बाबा बागेश्वर धीरेंद्र शास्त्री जो हैं उनके खिलाफ 24 जिलों में शिकायत दर्ज कराई गई है। 24 जगहों पर शिकायतें हुई हैं और क्या उन पर एफआईआर होगी? सवाल अब यह उठ खड़ा हुआ है। यह सवाल इसलिए उठा क्योंकि बंगाल में पश्चिम बंगाल में हावड़ा में उनकी एक सभा थी। जहां उन्होंने कहा कि और एक साथ नहीं चल सकते। क्या आप लोग चाहते हैं कि नवरात्रि सब हो जाए तो उत्तर भारतीय थे उन्होंने तो हाथ हिलाया लेकिन जो बंगाल के रहने वाले लोग हैं उनकी अपनी मान्यता उनके अपने चलन उनकी अपनी प्रथा है इससे उनको ठेस पहुंची नाराजगी हुई पॉलिटिक्स हुआ ने ही इसको झटक दिया उनके बयान को इसके खिलाफ खड़ी हो गई पूरा मसला क्या है हैं जिनको लेकर के बात होनी चाहिए का एक बयान है उसको लेकर के बातचीत है ।
पश्चिम बंगाल में तीन दिन की कथा करने के लिए बाबा बागेश्वर जाते हैं। वहां पर बाबा बागेश्वर कहते हैं कि नवरात्रि आने वाली है और इससे अब कांग्रेस नाराज हो जाती है। कांग्रेस कहती है कि जो बंगाल की संस्कृति है वहां की संस्कृति एकदम अलग है। इस हिसाब से भूगोल वहां का अलग है। तो कांग्रेस कहती है कि ये इन्होंने समाज को बांटने की कोशिश की है।
इसलिए इनके खिलाफ वो कई थानों में जाकर शिकायत देती है। अब अगर यही बयान जो बाबा बागेश्वर ने दिया है। यही बयान सोचिए कि इसका विरोध हां इसका विरोध बंगाल के ने किया। ने कहा कि बंगाली हिंदू है जिसको सब आजादी है वो खाएगा। सोचिए यही बयान कोई और दे दिया होता तब क्या होता? यह यूपी में कोई विपक्ष का नेता बोल देता तब क्या होता?
इसका विरोध होने लगता। इतनी राजनीति फैल जाती हर जगह डिबेट होने लग जाती। छोटी-छोटी खिड़कियों में बैठे हुए अलग-अलग प्रवक्ता, राजनीतिक विश्लेषक, जानकार इस चीज पर डिबेट कर रहे होते कि क्या खाना चाहिए, क्या नहीं खाना चाहिए। पश्चिम बंगाल में हो रहा है। सब गुड गुड शांत हो गया। अब यह आईना दिखाने का दौर चल रहा है।
आईना दिखाने का दौर यहां पर अपने हिसाब से पॉलिटिक्स थी तो आईना अपनों ने ही दिखा दिया। अब बारी आती है आप चलते हैं