बॉलीवुड के तीन बड़े सितारे शाहरुख खान, अजय देवगन और टाइगर श्रॉफ। इन दिनों महाराष्ट्र के फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेटर यानी एफडीए की ओर से बड़ी कारवाई झेल रहे हैं। मामला शुरू होता है एक टीवी विज्ञापन से जिसे हम अक्सर टीवी या YouTube पर देखते हैं। इस विज्ञापन में यह तीनों कलाकार एक साथ नजर आते हैं। विमल इलायची के इस 60 सेकंड के वीडियो में दिखाया गया है कि अजय और शाहरुख एक शानदार गाड़ी में आते हैं। भीड़ में गाड़ी रुक जाती है। तभी टाइगर अचानक निकलते हैं और गाड़ी पर केसर फेंकते हैं। फिर टाइगर भी शाहरुख और अजय के साथ गाड़ी में बैठ जाते हैं। बैकग्राउंड में केसरिया थीम का गाना बजता है और आखिर में अपना मशहूर डायलॉग बोलो जुबान केसरी बोलते हैं।
वैसे तो कंपनी इसे सिर्फ इलायची का विज्ञापन कहती है। लेकिन सरकार और विशेषज्ञों का मानना है कि यह असल में उसी ब्रांड के प्रतिबंधित पान मसाले को बेचने का एक तरीका है। दैनिक भास्कर की एक रिपोर्ट के मुताबिक महाराष्ट्र फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेटर यानी एफडीए ने इन तीनों कलाकारों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। नोटिस में उन पर आरोप लगाया गया है कि वे विमल इलायची के बहाने राज्य में प्रतिबंधित विमल पान मसाला का अप्रत्यक्ष या सरोगेट विज्ञापन कर रहे हैं। सरोगेट विज्ञापन का मतलब होता है जब कोई कंपनी अपने उस उत्पाद का प्रचार करती है जो कानूनन बैन है। लेकिन वह उस प्रचार के लिए किसी ऐसे वैध उत्पाद जैसे इलायची या सोडा का सहारा लेती है। जिसका नाम और ब्रांडिंग बिल्कुल उसी बैन उत्पाद जैसी होती है। एफडीए का कहना है कि विज्ञापन में विमल नाम, उसके उत्पाद की बनावट और इस्तेमाल किए गए डायलॉग इस तरह से पेश किए गए हैं कि उपभोक्ता के मन में सीधे तौर पर विमल पान मसाला की छवि बनती है।
चूंकि महाराष्ट्र में पान मसाला और तंबाकू उत्पादों पर पूरी तरह प्रतिबंध है। इसलिए इस विज्ञापन को कानून का उल्लंघन माना गया है। इंडिया टुडे की एक रिपोर्ट के मुताबिक इस मामले में एफडीए ने फ़ूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स एक्ट 2006 के सख्त धाराओं का इस्तेमाल किया है। नोटिस में बताया गया है कि इन सितारों पर ₹1 लाख तक का जुर्माना लग सकता है। एफएसएस एक्ट की धारा 53 के तहत जो कोई भी भ्रामक विज्ञापन के निर्माण या प्रकाशन का हिस्सा बनता है उस पर ₹1 लाख तक का जुर्माना लगाने का कानूनी प्रावधान है। उपभोक्ता संरक्षण कानून के तहत भ्रामक विज्ञापन करने वाले सितारों पर किसी भी उत्पाद के विज्ञापन करने से 3 साल तक की रोक भी लगाई जा सकती है। कुछ नियमों के तहत भ्रामक विज्ञापनों के लिए यह जुर्माना ₹50 लाख तक भी जा सकता है। NDTV की एक रिपोर्ट बताती है कि राज्य में 2012 से ही तंबाकू या निकोटीन वाले गुटखा और पान मसाला पर प्रतिबंध लगा हुआ है। यह बैन हर साल बढ़ाया जाता है।
हाल ही में 13 जुलाई 2026 को इस बैन को अगले एक साल के लिए फिर से रिन्यू किया गया। सरकार का मानना है कि पान मसाला स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है और सार्वजनिक स्वास्थ्य की रक्षा के लिए इसका प्रचार प्रसार रोकना जरूरी है। मगर इन सब के बीच सवाल यह है कि ये तीनों सितारे लंबे वक्त से इसका प्रचार कर रहे हैं तो अचानक कारवाई क्यों हो गई? तो इसके पीछे की मुख्य वजह सरकार का बढ़ता दबाव और विज्ञापन के नए नियम है। एफडीए कमिश्नर ने 12 जून को ही अधिकारियों को संगठित गुटखा नेटवर्क के खिलाफ मको जैसे सख्त कानून लगाने के निर्देश दिए थे। इसके साथ ही यह पहली बार है जब एफडीए ने सेोगेट विज्ञापनों की इतनी बारीकी से जांच शुरू की है। प्रशासन का मानना है कि विज्ञापन में इस्तेमाल किए गए शब्द, प्रस्तुति और मार्केट कॉन्टेक्स्ट यह साफ करते हैं कि यह सिर्फ इलायची का विज्ञापन नहीं है। इसी के चलते तीनों सितारों के घर पर 11 अगस्त को एफडीए ने यह नोटिस भेजे हैं। साथ ही तीनों सितारों को अपनी सफाई देने के लिए 15 दिनों का समय दिया गया है। उन्हें लिखित में यह बताना होगा कि उनके खिलाफ कानूनी कारवाई क्यों ना की जाए।
प्रशासन ने इन कलाकारों को तुरंत इस विज्ञापन अभियान से हटने और अपने सोशल मीडिया हैंडल से इस विज्ञापन से जुड़ी सारी जानकारी हटाने का आदेश दिया है। एफडीए ने इन सितारों से उनके ब्रांड एंडोर्समेंट कॉन्ट्रैक्ट की कॉपी मिलने वाले पैसे और विज्ञापन साइन करने से पहले उन्होंने कितनी जांच पड़ताल की थी इसके भी सबूत मांगे हैं। वैसे यह विज्ञापन पहले भी काफी विवादों में रहा है। साल 2022 में अभिनेता अक्षय कुमार भी इस विज्ञापन का हिस्सा थे।
लेकिन सोशल मीडिया पर फैंस के भारी विरोध और आलोचना के बाद उन्होंने माफी मांगते हुए खुद को इस कैंपेन से अलग कर लिया था। NDTV के अनुसार अक्षय कुमार ने तब एक पोस्ट लिखकर कहा था कि वे भविष्य में ऐसे किसी भी उत्पाद का प्रचार नहीं करेंगे जो तंबाकू से जुड़ा हो। उन्होंने अपनी फीस को भी इतने काम के लिए दान करने का वादा किया था। वहीं दूसरी ओर अभिनेता सनी देओल ने हाल ही में एक इंटरव्यू में बताया कि वे कभी भी पान मसाला या गुटखा के विज्ञापनों को एंडोर्स नहीं करते क्योंकि उनका जमीर इसकी इजाजत नहीं देता है। फिलहाल तो यह तीनों कलाकार नौ पन्नों की नोटिस का जवाब भेजने के लिए माथापच्ची में लगे होंगे। वरना तीन सालों का बैन भी झेलना पड़ सकता है। इस वीडियो में फिलहाल इतना ही। इस पान मसाला के ऐड के वाक्यों को आप कैसे देखते हैं? हमें कमेंट करके जरूर बताएं। शुक्रिया।