Cli

माइकल जैक्सन के हैट और ग्लव्स का वो असली राज, जिसे दुनिया फैशन समझ बैठी!

Uncategorized

तारीख 24 जून 2009 जगह अमेरिका का लॉस एंजेलस शहर। दुनिया का सबसे मशहूर पॉप सिंगर अपने जीवन के आखिरी लाइव कॉन्सर्ट की तैयारी में जुटा था। रात लगभग 12:30 बजे रिहर्सल खत्म करके वो अपने घर लौटा। तारीख अब 25 जून 2009 में बदल चुकी थी। उस दिन लाखों लोग उसकी आखिरी परफॉर्मेंस को देखने [संगीत] के लिए बेताब थे। उसकी मेड ने उसे खाना परोसा और फिर वह सोने के लिए कमरे में चला गया। लेकिन उसे नींद नहीं आ रही थी क्योंकि वह काफी लंबे वक्त से एंजायटी और डिप्रेशन से जूझ रहा था। जिसकी वजह थी एक विवाद जिसने उसके करियर को लगभग तबाह कर दिया था। खैर, नींद लाने के लिए उसने अपने पर्सनल डॉक्टर को बुलाया और उससे प्रोपोफोल्ड ड्रग की मांग की। यह एक ऐसा ड्रग था जो सर्जरी से पहले पेशेंट को बेहोश करने [संगीत] के लिए दिया जाता था। डॉक्टर ने काफी नानुकर के बाद उसे प्रोपोफोल का इंजेक्शन दे दिया। लेकिन जब वो 2 घंटे बाद उस सिंगर को दोबारा चेक करने आता है तो उसके होश उड़ जाते हैं। सिंगर का पल्स रेट धीमा पड़ चुका था। मुंह खुला हुआ था और सांसे उखड़ रही थी। हालात खराब होते देख उस सिंगर को हॉस्पिटल ले जाया जाता है।

फिर दोपहर 2:30 बजे खबर आती है कि वह सुपरस्टार सिंगर नहीं रहा। उसकी पोस्टमार्टम रिपोर्ट से पता चला कि उसके पेट में खाने का एक कण तक नहीं था। पेट में मिली तो सिर्फ दवाइयां। यह सिंगर कोई और नहीं बल्कि पॉप स्टार माइकल जैक्सन थे। वही माइकल जैक्सन जिसने 80 के दशक में पूरी दुनिया को अपनी ताल पर नचाया। जिसने थ्रिलर एल्बम के साथ इतिहास रचा और मून वॉक के साथ गुरुत्वाकर्षण को चुनौती दी और अपने गानों से करोड़ों लोगों के दिल को छू लिया। लेकिन हर महान कहानी के पीछे छुपा होता है जोश, जुनून और संघर्ष और यही माइकल जैक्सन की कहानी के साथ भी हुआ। [संगीत] तो किस्सा के इस एपिसोड में हम सुनाएंगे कहानी माइकल जैक्सन की। कैसे अमेरिका के एक छोटे से शहर में पैदा हुए लड़के को उसके पिता ने ट्रेन किया और उसके भाइयों के साथ जैक्सन फाइव नाम से बैंड बनाया। बात होगी माइकल के बचपन से जुड़े किस्सों की जब एक परफॉर्मेंस ने उसकी जिंदगी बदल दी और आखिर क्यों माइकल जैक्सन अपने ही पिता से नफरत करने लगे। क्या माइकल जैक्सन ने अपनी ब्लैक पहचान को छुपाने के लिए सर्जरी करवाई या वजह कुछ और थी। क्या है माइकल की चेंबर में सोती हुई उस तस्वीर की कहानी जब कहा गया कि माइकल इस तरकीब के जरिए 150 साल तक जिंदा रहना चाहते हैं। माइकल जैक्सन के करियर के उन सभी वाक्यों की बात होगी जिसने उन्हें सुपरस्टार बनाया और फिर कैसे पेप्सी ने उन्हें अपने वक्त की सबसे महंगी डील ऑफर की। बात होगी उस कंट्रोवर्सी की भी जिसने माइकल जैक्सन के करियर और उनकी जिंदगी को तबाह कर दिया। क्या वाकई माइकल जैक्सन एक पीडोफाइल [संगीत] थे और अंत में जानेंगे उनकी मौत से जुड़ी कहानी कि क्या वाकई माइकल की मौत नेचुरल थी

या उनकी हत्या हुई थी। नमस्कार, मैं हूं भूपेंद्र सोनी और आप देख रहे हैं खबरगांव और यह किस्सा है किंग ऑफ पॉप माइकल जैक्सन का। [संगीत] तारीख 29 अगस्त 1958 अमेरिका के इंडियाना राज्य के गैरी शहर में एक बच्चे का जन्म हुआ। नाम रखा गया माइकल जोसेफ जैक्सन। माइकल जैक्सन कुल 10 भाई बहन थे। जिनमें वह आठवें नंबर की संतान थे। माइकल के पूर्वज अफ्रीका से अमेरिका आए थे। परिवार काफी करीब था। घर में सिर्फ दो ही कमरे थे। उन्हीं में माइकल और उनका परिवार अपनी जिंदगी गुजर-बसरर करता था। पिता जोसेफ वोल्टर जैक्सन यूं तो बॉक्सर थे लेकिन खेलकूद से आमदनी नहीं हो पाती थी। घर चलाने के लिए जोसेफ एक स्टील [संगीत] फैक्ट्री में कन ऑपरेटर और वेल्डर का काम किया करते थे। लेकिन इस सबके बावजूद घर के हालात लगातार वैसे के वैसे बने हुए थे। जोसेफ को म्यूजिक का काफी शौक था। वह गिटार बजाना जानते थे तो कुछ स्थानीय बैंड के साथ मिलकर छोटे-मोटे प्रोग्राम्स में गिटार बजाने लगे। इससे कुछ एक्स्ट्रा आमदनी हो जाती थी। वहीं माइकल जैक्सन की मां कैथरीन को पियानो बजाने का काफी शौक था। घर में ज्यादातर संगीत की ही बातें हुआ करती थी। इसी माहौल के बीच माइकल और उनके भाई-बहन बड़े हो रहे थे। बहुत छोटी सी उम्र से ही माइकल जैक्सन पर गाना गाने और उसकी बीट पर थिरकने का शौक हावी हो गया था। माइकल हर गाने के ऊपर नए-नए मूव्स ट्राई किया करते थे। पिता जोसेफ को लगने लगा कि अगर माइकल पर मेहनत की जाए तो शायद यह बच्चा परिवार की किस्मत बदल सकता है।

साल 1964 चल रहा था। माइकल जैक्सन की उम्र अभी महज 6 साल थी। पिता ने माइकल और उनके भाइयों का एक बैंड बना दिया। नाम रखा गया जैक्सन ब्रदर्स। जोसेफ अपने बच्चों को सड़कों पर परफॉर्मेंस करवाते थे। राह चलते लोग इन बच्चों की परफॉर्मेंस को देखकर कुछ पैसे दे दिया करते थे। अगले साल यानी साल 1965 में जोसेफ ने अपने पांच बेटों जैकी, टीटो, जर्मीने, मार्न और माइकल का एक नया बैंड बनाया जिसका नाम रखा द जैक्सन फाइव। इस बैंड की अगुवाई माइकल जैक्सन किया करते थे। धीरे-धीरे जोसेफ अपने बच्चों के इस बैंड को लेकर शहर के छोटे-मोटे प्रोग्राम्स में जाने लगे। लोगों को माइकल का डांस मूव और आवाज काफी भाने लगी। घर में पैसे आने लगे और परिवार की आर्थिक स्थिति पहले से बेहतर होने लगी। लेकिन कहा जाता है कि जोसेफ ने पैसों की लालच में अपने बच्चों से उनका बचपन छीन लिया। इस बात की कसक माइकल जैक्सन के भीतर लंबे वक्त तक रही। साल 1993 में अमेरिकी टीवी होस्ट ओपरा विनफ्रे को दिए एक इंटरव्यू में माइकल जैक्सन अपने बचपन को याद करते हुए बताते हैं कि उनके पिता ने उनसे उनका बचपन छीन लिया था। जहां आम बच्चे खाली समय में खेला कूदा करते थे। वहीं माइकल जैक्सन और उनके भाई अपने पिता की सख्त निगरानी में सिंगिंग और डांसिंग की प्रैक्टिस किया करते थे। इंटरव्यू में माइकल जैक्सन आगे बताते हैं कि जब हम प्रैक्टिस करते थे तो मेरे पिता बेल्ट लेकर पीछे खड़े रहते थे। अगर जरा सी भी गलती हो जाती थी तो वही बेल्ट हमारे शरीर पर पड़ती थी। पिता जोसेफ माइकल जैक्सन को बिल्कुल भी पसंद नहीं करते थे। वो अक्सर माइकल के चेहरे और नाक का मजाक बनाया करते थे। कहते थे कि तुम्हारी शक्ल भद्दी है। माइकल एक इंटरव्यू में अपने बचपन का एक इंसिडेंट बताते हैं। जब उनसे डांस में कोई गलती हो गई तो पिता जोसेफ ने उन्हें बेतहाशा थप्पड़ मारने शुरू कर दिए। माइकल की मां चिल्लाती रही कि जोसेफ इसे अब मत मारो यह मर जाएगा लेकिन वो नहीं रुके। हालांकि कैथरीन एक इंटरव्यू में बताती हैं कि जोसेफ अपने बच्चों को डिसिप्लिन बनाना चाहते थे और यही उनका तरीका था। खैर इन बातों का नकारात्मक असर नन्हे माइकल के जहन पर बचपन से चसपा होता चला गया।

दिन भर स्कूल, फिर घर पर थोड़ी बहुत पढ़ाई, रात-रात भर पिता की निगरानी में कठोर प्रैक्टिस। फिर स्टेज शो और पिता की तीखी जबान और थप्पड़ ने माइकल जैक्सन के मन में पिता के प्रति नफरत भर दी थी। लेकिन इन सबके बावजूद जोसेफ अपने बच्चों को हर तरह से तैयार कर रहे थे। बच्चे डांसिंग और सिंगिंग की प्रैक्टिस तो कर ही रहे थे। साथ-साथ जोसेफ उनके पहनावे [संगीत] से लेकर उनके फेशियल एक्सप्रेशंस और माइक पकड़ने के तरीकों तक पर मेहनत कर रहे थे। इधर माइकल के भीतर अपने भाइयों के इतर एक ऐसा नेचुरल टैलेंट था जिसे देखकर लोग उसके दीवाने हो जाते [संगीत] थे। उनके डांस मूव्स में एक बहाव था। उनकी आवाज में एक ऐसी जादुई खननक थी बिल्कुल हवा के झोंके की तरह। ऐसा लगता मानो माइकल अपनी आवाज के जरिए सीधे अपनी ऑडियंस के दिलों से बात कर रहे हैं। [संगीत] साल 1968 की बात है। मैरी इंडियाना में एक म्यूजिक प्रोग्राम था। जैक्सन फाइव बैंड यहां परफॉर्मेंस देने वाले थे। इस प्रोग्राम में बॉबी टेलर नाम के एक आर्टिस्ट भी मौजूद थे। उस वक्त बॉबी टेलर अमेरिका के मशहूर म्यूजिक बैनर मोडाउन रिकॉर्ड्स के साथ काम कर रहे थे। जैक्सन फाइव ने उस प्रोग्राम में ऐसा परफॉर्मेंस दिया कि बॉबी टेलर देखते ही रह गए। उन्हें माइकल की सिंगिंग और डांस काफी पसंद आया। बॉबी ने माइकल जैक्सन के पिता जोसेफ से कहा कि आप मोटाउन के ऑफिस आइए। हम आपसे बात करना चाहते हैं। इधर बॉबी ने पहले ही मोटाउन रिकॉर्ड्स के मालिक बेरी गॉडी को जैक्सन 5 के टैलेंट के बारे में बता दिया था। जोसेफ अपने बच्चों को लेकर बेरी गॉडी के पास आए। उन्होंने उन बच्चों का ऑडिशन लिया। माइकल की उम्र उस वक्त महज 10 साल थी। बेरी गॉड एक इंटरव्यू में बताते हैं कि माइकल ने उस वक्त उनके सामने स्मोकी रॉबिंस का लिखा गाना हु इज लविंग यू गाया था। और ऐसा गाया मानो वो उस गीत के इमोशंस को पिछले 50 साल से जी रहे हो। बेरी गॉड माइकल जैक्सन को देखकर इस हद तक प्रभावित हुए कि उन्होंने तुरंत मोटाउन रिकॉर्ड्स के साथ काम करने का उन्हें ऑफर दे दिया। इस ऑफर के मिलने के बाद जैक्सन ब्रदर्स की मानो किस्मत ही खुल गई। मोटाउन रिकॉर्ड्स के साथ डील फिक्स होने के बाद जैक्सन परिवार लॉस एंजेलिस शिफ्ट हो गया। अब साल 1969 आ चुका था। मोटाउन रिकॉर्ड्स के बैनर तले जैक्सन 5 का आई वांट यू बैक नाम से पहला पॉप सॉन्ग रिलीज हुआ। यह गाना इतना पॉपुलर हुआ कि उस वक्त यह अमेरिका के बिलबोर्ड 100 चार्ट में अव्वल नंबर पर था। उस वक्त इस गाने की 10 लाख से भी ज्यादा कॉपियां बिकी थी। हर तरफ जैक्सन 5 के चर्चे होने लगे थे। खासतौर पर माइकल जैक्सन की आवाज ने सबका दिल जीत लिया था। महज 11 साल की उम्र में जिस तरह माइकल ने आई वांट यू बैक गाने के लिरिक्स को महसूस कर उसे अपना इमोशनल टच दिया था। वाकई लोग उनके दीवाने हो चुके थे। इसके बाद मोटाउन रिकॉर्ड्स के बैनर तले जैक्सन फाइव ने एक से बढ़कर एक पॉप हिट दिए। इनमें एबीसी द लव यू सेव और आई विल बी देयर जैसे हिट्स शामिल थे। जोसेफ अब अपने बच्चों के बलबूते काफी अमीर हो चुके थे। साल 1971 में वह अपने बच्चों को लेकर कैलिफोर्निया चले गए। जहां दो एकड़ में फैले हेवन हस्ट नाम के घर में वह शिफ्ट हो गए। माइकल जैक्सन की पॉपुलरिटी अब आसमान छूने लगी थी। बच्चे उनका हेयर स्टाइल कॉपी करने लगे थे और उनकी कलरफुल शर्ट्स भी मशहूर हो गई थी। माइकल को अलग-अलग शहरों में स्टेज शो मिलने लगे थे। जैक्सन 5 के साथ काम करने के अलावा माइकल को सोलो परफॉर्मेंस के लिए भी ऑफर आ रहे थे। साल 1972 की बात है। मोटाउन के बैनर तले एक फिल्म आनी थी जिसका नाम था बेन। इस फिल्म के लिए बेन नाम से एक टाइटल सॉन्ग लिखा गया जिसे गाने और परफॉर्म करने का ऑफर अकेले माइकल जैक्सन को मिला। यह उनके जीवन का पहला सोलो परफॉर्मेंस था। इस गाने के रिलीज होने के बाद यह भी अमेरिका के बिलबोट हॉट 100 की लिस्ट में नंबर वन पर छाया रहा। इधर साल 1975 आते-आते माइकल जैक्सन और जैक्सन 5 मोडाउन रिकॉर्ड्स के साथ करीब 13 एल्बम्स रिलीज कर चुके थे। इनमें ज्यादातर गाने हिट थे। माइकल और उनके भाई अब थोड़े-बड़े हो चुके थे। वह अब अपने म्यूजिक पर खुद का कंट्रोल चाहते थे। लेकिन मोाउन उनसे अपने हिसाब से काम कराना चाहता था। आखिरकार साल 1976 में माइकल जैक्सन और उनके तीन भाइयों ने मोन छोड़ दिया। वहीं एक भाई जिसका नाम जर्मिन था, उन्होंने मोटाउन में ही रहकर काम करने का फैसला किया। पांच भाइयों की इस टीम से एक भाई अब अलग हो चुका था। इसलिए अब बैंड का नाम जैक्सन 5 से बदलकर द जैक्सनंस रख दिया गया। इस बीच उन्हें कई ऑफर्स आए लेकिन उन्होंने एपिक रिकॉर्ड्स का ऑफर एक्सेप्ट किया जो उस वक्त अमेरिका का एक काफी मशहूर म्यूजिक बैनर था। एपिक रिकॉर्ड्स के लिए जैक्सन ब्रदर्स ने सबसे पहला एल्बम साल 1976 में द जैक्सनंस नाम से बनाया। इसमें एंजॉय योरसेल्फ गाना काफी हिट हुआ। इसके बाद साल 1977 में उनका एक और नया एल्बम आया जिसका नाम था गोइंग प्लेसिस।

यह एल्बम भी काफी हिट रहा। एपिक रिकॉर्ड्स के साथ माइकल जैक्स के एक के बाद एक कई हिट सॉन्ग्स आते रहे जिससे उनकी पॉपुलैरिटी धीरे-धीरे और बढ़ने लगी। [संगीत] साल 1978 आ चुका था। माइकल जैक्सन अब फिल्मों में किस्मत आजमाने के लिए न्यूयॉर्क पहुंच चुके थे। कुछ मशक्कत के बाद उन्हें एक फीचर फिल्म में बतौर एक्टर काम करने का मौका मिला। फिल्म का नाम था द विज़। इसमें उन्होंने स्केयर क्रो का किरदार निभाया था। स्केयर क्रो यानी एक ऐसा पुतला जिसे पक्षियों को डराने के लिए किसान खेतों में खड़ा करते हैं। इस फिल्म में हॉलीवुड की मशहूर अदाकारा डायना रॉस भी काम कर रही थी। फिल्म रिलीज हुई लेकिन बॉक्स ऑफिस पर बुरी तरह पिट गई। हालांकि माइकल जैक्सन के लिए इस फिल्म ने एक ऐसा दरवाजा खोल दिया था जिससे आने वाले वक्त में वह वर्ल्ड पॉप म्यूजिक के सबसे बड़े स्टार बनने वाले थे। द वे फिल्म के म्यूजिक को प्रोड्यूस कर रहे थे क्विंसी जोंस। क्विंसी ने इससे पहले भी माइकल का काम देख रखा था। लेकिन इस फिल्म में साथ काम करने के बाद वो माइकल जैक्सन के टैलेंट से इस हद तक प्रभावित हुए कि उन्होंने माइकल को अपने साथ एक सोलो एल्बम में काम करने का ऑफर दिया। माइकल और क्विंसी जॉन्स ने उस एल्बम पर काम करना शुरू कर दिया। एल्बम का नाम था ऑफ द वॉल। इस एल्बम का सबसे पहला गाना साल 1979 में डोंट स्टॉप टिल यू गेट एनफ रिलीज हुआ। इस गाने के टाइटल को लेकर माइकल जैक्सन की मां कैथरीन थोड़ी कशमकश में थी। उन्हें लग रहा था कि गाने के टाइटल को लोग सेक्सुअली इंटरप्रेट करेंगे। लेकिन माइकल ने इस बात पर ध्यान दिए बगैर कहा कि लोगों को जो सोचना है सोचने दो। गाना इसी नाम से रिलीज होगा। फिर क्या था? गाना रिलीज हुआ और इसने पूरे अमेरिका में धूम मचा दी। हर म्यूजिक लिस्ट में यह गाना पहले नंबर पर था। लोग माइकल की आवाज और उनके स्मूथ डांस मूव्स के और भी दीवाने होने लगे। इस गाने में दिए गए परफॉर्मेंस ने माइकल जैक्सन को सोलो परफॉर्मर के तौर पर इंडस्ट्री में पूरी तरह स्थापित कर दिया। उस जमाने में इस गाने की रिकॉर्ड 70 लाख कॉपीज भी की थी। ऑफ द वॉल को मिली कामयाबी के बाद माइकल और क्विंसी जॉन्स एक दूसरे के साथ अगले 9 सालों तक काम करते रहे और एक से बढ़कर एक हिट पॉप सॉन्ग्स देते रहे। साल 1979 की ही बात है। माइकल जैक्सन इस साल अपनी नाक की पहली राइनोप्लास्टी सर्जरी करवाते हैं। सर्जरी के बाद उनकी नाक पहले से थोड़ी तीखी नजर आने लगी थी। उनसे जब इस सर्जरी के बारे में पूछा गया तो उन्होंने बताया कि एक स्टेज शो करने के दौरान वह गिर गए और उनकी नाक में चोट लग गई। इसलिए उन्हें सर्जरी करवानी पड़ी। हालांकि काफी लोगों का मानना है कि अपना चेहरा बदलने के पीछे एक वजह माइकल का वह बचपन का ट्रॉमा भी था जब उनके पिता उनकी नाक का मजाक बनाया करते थे। शायद माइकल अब उस फेस के साथ जीना नहीं चाहते थे। खैर, इस सर्जरी के बाद माइकल क्विंसी जॉन्स के साथ एक ऐसे एल्बम पर काम करते हैं जिसके बाद दुनिया उन्हें किंग ऑफ पॉप के नाम से पुकारने लगी। साल 1982 चल रहा था। इस साल माइकल जैक्सन का छठा सोलो म्यूजिक एल्बम रिलीज हुआ। जिसने उन्हें पॉप म्यूजिक का बेताज बादशाह बना दिया। एल्बम का नाम था थ्रिलर। इस एल्बम में बिली जीन नाम से एक गाना था। यह इतना मशहूर हुआ कि हर तरफ सिर्फ माइकल ही माइकल छाए हुए थे। लोग उनकी गायकी और डांस स्टेप्स के दीवाने हो चुके थे।

थ्रिलर एल्बम दुनिया का सबसे ज्यादा बिकने वाला एल्बम बन चुका था। इसकी करीब 7 करोड़ कॉपियां बिकी थी जो आज भी गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड में शामिल है। इस एल्बम को रिकॉर्ड तोड़ आठ ग्रेमी अवार्ड्स मिले थे। उस जमाने में माइकल जैक्सन को इस एल्बम की हर कॉपी बिकने पर $ की रॉयल्टी मिलती थी। जिससे वो दुनिया के सबसे ज्यादा रॉयल्टी पाने वाले स्टार बन चुके थे। बिली जीन किस हद तक मशहूर हुआ था, इसका अंदाजा आप एक किस्से से लगा सकते हैं। उस वक्त एमTV दुनिया का सबसे पॉपुलर म्यूजिक टीवी चैनल था। लेकिन उस दौर में अमेरिका में एमT पर किसी ब्लैक आर्टिस्ट का गाना शायद ही कभी दिखाया गया हो। यही वजह थी कि जब माइकल जैक्सन का गाना बिली जीन आया, तो उसकी जबरदस्त लोकप्रियता के बावजूद एमटीवी ने उसे अपने चैनल पर चलाने से इंकार कर दिया। उस वक्त कोलंबिया ब्रॉडकास्टिंग सिस्टम यानी सीबीएस के डायरेक्टर थे व्टर येटनिकॉफ। सीबीएस के पास बिलीजीन का कॉपीराइट था और वही गानों की बिक्री और प्रमोशंस भी संभालते थे। जब वाल्टर को पता चला कि एमTV बिली जींस को दिखाने से मना कर रहा है तो उन्होंने सख्त रुख अपनाया। उन्होंने MTV को साफ चेतावनी दी अगर तुमने बिली जींस को नहीं चलाया तो हम सीबीएस के किसी भी गाने का एक्सेस MTV के लिए बैन कर देंगे। MTV जानता था कि सीबीएस के बिना उसका चैनल टिक नहीं पाएगा। आखिरकार इस दबाव में MTV को बिली जींस अपने चैनल पर रिलीज करना पड़ा। यही वो पल था जिसने इतिहास बदल दिया। माइकल जैक्सन पहले ब्लैक आर्टिस्ट बने जिनका गाना एमटीवी पर चला और उसी दिन से एमTV ने ब्लैक आर्टिस्ट को भी अपने प्लेटफार्म पर जगह देना शुरू कर दिया। बिलली जींस ने ना सिर्फ म्यूजिक की दुनिया में तहलका मचा दिया बल्कि उसने नस्ल भेद की दीवार भी तोड़ दी। कुछ वक्त बाद थ्रिलर एल्बम का एक और गाना रिलीज हुआ। इस गाने के वीडियो में माइकल जैक्सन के हाथों में गिटार था। इस गाने के जरिए माइकल जैक्सन रॉक फैंस के बीच भी काफी पॉपुलर होने लगे। लोग माइकल जैक्सन के गिटार पकड़ने के तरीके को कॉपी करने लगे। इसके बाद आया थ्रिलर नाम से टाइटल सॉन्ग जिसे लिखा था उस जमाने के टॉप लिरिसिस्ट में से एक र टपरटन ने। थ्रिलर का वीडियो उस वक्त की ऑडियंस के लिए बिल्कुल नया था। वीडियो की लंबाई करीब 14 मिनट थी। इसे डायरेक्ट किया था जॉन लेंटिस ने। उन्होंने इस गाने के वीडियो में इसके लिरिक्स के हिसाब से हॉरर और सटेरिकल टच दिया था। माइकल जैक्सन के शानदार परफॉर्मेंस और रिक बेकर के विजुअल इफेक्ट्स और कोरियोग्राफी ने थ्रिलर के टाइटल ट्रैक को अमर बना दिया। थ्रिलर में मिली कामयाबी के बाद माइकल जैक्सन को किंग ऑफ पॉप कहकर पुकारा जाने लगा।

हर कोई माइकल जैक्सन का दीवाना हो चुका था। लोग उनके जैसे कपड़े पहनने लगे थे। हर डांसर माइकल जैक्सन जैसा बनना चाहता था। एल्बम थ्रिलर ने माइकल जैक्सन को सुपरस्टार तो बना दिया था लेकिन उनको लेकर असली दीवानगी दिखी साल 1983 में। यही वो साल था जब उन्होंने एक टेलीविजन शो में एक ऐसा डांस स्टेप किया जिससे लोग मानो पागल हो गए। घर-घर में माइकल जैक्सन के इस डांस स्टेप को कॉपी किया जाने लगा। 25 मार्च 1983 का दिन था। मोाउन 25 यस्टरडे टुडे फॉरएवर टेलीविजन शो में माइकल जैक्सन अपने सुपरहिट गाने बिली जीन पर परफॉर्म करते हैं। इस परफॉर्मेंस के दौरान माइकल जैक्सन पहली बार दुनिया के सामने एक डांस मूव करते हैं। यह डांस मूव था मून वॉक। यह स्टेप इतना पॉपुलर हुआ कि पूरी दुनिया इसे कॉपी करने लगी और ऐसा लग रहा था मानो अपने इस डांस स्टेप के जरिए माइकल जैक्सन गुरुत्वाकर्षण को चुनौती दे रहे थे। 1980 के दशक में माइकल जैक्सन दुनिया के सबसे चर्चित लोगों में से एक बन चुके [संगीत] थे। उनका नाम ना सिर्फ म्यूजिक की दुनिया में बल्कि कई बड़े राजनीतिक और धार्मिक नेताओं के बीच भी चर्चा का विषय बन गया था। सिर्फ 25 साल की उम्र में द न्यूयॉर्क टाइम्स ने उन्हें एक म्यूजिक फिनोमिनन कहा था। अखबार ने लिखा था कि पॉप म्यूजिक की दुनिया में अगर कोई एक नाम सबसे ऊपर है तो वह है माइकल जैक्सन। बाकी सब उसके बाद आते हैं। माइकल उन चुनिंदा कलाकारों में से एक हैं जिन्हें दो बार रॉक एंड रोल हॉल ऑफ फेम में शामिल किया गया। उनके नाम आठ गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स भी हैं। जिनमें से एक रिकॉर्ड थ्रिलर एल्बम के नाम है जो दुनिया का सबसे ज्यादा बिकने वाला एल्बम बना। अपने सोलो करियर में उन्होंने 13 ग्रेमी अवार्ड्स और 13 नंबर वन सिंगल्स दिए थे। इसके अलावा वाइट हाउस में राष्ट्रपति जॉर्ज एच डब्ल्यू बुश ने उन्हें ग्रेटेस्ट आर्टिस्ट ऑफ द डेकेड के अवार्ड से भी सम्मानित किया। [संगीत] इधर शोहरत की बुलंदी पर पहुंचने के बाद माइकल जैक्सन म्यूजिक के साथ-साथ अपनी कमर्शियल एक्टिविटीज पर भी ध्यान देने लगे थे। साल 1984 की बात है। पेप्सी ने माइकल जैक्सन के साथ एक प्रमोशनल डील साइन की जिसके लिए तब उन्हें 5 मिलियन यूएस डॉलर मिले थे। उस वक्त के हिसाब से किसी भी सेलिब्रिटी के लिए यह रिकॉर्ड ब्रेकिंग डील थी।

इस ऐड में माइकल के साथ उनके भाई भी शामिल थे। लेकिन यह ऐड सिर्फ इस वजह से सुर्खियों में नहीं रही कि माइकल को $5 मिलियन मिले। इस ऐड में एक ऐसा हादसा भी हुआ जिसने माइकल की जिंदगी को बदल कर रख दिया। स्क्रिप्ट के मुताबिक माइकल जैक्सन और उनके भाई बिली जीन के बोल पर डांस करने वाले थे और साथ ही कुछ फायर क्रैकर्स के शॉट्स लेने थे। इसी दौरान आग की एक चिंगारी माइकल जैक्सन के सर पर आ गिरी और उनका पूरा सर और चेहरे का कुछ हिस्सा बुरी तरह झुलस गया। चेहरे पर दाग पड़ चुके थे। इसे हटाने के लिए माइकल को प्लास्टिक सर्जरी करवानी पड़ी थी। बाल जल चुके थे। इसलिए उन्हें अब विक पहनना पड़ता था। कहा जाता है कि इस ट्रीटमेंट के बाद उनके सर और चेहरे के आसपास के हिस्सों में काफी दर्द रहने लगा। इसके अलावा एक परफॉर्मेंस के दौरान वह स्टेज से गिर गए। उनका पैर टूट गया और रीड की हड्डी में दर्द होने लगा। इन सब वजहों से माइकल पेन किलर्स लेने लगे। जिसके बाद उन्हें पेन किलर्स की मानो आदत सी लग गई। पेप्सी के ऐड के दौरान हुए हादसे के बाद माइकल एक बार फिर काम की तरफ लौटते हैं। इस बीच उनके कई गाने और एल्बम्स आते रहते हैं। लेकिन साल 1986 में माइकल की एक ऐसी तस्वीर मीडिया में दिखने लगी जिसने एक अफवाह को जन्म दे दिया। इस तस्वीर में माइकल जैक्सन एक चेंबर में लेटे हुए दिखाई दे रहे थे। इस फोटो के आने के बाद कई तरह की कहानियां माइकल जैक्सन के साथ जोड़ी जाने लगी। कहा जाने लगा कि माइकल जैक्सन अपनी उम्र बढ़ाने के लिए इस चेंबर में सोते हैं। यह भी अफवाह उड़ने लगी कि माइकल जैक्सन 150 साल तक जिंदा रहना चाहते हैं। हालांकि इस बात में कोई सच्चाई नहीं थी। यह सारी चीजें चल ही रही थी। तभी माइकल जैक्सन की शक्ल को लेकर मीडिया में कई तरह की बातें होनी शुरू हो गई। 1970 के दशक में माइकल जैक्सन के चेहरे का रंग डार्क था। असल में माइकल अफ्रीकन अमेरिकन ओरिजिन के थे। लेकिन जब से माइकल ने अपनी चिन और नोज की सर्जरी करवाई थी, तब से उनके चेहरे का रंग काफी हद तक फेयर हो चुका था।

इस चीज को देखते हुए माइकल जैक्सन के खिलाफ प्रोटेस्ट होने लगे। कहा जाने लगा कि माइकल जैक्सन अपनी आइडेंटिटी छिपाना चाहते हैं। उन पर इल्जाम लगे कि अमेरिका में रेसिज्म की वजह से उन्हें काम नहीं मिल रहा था। इसलिए वह अपने चेहरे की सर्जरी करवा रहे हैं। लेकिन इसके पीछे की सच्चाई कुछ और थी। माइकल जैक्सन की स्किन को लेकर जब बहुत ज्यादा बातें होने लगी तो उनके डर्मेटोलॉजिस्ट ने साल 1993 में एक इंटरव्यू में कहा था कि माइकल जैक्सन को स्किन डिसऑर्डर है। साल 2009 में उनकी मौत के बाद आई रिपोर्ट में भी माइकल की स्किन प्रॉब्लम का जिक्र था। दरअसल सर्जरी के बाद माइकल जैक्सन विटलीगो नाम के स्किन डिसऑर्डर से गुजर रहे थे। जिसे हम आम बोलचाल की भाषा में फुलवेरी भी कहते हैं। जिसकी वजह से उनके चेहरे पर जगह-जगह वाइट स्पॉट्स बढ़ रहे थे। इसे ही छिपाने के लिए माइकल ने अपने चेहरे को सफेद कर लिया था। इसके अलावा उनका शरीर भी सफेद होने लगा था। यही वजह थी कि माइकल जैक्सन अब अपने पूरे शरीर को ढक कर चलते थे। हाथों में ग्लव्स पहनते थे। फुल स्लीव टीशर्ट पहनते थे। सिर पर हैट लगाते थे। अक्सर चश्मा और मास्क भी पहनते थे। माइकल दरअसल अपनी बीमारी को छिपा रहे थे। इधर लोग इसे फैशन समझने लगे। माइकल के स्टाइल को कॉपी करते हुए डांसर्स हाथों में ग्लव्स और सर पर हैट लगाने लगे थे। माइकल का यह स्टाइल आज भी लोग कॉपी करते हैं। माइकल जैक्सन ने प्लास्टिक सर्जरी के जरिए अपने चेहरे के रंग और स्ट्रक्चर तो बदल लिए लेकिन इस ट्रीटमेंट का असर उनके शरीर पर पड़ा और उन्हें काफी दर्द होने लगा। अब इस दर्द को कम करने के लिए उन्होंने हाई डोज पेन किलर मेडिसिंस का सहारा लेना शुरू कर दिया। दवाइयों से जब बात नहीं बनी तो माइकल

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *