपोर्ट में बाकी विरा रिपोर्ट में ये चीजें नहीं आई। बस आई तो यही कि ड्रोनिंग मतलब डूबने से हुई।

और दूसरा यह कि उन्होंने लिया हुआ था। तो दुबई पुलिस ने लास्ट में यही कहा कि इसके पीछे कोई साजिश नहीं है। इसके पीछे कोई और मोटिव नहीं है। और उनकी मौत एक हादसा था जो डूबने की वजह से हुई थी। छोटी सी रिक्वेस्ट है। अगर वीडियो पसंद है तो अभी सब्सक्राइब कर दो। 98% लोग नहीं करते।

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