Cli

राजस्थान खुदकुशी मामले में 8 महीने बाद, खुलेगा मौत का राज!

Uncategorized

तो देखिए अब बात करेंगे राजस्थान के जयपुर की जहां 8 महीने पहले छात्र की खुदकुशी से जुड़े एक सीसीटीवी फुटेज से [संगीत] मामले में एक नया मोड़ आ गया है। दरअसल करीब 8 महीने बाद सामने आए सीसीटीवी फुटेज ने स्कूल प्रबंधन और पुलिस की जांच दोनों को कटघरे में खड़ा कर दिया है।

क्या है यह पूरा मामला? देखिए इस रिपोर्ट में। जयपुर के स्कूल की चौथी मंजिल से कूदकर अपनी जान देने वाली 9 साल की छात्रा अमायरा की मौत ने करीब 8 महीने बाद नया मोड़ ले लिया है। मौत के 8 महीने बाद जारी सीसीटीवी फुटेज ने स्कूल की कार्यशैली और पुलिस की जांच पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। सबसे पहले आप यह वीडियो देखिए। अमायरा स्कूल के क्लासरूम में है। अपने दोस्तों के साथ बातचीत कर रही है। कुछ देर बाद क्लासरूम से निकलकर डांस क्लास जाती है। एक आम एक्टिव छात्र की तहत। लेकिन जब अमायरा वापस अपने क्लास लौटती है तो कुछ बच्चे उसे बुली करने लगते हैं। डिजिटल स्लेट पर कुछ लिखकर बार-बार उसे दिखाते हैं।

क्लास के बच्चों की इस हरकत से अमायरा असहज हो जाती है। बार-बार टीचर से बच्चों की शिकायत करती है। लेकिन सब बेनतीजा क्लास की टीचर अमायरा की किसी शिकायत को तवज्जो नहीं देती। जिसके बाद अमायरा स्कूल की चौथी मंजिल पर पहुंचती है और कूद कर अपनी जान दे देती है। छात्रा के परिजनों की मानें तो उनकी बच्ची मानसिक प्रताड़ना झेलती रही। बार-बार मदद मांगती रही लेकिन स्कूल के शिक्षकों ने उसकी कोई मदद नहीं की और बुली से परेशान छात्रा ने खुदकुशी कर ली। मैं रिक्वेस्ट करती हूं जुडिशरी से भी आपके थ्रू कि इस पे एक्शन लिया जाए। यह सही चार्जशीट नहीं है।

द चार्जेस आर नॉट ओके। वो बिल्कुल अबेटमेंट है टीचर द्वारा बिल्कुल अबेटमेंट है उसे सुसाइड करने के लिए मतलब फोर्स किया गया है। अमायरा के परिजनों ने इस पूरे मामले में पुलिस की जांच पर सवाल उठाए हैं। परिजनों की माने तो पुलिस ने केस को सिर्फ लापरवाही तक सीमित रखा जबकि मामला आत्महत्या के लिए उकसावे का है। पुलिस के द्वारा तो ऐसा लगता है

मां-बाप को और फैमिली को प्रताड़ित करा गया है जयपुर में। हमारी बात तक नहीं सुनी गई। हमें घंटा अपॉइंटमेंट के लिए बिठाया गया है। हमसे ऐसे ऐसे क्वेश्चन करे गए हैं जिससे हमें यही लगे कि आपका बच्चा क्या इमोशनली ठीक नहीं रहता था। आठ महीने बाद सामने आया सीसीटीवी फुटेज। परिजनों के आरोपों पर कुछ हद तक मुर लगाता है। हालांकि आरोपों में कितनी सच्चाई है इसका पता तो जांच के बाद ही चल पाएगा। लेकिन सवाल यह है कि क्या नए सीसीटीवी फुटेज से जांच की दिशा बदलेगी? ब्यूरो रिपोर्ट रिपब्लिक भारत

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *