आज 13 अक्टूबर है और आज ही के दिन हिंदी सिनेमा ने अपने एक ऐसे सितारे को खोया था जिसकी आवाज का जादू आज भी करोड़ों लोगों के सिर पर चढ़कर बोलता है। एक ऐसा सिंगर जिसके गाने सुनकर कभी लोग झूम उठते थे तो कभी उनकी आंखों से आंसू निकल आते थे। लेकिन इस महान सितारे की अपनी जिंदगी भी कम दर्दनाक नहीं थी। प्यार किया तो चार बार शादी कर डाली। हिंदी सिनेमा की सबसे खूबसूरत एक्ट्रेसेस में से एक को अपना हमसफर बनाया। लेकिन किस्मत ने ऐसा मोड़ लिया कि उनकी प्रेम कहानी दर्द की दास्तान बन गई।
फिल्म इंडस्ट्री में अपनी शर्तों पर काम किया। बड़े-बड़े विवादों में घिरे और फिर एक दिन अचानक दिल का दौरा पड़ने से इनकी जिंदगी हमेशा के लिए खत्म हो गई। आज उनकी पुण्यतिथि पर एक बार फिर उनके चाहने वाले उन्हें याद कर रहे हैं। सोशल मीडिया पर उनके गाने सुने जा रहे हैं और उनकी जिंदगी के पुराने किस्से चर्चा में है। तो आखिर कौन थे ये महान सिंगर? उनकी चार शादियों की कहानी क्या थी? मधुबाला से उनका रिश्ता इतना खास क्यों था?
और फिल्म इंडस्ट्री में उनके बेबाक अंदाज को लेकर इतने विवाद क्यों हुए? तो आज की इस कहानी में हम बात कर रहे हैं किशोर कुमार की जिनकी आवाज आज भी हिंदी सिनेमा की सबसे बड़ी धरोहरों में गिनी जाती है। किशोर कुमार का निधन 13 अक्टूबर 1987 को आज ही के दिन हुआ था। दिल का दौरा पड़ने से महज 58 साल की उम्र में उन्होंने दुनिया को अलविदा कह दिया था। उनके निधन की खबर से फिल्म इंडस्ट्री और उनके चाहने वालों को गहरा सदमा लगा। जिस इंसान की आवाज लोगों को जिंदगी से प्यार करना सिखाती थी, उसका इस तरह अचानक दुनिया से चला जाना हर किसी के लिए बेहद दुखद था। आज उनकी पुण्यतिथि पर यह सवाल फिर से उठ रहा है कि आखिर उनकी जिंदगी में ऐसा क्या था, जिसने उन्हें इतना अलग बनाया? उनका असली नाम आभास कुमार गांगुली था। मध्य प्रदेश के खंडवा में जन्मे किशोर कुमार ने गायकी के लिए कोई ट्रेनिंग नहीं ली थी। फिर भी अपनी आवाज और अनोखे अंदाज से वह म्यूजिक की दुनिया में छा गए थे। उनकी खासियत यह थी कि वो एक ही आवाज में रोमांस, दर्द, मस्ती और जिंदगी का फलसफा उतार दिया करते थे। किशोर कुमार की निजी जिंदगी भी हमेशा चर्चा में रही। उन्होंने चार शादियां की और उनकी हर शादी के पीछे एक अलग कहानी रही। उनकी पहली शादी 1950 में रूमा गुहा ठाकुरता से हुई। रूमा खुद एक गायिका और अभिनेत्री थी। दोनों का एक बेटा अमित कुमार हुआ।
हालांकि इन दोनों का रिश्ता ज्यादा समय तक नहीं चला और 1958 में ही उनका तलाक हो गया। इसके बाद उनकी जिंदगी में आई एक्ट्रेस मधुबाला। उस दौर में मधुबाला की खूबसूरती और एक्टिंग के लाखों दीवाना हुआ करते थे। किशोर कुमार ने उनसे शादी की लेकिन इस रिश्ते के साथ एक बड़ा दर्द भी जुड़ गया। मधुबाला दिल की गंभीर बीमारी से जूझ रही थी। उनका निधन 23 फरवरी 1969 को हो गया। जब उनकी उम्र सिर्फ 36 साल थी। दोस्तों साहिया एक ऐसी फिल्म जिसकी कहानी में दर्द है, किरदारों में संघर्ष है और पर्दे पर समाज की हकीकत सच्चाई दिखाने की कोशिश है। लेकिन सेंसर बोर्ड की मनमानी के चलते दोस्तों अब साहिया की कहानी को दर्शकों तक पहुंचाने की लड़ाई अदालत की चौखट पर पहुंच गई है। दरअसल फिल्म साहिया के निर्माता और निर्देशक संजय शर्मा ने सेंसर बोर्ड के खिलाफ बॉम्बे हाईकोर्ट का रुख किया है। संजय शर्मा के मुताबिक साहिया झारखंड के नक्सल प्रभावित इलाके के आम लोगों की ज़िंदगी, उनके रिश्तों, उनके संघर्ष और हिंसा के साए में पलती उम्मीदों की कहानी है।
इस फिल्म का मकसद उन लोगों की आवाज सामने लाना है जिनकी जिंदगी अक्सर बड़ी सुर्खियों के पीछे छूट जाती हैं। अब 14 अक्टूबर को बॉम्बे हाईकोर्ट में इस मामले की सुनवाई निर्धारित की गई है। जिसमें वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल के साथ अधिवक्ता मोहम्मद हैदर और मोहम्मद तल्हा संजय शर्मा का पक्ष रखेंगे। संजय शर्मा ने न्यायालय पर भरोसा जताते हुए कहा कि आगे की कार्यवाही न्यायालय के निर्देशों के मुताबिक ही की जाएगी। किशोर कुमार की तीसरी शादी अभिनेत्री योगिता बाली से 1976 में हुई। यह रिश्ता करीब 2 साल ही चला और 1978 में दोनों अलग हो गए। इसके बाद 1980 में उन्होंने लीला चंदा वर्कर से शादी की। लीना उनकी चौथी पत्नी थी और उनके निधन तक उनके साथ ही रही। दोनों का एक बेटा सुमित कुमार है। लेकिन यहां सबसे ज्यादा चर्चित किशोर कुमार और मधुबाला की प्रेम कहानी ही है जो आज भी हिंदी सिनेमा के पॉपुलर किस्सों में शामिल है। मधुबाला उस समय की सबसे पॉपुलर अभिनेत्रियों में से एक थी।
उनकी खूबसूरती और एक्टिंग की तारीफ देश भर में हुआ करती थी। लेकिन उनकी निजी जिंदगी में दिल की बीमारी का दर्द लगातार बढ़ रहा था। किशोर कुमार ने मधुबाला की बीमारी के बावजूद उनसे शादी की थी। दोनों का रिश्ता लोगों के लिए मोहब्बत की मिसाल बना था। लेकिन बीमारी ने उनकी जिंदगी को बेहद मुश्किल बना दिया। मधुबाला का निधन किशोर कुमार के लिए गहरा सदमा लेकर आया। आज भी जब उनकी प्रेम कहानी का जिक्र होता है तो फैंस भावुक हो जाते हैं। अब करियर की बात की जाए तो किशोर कुमार सिर्फ एक सिंगर नहीं थे। वो एक्टर, म्यूजिशियन और फिल्म प्रोड्यूसर भी थे। मेरे सपनों की रानी रूप तेरा माना पल-पल दिल के पास। जिंदगी एक सफर है सुहाना और कुछ तो लोग कहेंगे जैसे गाने आज भी लोगों की प्लेलिस्ट में शामिल है।
राजेश खन्ना और अमिताभ बच्चन जैसे सितारों पर फिल्माए गए कई सुपरहिट गानों में किशोर कुमार की आवाज ने चार चांद लगाए थे। उनका अंदाज दूसरे सिंगर्स से बिल्कुल अलग था। वो गाने के मूड के हिसाब से अपनी आवाज को बदला करते थे। गायकी के साथ उनकी कॉमेडी भी एकदम लाजवाब थी। चलती का नाम गाड़ी, हाफ टिकट और पड़ोसन जैसी फिल्मों में उनकी एक्टिंग को आज भी पसंद किया जाता है। किशोर कुमार की जिंदगी में विवाद भी कम नहीं रहे। 1975 से 1977 के बीच जब देश में इमरजेंसी लागू थी तो रिपोर्ट्स के मुताबिक किशोर कुमार ने मुंबई में कांग्रेस की एक रैली के लिए गाने से इंकार कर दिया था।
इसके बाद आकाशवाणी और दूरदर्शन पर उनके गानों के प्रसारण पर रोक लगा दी गई जो इमरजेंसी खत्म होने तक जारी रही थी। और आज किशोर कुमार को दुनिया से विदा हुए कई दशक बीत चुके हैं। लेकिन उनके गाने लगातार सुने जाते हैं। उनकी आवाज में एक ऐसा अपनापन है जो पुरानी पीढ़ी को बीते दिनों की याद दिलाता है और नई पीढ़ी को भी आकर्षित करता है। आज 13 अक्टूबर को किशोर कुमार को याद करते हुए उनके चाहने वाले यही कह रहे हैं कि कुछ आवाजें कभी नहीं मरती। वो वक्त के साथ और भी खास होती जाती हैं।