[संगीत] [प्रशंसा] राष्ट्रपति भवन में हाल ही में एक ऐसा भावुक पल देखने को मिला जिसने पूरे देश की आंखें नम कर दी। भारतीय सेना के वीर जवान जंजाल प्रवीण प्रभाकर को मरणोपरांत कीर्ति चक्र से सम्मानित किया [संगीत] गया। सम्मान लेते वक्त उनकी मां भावुक होकर रो पड़ी। जिस पर राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू ने प्रोटोकॉल तोड़कर उन्हें गले लगा लिया। सोशल मीडिया पर यह वीडियो इस वक्त काफी वायरल हो रहा है। ऐसे में चलिए आपको बताते हैं आखिर कौन थे शहीद जंजाल प्रवीण। सोमवार [संगीत] को राष्ट्रपति भवन में आयोजित रक्षा अलंकरण समारोह।
पहले फेज में भारतीय सेना के सिपाही जंजल प्रवीण प्रभाकर को दो आतंकवादियों को मार गिराने के लिए कीर्ति चक्र से सम्मानित किया गया। उनकी यह बहादुरी, कर्तव्य निष्ठा और सर्वोच्च बलिदान के लिए उन्हें मरणोपरांत कीर्ति चक्र से सम्मानित किया गया। नई दिल्ली में आयोजित समारोह में राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू ने यह सम्मान प्रदान किया। पुरस्कार शहीद की पत्नी संभा प्रवीण जंजाल और उनकी मां शालू प्रभाकर जंजाल ने ग्रहण किया। उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह इस मौके पर मौजूद थे। राष्ट्रपति भवन में सम्मान ग्रहण करते वक्त शहीद की मां भावुक होकर रो पड़ी। इस दौरान राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू ने प्रोटोकॉल तोड़कर उन्हें गले लगाया,
ढांडस बंधाया। यह एक ऐसा पल था जिसने देश भर के लोगों के दिलों को छू लिया। सांत्ववाना देने के बाद राष्ट्रपति ने शहीद प्रवीण की मां और पत्नी को बेटे की बहादुरी के लिए कीर्ति [संगीत] चक्र दिया। सिपाही जंजाल प्रवीण प्रभाकर ने 6 जुलाई 204 को जम्मू कश्मीर के कुलगांव में एक भीषण आतंकवाद रोधी अभियान के दौरान अपनी साहस का परिचय दिया था। ऑपरेशन के दौरान उन्होंने दो आतंकवादियों को मार गिराया लेकिन मातृभूमि की रक्षा करते हुए वह [संगीत] शहीद हो गए। जंजाल प्रवीण प्रभाकर का जन्म 1999 को हुआ था। वह मोरगांव भाकरे अकोला जिला महाराष्ट्र में पैदा हुए। एक साधारण किसान परिवार से आते थे और बचपन से ही सेना में भर्ती होकर देश की सेवा करने का सपना [संगीत] था। साल 2019 के आसपास भारतीय सेना में वह भर्ती हुए। उनकी नियुक्ति महर रेजिमेंट में हुई।
बाद में उन्हें जम्मू कश्मीर में आतंकवाद विरोधी अभियानों के लिए राष्ट्रीय [संगीत] राइफल्स की एक आरआर यूनिट से जोड़ा गया। फिलहाल एक लाइन में कहें तो सिपाही जंजाल प्रवीण प्रभाकर वह वीर जवान जिन्होंने कुलगांव में आतंकवादियों से लड़ते हुए दो आतंकियों को [संगीत] ढेर किया और मातृभूमि की रक्षा करते हुए सर्वोच्च बलिदान दे दिया। उनके साहस और इस बलिदान की दुनिया भर में तारीफ हो रही [संगीत] है। फिलहाल आप क्या कहना चाहेंगे? कमेंट सेक्शन में हमें लिखकर जरूर बताएं। वीडियो को लाइक करें, शेयर करें और चैनल को सब्सक्राइब करना बिल्कुल ना भूलें।