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14 की उम्र में इस सिंगर ने रचा इतिहास,पति ने क्यों दे दिया ज!ह!र,जानकार रौंगटे खड़े हो जाएंगे।

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आप जैसा कोई मेरी जिंदगी में आए तो बात बन जाए वो ऐसी कलाकार थी जिन्होंने भारत और पाकिस्तान में म्यूजिक इंडस्ट्री का नक्शा बदल डाला था को दीवाने उन्होंने महज 15 साल की उम्र में संगीत जगत में ऐसे रिकॉर्ड्स बनाए जो आज भी कायम हैं और फिल्म जगत में एक मिसाल है बम बम जब मिलते हैं हम तो आख उनकी आवाज और खूबसूरती को देखकर दोनों देश ही नहीं दुनिया भर से फिल्मों में काम करने के प्रस्ताव आने लगे थी और फिल्म निर्माता उन्हें ब्लैंक चेक तक दे रही थी।

आओ ना प्यार करें हम और तुम राज कर लेकिन क्या आप जानते हैं कि संगीत के शिखर पर पहुंचने के बावजूद ये गायिका एक्टिंग और ग्लैमर से कोसो दूर रहती थी मुझे दिलचस्पी नहीं है अदाकारी से कोई दिलचस्पी नहीं है नहीं बिलकुल नहीं यह जरूर है कि मुझे अपनी एजुकेशन से बहुत लगाव है क्या आप सोच सकते हैं कि इस गायिका को अपनी सीधी साधी जिंदगी जीने के बदले पति के धोखे और जैसी कीमत तक चुकानी पड़ी थी लेकिन मेरा दिल मेरा दिल रोर और क्या आप यकीन करेंगे कि बहुत कम उम्र में ही इस गायिका की मौत हो गई और उनकी लाश को भी सुकून पाने के लिए महीनों तक इंतजार करना पड़ा ली रात के दुखिया कौन थी ।

यह सिंगिंग सेंसेशन जिसने स्कूल यूनिफॉर्म पहनकर गाना शुरू किया और तहलका मचा दिया आप जैसा कोई मेरी जिंदगी में आए तो बन जाए क्या खासियत थी उनकी आवाज में जो आज दशकों बाद भी उनका जादू कम नहीं हुआ है क्यों इतनी उपलब्धियों के बावजूद निजी जिंदगी में नहीं मिल पाया उन्हें कोई सुख और क्यों उनके दिल फेंक पति पर लगा था उन्हें देने का संगीन आरोप जानेंगे और भी बहुत कुछ आप बने रहिए हमारे साथ आप देख रहे हैं ड्रामा सीरीज भारत और मैं हूं आर जे कंगना जी हां वही फिल्मी किस्से वाली आरजे कंगना जो लोग बॉलीवुड को कुछ दशक पहले से जानते हैं उन्हें समझ में आ गया होगा कि आज की इस वीडियो में हम चर्चा करने जा रहे हैं।

80 और 90 के दशक की मशहूर गायिका नाजिया हसन की जैसा कोई मेरी जिंदगी में आए तो बात बन जाए आज की पीढ़ी बेशक इनके नाम से कम वाकिफ होगी लेकिन उस दौर के संगीत प्रेमियों के लिए नाजिया की आवाज दीवानगी से भी कहीं बढ़कर थी कभ मिलते हैं हम आख आंखों में होते दुनिया नाजिया की आवाज की दीवानी थी लेकिन उनकी निजी जिंदगी दर्दनाक थी इस गायिका को 15 की उम्र में मिली करिश्माई पॉपुलर और 35 साल में हुई दर्दनाक के दरमियान उथल-पुथल भरे 20 साल की अनसुनी दास्तान लेकिन उससे पहले एक नजर उनके छोटे से शुरुआती जीवन पर।

नाजिया हसन का जन्म 3 अप्रैल 1965 को कराची पाकिस्तान में हुआ यह पाकिस्तान के नामी बिजनेसमैन बासर हसन और सोशल वर्कर मुनीजा बासर की बेटी थी कराची में जन्म लेने के बाद इनकी परवरिश और पढ़ाई लंदन में हुई नाजिया हसन की मां मुनीजा और हिंदी फिल्मों की जानी मानी अदाकारा जीनत अमान अच्छी दोस्त थी एक दिन वह बासर दंपत्ति के लंदन स्थित घर पहुंची तो कमरे में उनकी नजर गिटार पर पड़ी व झट से पूछ बैठी अरे यह कौन बजाता है मुनिजा ने जवाब दिया मेरे दोनों बच्चे म्यूजिक में दिलचस्पी रखते हैं नाजिया उस समय घर पर ही थी उन्होंने जीनत को एक गाना सुनाया जो सभी को काफी पसंद आया धुली रात के दुखिया सा एक दिन बाद जीनत ने मुनिजा को कॉल किया और कहा इंडिया में एक्टर फिरोज खान एक फिल्म बना रहे हैं और उन्हें इसके लिए एक नई आवाज की जरूरत है मुझे लगता है नाजिया की आवाज उन्हें पसंद आएगी ।

यह किस्सा नाजिया की मां ने बीबीसी को दिए एक इंटरव्यू में सुनाया था मुनिजा ने पहली बार में तो इंकार कर दिया क्योंकि मुस्लिम परिवार की लड़कियों को इतना खुला माहौल नहीं दिया जाता था लेकिन इसके बावजूद जब नत अमान ने जिद की तो उन्होंने कहा कि वह पति से बात करके ही कोई जवाब देंगी शुरू में तो बासर नाराज हुए लेकिन कुछ मिनटों की बहस के बाद उन्हें अपनी पत्नी मुनीजा के आगे झुकना पड़ा जीनत ने मुनीजा और नाजिया की मुलाकात फिरोज खान से करवाई इस फिल्म के गानों और स्कोर के लिए वैसे तो कल्याण जी आनंद जी म्यूजिक दे रहे थे।

लेकिन कुछ गानों के लिए उन्होंने लंदन के एक भारतीय मूल के संगीतकार बिद्दू से बात की थी बिद्दू आधुनिक इलेक्ट्रॉनिक वादी यंत्रों से कमाल का संगीत बना रही थी जो उन दिनों पश्चिमी देशों में बेहद लोकप्रिय था 15 साल की नाजिया की आवाज से इंप्रेस होकर फिरोज खान ने उन्हें अपनी फिल्म कुर्बानी में गाने का मौका दिया जो 1980 में रिलीज हुई थी आप जैसा कोई मेरी जिंदगी में आए तो बात बन जाए नाजिया ने फिल्म के लिए बिद्दू के संगीत निर्देशन में आप जैसा कोई मेरी जिंदगी में आए गाया जो चार्ट बस्टर साबित हुआ गाने की रिकॉर्डिंग यूके में ही हुई थी जिसके लिए नाजिया अपने स्कूल से हाफ डे की छुट्टी लेकर स्कूल ड्रेस में ही रिकॉर्डिंग के लिए जाती थी ला संभले बना फटके आप रिकॉर्डिंग के बाद नाजिया अपनी पढ़ाई में व्यस्त हो गई।

लेकिन जब फिल्म रिलीज हुई तो यह गाना चार्ट बस्टर साबित हुआ पाग बन जाए हां पाग बन जाए एक दिन मुनिजा के पास मशहूर निर्माता निर्देशक राज कपूर का कॉल आया उन्होंने कहा कि इस साल बेस्ट प्लेबैक सिंगर का फिल्म फेयर अवार्ड नाजिया को मिलेगा फिर पूछा क्या आप अवार्ड लेने भारत आएंगे ऐसा पहली बार हुआ था कि 15 साल की उम्र में किसी कलाकार को फिल्म फेयर अवार्ड दिया गया हो भारत में दिया जाने वाला यह पुरस्कार इससे पहले किसी पाकिस्तानी को नहीं दिया गया था उनसे पहले और बाद में आज तक फिल्म फेयर अवार्ड के इतिहास में ऐसा दोबारा नहीं हुआ संभवत पहली बार इस अवार्ड को पाने वाले को फंक्शन से पहले ही बता दिया गया था बहरहाल साल 1981 में पूरा परिवार भारत आया और नाजिया को शोमैन राज कपूर के हाथों ही फिल्म फेयर अवार्ड दिया गया।

बेस्ट फीमेल सिंगर का यह पुरस्कार नाजिया को आप जैसा कोई गाने के लिए दिया गया था अवार्ड नाइट के दिन जिस होटल में नाजिया ठहरी थी वहां दर्जनों मीडिया कर्मियों का जमावड़ा उनसे बात करने के लिए इंतजार कर रहा था पहले गाने के बाद ही कम उम्र की नाजिया एक नेशनल सेंसेशन बन गई उन्होंने 1981 में ही संगीतकार बिद्दू के साथ मिलकर म्यूजिक एल्बम डिस्को दीवाने लॉन्च किया डिस्को दीवाने यह एल्बम भारत और पाकिस्तान का बेस्ट सेलिंग एल्बम बन गया भारत में तो पहले दिन ही इसके 1 लाख रिकॉर्ड्स बिक गए साथ ही इसे फिलीपींस मलेशिया इंडोनेशिया के अलावा साउथ अफ्रीका वेस्ट इंडीज लैटिन अमेरिका और रशिया में भी काफी पसंद किया गया सुंदर वतन ये चंचल दहन नाचेगा सान अपने पहले ही एल्बम से नाजिया इंटरनेशनल सिंगर बन गई थी।

इससे पहले विदेशों में भारतीय फिल्मों के गाने ही लो लोकप्रिय होते थे लेकिन डिस्को दिवाने पहला ऐसा नॉन फिल्मी एल्बम था जो बॉलीवुड संगीत पर भी भारी पड़ा ब्राजील में यह पहला कोई दक्षिण एशियाई एल्बम था जो चार्ट बस्टर बना था बेहतरीन सिंगर होने के साथ-साथ नाजिया बेहद सुंदर भी थी उनके पॉपुलर होने के बाद हर नामी फिल्म मेकर उन्हें अपनी फिल्म में साइन कर करना चाहता था कहते हैं फिल्मों के प्रोड्यूसर उन्हें ऑफर में ब्लैंक चेक तक दे देते थे लेकिन हर बार नाजिया ऑफर ठुकरा दिया करती थी दरअसल परिवार वाले मानते थे कि नाजिया के लिए पढ़ाई ज्यादा जरूरी है एल्बम डिस्को दीवाने इतना पॉपुलर हुआ कि नाजिया जहां जाती थी।

वहां भीड़ लग जाया करती थी एक बार जब वह कोलकाता एयरपोर्ट पहुंची तो उन्हें देखने भर के लिए 1 लाख लोग जमा हो गए थे नाजिया की बढ़ती पॉपुलर देखते हुए बिद्दू ने उन्हें अगले साल 1982 में अपने म्यूजिक एल्बम बूम बूम में एक्टिंग करने का भी ऑफर दिया लेकिन उन्होंने सिर्फ गाना गाया बो बाद में इस एल्बम के गानों पर बॉलीवुड की एक फिल्म भी बनी जिसका नाम था स्टार जबी मिलते हैं हम दोन आ 1984 में रिलीज हुआ नाजिया और जोहेब का एल्बम यंग तरंग पाकिस्तान का पहला एल्बम था जिसमें म्यूजिक वीडियो था आंखें मिलाने वाले दिल को चुराने वाले मुझको भुलाना नहीं ये उस जमाने का एशिया का सबसे पॉपुलर एल्बम था 1986 में नाजिया ने बॉलीवुड फिल्मों में गाने गाए जिनके नाम थे दिलवाला इल्जाम और मैं बलवान हलाला करें हम उसी साल उन्होंने अफ्रीका में बनी भारतीय फिल्म अफ्रीका डली शीला के लिए भी प्लेबैक किया 1987 में नाजिया और जोहेब ने एक एल्बम बनाया जिसका टाइटल था हॉटलाइन नाजिया गानी त तक ही सीमित रही लेकिन फिल्मों में काम करने के ऑफर उन्हें लगातार मिल रहे थे कहते हैं ।

अपने जीवन के आखिरी दौर में जब राज कपूर अपनी फिल्म हिना के लिए हीरोइन की तलाश कर रहे थे तब उन्होंने नाजिया हसन को भी अप्रोच किया था लेकिन उन्हें भी निराशा ही हाथ लगी 1992 में नाजिया ने अपने भाई जोहेब के साथ म्यूजिक एल्बम कैमरा कैमरा रिलीज किया जिसके ठीक बाद उन्होंने अनाउंस कर दिया कि यह उनका आखिरी एल्बम है नाजिया का परिवार वैसे तो पढ़ा लिखा था लेकिन वह फिल्मों में काम करने को नीचा समझता था पर्सनल लाइफ में फोकस करने के लिए नाजिया ने 1992 में हमेशा के लिए गाना छोड़ दिया ।

लंदन की रिचमंड अमेरिकन यूनिवर्सिटी से बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन की पढ़ाई पूरी करने के बाद 1991 में नाजिया ने यूनाइटेड नेशंस में विमेंस इंटरनेशनल लीडरशिप प्रोग्राम में इंटर्नशिप की और बाद में उन्होंने यूएन सिक्योरिटी काउंसिल में नौकरी भी की उन्होंने लॉ की डिग्री भी हासिल की 30 मार्च 1995 को घरवालों ने नाजिया की शादी कराची के बिजनेसमैन मिर्जा इश्तियाक बेग से करा दी

इश्तियाक से नाजिया की अरेंज मैरिज थी 1997 में नाजिया ने बेटे अरेज को जन्म दिया।

हालांकि सूत्रों का कहना है कि शादी के कुछ समय बाद ही दोनों के बीच अनबन होने लगी थी नाजिया का पति इश्तियाक बेग एक दिल फेंक किस्म का इंसान था मीट यू यू लुक प्रियर यू लुक स्मार्टर यू लुक यंगर व्ट इ द सीक्रेट ऑफ बोक स्लिंग कहते हैं उसका एक पाकिस्तानी एक्ट्रेस से अफेयर था जैसे ही यह बात उन्हें पता चली तो घर में झगड़े और बढ़ गए तराज करने पर पति उनके साथ मारपीट करने लगा नाजिया को बाद में पता चला कि उससे पहले इश्तियाक की दो शादियां हो चुकी थी लेकिन यह बात उनके घर वालों से छिपाई गई थी नाजिया से पहले इश्तियाक ने फिलिपींस की डांसर हेजल से शादी की थी।

जिससे एक बेटा इमरान बेग था उसकी दूसरी शादी पाकिस्तानी एक्ट्रेस शाजिया से हुई थी दूसरी पत्नी ने बेक की मेंटल कंडीशन खराब होने पर तलाक ले लिया था दोनों शादियां नाजिया के परिवार से छिपाई गई थी 21 जून 2000 को नाजिया ने पाकिस्तान के नामी न्यूज़पेपर डेली जंग को एक इंटरव्यू दिया जिसमें उन्होंने पहली बार मारपीट और पति के जुल्मों पर खुलकर बात की नाजिया ने बताया कि उनका पति मारपीट कर उन पर दबाव बनाता था कि मीडिया में यह कहा जाए कि उनकी शादीशुदा जिंदगी खुशहाल चल रही है हालांकि ऐसा नहीं था इस बीच नाजिया गंभीर रूप से बीमार पड़ी और उन्हें फेफड़ों का डिटेक्ट हुआ नाजिया पर दुखों का पहाड़ तब टूट पड़ा जब उनके पति ने के इलाज का खर्च उठाने से भी इंकार कर दिया नाजिया कहती थी पति इश्तियाक बेग के के साथ रहने की जगह वो मरना ज्यादा पसंद करेंगी नाजिया के भाई जोहेब ने भी एक स्टेटमेंट में बताया था कि उनकी बहन को उसके पति ने बंदी बनाकर रखा था परेशान होकर नाजिया ने साल 2000 में मुस्लिम लॉ के तहत पति से तलाक ले लिया था।

और अपने पेरेंट्स के साथ रहने लगी इसके बाद नाजिया का इलाज उनके घरवालों ने लंदन में करवाया वहां नाजिया की पांच कीमोथेरेपी हुई इलाज के दौरान नाजिया ने अपने वकील और कुछ गवाहों के साथ ने एक बयान दिया था जिसमें उन्होंने कहा कि पति उन्हें जहर दे रहा था और स्लो पॉइजन के असर से उनके शरीर के अंग खराब हो रहे हैं कहते हैं यह बात लंदन में नाजिया का इलाज कर रहे डॉक्टर्स भी जानते थे नाजिया ने अपने स्टेटमेंट में कहा था कि अगर उनकी मौत हो जाती है तो इस बात की जांच की जाए 10 अगस्त 2000 को नाजिया की हालत बिगड़ने पर उन्हें लंदन के नॉर्थ लंदन हॉस्पाइस हॉस्पिटल में भर्ती करवाया गया इलाज के दौरान उनकी हालत सुधर रही थी और डॉक्टर्स उन्हें घर भेजने वाले थे लेकिन वह घर नहीं लौट सकी 13 अगस्त 2000 को सुबह करीब 9:1 बजे हॉस्पिटल से नाजिया की मां मुनीजा को कॉल कर जानकारी दी कि उनकी बेटी जोर-जोर से खास रही है।

मां अस्पताल के लिए निकली लेकिन उनके पहुंचने से पहले ही नाजिया की मौत हो चुकी थी हालांकि नाजिया की मौत बीमारी से हुई थी लेकिन उनके शव का पोस्टमॉर्टम करवाया गया वकील द्वारा नाजिया का आखिरी स्टेटमेंट मिलने के बाद लंदन पुलिस ने दोबारा नाजिया की ऑटोप्सी करवाई इस हाई प्रोफाइल केस की गहराई से जांच करने के लिए नॉर्थ वेस्ट लंदन पुलिस ने नाजिया के पेरेंट्स का गोल्डर स्क्रीन स्थित घर और पति का घर सीज कर दिया दोनों घरों में फॉरेंसिक टीम ने डिटेल में जांच की यूके में कुछ महीनों बाद एक जांच रिपोर्ट जारी की जिसमें स्कॉटलैंड यार्ड के अनुसार नाजिया की मौत का कारण लंग कैंसर बताया गया था उन्होंने पाया कि ये एक नेचुरल डेथ थी पाकिस्तान के नामी न्यूज़ चैनल जिओ टीवी के अनुसार 13 अगस्त को हुई नाजिया की मौत के बाद पाच महीनों तक जांच के लिए उनका शव लंदन के मुर्दा घर में रखा गया था परिवार को उनका 5 महीने बाद 9 जनवरी 2001 को सौंपा गया था नाजिया का अंतिम संस्कार लंदन के हिडन कब्रस्तान में हुआ था पहले उन्हें पाकिस्तान लाया जाना था लेकिन शव मिलने में देरी होने से लंदन में ही उनका अंतिम संस्कार किया गया था।

नाजिया के पति ने उनकी मौत के बाद तलाक की बात को निराधार कहा उसने कहा कि मौत के समय भी नाजिया उनकी पत्नी थी हालांकि घरवालों का कहना था कि नाजिया ने मौत से न महीने पहले ही उसे मुस्लिम लॉ के तहत तलाक दे दिया था इश्तियाक आज भी नाजिया को अपनी पत्नी मानता है जबकि नाजिया के बेटे अ की कस्टडी उसे नहीं दी गई नाजिया की मौत के बाद 2002 में पाकिस्तान के तत्कालीन प्रेसिडेंट परवेज मुशर्रफ ने उन्हें प्राइड ऑफ पाकिस्तान का अवार्ड दिया नाजिया की जगह यह अवार्ड उनकी मां लेने पहुंची थी ।

उनकी मौत के बर्सों बाद 2012 में एक बॉलीवुड फिल्म स्टूडेंट ऑफ द ईयर में उनके गाए गाने का कवर वर्जन बनाया गया जिसमें उनकी ओरिजिनल आवाज का भी इस्तेमाल किया गया था दीवाने इसी साल एक और फिल्म मिस लवली में भी उनके गाए पुराने गाने का इस्तेमाल किया गया था जो खासा फ्रेश लगा एकदम हट नाजिया हसन बेशक संगीत और फिल्मों में अपना लंबा करियर नहीं बना पाई लेकिन उनकी पहचान बेहद सशक्त थी वो दिल की बहुत दयालु थी और गानों से मिलने वाली अपनी सारी कमाई पाकिस्तान के जरूरतमंद बच्चों को दान कर देती थी इसके अलावा वह फंड इकट्ठा करने के लिए भी कई कंसर्ट्स करती थी इन्होंने बैटल अगेंस्ट नारकोटिक्स यानी बैन के नाम से एक ऑर्गेनाइजेशन भी शुरू किया था जो ड्रग्स के इस्तेमाल को रोकने की दिशा में काम करता था नाजिया अक्सर स्कूल में जाकर बच्चों को खिलौने बांटा करती थी यह अपना हर बर्थडे बच्चों के साथ मनाती थी के बाद आज भी इनका परिवार ऐसे ही इनका जन्मदिन मनाता है नाजिया ने यूनिसेफ के साथ भी काम किया था उनके बेहतरीन काम के चलते उन्हें कोलंबिया यूनिवर्सिटी में लीडरशिप प्रोग्राम की स्कॉलरशिप भी मिली थी हालांकि डिटेक्ट होने के बाद वो यह कर ना सकी

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