नमस्कार स्वागत है आपका। मैं हूं आपके साथ लोकेंद्र त्यागी। IPL 2026 के फाइनल में गुजरात टाइटंस का ट्रॉफी जीतने का सपना टूट गया। लेकिन हार के कुछ ही देर बाद टीम के साथ जो हुआ उसने खिलाड़ियों और सपोर्ट स्टाफ की चिंता कई गुना बढ़ा दी। अहमदाबाद में खेले गए खिताबी मुकाबले में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु से हार झेलने के बाद गुजरात टाइटंस की टीम जब होटल लौट रही थी, तभी रास्ते में उनकी बस में अचानक तकनीकी खराबी आ गई और देखते ही देखते धुआं फैलने लगा।
बस से कुछ ही पलों में हालात ऐसे बन गए कि पूरी टीम को बस से बाहर निकलना पड़ा। जानकारी के मुताबिक फाइनल मुकाबला खत्म होने के बाद गुजरात टाइटंस के खिलाड़ी कोचिंग स्टाफ और अन्य सदस्य टीम बस से होटल की ओर रवाना हुए थे। इसी दौरान बस के अंदर शॉर्ट सर्किट होने की आशंका जताई गई जिसके बाद वाहन में धुआं भरने लगा। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए बस को तुरंत रोका गया और सभी लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। राहत की बात यह रही कि इस घटना में किसी खिलाड़ी, कोच या स्टाफ सदस्य को कोई चोट नहीं पहुंची। समय रहते सभी को बस से उतार लिया गया जिससे एक संभावित बड़ा हादसा टल गया। हालांकि अचानक हुई इस घटना ने खिलाड़ियों को काफी देर तक परेशानी में डाले रखा। बताया जा रहा है कि टीम के सदस्य कुछ समय तक सड़क किनारे इंतजार करते रहे। जिसके बाद दूसरी बस की व्यवस्था कर उन्हें होटल पहुंचाया गया। गुजरात टाइटंस के लिए यह रात किसी बुरे सपने से कम नहीं रही। एक तरफ टीम IPL ट्रॉफी जीतने से चूक गई और दूसरी तरफ वापसी के दौरान यह अप्रत्याशित घटना सामने आ गई।
लंबे टूर्नामेंट फाइनल का दबाव और हार की निराशा के बीच खिलाड़ियों को इस तरह की परिस्थिति का सामना करना पड़ा जिसने माहौल को और भी ज्यादा तनावपूर्ण बना दिया। अगर फाइनल मुकाबले की बात करें तो गुजरात टाइटंस पहले बल्लेबाजी करते हुए निर्धारित 20 ओवर में केवल 155 रन ही बना सकी। टीम की बल्लेबाजी उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर पाई और बड़े मैच में स्कोर अपेक्षाकृत कम रह गया। इसके जवाब में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए लक्ष्य को 18 ओवर में ही पांच विकेट खोकर हासिल कर लिया। आरसीबी की जीत के सबसे बड़े नायकों में एक बार फिर विराट कोहली रहे। उन्होंने दबाव भरे मुकाबले में नाबाद 75 रनों की शानदार पारी खेली। कोहली ने सिर्फ 42 गेंदों का सामना करते हुए नौ चौके और तीन लगाए। उनकी इस मैच जिताऊ पारी ने गुजरात की वापसी की उम्मीदों को लगभग खत्म कर दिया। अनुभवी बल्लेबाजों ने शुरुआत से अंत तक पारी को संभाले रखा और टीम को खिताब तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई।
मैच के बाद गुजरात टाइटंस के डायरेक्टर ऑफ क्रिकेट विक्रम सोलंकी से यह सवाल भी पूछा गया। क्या लगातार मुकाबले खेलने और यात्रा की थकान टीम की हार की वजह बनी? इस पर उन्होंने साफ कहा कि वह किसी भी तरह से आरसीबी की जीत का श्रेय कम नहीं करना चाहते। सोलंकी ने माना कि उनकी टीम अपेक्षित स्कोर तक नहीं पहुंच सकी। लेकिन उन्होंने अपने गेंदबाजों की तारीफ करते हुए कहा कि कम स्कोर होने के बावजूद गेंदबाजों ने अंत तक संघर्ष किया। उन्होंने यह भी कहा कि टीम अपनी कमियों का विश्लेषण करेगी और भविष्य में बेहतर प्रदर्शन के लिए जरूरी कदम उठाएगी।
साथ ही उन्होंने माना कि फाइनल में आरसीबी ने गुजरात से बेहतर क्रिकेट खेली और जीत की हकदार रही। फिलहाल सबसे बड़ी राहत यही है कि बस में आई तकनीकी खराबी के बावजूद कोई जनहानि नहीं हुई। खिलाड़ियों और स्टाफ की सुरक्षा सुनिश्चित होने के बाद टीम होटल पहुंच गई है। हालांकि फाइनल में हार और उसके तुरंत बाद सामने आई इस घटना ने गुजरात टाइटंस के लिए सीजन के आखिरी दिन को बेहद कड़वे अनुभव में बदल दिया। अगर आप यह वीडियो YouTube पर देख रहे हैं तो हमारे चैनल को सब्सक्राइब कर बेल आइकन दबाएं और Facebook पर देख रहे हैं तो हमारे पेज को लाइक