प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का सबसे नया संदेश। 1 मिनट 20 सेकंड के इस वीडियो संदेश के जरिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने युवाओं से किया है सीधा संवाद। पेपर लीक को लेकर बनी हाईपा टास्क फोर्स की जानकारी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश को दी है और साथ ही पीएम ने बताया सरकार सख्त कानून बनाने के लिए संसद में बिल भी ला रही है। इस बिल के जरिए सरकार की कोशिश परीक्षा प्रणाली को पारदर्शी बनाना।
इस हाई लेवल कमेटी की कमान infoss के संस्थापक सदस्यों में से एक नंदन नीलकाणी को सौंपी गई है। विद्यार्थियों के भविष्य के लिए भारत सरकार लगातार अनेक विध कदम उठा रही है। जिन लोगों ने विद्यार्थियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया वे जेलों में सड़ रहे हैं। हम कल पार्लियामेंट के अंदर भी कठोर कानूनों के प्रावधान के साथ नया कानून बनाने की दिशा में भी आगे बढ़ रहे हैं। लेकिन हमें भविष्य के लिए सोचना है। हमारी परीक्षा पद्धति विश्वस्त हो।
हमारी परीक्षा पद्धति ट्रांसपेरेंट हो। हमारी परीक्षा पद्धति में सबसे ज्यादा अब टेक्नोलॉजी का उपयोग हो। इन सारी बातों को ध्यान में रखते हुए विश्व प्रसिद्ध टेक्नोलॉजी एक्सपर्ट श्रीमान नंदन नीलेकनिक जी के नेतृत्व में एक हाई पावर टास्क फोर्स बनाने का निर्णय किया है जो एग्जामिनेशन रिफॉर्म की तरफ फोकस करेगा और जल्द से जल्द आने वाली परीक्षाओं के विश्वसनीयता को सुनिश्चित करने का काम इसके रिपोर्ट के आधार पर कर दिया जाएगा।
सीधे आपको लेकर चलेंगे। सहयोगी विशाल इस वक्त हमारे साथ मौजूद हैं और जरा विशाल से ही जान लेते हैं। विशाल मतलब एनटीए में सुधार के लिए यह हाईपा टास्क फोर्स बनाई गई है। बिल्कुल रोमाना एनटीए की जो परीक्षाएं आयोजित होती हैं एनटीए के द्वारा उसमें कैसे सुधार लाया जाए? पेपर लीक की कोई गुंजाइश ना बचे। उसमें स्ट्रक्चरल रिफॉर्म कैसे लाया जाए इस पर फोकस किया है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने थोड़ी देर पहले Instagram पर एक वीडियो पोस्ट कर इस बात की जानकारी दी है कि नंदन नीलकणी जो कि जाने-माने टेक्नोक्रेट माने जाते हैं उनके नेतृत्व में यहां पर एक हाई पावर्ड कमेटी का गठन किया गया है जो पूरे रिफॉर्म पर अपनी रिपोर्ट सबमिट करेगी और उनके रिपोर्ट के आधार पर ही एनटीए में सुधार किया जाएगा।
नीलकणी वो व्यक्ति हैं जिन्होंने जो आधार के फाउंडर में से एक थे जब आधार लॉन्च हुआ था 2009 से 2014 के बीच में यूपीए सरकार के दौरान। इसके अलावा कई अहम पदों पर और रह चुके हैं नंदन नीलकेणी। साथ ही साथ इसरो के पूर्व चेयरमैन एस सोमनाथ को भी इस कमेटी में जगह मिली है। कुछ दिनों पहले रिटायर हुए पूर्व आईबी डायरेक्टर तैपका को इसमें सदस्य के तौर पर जगह दी गई है। चेन्नई आईआईटी के डायरेक्टर वी कमल कोटी को भी इसमें सदस्य बनाया गया है। पूर्व शिक्षा सचिव अनीता करवल और लॉजिस्टिक एक्सपर्ट अमृत लाल मीणा इस हाई पावर्ड कमेटी में होंगे। तो इस कमेटी को देखकर यह लगता है कि जहांजहां लूप होल्स रहे होंगे एनडीए की परीक्षा प्रणाली में टेक्नोलॉजी से लेकर लॉजिस्टिक्स से लेकर सूचना से लेकर और जब जिस दिन परीक्षा होती है जब परीक्षार्थियों के हाथ में पेपर जाता है वहां से लेकर वापसी तक कैसे सब कुछ लीक प्रूफ किया जाए इसको फोकस में करते हुए एनटीए में सुधार के लिए हाई पावर्ड कमेटी का गठन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तरफ से किया गया देखिए प्रधानमंत्री ने जिस टास्क फोर्स का गठन किया है, उसमें कौन-कौन वीवीआईपी शामिल किए गए हैं?
आपके सामने है यह तस्वीर। टेक्नोलॉजी एक्सपर्ट नंदन नीलकर्णी को इसमें शामिल किया गया। इसरो के पूर्व चेयरमैन एस सोमनाथ, आईबी के पूर्व डायरेक्टर तपन डेका, आईआईटी चेन्नई के डायरेक्टर वी कमाकोटी, पूर्व शिक्षा सचिव अनीता करवाल, लॉजिस्टिक एक्सपर्ट अमृत लाल मीणा।
तो ये इस हाई पावर कमेट के जो सदस्य हैं उनके बारे में मैंने आपको बताया जो इसमें शामिल किए गए हैं और देखिए सरकार का पूरा फोकस क्योंकि एनटीए जिसका गठन हुआ 2017 में पारदर्शी तरीके से एग्जाम कराने के लिए लेकिन उसी एनटीए की नाक के नीचे आखिरकार बार-बार पेपर लीक क्यों?
पेपर लीक की समस्या का समाधान क्या है? इन्हीं तमाम सवालों के जवाब तलाशने के लिए अब यह हाई पावर टास्क फोर्स जिसका गठन कर दिया गया है क्योंकि सिर्फ और सिर्फ इस्तीफे से बात नहीं बनेगी। सरकार की तरफ से ये कहा जा रहा था विशाल कि सुधार जरूरी है और सरकार प्रतिबद्ध है सुधार करने के लिए। इसी दिशा में यह कदम महत्वपूर्ण हो जाता है। विशाल बिलकुल रुमाना आपने ठीक कहा क्योंकि पूरी जो परीक्षा प्रणाली है जो शिक्षा व्यवस्था है उसमें सुधार की मांग उसमें रिफॉर्म की मांग लगातार छात्रों की तरफ से की जा रही थी जो छात्र इस आंदोलन का हिस्सा बने थे।
धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा जरूर हुआ है लेकिन इस्तीफे से सुधार नहीं हो सकता है। तो जो एनटीए का पूरा सिस्टम है जो परीक्षा कई सारी परीक्षाएं देश भर में एनटीए कराता है उसकी परीक्षा प्रणाली में सुधार किस रूप से लाया जाए कहां-कहां चूक अब तक हुई है और कहां-कहां सुधार की गुंजाइश है इसी को ध्यान में रखकर यह हाई पावर कमेटी काम करेगी और अपनी एक पूरी रिपोर्ट देगी कैसे लीक प्रूफ परीक्षाएं भारत में कराई जाए कि किसी प्रकार से जो पेपर लीक के माफिया होते हैं वह इसमें सेंधमारी ना कर पाए उन पर एक्शन समय रहते ले लिया जाए और आप देखिए इसमें आईबी के पूर्व डायरेक्टर को भी शामिल किया गया है। यानी सूचना तंत्र कैसे इस एनटीए की परीक्षा प्रणाली में बेहद मजबूत रहे।
कहां-कहां पर लीकेज की संभावना होती है उसमें आईबी के पूर्व डायरेक्टर जो तैपन डेका है उनके अनुभव का भी सही कह रहे हैं। देखिए पेपर लीक रोकने के लिए सरकार कितनी गंभीर है। यह हाई पास टास्क फोर्स जिस तरीके से इसका गठन किया गया है उससे तस्वीर साफ हो रही है।