हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में पिछले कुछ दिनों से अभिनेत्री तनुश्री दत्ता और नाना पाटेकर के बीच के विवाद पर चर्चा हो रही है. तनुश्री ने आरोप लगाए हैं कि साल 2008 में फिल्म ‘ओके हॉर्न प्लीज’ की शूटिंग के दौरान नाना पाटेकर ने उन्हें गलत तरीके से छुआ था. एक डांस स्टेप जिसे करने में वो सहज नहीं महसूस कर रहीं थी, बार बार उसे ही करवाया जा रहा था. इसी विवाद को लेकर रेणुका शहाणे ने तनुश्री का पक्ष लिया है
तनुश्री दत्ता बनाम नाना पाटेकर मामले में रेणुका शाहणे कहती हैं, “फिल्म उद्योग के कई पुरुषों और महिलाओं को उनके प्रकोप का सामना करना पड़ा है।”तनुश्री दत्ता बनाम नाना पाटेकर विवाद पर अभिनेत्री रेणुका शाहणे की पोस्ट के एक अंश में लिखा है, “नाना पाटेकर अपनी असाधारण प्रतिभा और किसानों के प्रति सामाजिक सेवा के साथ-साथ अपने उग्र स्वभाव के लिए भी जाने जाते हैं। फिल्म जगत के कई पुरुष और महिलाएं उनके गुस्से का शिकार हो चुके हैं।” तनुश्री दत्ता ने नाना पाटेकर पर एक दशक पहले ‘हॉर्न ओके प्लीज’ के सेट पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया है
और कहा है कि जब उन्होंने उनके प्रस्ताव को ठुकरा दिया तो उन्होंने गुंडों को भेजकर उन्हें धमकाया और डराया। रेणुका शाहणे ने शनिवार को एक लंबी फेसबुक पोस्ट में इस विवाद के कुछ बिंदुओं का उल्लेख करते हुए तनुश्री दत्ता का समर्थन किया।तनुश्री ने साफ कर दिया कि उन्हें नृत्य के एक खास स्टेप से असहजता हो रही थी और उस स्टेप के दौरान नाना का हावभाव/स्पर्श उन्हें पसंद नहीं आया। भले ही नाना का इरादा उन्हें परेशान करने का न रहा हो, क्या निर्देशक और कोरियोग्राफर मिलकर कोई ऐसा स्टेप नहीं सोच सकते थे जिससे तनुश्री सहज महसूस करें? क्या कार्यस्थल लोगों को डराने-धमकाने के लिए है या फिर एक स्वस्थ वातावरण में काम करने के लिए? क्या किसी अभिनेत्री की सहजता के लिए स्टेप्स बदलने से फिल्म को बहुत बड़ा नुकसान हो जाता?” रेणुका शाहणे ने लिखा।
तनुश्री दत्ता ने कहा था कि यह घटना फिल्म ‘ हॉर्न ‘ओके’ प्लीज’ के एक गाने की शूटिंग के दौरान हुई थी , जिसके बाद उन्होंने फिल्म छोड़ दी थी।अब तक इस मामले पर अपनी-अपनी राय देने वाले दो ही लोग हैं: कोरियोग्राफर गणेश आचार्य, जिन्होंने विवादित फिल्म में उनके साथ काम किया था, और एक पत्रकार जो सेट पर मौजूद थे। गणेश आचार्य ने News18 को बताया , “मैं पुष्टि कर सकता हूं कि ऐसा कुछ नहीं हुआ। यह गलत बयान है कि नाना जी ने सेट पर किसी राजनीतिक दल के सदस्यों को बुलाया था।” उन्होंने यह भी माना कि “कुछ गलतफहमी हुई थी।” वहीं दूसरी ओर, पत्रकार ने कई ट्वीट करके कहा कि कथित उत्पीड़न की घटना हुई थी।
अपने पोस्ट में सुश्री शाहणे ने यह भी कहा, “जिस बात से तनुश्री असहज महसूस कर रही थीं, उससे शायद दूसरी महिलाओं को असहजता न हो, लेकिन इसका यह मतलब नहीं कि सेट पर मौजूद पुरुष अपनी ही टीम की सदस्य के खिलाफ एकजुट हो जाएं। अगर वह सचमुच वहां मौजूद किसी पुरुष की बेटी होतीं, तो क्या वे उनसे ऐसा कुछ करने को कहते जिससे उन्हें बहुत असहजता महसूस होती, या क्या वे अपना कदम बदलना चाहते?” उन्होंने आगे कहा, “किसी भी पुरुष को कोई परेशानी नहीं हुई। उनके अहंकार की जीत हुई! पुरुषों को वह सारा समर्थन मिला जो कोई भी उद्योग (सिर्फ फिल्म उद्योग ही नहीं) शक्तिशाली पुरुषों को देता है। केवल तनुश्री ही सदमे में थीं। उनके घाव अभी तक भरे नहीं हैं। ज़रा हिसाब लगाइए
कई बॉलीवुड अभिनेत्रियों ने पूर्व ब्यूटी क्वीन तनुश्री दत्ता के समर्थन में अपनी राय व्यक्त की है। तनुश्री दत्ता ने हाल ही में डीएनए को बताया कि जब फिल्म ‘चॉकलेट’ के निर्देशक (विवेक अग्निहोत्री, जिनका नाम उन्होंने नहीं लिया) ने कथित तौर पर उन्हें एक सीन के लिए “कपड़े उतारकर नाचने” का निर्देश दिया था, तब इरफान खान और सुनील शेट्टी ने उनका साथ दिया था ।