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जब अमिताभ को हराने के लिए राज कपूर ने चली थी ये चाल?

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जाने कहां [गाना गाने की आवाज़] गए वो दिन ये धरती [गाना गाने की आवाज़] है इंसानों की [संगीत] कुछ मेरे यार को मना दे प्यार हो गया प्यार हो गया क्या करें बॉलीवुड के सबसे बड़े शोमैन श्री राज कपूर साहब और बॉलीवुड के सबसे बड़े सुपरस्टार अमिताभ बच्चन साहब दोनों ही बॉलीवुड की जान कहे जाते हैं, शान कहे जाते हैं। चाहे राज साहब हो, चाहे अमिताभ बच्चन हो, दोनों की फिल्मों को लोगों ने बेहद ज्यादा पसंद किया है। लेकिन कहते हैं कि बॉलीवुड में कोई किसी का अपना नहीं होता है। जेलसी यहां पर आमतौर पर देखी जाती है। तो इसी के बारे में आज की इस वीडियो में हम आपको अमिताभ बच्चन और राज कपूर साहब का एक जबरदस्त किस्सा सुनाने जा रहे हैं कि कैसे अमिताभ बच्चन को फेल करने के लिए राज कपूर साहब ने क्या तड़म लगाई थी। क्या उन्होंने किया था।

वही किस्सा हम आपको बता रहे हैं। लेकिन राज साहब ने जो किया उसका आगे रिजल्ट क्या निकला वह भी हम आपको बताएंगे। यह वीडियो काफी कमाल की है। आप इस वीडियो को पूरी देखें तभी आपको पूरी जानकारी मिलेगी और मजा भी आएगा। तो सबसे पहले बात करते हैं राज साहब की। राज कपूर साहब बॉलीवुड के सबसे बड़े शोमैन माने जाते हैं। स्वर्गीय श्री राज कपूर साहब अपने आप में एक ऐसे एक्टर रहे हैं, ऐसे प्रोड्यूसर रहे हैं, ऐसे डायरेक्टर रहे हैं जिनको काफी ज्यादा सफलता मिली और उनकी वजह से काफी हीरो हीरोइन फिल्मों में आ गए और आते ही छा गए। वो कमाल के प्रोड्यूसर थे, कमाल के एक्टर थे, कमाल के डायरेक्टर थे। राज कपूर साहब एक जबरदस्त निर्माता और निर्देशक भी थे, हीरो भी थे। लाल दूधारा गला उतारा ये गलियां ये चवारा यहां आना ना दोबारा। राज साहब का कोई मुकाबला नहीं। लेकिन दूसरी ओर बात करें बॉलीवुड के सबसे बड़े सुपरस्टार अमिताभ बच्चन की तो उन जैसा भी कोई हो नहीं सकता है। अमिताभ बच्चन ने अपनी मेहनत की बदौलत बॉलीवुड में वो जगह हासिल की जहां तक पहुंचने की कोई सोच भी नहीं सकता है। दोस्ती इम्तिहान लेती है।

[संगीत] मां शेरों वाली ओ मां शेरों वाले अमिताभ बच्चन तो वो कलाकार हैं वो सुपरस्टार हैं जिस रोल में आए उसी में छा गए। उसी में सबके दिलों को भा गए। लेकिन अब बात करते हैं कि राज कपूर साहब ने अमिताभ बच्चन को फेल करने के लिए बॉलीवुड में उनको पीछे धकेलने के लिए कौन सा काम किया था और क्यों किया था? तो बात है 1973 सन की जब जंजीर फिल्म रिलीज हुई थी अमिताभ बच्चन ने बॉलीवुड पर उस समय कब्जा कर ही लिया था क्योंकि वो फिल्म उनके करियर की सबसे पहली सुपरहिट फिल्म थी। उसके बाद 1975 सन में दीवार आई, शोले आई, दोनों फिल्में अमिताभ बच्चन के फिल्मी कैरियर की जबरदस्त फिल्में थी। आज भी लोग उन फिल्मों को देखना पसंद करते हैं। अब आगे जाकर क्या हुआ? उस समय राज कपूर साहब फिल्मों में पूरी तरह से जबरदस्त काम कर रहे थे। फिल्में प्रोड्यूस भी कर रहे थे। डायरेक्शन का काम भी कर रहे थे। अब राज साहब खुद फिल्में प्रोड्यूस करते हैं। डायरेक्शन का काम करते हैं और उनके पूरे परिवार में लगभग सभी हीरो ही थे। अब उन्हें यह बात जची नहीं कि अमिताभ बच्चन कैसे बॉलीवुड पर आते ही छा गए हैं। वैसे राजे साहब एक महान कलाकार थे। लेकिन कहते हैं कि बॉलीवुड में जो कंपटीशन होता है वो तो हर किसी के दिल में वो भावना आ ही जाती है। तो उस समय तो राज साहब ने कुछ खास नहीं किया।

लेकिन 1978 में जब अमिताभ बच्चन की तीन फिल्में जबरदस्त सफलता हासिल कर चुकी उनमें मुकद्दर का सिकंदर, त्रिशूल और डॉन इन तीनों फिल्मों ने बॉलीवुड में एक धमाका सा कर दिया था। 1978 में 1978 सन में जो पहली पांच फिल्में थी, उसमें से तीन फिल्में अमिताभ बच्चन की थी। जी हां, उस समय अमिताभ बच्चन ने एक काफी बड़ा रिकॉर्ड बना दिया था। उस समय कहते हैं अमिताभ बच्चन की आंधी सी चलने लगी थी और इस आंधी को रोकने के लिए राज कपूर साहब ने पूरी कोशिश की थी। जी हां यही वो किस्सा है कि राज साहब ने कैसे वो कोशिश की और कैसे वो उस कोशिश में नाकामयाब हो गए थे। फेल हो गए थे। असल में जंजीर दीवार और शोले फिल्म की जो स्टोरी के राइटर थे वो सलीम जावेद साहब थे। दोनों की जबरदस्त जोड़ी ने बॉलीवुड में धमाका कर दिया था। लेकिन आगे जाकर 1978 में सलीम जावेद ने त्रिशूल फिल्म के लिए ऋषि कपूर से बात की थी। लेकिन ऋषि कपूर ने त्रिशूल फिल्म में काम करने से मना कर दिया। अब दोनों को यह बात अच्छी नहीं लगी, तो दोनों ने ऋषि कपूर को बोल दिया कि मैं तुम्हारा फिल्मी कैरियर बर्बाद कर दूंगा। अब यह बात जब राज साहब तक पहुंची, उनके दिल में तो पहले ही अमिताभ बच्चन से काफी ज्यादा जेलसी आ चुकी थी। लेकिन अब यह ऋषि कपूर और सलीम जावेद वाला किस्सा हो गया। अब उन्होंने ठान लिया कि अमिताभ बच्चन की आंधी को मैं रोक दूंगा। मैं एक ऐसी फिल्म लेकर आऊंगा जो अमिताभ बच्चन की सभी फिल्मों को पीछे छोड़ देगी। अमिताभ बच्चन की आंधी चल रही है। उन्हें लोग काफी ज्यादा पसंद करने लगे हैं। राज साहब के मन में एक ही बात थी कि जैसे भी हो इस समय अमिताभ बच्चन की फिल्मों को पीछे लेकर आना है। उन्हें बॉलीवुड में एक बार तो फेल कर ही देना है। इस करके उन्होंने एक फिल्म बनाने की सोची। फिल्म का नाम था सत्यम शिवम सुंदरम। जी हां, अपने समय की यह कल्ट क्लासिक फिल्म मानी जाती है। उन्होंने यह फिल्म बनाने की ठान ली थी। लेकिन इस फिल्म को बनाने में राज कपूर साहब ने काफी ज्यादा गड़बड़ भी कर दी थी। वैसे तो उन्होंने हर तरीका खोजा, हर नुस्खा अपनाया था कि जैसे भी हो बॉक्स ऑफिस पर यह फिल्म जबरदस्त सुपरहिट रहे। अमिताभ बच्चन की हर फिल्म से आगे यह मेरी फिल्म जानी चाहिए। राज साहब लगे हुए थे। लेकिन सत्यम शिवम सुंदरम फिल्म में जो एक्ट्रेस का रोल था काफी ज्यादा बोल्ड था। काफी ज्यादा ऐसा रोल था जिसे हर अभिनेत्री निभा नहीं सकती थी। राज साहब ने रेखा से बात की उन्होंने मना कर दिया। वो हद से ज्यादा बोल्ड सीन नहीं दे सकती थी। हेमा मालिनी से बात की मना कर दिया। सारा बानो से बात की। उन्होंने हाथ जोड़ दिए। नहीं राज साहब यह फिल्म मैं नहीं कर सकती। इतने बोल्ड सीन मैंने अपनी जिंदगी में कभी नहीं दिए हैं। लेकिन राज कपूर साहब के दिमाग में एक ही बात छाई हुई थी कि बोल्ड सीन होंगे तभी अमिताभ बच्चन की फिल्मों को पीछे धकेला जा सकता है।

उन्हें फेल किया जा सकता है। अब हर हीरोइन मना कर रही थी लेकिन राज साहब को इससे काफी गहरा धक्का लगा। उन्होंने अपने एक इंटरव्यू में बताया यह बोल दिया कि यह रोल तो उन्होंने लता मंगेशकर के लिए लिखा था। अगर लता मंगेशकर जैसी खूबसूरत आवाज की मलिका बदसूरत हो तो क्या कहा जाएगा? लेकिन जब उनकी यह बात लता दीदी ने सुनी स्वर्ग कोकिला लता मंगेशकर ने यह बात सुनी जो आज हमारे बीच में नहीं है। लेकिन बॉलीवुड का हर चाहने वाला उनकी आवाज का आज भी दीवाना है। हमेशा बना रहेगा। लता मंगेशकर ने जब राज साहब की इस बात को सुना तो वह काफी ज्यादा नाराज हो गई। असल में इस फिल्म की जो एक्ट्रेस की भूमिका थी वो निभाई थी जीनत अममान ने। लेकिन नायिका की भूमिका ऐसी थी कि वह बदसूरत होती है लेकिन उसकी आवाज जबरदस्त होती है। अब राज साहब के मन में यह बात आई थी कि लता दीदी अगर इस फिल्म में काम करें तो कितनी अच्छी बात होगी। हालांकि यह हो नहीं सकता था। लेकिन लता दीदी काफी ज्यादा नाराज हो गई थी। इतनी नाराज हुई कि उन्होंने इस फिल्म में गाने से भी इंकार कर दिया था। इंकार तो उन्होंने करना ही था क्योंकि राज साहब ने यह गलत बात की थी। गलत बोला था। लेकिन लता मंगेशकर के ब्रदर ने बाद में उन्हें समझाया। फिर उन्होंने इस फिल्म में गाने के लिए हां कर दी थी। लेकिन यह रोल निभाया था अपने समय की जबरदस्त बोल्ड और ब्यूटीफुल सेक्सीी एक्ट्रेस जिनत अमान ने। उन्होंने खुद कहा था कि इस रोल को पाने के लिए मैं खुद राज साहब के पास चलकर गई थी। अब आगे बात आती है कि हीरो किसको लिया जाए और उस समय शशि कपूर काफी बड़े हीरो बन चुके थे क्योंकि दीवार फिल्म की सफलता ने उनका फिल्मी करियर भी ऊंचाई पर लाकर खड़ा कर दिया था। अब राज साहब ने सोचा अगर शशि कपूर साथ होगा तो यह फिल्म सबसे बड़ी फिल्म मानी जाएगी। सब कुछ सही चल रहा था। राज साहब प्रोड्यूसर डायरेक्टर थे। जिनत मान बोल सीन के लिए मान गई थी और शशि कपूर काफी बड़े हीरो थे। तो सारा कुछ सही चल रहा था। राज साहब का पक्का विश्वास था कि 1978 की यह फिल्म जबरदस्त रहेगी। नंबर वन फिल्म रहेगी तो सत्यम शिवम सुंदरम फिल्म ही रहेगी और उन्होंने पूरी जी जान से इस फिल्म को बनाया था। फिल्म जबरदस्त बनी थी। कुछ गानों की हल्की सी झलक आप देख लीजिए। फिर हम आपको बताएंगे कि अमिताभ बच्चन को फेल करने के लिए राज साहब ने जो यह फिल्म बनाई थी उसका रिजल्ट निकला तो क्या निकला। काशी में शिव घोर भए पट पे मोहे लटक यशोमती मैया से बोले [संगीत] नंदलाल इस फिल्म की स्टोरी जैनेंद्र जैन ने लिखी थी। गीत लिखे थे नरेंद्र शर्मा आनंद बख्शी और विट्ठल भाई पटेल। राज साहब ने प्रोड्यूसर और डायरेक्शन का काम किया था। संगीतकार थे लक्ष्मीकांत प्यारेलाल लेकिन जीनत मान ने इस फिल्म में जी भरकर अंग प्रदर्शन किया था। जैसा राज साहब ने कहा जीनत मान वैसा करती गई। लोगों ने काफी भला बुरा भी कहा था। लेकिन राज साहब के मन में था मुझे तो अमिताभ बच्चन को फेल करना है। जो भी हो 1978 की नंबर वन फिल्म यही रहनी चाहिए। लेकिन शायद भाग्य को कुछ और ही मंजूर था। यह फिल्म अच्छी तो बनी थी।

₹ करोड़ में यह फिल्म बनी थी। लेकिन आप जानकर हैरान होंगे कि ₹ करोड़ में बनी इस फिल्म ने उस समय कमाई कितनी की थी? इस फिल्म ने उस समय कमाई की थी ₹ करोड़25 लाख यानी कि अपनी लागत से सिर्फ ₹25 लाख ज्यादा इस फिल्म ने कमाए थे। हालांकि उस समय लोगों ने इसे पसंद नहीं किया लेकिन बाद में जाकर आज के इस दौर में इस फिल्म की गिनती करंट क्लासिक फिल्मों की श्रेणी में होती है। आज इस फिल्म को लोग बार-बार देखना पसंद करते हैं। लेकिन उस समय यह फिल्म उस तरह से नहीं चली थी। अब राज साहब ने सोचा था अमिताभ बच्चन को फेल करूंगा। नहीं वो हो नहीं पाया क्योंकि कहते हैं बॉलीवुड की कई फिल्मों में यह शेर आपने कई बार सुना होगा। फानुश बनकर जिसकी हिफाजत हवा करे वो शमा क्या बुझे जिसे रोशन खुदा करे तो अमिताभ बच्चन तो सफलता की सीढ़ियां चढ़ रही थी राज साहब ने सोचा कि उन्हें रोक दूंगा लेकिन रोक नहीं पाए और 1978 में जो पांच सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्में थी उनमें अमिताभ बच्चन की तीन फिल्में थी जी हां राज साहब ने सब कुछ कर लिया लेकिन अमिताभ बच्चन को फेल करना तो दूर की बात उन्हें वह अपने सिंहासन से हल्का सा हटा भी नहीं पाए। नंबर एक पर आई थी मुकद्दर का सिकंदर। सबसे ज्यादा कमाई 1978 में इस फिल्म ने की थी। नंबर दो पर आई थी त्रिशूल। दूसरे नंबर पर सबसे ज्यादा कमाई वाली फिल्म त्रिशूल थी। और तीसरे नंबर पर जो फिल्म आई थी अमिताभ बच्चन की डॉन फिल्म जिसे आज भी लोग देखना पसंद करते हैं। डॉन फिल्म कमाई के हिसाब से नंबर तीन पर आई थी। लेकिन जो राज साहब के दिल में था वह उनकी इच्छा पूरी नहीं हो पाई। वैसे अमिताभ बच्चन को इसके बारे में पता चल गया था कि राज साहब ने क्या सोचा है। लेकिन कहते हैं कि अमिताभ बच्चन एक ऐसे कलाकार हैं, एक ऐसे सुपरस्टार हैं जिन्होंने हमेशा पूरी शिद्दत से, पूरे दिल से, पूरी मेहनत से, पूरी लगन से अपनी हर फिल्म में काम किया है।

उनकी फिल्में हो सकता है कुछ ना भी चली हो। लेकिन फिर भी वह काफी बड़े सुपरस्टार थे, हैं और रहेंगे। उन जैसा कोई हो नहीं सकता। उन्होंने इतनी बड़ी-बड़ी फिल्में दी हैं कि जिनको आज भी लोग देखना पसंद करते हैं। उनकी काफी कम फिल्में ऐसी हैं जो फ्लॉप रही होंगी लेकिन जो फिल्में उनकी चली हैं ऐसी चली कि आज तक चल ही रही हैं। अमिताभ बच्चन जैसा सच में कोई हो नहीं सकता। हां ये बात सही है कि राज कपूर साहब बॉलीवुड के सबसे बड़े शोमैन रहे हैं। उन जैसा कोई हो नहीं सकता। वो महान कलाकार थे, महान प्रोड्यूसर थे, डायरेक्टर थे और एक्टर थे। लेकिन उनके मन में अमिताभ बच्चन के लिए यह बात आई थी। कंपटीशन की बात किसी के मन में आ ही सकती है। लेकिन राज साहब काफी बड़े कलाकार थे।

महान कलाकार थे। लेकिन अमिताभ बच्चन जैसा कोई हो नहीं सकता। उन्होंने कभी किसी के साथ ऐसा नहीं किया। ना किसी के लिए उनके दिल में ऐसी बातें आई हैं। लेकिन जब भी काम किया बॉलीवुड में छा गए। आज भी फिल्मों में अमिताभ बच्चन एक्टिव हैं। उनके चाहने वाले, उनके दीवाने, उनकी पुरानी फिल्मों को देखकर ही काफी ज्यादा खुश होते रहते हैं। तो अमिताभ बच्चन के दो गानों की हल्की सी झलक आप देख लीजिए। बड़ी सी जो पीली है [संगीत] चोरी सारी दुनिया का बोझ हम उठाते हैं। तो लास्ट में हम यही कहेंगे कि बॉलीवुड के सबसे बड़े शोमैन स्वर्गीय श्री राज कपूर साहब को हम सलाम करते हैं। उन जैसा बड़ा शोमैन उन जैसा प्रोड्यूसर, डायरेक्टर, एक्टर दोबारा आ नहीं पाया। और दूसरी बात बॉलीवुड के सबसे बड़े सुपरस्टार बॉलीवुड के शहंशाह सदी के महानायक अमिताभ बच्चन साहब को भी हम सलाम करते हैं। राज साहब और अमिताभ बच्चन दोनों ही महान हैं। दोनों जैसा कोई हो नहीं सकता है। तो पुराने दिन पुराने आदेश चैनल पर इस वीडियो को आपने देखा। वीडियो अच्छी लगी हो तो वीडियो को लाइक कीजिए। चैनल को सब्सक्राइब कीजिए। ऐसी वीडियोस हमारे चैनल पर आती रहती हैं। आती रहेंगी।

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