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किंग खान बनने से पहले ऐसा काम करते थे शाहरुख, जानकर यकीन ना कर पाओगे।

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जिसके सिर पर किंग ऑफ बॉलीवुड का ताज सजा है। जिसे बॉलीवुड का बादशाह पुकारा जाता है। लड़कियां इन्हें प्यार से रोमांस का किंग कहती हैं। फोब्स मैगजीन इन्हें बिगेस्ट मूवी स्टार इन द वर्ल्ड बताती है।

जिसे इंटरनेशनल मीडिया हिंदी फिल्म इंडस्ट्री का सबसे प्रोमिनेंट एक्टर कहती है और जिसकी गिनती वर्ल्ड के टॉप 100 पावरफुल पीपल में होती है। वो नाम है शाहरुख खान।

दीवाना से जवान तक दिल्ली का एक आम सा लड़का जिसकी गिनती आज सुपरस्टार्स में होती है। एसआरके खुद को लास्ट ऑफ दी स्टार्स बुलाते हैं और उनका यह मानना जायज भी है। क्योंकि जिसका सब कुछ उससे छिन गया हो वो 26 साल की उम्र में एक नई दौड़ में शामिल होता है। एक नया परिवार बनाता है और ऐसा गिर कर उठता है कि आज उसकी बुलंदी की लोग मिसाल देते हैं। लेकिन शाहरुख के लिए धी शाहरुख खान बनना आसान नहीं था। वैसे शाहरुख खान सिर्फ रोमांस के किंग नहीं बल्कि स्ट्रगल और मोटिवेशनल स्टोरीज के भी बादशाह हैं।

शाहरुख खान करोड़ों दिलों पर राज करने वाले शाहरुख खान की सफलता के पीछे कई ऐसे दिलचस्प किस्से छुपे हैं, जिनके बारे में बहुत कम लोग जानते हैं। दिल्ली की गलियों से निकलकर ग्लोबल सुपरस्टार बनने तक का उनका सफर किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं है। आइए इस स्पेशल रिपोर्ट में आपको बताते हैं एसआरके की जिंदगी से जुड़े 10 ऐसे इंटरेस्टिंग फैक्ट्स जो उन्हें और भी खास बनाते हैं। स्कूल के सबसे बेहतरीन स्टूडेंट थे एसआरके। शाहरुख खान ने दिल्ली के सेंट कोलंबस स्कूल से पढ़ाई की और उन्हें स्कूल का सबसे प्रतिष्ठित सम्मान सॉर्ट ऑफ ऑनर मिला था। यह अवार्ड स्कूल के सबसे ऑलराउंड और बेहतरीन छात्र को दिया जाता है। पढ़ाई, [संगीत] खेल और एक्स्ट्रा करिकुलर एक्टिविटीज हर फील्ड में एसआर के ए वन थे। शायद यही वजह है कि आज भी शाहरुख अपने हर प्रोजेक्ट में अपना 100% देते हैं। हिंदी में थे कमजोर लेकिन फिल्मों ने बना दिया टॉपर। आज अपनी शानदार डायलॉग डिलीवरी के लिए मशहूर शाहरुख कभी हिंदी विषय में कमजोर हुआ करते थे। कहा जाता है कि उनकी मां ने वादा किया था कि अगर वह हिंदी में अच्छे नंबर लाएंगे तो उन्हें फिल्म दिखाने ले जाएंगी।

इंडियन [संगीत] सिनेमा से शाहरुख को खास लगाव था और फिल्मों के प्रति इसी प्यार ने उन्हें हिंदी में भी टॉपर बना दिया। लालच ही सही लेकिन अपनी ख्वाहिशों के लिए शाहरुख ने खुद को बेहतर [संगीत] से बेहतरीन बनाया। पहली कमाई थी सिर्फ ₹50। आज अरबों की संपत्ति के मालिक शाहरुख खान की पहली सैलरी मात्र ₹50 थी। उन्होंने दिल्ली में गजल गायक पंकज उदास के कॉन्सर्ट में बतौर अशर काम किया था। उस कमाई से वह ट्रेन पकड़ कर आगरा पहुंचे और ताजमहल देखने गए थे। खुद बेची थी अपनी फिल्म की टिकट।

फिल्म कभी हां कभी ना आज एसआरके की बेहतरीन फिल्मों में गिनी जाती है। लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि फिल्म की रिलीज के दौरान शाहरुख खुद मुंबई के एक थिएटर में टिकट्स बेचने पहुंचे थे। यह उनके करियर के शुरुआती संघर्ष और जुनून को बताती है कि आज का शाहरुख हर एक रुकावट को लांग कर यहां तक आया है। एक्टिंग से पहले रेस्टोरेंट भी चलाया। शाहरुख खान के पिता ताज मोहम्मद ने घर चलाने के लिए दिल्ली के रशियन कल्चर के सामने चाय की दुकान खोली थी। दुकान चल गई और फिर ताज मोहम्मद ने छोले भटूरे बनाना भी शुरू कर दिया।

शाहरुख तब आठ साल के थे और वह भी कभी-कभी दुकान पर जाते थे। ताज मोहम्मद ने एनएसडी में एक छोटी सी कैंटीन भी चलाई है। बता दें शाहरुख खान के पिता का दिल्ली में एक रेस्टोर बिजनेस भी था और एसआरके भी उससे जुड़े हुए थे। अभिनय की दुनिया में कदम रखने से पहले उन्होंने बिजनेस की बारीकियों को करीब से देखा था। शायद इसीलिए आज एसआर के कई बिजनेसेस को सक्सेसफुली रन करते हैं। घोड़ों से लगता है डर। फिल्मों में एक्शन और स्टंट करने वाले शाहरुख खान को असल जिंदगी में घुड़सवारी से डर लगता है। उन्होंने कई बार स्वीकार किया है कि उन्हें घोड़ों पर बैठने में असहजता महसूस होती है।

मुंबई में नहीं था रहने का ठिकाना। जब एसआरके अपने सपनों को लेकर मुंबई पहुंचे तब उनके पास रहने तक की जगह नहीं थी। उस मुश्किल दौर में निर्माता और अभिनेता विवेक वासवानी ने उन्हें अपने घर में रहने की जगह दी और इंडस्ट्री के लोगों से मिलवाया। यही मदद आगे चलकर उनके करियर के लिए बेहद अहम साबित हुई। दर्द से मिली स्टारडम की राह। एक दिलचस्प किस्सा यह भी है कि जब शाहरुख खान अपने दोस्त विवेक वासवानी के साथ यश चोपड़ा की फिल्म लम्हे देख रहे थे। तभी उन्हें खबर मिली कि यश चोपड़ा उनसे मिलना चाहते हैं। एसआरके तुरंत थिएटर छोड़कर पहुंचे और बाद में उन्हें फिल्म दर में कास्ट किया गया। यह फिल्म उनके करियर का बड़ा टर्निंग पॉइंट बनी। सपनों के लिए भी रखते हैं खास तैयारी। शाहरुख खान का एक बेहद मजेदार नियम है। वह अपने नाइट सूट यानी सोने वाले पायजामे को हर रात प्रेस करवाते हैं। उनका मानना है कि सपनों में भी किसी से मुलाकात हो सकती है। इसीलिए हमेशा तैयार रहना चाहिए।

दिलीप कुमार हैं सबसे बड़े आइडल। एसआर के कई बार कह चुके हैं कि उनके सबसे पसंदीदा अभिनेता दिलीप कुमार हैं। वहीं उनकी पसंदीदा अभिनेत्रियों में मुमताज और सायरा बानो शामिल हैं। अभिनय की उनकी समझ और रोमांटिक अंदाज पर इन दिग्गज कलाकारों का प्रभाव साफ दिखाई देता है। तो देखा आपने शाहरुख खान की कहानी सिर्फ एक सुपरस्टार की कहानी नहीं है बल्कि मेहनत, संघर्ष, आत्मविश्वास और सपनों को सच करने की मिसाल है।

₹50 की पहली कमाई से लेकर दुनिया के सबसे बड़े फिल्मी सितारों में शामिल होने तक का उनका सफर यह साबित करता है कि अगर जुनून सच्चा हो तो कोई भी मंजिल दूर नहीं होती। शायद यही वजह है कि आज भी करोड़ों लोग उन्हें सिर्फ एक अभिनेता नहीं बल्कि एक इंस्पिरेशन के रूप में देखते हैं

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