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आखिर ऐसा क्या हुआ कि रातों-रात शर्मसार होकर बांग्लादेश भाग गए थे चंकी पांडे?

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हम बात करेंगे उस एक्टर की जो हर किसी से कहता है अ जोक एक ऐसा एक्टर जो कभी सुपरस्टार बनने की दौड़ में था वह हीरो जिसके आगे कभी फिल्म का मेन हीरो भी पानी कम लगता था चौखट पे तुम्हारी हम दम तोड़ जाए लेकिन अचानक से वह सिर्फ एक साइड एक्टर बनकर ही रह गया तो बात कर रहे हैं 90 के दशक के सबसे चर्चित और बदकिस्मत एक्टर कहे जाने वाले चंकी पांडे की जैसे चाहे नैन किरण को जैसे चाहे सांस पवन को ऐसे मैंने तुझको चाहा कैसे अचानक से वह हीरो से जीरो बन गया क्यों आज भी बांग्लादेश के लोग उसे अपना नेशनल सुपरस्टार मानते हैं जो एक्टर कभी बॉलीवुड का सबसे चार्मिंग हीरो था वह कैसे अचानक से सिर्फ एक कॉमेडियन बनकर रह गया शादी के लिए आखरी पासा और सुहागरा के लिए भी आखरी पास था किसने उसे भरे सेट पर पीटा था और ऐसा क्या हुआ था कि वह शर्मसार होकर बांग्लादेश भागने को मजबूर हो गया था और उनके दिमागी हालत के लिए कौन जिम्मेदार है जानेंगे और भी बहुत कुछ तो चलिए शुरू करते हैं मेरे ऑफिस के सामने प्रोड्यूसर की लाइन लगती थी बोली लगती थी मेरे कानों पर चंकी पांडे का जन्म 26 सितंबर 1962 को बंबई में हुआ था चंकी नाम उनके मां-बाप ने नहीं बल्कि उनके यहां काम करने वाली एक बाई ने रखा था उनका असली नाम था सरेश पांडे चंकी की मां का नाम था स्नेहलता पांडे और पिता का नाम था शरद पांडे उनके माता-पिता दोनों ही डॉक्टर थे और चंकी पांडे को भी डॉक्टर बनने के ही सपने आते थे लेकिन बचपन में ही चंकी पांडे ने अपनी पढ़ाई को देख लिया था और उन्हें समझ में आ गया था कि डॉक्टर तो दूर की बात है वह कंपाउंडर ही बन जाएं वही बड़ी बात है कह दे कह दे फिर कह दे एक बार इसलिए पढ़ाई छोड़कर फिल्मों की तरफ उनका ध्यान जाने लगा चंकी पांडे ने एक्टिंग क्लास जवाइन कर ली और एक्टिंग सीखने लगे उन्होंने एक्टिंग सीखने के साथ-साथ जूनियर को एक्टिंग सिखाना भी शुरू कर दिया ताकि कुछ पैसे कमाए जा सके और यह भी

एक भरोसा ना करने वाली बात है कि चंकी पांडे ने सलमान खान और अक्षय कुमार जैसे स्टार्स को ट्रेनिंग दी वो अलग बात है कि बाद में चेले गुरु से भी आगे निकल गए प्यार किया नहीं जाता हो जाता हैकी दिखने में काफी हैंडसम लगते थे और उन्हें पहली बार एक फोटो शूट के लिए तीन-तीन हीरोइन के साथ काम करने का मौका मिला था चंकी पांडे पहली बार संजय दत्त की पहली फिल्म रॉकी के एक गाने में दिखाई दिए थे और इसके बाद ही उनकी जान पहचान कई लोगों से हो गई थी चंकी पांडे को अपनी पहली ही फिल्म डायरेक्टर का नाड़ा खोलने पर मिली थी क्या बात कर रहे हैं दरअसल हुआ यह था कि एक पार्टी में चंकी पांडे की मुलाकात बाथरूम में फिल्म निर्माता प्रहलाद नहलाने से हुई थी जो अपना नाड़ा नहीं खोल पा रहे थे चंकी पांडे ने उनकी मदद की और उनका नाड़ा खोल दिया और जिससे खुश होकर प्रहलाद ने उन्हें फिल्म ऑफर कर दी साजन आजा रे फिल्म का नाम था आग ही आग और इस तरह 1987 में चंकी पांडे बॉलीवुड में दाखिल हो गए यह एक मल्टीस्टार फिल्म थी और चंकी पांडे खामोश वाले शत्रुगन सिन्हा से डायलॉग वाली लड़ाई लड़ते हुए दिखाई दिए अबे ओ लौंडे जबान संभाल कर बोल साले निकल जा यहां से वरना तेरी मां यह सोचेगी कि उसके बेटे के मुंह में जुबान थी या वो गूंगा पैदा हुआ था भाई वा और इस फिल्म में सोले वाले धर्मेंद्र भी थे फिल्म में चंकी की हीरोइन थी नीलम साजन आ इसके बाद चंकी पांडे ढाई किलो हाथ वाले सन देवल के साथ भी दिखाई दिए अब मेरे जिस्म पर वर्दी नहीं है उखाड़ मेरा हाथ और उस आदमी को लड़ने की चुनौती देने लगे जो अगर हेड पंप की तरह देख भी ले तो लोग डर कर ऐसे भागते हैं फिल्म का नाम था पाप की दुनिया और चंकी पांडे की एक्टिंग इस फिल्म में कमाल की थी और इस फिल्म में भी उनकी हीरोइन नीलम ही थी ऐसी राहों से नजर हटा लो जिंदगी प्यार है प्यार इसके बाद आई गुनाहों का फैसला जो एक मल्टीस्टार फिल्म थी और चंकी पांडे की हीरोइन थी डिंपल कपाट जो चंकी पांडे से कह रही थी और इस फिल्म में सोले के सीन को दोहराने की भी कोशिश की गई थी जिसमें चंकी को बांधकर डिंपल से डेनी डांस की डिमांड करते हैं म के सामने और उस समय के डायलॉग की तो बात ही अलग होती थी दम है तेरे हाथ में है इसके बाद आई खतरों के खिलाड़ी जिसमें रावण की मंदोदरी धर्मेंद्र के साथ यह गा रही थी तुमसे बना मेरा जीवन चंकी पांडे संजू बाबा के साथ मिलकर धर्मेंद्र को हराने में लगे हुए थे रास्ते में आने वाली हर ताकत को मैं मिटा के रख दूंगा भाई कुछ ज्यादा नहीं हो गया और इस फिल्म में भी चंकी पांडे की हीरोइन अपनी मुलाकातों से बारिश में आग लगा रही थी लग गई आग लग गई बरसातो में बाद 1988 में अनिल कपूर की फिल्म आई तेजाब जिसमें माधुरी गिनती सीख रही थी एक दो तीन चार पाच छ सा तेजाब में चंकी पांडे

ने अनिल कपूर के दोस्त का किरदार निभाया लेकिन इस फिल्म में उनका किरदार कमाल का था आज भी जब कोई अंधेरी रात में गाड़ी लेकर निकलता है तो उसे चंकी पांडे का यह गाना ही याद आता है सो गई है सारी मंजिले सो गया है रस इसके बाद चंकी पांडे फिल्म अग्नि में मिथुन चक्रवर्ती के साथ दिखाई दिए और इस फिल्म में उनकी हीरोइन थी नदी में नहाकर राम की गंगा मैली करने वाली मंदाकिनी इसके बाद उस्ताद में चंकी पांडे एक बार फिर से विनोद खन्ना के साथ दिखाई दिए और इस फिल्म में भी चंकी का लुक कमाल का था यही होगा वो सही मौका तुम्हारी गिरफ्तारी का इसके बाद पांच पापी जैसी फिल्म फ्लॉप रही और फिर आई चंकी पांडे की एक बेहतरीन फिल्म मिट्टी और सोना जि जिंदगी में पहली पहली बार प्यार किया है और इस फिल्म में चंकी पांडे की एक्टिंग सच में कमाल की थी इसके बाद आई कसम वर्दी की और यह फिल्म भी बड़ी हिट हुई इस फिल्म के दौरान चंकी पांडे के साथ एक ऐसा बड़ा विवाद भी हो गया जिसने उनकी जिंदगी में तूफान ला दिया था जिसकी चर्चा हम आगे की वीडियो में करेंगे इसके बाद एक ऐसी फिल्म भी आई जिसमें चंकी पांडे अपने एक्टिंग से राजेश खन्ना को भी टक्कर देते हुए नजर आए फिल्म का नाम था घर का चिराग और इस फिल्म में चंकी पांडे ने कहा तक तक तक तिया आई लव य फिल्म के कुछ गाने भी बड़े हिट हुए और नीलम के साथ चंकी पांडे की जोड़ी को हर किसी ने खूब पसंद किया इसके बाद गोला बारूद नाइंसाफी जख्म जहरीले नाकाबंदी आतिशबाज आज के शहंशाह और कोहराम जैसी कई फिल्मों में चंकी पांडे नजर आए 1991 में चंकी पांडे संजय दत्त के साथ दो मतवाले में दोदो हाथ करते हुए नजर आए और इस फिल्म में भी चंकी पांडे ने गजब का काम किया बोलता इसके बाद रुपए 10 करोड़ भी फ्लॉप रही इसी साल वह पहली बार माधुरी दीक्षित के साथ दिखाई दिए फिल्म का नाम था खिलाफ और वह माधुरी दीक्षित को ऐसे बुला रहे थेरी जान चली इस फिल्म में चंकी पांडे को देखकर यही लगता है कि वो आगे चलकर बॉलीवुड का एक बड़ा सुपरस्टार बनेगा हम जितनी बारंगे हम जितनी बार मरेंगे लेकिन लगने से क्या होता है यह फिल्म अच्छी थी लेकिन इतनी बुरी तरह से फ्लॉप हुई कि माधुरी दीक्षित को भी चंकी पांडे के साथ काम करके पछतावा हुआ तुम पायल बजाती हो या मुझे इसके बाद पर्दा है पर्दा कसक नसीब वाला जीवनदाता सोने की लंका विश्वात्मा खुलेआम अपराधी और लुटेरे जैसी कई फिल्में आई लेकिन इनमें से कोई भी फिल्म बहुत बड़ी हिट नहीं हो पाई 1993 में चंकी पांडे एक ऐसी फिल्म में नजर आए जिसके लिए उन्हें आज भी याद किया जाता है जो दे उसका भी भला जो ना दे उसका भी भला जो दे और इस फिल्म में गोविंदा के साथ उनकी जोड़ी ने हर किसी का दिल जीत लिया इस फिल्म में चंकी पांडे की एक्ट एक्टिंग की भी

तारीफ हुई और फिल्म के कुछ गाने भी बड़े हिट हुए ओ काले कुर्ते वाली तेरा नाम तो बता और चंकी पांडे को हर किसी ने बेहतरीन एक्टर मान लिया अब चंकी पांडे को लगने लगा कि शायद अब उन्हें अच्छी फिल्में मिलने लगेंगी और अब शायद वो फिल्म में मेन हीरो भी बन जाएंगे लेकिन ऐसा हुआ नहीं 1994 में चंकी पांडे की एक मेन हीरो के तौर पर फिल्म आई गोपाला और इस फिल्म के लिए चंकी पांडे ने खूब तारीफ है बटोरी लेकिन यह फिल्म भी कुछ खास कमाल नहीं कर पाई और फ्लॉप हो गई इसी साल वह एक मल्टीस्टार फिल्म इंसानियत में भी दिखाई दिए और सनीदेवल और अमिताभ बच्चन के साथ आई यह फिल्म सच में बेहतरीन थी जिसमें चंकी पांडे का लुक सच में एक डेसिंग हीरो जैसा ही लगता है तुम बेवफा हो इसके बाद वह तीसरा कोन में दिखाई दिए और इस फिल्म के लिए भी उन्होंने खूब सुर्खियां बटोरी इसके बाद भी चंकी पांडे ने कई फिल्मों में काम किया लेकिन कोई भी फिल्म उन्हें बड़ा हीरो नहीं बना पाई और उन्हें सोलो हीरो के तौर पर कोई भी फिल्म नहीं मिल रही थी जिससे चंकी पांडे बहुत निराश रहने लगे क्योंकि वह हीरो का भाई और दोस्त बनकर थक चुके थे इसलिए अब उनका सेकंड हीरो बनने से मोह भंग हो गया और उन्होंने मल्टीस्टार फिल्मों में काम करना ही बंद कर दिया मैं तेरा पोता तू मेरी मैमा माने ना क्यों हालत ऐसी हो गई कि खाने के लाले पड़ने लगे थे क्योंकि मेन हीरो में फिल्म उन्हें मिल नहीं रही थी और मल्टीस्टार फिल्म को ठुकरा चुके थे इसी समय उनके एक बांग्लादेशी दोस्त ने उन्हें बांगला फिल्मों में काम करने की सलाह दी कुछ दिनों तक चंकी पांडे सोचते रहे और फिर वह बांग्लादेश के लिए रवाना हो गए क्योंकि घर भी तो चलाना था और चंकी पांडे बांग्लादेशी फिल्मों में काम करने [संगीत] लगी धीरे-धीरे उन्हें वहां इतना पसंद किया जाने लगा कि वह बांग्लादेश के सुपरस्टार ही बन गए और जिस सफलता के लिए वह बॉलीवुड में तरस रहे थे वह सब कुछ उन्हें बांग्लादेश में बड़ी आसानी से मिल गया था बांग्लादेश ने उन्हें इतना प्यार दिया कि कुछ ही फिल्मों में काम करने के बाद वो वहां के नेशनल सुपरस्टार बन गए और लोग उन्हें बांग्लादेश का अमिताभ बच्चन कहने लगे टक्कर देवे अरी श जब से नी उलटे लेकिन बांग्लादेश में सफल होना ठीक वैसा ही था जैसे मानो भारत के किसी एक स्टेट के वह हीरो हो इसलिए ज्यादा समय त चंकी पांडे को बांग्लादेश की सफलता भी नहीं पची और वह कुए के मेडक जैसा फील करने लगे जो समुंदर को छोड़कर एक तालाब में रहकर खुद को राजा समझ रहा था और इसी समय चंकी पांडे की शादी भी हो गई तो वापस बॉलीवुड लौटकर आना उनकी मजबूरी भी हो गई और उनका इरादा भी पक्का हो गया और बांग्लादेश में अपना चमकता हुआ स्टारडम छोड़कर वह वापस से भारत में आकर बस गए और दोबारा से बॉलीवुड में काम ढूंढने लगे अजय देवगन की फिल्म कयामत में उन्हें दोबारा काम काम करने का मौका मिला 30 सेकंड एंड काउंटिंग रेडी टू इसके बाद राम गोपाल वर्मा की फिल्म डी में भी चंकी पांडे ने एक गैंगस्टर का किरदार निभाया और ऐसे निभाया कि उनकी एक्टिंग ने हर किसी का ध्यान खींचा इसी समय वह यह बंबई है मेरी जान में शैफ अली खान के साथ दिखाई दिए और एक सपोर्टिंग किरदार निभाते हुए नजर आए सन 2000 में चंकी पांडे मिथुन चक्रवर्ती के साथ दिखाई दिए फिल्म का नाम था ज्वालामुखी पहले चैन गया हो उड़ यारा यारा प्यार हुआ मुझको तुमसे प्यार हुआ और इस फिल्म में मिथुन की आत्मा चंकी पांडे के अंदर घुसकर खूब तहलका मचाती है

इस फिल्म में चंकी पांडे ने एक्शन भी किया कॉमेडी भी की और रोमांस भी किया लेकिन फिर भी हीरो का क्रेडिट उन्हें नहीं मिला और हीरो तो इस फिल्म के मिथुन चक्रवर्ती ही कहलाए एक बार धोखा खा चुका हूं दोबारा नहीं खाऊंगा और चंकी पांडे सिर्फ एक सपोर्ट हीरो ही लग लेकिन इस बार चंकी पांडे ने काम करना नहीं छोड़ा और वह बॉलीवुड में एक साइड एक्टर बनकर ही काम करने लगे और उन्होंने कई फिल्मों में काम किया जिनमें अपना सपना मनी मनी दरवाजा बंद रखो डॉन फुल एंड फाइनल हेलो डार्लिंग पेइंग गेस्ट शंकर सिटी डैडी कूल दे दनादन और हिम्मत वाला जैसी कई फिल्मों में चंकी पांडे ने छोटे-मोटे किरदार निभाए बुलेट राजा फिल्म में चंकी पांडे एक अलग तरह के किरदार में दिखी फिल्मी बंदूक थोड़ी है जो चलती जाएगी बेटा क्या गुंडा बनेगा रे तू इसके बाद बेगम जान में भी चंकी पांडे एक डेंजरस लुक में दिखाई दिए पर स्थानम फिल्म में भी चंकी पांडे संजय दत के साथ दिखाई दिए और एक दमदार वेलन के किरदार में उन्होंने अपनी गहरी छाप छोड़ी मैं बहुत अजीब हूं फल नहीं मिलता है तो पेड़ काट देता हूं और पेड़ नहीं मिला तो जड़ काट देता साहू फिल्म में उनके विलन वाले खतरनाक रोल को कौन भूल सकता है जो इतना दमदार था कि प्रभास के साथ भी उनकी एक्टिंग को लोगों ने खूब पसंद किया त मुझे समझ में आया राक्षस पल के नीचे नहीं मेरे अंदर था लेकिन चंकी पांडे को अगर सबसे ज्यादा पहचान अपने किसी किरदार से मिली तो वह हाउसफुल में निभाया गया उनका आखिरी पास्ता का किरदार था एंगेजमेंट के लिए एक दबा शादी के लिए दो दबाओ और दोबारा शादी करने के लिए अपने पला बीवी का गला दबा लोग ने इतना पसंद किया कि यह हाउसफुल सीरीज का अहम किरदार बन गए और हाउसफुल के हर पार्ट में चंकी पांडे आखिरी पास्ता बनकर ही दिखाई दिए आपका बुकिंग कैंसल अब चले जाओ प्लीज गो गेट आउट गो होम लेकिन हमें तो बुकिंग कन्फर्मेशन मिली थी आ चकी 2022 में चंकी पांडे जवानी जानेमन में दिखे थे और इसके बाद वह एक गुजराती फिल्म में भी दमदार विलन के किरदार में दिखाई दिए इस फिल्म का नाम था नायिका देवी और इसके बाद वो एक तमिल फिल्म सरदार में भी दिखाई दिए चंकी पांडे कई वेब सीरीज में भी दिखाई दे चुके हैं जिनमें पॉपकॉर्न बेबी कम ना फेबुलस लाइफ ऑफ बॉलीवुड वाइब जैसी कई बेहतरीन वेब सीरीज शामिल रही अरे बाबा तुम्हारा बीबी प्लमर है तो हमको क्यों बुलाया ये प्लंबर नहीं है अभी अभी बोला नहीं ये सारा प्लंबर है मैंने कहा सारा प्लंबर है और अभय के दूसरे सीजन में तो चंकी पांडे ऐसे दिखे कि लोगों को भरोसा ही नहीं हुआ कि यह सच में चंकी पांडे हैं मतलब इतना खतरनाक चंकी पांडे को इससे पहले कभी किसी ने नहीं देखा था और अब हम बात करते हैं चंकी पांडे की पर्सनल लाइफ की चंकी पांडे की मुलाकात 1995 में भावना से हुई थी

और धीरे-धीरे उनकी दोस्ती प्यार में बदल गई 1998 में चंकी पांडे ने भावना से शादी कर ली चंकी पांडे की दो बेटियां हुई और अनन्य पांडे उन्हीं की बेटी है जो बॉलीवुड में नाम बनाने की एक नाकामयाब कोशिश कर चुकी है और जिसमें टैलेंट के नाम पर सिर्फ ये है इट्स माय टैलेंट वेरी नाइस ओ नॉट बड भाई वा एक फिल्म की शूटिंग के दौरान चंकी पांडे की हीरोइन ने उनकी पिटाई कर दी थी हुआ यह था कि फिल्म वर्दी की कसम के दौरान चंकी पांडे आई एम द मैन कहकर हीरोइन को छेड़ा करते थी फिल्म की हीरोइन थी फरा नाज जिसे यह बिल्कुल भी पसंद नहीं आ रहा था लेकिन चंकी पांडे अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहे थे तो फरा नाज ने भरे सेट पर चंकी पांडे को थप्पड़ जड़ दिया था और चंकी पांडे कुछ नहीं कर पाए फराना आज इतनी हावी हो गई कि वह चंकी पांडे के साथ मारपीट करने लगी उनका कहना था कि चंकी पांडे उन्हें गंदे इशारे करते थे जिससे वह परेशान हो चुकी थी उसके बाद क्या और इसके कुछ समय बाद चंकी पांडे को इतनी शर्मिंदगी महसूस हुई कि उन्होंने फिल्मों में काम करना ही बंद कर दिया था और इसके कुछ समय बाद ही वह बांग्लादेश चले गए थे चंकी पांडे को बहुत ही कंजूस बताया गया है बॉलीवुड में वह सिर्फ अपनी कंजूसी के लिए ही बदनाम थे चंकी पाजी के घर में पार्टी होती थी ना पार्टी इनके घर में जरूर होती थी उनको पता नहीं था कौन दे रहा है और इतने बदनाम थे कि इससे उनकी कभी एक अच्छी इमेज भी नहीं बन पाई चंकी पांडे को लेकर बॉलीवुड में चर्चा थी कि वह कभी कोई पार्टी नहीं देते पैसे खर्च नहीं करते और वह दूसरों का पैसा खर्च करने के लिए हमेशा तैयार रहते हैं एक बार तो वो अमेरिका के एक शॉपिंग मॉल में सलमान खान को ले गए थे बाद में पता चला कि चंकी पांडे ने उस दुकान वाले से $200 लिए थे कि मैं सलमान खान को तुम्हारी दुकान पर लाऊंगा कुछ दिनों बाद सलमान को पता चला हम सबको पता चला इसने दुकान वाले से $ हज लिए थे कि मैं सलमान को ले आ इसी तरह जब विश्वात्मा फिल्म की शूटिंग चल रही थी तो एक बार चंकी पांडे ने बहुत सारे सिगरेट के पैकेट खरीद लिए थे

और जब सनिदवल को यह पता चला तो उन्होंने फ्लाइट में सारे पैकेट लोगों में बांट दिए और जब चंकी पांडे ने सनिदवल को सिगरेट बांटते हुए हुए देखा तो वो भागकर सनिदेवल के पास गए और कहने लगे कि मुझे मेरा हिस्सा भी चाहिए और सनिदेवल ने उन्हें भी सिगरेट बांट दी चंकी पांडे बहुत खुश थे कि उन्होंने फ्री की सिगरेट ले ली है लेकिन बाद में जब उन्हें पता चला कि ये उन्हीं की सिगरेट हैं जो सनिदेवल ने बांट दी हैं तो वो सनिदेवल पर खूब भड़क गए और उन्हें धमकाने लगे लेकिन सनिदेवल ने कहा कि उन्होंने सिर्फ यह मजाक में किया था और तुम्हें थोड़ा नॉर्मल होना चाहिए इसके बाद जैसे ही फ्लाइट लैंड हुई तो चंकी पांडव बाहर खड़े हो गए और उन सभी लोगों से उन्होंने अपने सिगरेट एक-एक करके वापस ले लिए जिससे सनिदेवल भी यह समझ गए कि कंजूसी में चंकी पांडे सबका बाप है और उनकी इन्हीं हरकतों के कारण ही लोगों ने उन्हें बद दिमाग और बेवकूफ तक कहना शुरू कर दिया था और उनकी एक ऐसी इमेज बना दी गई थी कि लोग उनसे बचने लगे थे और धीरे-धीरे वह सिर्फ एक मजाक बनकर ही रह गए पिंकी बोले मैं सीनियर हू यार मेरा मजाक मत उड़ा लेकिन य चंकी पांडे की असलियत नहीं है वो आज भी एक समझदार और टैलेंटेड एक्टर हैं बस उन्हें कभी वो मौका नहीं मिला कि वो अपने टैलेंट को सही तरीके से दिखा सकें और एक स्टार वाली इमेज बना सकें और आज भी चंकी पांडे सिर्फ नाम के ही एक्टर हैं तो यह थी बॉलीवुड के आखिरी पास्ता चंकी पांडे की कहानी आप बॉलीवुड को भूल गए थे या बॉलीवुड आपको मैं आज तक कभी किसी चीज पर रोया नहीं हूं

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