भारत और रूस को लेकर एक बहुत शानदार खबर आई है। इतिहास में पहली बार भारत और रूस के रिश्तों में एक नाटकीय मोड़ आया है। रूस भारतीय लोगों को अब जमकर पैसा बांट रहा है। आप यह जानकर हैरान हो जाएंगे कि भारतीय लोग अब रूस के लिए ताकत बनते जा रहे हैं। अपने देश को मजबूत रखने के लिए रूस अब भारतीय लोगों को पैसा दे रहा है।
दरअसल पहले यूक्रेन और फिर ईरान जंग ने रूस को भारत के लिए नया वेस्ट एशिया बना दिया है। अमेरिकी संदर्भ में बात करें तो रूस भारत के लिए नया मिडिल ईस्ट बन गया है। इतिहास पर नजर डालें तो भारत सबसे ज्यादा तेल खाड़ी देशों से खरीदता था। इसके अलावा भारत के लोग सबसे ज्यादा खाड़ी देशों में ही काम करने जाते थे। इनमें सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात, कतर और बहरीन जैसे देश शामिल हैं। लेकिन जंग की वजह से खाड़ी देशों में बढ़ती अस्थिरता के चलते पूरा पैटर्न बदल गया है। रूस भारत का सबसे बड़ा तेल सप्लायर तो बन ही गया है। लेकिन अब भारतीय वर्कर्स के लिए दूसरा गल्फ भी बन गया है।
खबर है कि यूक्रेन युद्ध और घटती आबादी से परेशान रूस अब हजारों की तादाद में भारतीय वर्कर्स को अपने देश में बुला रहा है। रूस की योजना है कि साल 2026 में कम से कम 40,000 नए भारतीयों को नौकरी दे दी जाए। रूस इन भारतीय कामगारों को मोटी सैलरी और रहने की जगह भी दे रहा है। रूस में खेती से लेकर रेल तक भारतीय कामगारों की मांग है। रूसी समाचार एजेंसी ताज की रिपोर्ट के मुताबिक रूस के अलग-अलग क्षेत्रों में भारतीय वर्कर्स की मांग बढ़ती जा रही है। रूस में भारतीय वर्कर्स, खेती, कंस्ट्रक्शन, हाउसिंग, तेल और गैस, रेल ट्रांसपोर्ट, जहाज निर्माण, कपड़ा उद्योग, फार्मासटिकल्स और हेल्थ केयर जैसे क्षेत्रों में भारी डिमांड है। भारत के स्किल्ड वर्कर्स को रूस में डेढ़-2 लाख और उससे भी ज्यादा सैलरी मिल रही है। मजे की बात देखिए कि रूस की कंपनियों को चीनी
वर्कर्स से ज्यादा भारतीय वर्कर्स पर भरोसा है। रूस की कंपनियों ने अपनी सरकार से मांग की है कि उन्हें जल्द से जल्द ज्यादा से ज्यादा भारतीय वर्कर्स चाहिए। इसी कड़ी में एक दिलचस्प जानकारी सामने आई है कि आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा रूस की सेंट्रल बैंक चीफ से मिल रहे हैं। इसके अलावा यह भी खबर है कि जून के महीने में भारत ने रूस से कच्चा तेल आयात करने के नए रिकॉर्ड बना दिए हैं। यह पिछले रिकॉर्ड से काफी ज्यादा है। यानी भारत और भारत के लोग रूस के लिए एक सुरक्षा कवच बन गए हैं। वैसे आपको बता दें कि इजराइल पहले ही भारतीय वर्कर्स पर अपना भरोसा जता चुका है। इजराइल ने कहा था कि पूरी दुनिया को भारतीय लोगों के टैलेंट पर भरोसा है। भारतीय लोग मेहनती हैं और ईमानदार हैं। इजराइल ने यहां तक कह दिया था कि उन्हें फिलिस्तीनी वर्कर्स पर भरोसा नहीं है। वह फिलिस्तीनियों की जगह भारतीय वर्कर्स को काम देना चाहते हैं और अब इजराइल यह कर भी रहा है।