आज हम आपको ऐसी धमाकेदार खबर दिखाने जा रहे हैं जो अचानक पूरी दुनिया में चर्चा का विषय बन गई है। भारत के करोड़ों लोग यह खबर सुनकर हैरान हो जाएंगे। आपने सुना होगा कि चीन उईगर मुसलमानों पर कितने अत्याचार कर रहा है।
लेकिन इन्हीं उईगर मुसलमानों ने ऐसा कांड कर दिया जो आपके होश उड़ा देगा। दरअसल थाईलैंड की अदालत ने दो उईगर मुसलमानों को मंदिर पर हमला करने के लिए की सजा सुना दी है। थाईलैंड की एक अदालत ने साल 2015 में बैंकॉक के प्रसिद्ध एरावान मंदिर में हुए के मामले में दो चीनी उईगर मुसलमानों को की सजा सुनाई है। इस में 20 लोगों की हुई थी।
चीन ने तो उईगर मुसलमानों के लिए 29 नामों की एक लिस्ट तक जारी कर रखी है। जिसमें कहा गया है कि उईगर मुसलमान चीन में अपने बच्चों के नाम मोहम्मद जिहाद, इस्लाम, इमाम, अजहर और सद्दाम नहीं रख सकते। ऐसे 29 नाम बताए गए हैं। लेकिन जब यही हुई मुसलमान चीन से बाहर निकलते हैं तो दूसरे देशों में जाकर हिंदू मंदिरों पर हमला करते हैं।
बहरहाल आपको बता दें कि थाईलैंड में कई मशहूर हिंदू मंदिर और तीर्थ स्थल हैं जिनमें भारतीय और थाई वास्तुकला शैलियों का मिलाजुला स्वरूप देखने को मिलता है। थाईलैंड के बौद्ध भी हिंदू देवी देवताओं की पूजा करते हैं। क्योंकि दोनों संस्कृतियों के बीच गहरा ऐतिहासिक और सांस्कृतिक जुड़ाव है। हैरानी की बात देखिए कि एक शिव मंदिर को लेकर भी थाईलैंड और उसके पड़ोसी देश कंबोडिया के बीच दशकों से संघर्ष चल रहा है। यह दोनों देश एक शिव मंदिर के लिए आपस में लड़ रहे हैं। दोनों देशों का दावा है कि मंदिर उनके क्षेत्र में है।
वैसे 1962 में इंटरनेशनल कोर्ट ऑफ जस्टिस ने प्रीह वेहियर नाम के इस मंदिर को कंबोडिया का हिस्सा माना था। लेकिन इसके बावजूद थाईलैंड इस शिव मंदिर को अपने पास लाना चाहता है। इसी को लेकर कई बार दोनों देशों के बीच हमले हो चुके हैं।