कपूर परिवार की इस बहू के सामने रखी गई थी शॉकिंग शर्त। दूसरी बीवी से एक्टर ने कभी अपनी औलाद ना करने की कही थी बात। पति की पहली बीवी के बच्चों को देख उस बहू ने लिया ता उम्र बेऔलाद रहने का फैसला। पति की पहली बीवी के बच्चों को सगी औलाद की तरह पाला।
राजघराने से है इस कपूर बहू का नाता। बॉलीवुड की फर्स्ट फैमिली यानी कपूर खानदान ने इंडस्ट्री को कई सुपरस्टार्स दिए हैं। कपूरखानदान की इस विरासत को परिवार के सिर्फ बेटे और बेटियां ही नहीं बल्कि बहुएं भी बढ़ा रही हैं। फिर चाहे वो नीतू कपूर हो या फिर आलिया भट्ट।
लेकिन आज हम बात करेंगे कपूर परिवार की उस बहू के बारे में जिसके सामने रखी गई कभी अपने बच्चे पैदा ना करने की शर्त। और उस बहू ने भी बिना किसी रंजोगम के ता उम्र बे औलाद रहने का शॉकिंग फैसला ले लिया। वो कोई और नहीं बल्कि दिवंगत एक्टर शमी कपूर की दूसरी पत्नी नीला देवी हैं।
जी हां, नीला देवी जो परिवार की सबसे सीनियर सदस्य होने के नाते सभी की चहेती भी हैं। परिवार की बहुओं, बेटों, पोते-पोती हर कोई नीला देवी पर प्यार लुटाता है। अपने भरे पूरे परिवार से नीला देवी हमेशा घिरी रहती हैं। लेकिन चौंकाने वाली बात यह है कि इनमें से कोई भी नीला देवी की अपनी सगी औलाद नहीं है। हाल ही में नीला देवी को पतिप और वो टू की स्पेशल स्क्रीनिंग में स्पॉट किया गया।
नीला देवी अपनी बेटी कंचन देसाई और दामाद केतन देसाई के साथ स्क्रीनिंग में पहुंची थी। इस दौरान बेटी दामाद बुजुर्ग नीला देवी का सगी औलाद की तरह ख्याल रखते नजर आए। बेटी दामाद का नीला देवी के साथ यह प्यार और बॉन्ड देख हर कोई इनके रिश्ते की दाद दे रहा है। बहुत कम लोग जानते हैं कि नीला देवी की अपनी कोई संतान नहीं है। श्मी कपूर और उनकी पहली पत्नी गीता बाली के दोनों बच्चों कंचन और आदित्य राज कपूर को नीला देवी ने अपनी सगी औलाद की तरह पाला है। लेकिन कभी खुद मां नहीं बन पाई।
दरअसल नीला देवी के इस फैसले के पीछे शम्मी कपूर की एक शर्त थी। कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में कहा जाता है कि पहली पत्नी गीता बाली के निधन के 4 साल बाद परिवार वालों की जिद के चलते श्मी कपूर ने नीला देवी से दूसरी शादी की थी। नीला देवी राजघराने से ताल्लुक रखती है। कहते हैं कि नीला देवी से शादी करने से पहले श्मी कपूर ने उनके सामने शर्त रख दी थी कि वह कभी अपनी संतान को जन्म नहीं देंगी। आदित्य और कंचन की मां बनकर उनकी परवरिश करेंगी और फिर शम्मी कपूर की शर्त को मानते हुए नीला देवी ने ऐसा ही किया। हालांकि अपने एक इंटरव्यू में नीला देवी ने इस दावे को गलत बतायाथा। उनके मुताबिक शम्मी कपूर से शादी के बाद उन्होंने खुद यह फैसला लिया था कि वह कभी भी मां नहीं बनेंगी। उनकी अपनी कोई संतान नहीं होगी।
इसके पीछे नीला देवी की एक बड़ी वजह थी जिसके सामने शम्मी कपूर की भी एक नहीं चली थी। दरअसल नीला देवी ने यह फैसला श्मी कपूर की पहली शादी से हुए बच्चों आदित्य राज कपूर और कंचन कपूर के लिए लिया था। कहा जाता है कि श्मी कपूर से शादी के बाद नीला देवी चाहती तो वो भी बच्चों की मां बन सकती थी। लेकिन श्मी के बच्चों की खातिर उन्होंने मां ना बनने का फैसला किया। [संगीत] उनका मानना था कि वह मां नहीं बनेंगी क्योंकि अगर उनके बच्चे हुए तो शायद उनका प्यार [संगीत] बट जाएगा। आदित्य और कंचन ने भी नीला देवी को अपनी सगी मां की तरह प्यार दिया। जानकारी के लिए बता दें कि शमी कपूर ने एक्ट्रेस रही गीता बाली से साल 1955 में शादी की थी। लेकिन एक खूबसूरत जोड़ी तब टूट गई जब गीता बाली की बीमारी का शिकार होकर दुनिया छोड़ गई।
जनवरी साल 1965 में गीता बाली का निधन हो गया था। गीता बाली के निधन के बाद शमी कपूर [संगीत] बुरी तरह से टूट गए थे। वहीं बच्चों को भी मां की कमी बेहद खलती थी। बाद में परिवार वालों ने श्मी कपूर की दूसरी शादी करवाने का फैसला लिया [संगीत] था, और फिर बेहद मुश्किल से शमी कपूर को नीला देवी से शादी के लिए तैयार किया गया था।