कहते हैं एक मां और पिता को अपना बच्चा कभी बुरा नहीं लगता. फिर चाहे को वो गौरा हो या सांवला. पढ़ाई में बहुत तेज हो या फिसड्डी. लेकिन, अग्निसाक्षी, क्रांतिवीर और तिरंगा जैसी धांसू फिल्मों में नजर आने वाले दिग्गज एक्टर नाना पाटेकर को अपने ही बेटे से नफरत हो गई थी. अपनी पर्सनल लाइफ के बारे में बहुत कम बात करने वाले नाना पाटेकर ने हाल ही में अपनी जिंदगी से जुड़े उन कड़वे सच को बयां किया, जिसको लोग जानते ही नहीं हैं. उन्होंने बताया कि तो वह नहीं पीते थे, लेकिन सिगरेट पीने की लत उन्हें भयंकर थी।
नाना पाटेकर ने हाल ही में बयां किया कि क्यों उन्हें अपने ही बेटे से नफरत हो गई थी और जब उनकी मौत हुई तो उन्हें सदमा सा लग गया था. तिरंगा एक्टर ने बताया कि सिगरेट पीने का आदत उन्हें ऐसी लग गई थी कि वो दिन की 60 सिगरेट पी जाते थे, हालांकि फिर किसी खास की एक बात ने इस बुरी लत को भी खत्म कर दिया.
अपने छोटे बेटे के बारे में बात करते हुए नाना पाटेकर ने बताया उसका नाम दुर्वासा था और जन्म से ही उसे आंखों में तकलीफ थी जिसकी वजह से उन्हें इतनी नफरत हो गई, वह हमेशा यह सोचते थे कि दुनिया उनके बेटी को किसी नजर से देखेंगे दुनिया क्या कहेंगे कि नाना पाटेकर का बेटा ऐसा है।
हालांकि उसे बेटे ने ढाई साल ही उनके साथ विधायक जिसके बाद वह दुनिया छोड़कर चला गया।उन्होंने बताया कि मुझे सिगरेट पीने की लत थी. मैं नहाते समय भी सिगरेट पीता था. उस वक्त मैं दिन में करीब 60 सिगरेट पीता था. बदबू के कारण कोई भी मेरी कार में नहीं बैठता था. उन्होंने कहा, मैंने कभी नहीं पी लेकिन बहुत करता था. लेकिन, मेरी बहन के कुछ शब्दों ने इस बुरी लत को हमेशा के लिए छुड़वा दिया